Tag: Dewas crime

  • चीज पिज्जा मांगा था मिला वेज पिज्जा फिर जमकर हुआ विवाद देवास में ग्राहकों और कर्मचारियों पर FIR

    चीज पिज्जा मांगा था मिला वेज पिज्जा फिर जमकर हुआ विवाद देवास में ग्राहकों और कर्मचारियों पर FIR


    देवास । देवास शहर में पिज्जा के एक ऑर्डर को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। घटना मंगलवार रात शहर के बस स्टैंड के सामने स्थित एनी टाइम बेकरी में हुई। यहां चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा दिए जाने और ऑर्डर तैयार होने में देरी को लेकर ग्राहकों और बेकरी कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। घटना के बाद दोनों पक्षों ने कोतवाली थाने पहुंचकर एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
    जानकारी के अनुसार राम रहीम नगर निवासी प्रिंस और संजू चौहान मंगलवार रात करीब 11 बजे पिज्जा लेने के लिए बस स्टैंड के सामने स्थित बेकरी पहुंचे थे। दोनों ने वहां चीज पिज्जा का ऑर्डर दिया था। आरोप है कि कुछ समय बाद उन्हें चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा तैयार करके दे दिया गया। पहले से ही ऑर्डर मिलने में देरी को लेकर नाराज ग्राहक जब कर्मचारियों से इस बारे में बात करने लगे तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

    शुरुआत में विवाद केवल ऑर्डर को लेकर था लेकिन बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। मामला इतना बढ़ गया कि ग्राहकों और बेकरी कर्मचारियों के बीच मारपीट शुरू हो गई। घटना में बेकरी कर्मचारी देवराज सेन ने पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। देवराज का आरोप है कि प्रिंस और संजू ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान उसके सिर में चोट आई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की।

    वहीं दूसरी ओर प्रिंस और संजू चौहान ने भी पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई। दोनों का आरोप है कि बेकरी कर्मचारी देवराज सेन के अलावा संचालक जसपाल और राजू ने उनके साथ मारपीट की। इस तरह विवाद में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे पर मारपीट के आरोप लगाए गए हैं।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत को दर्ज किया। कोतवाली थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के मुताबिक विवाद चीज पिज्जा की जगह वेज पिज्जा दिए जाने और ऑर्डर में देरी को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े लोगों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही विवाद की वास्तविक वजह और मारपीट की परिस्थितियों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। मामूली बात से शुरू हुआ यह विवाद अब पुलिस केस तक पहुंच गया है। पिज्जा के ऑर्डर में हुई गलती और देरी को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने कुछ ही देर में ऐसा रूप ले लिया कि ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों को थाने पहुंचना पड़ा।

  • घर में 10 बच्चे फिर भी छह को खोज रहा था पिता पत्नी की तलाश के बीच ट्रेन से कटकर मौत

    घर में 10 बच्चे फिर भी छह को खोज रहा था पिता पत्नी की तलाश के बीच ट्रेन से कटकर मौत


    देवास । देवास में पत्नी और बच्चों की तलाश कर रहे 45 वर्षीय व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना मंगलवार रात विजयनगर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर हुई। मृतक की पहचान मोती बंगला निवासी सरदार पिता पिट्टू डामोर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सरदार पिछले करीब एक महीने से अपनी पत्नी और छह बच्चों की तलाश में इधर उधर भटक रहा था। इसी दौरान मंगलवार रात रेलवे ट्रैक पर हुए हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

    जानकारी के मुताबिक सरदार और उसकी पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। करीब एक महीने पहले भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। विवाद के बाद उसकी पत्नी अपने छह बच्चों को लेकर घर से चली गई थी। पत्नी के घर से जाने के बाद सरदार लगातार उन्हें तलाश कर रहा था। उसने पत्नी के मायके में भी जानकारी ली और वहां जाकर बच्चों के बारे में पता करने की कोशिश की लेकिन उसे कोई सुराग नहीं मिला।

    सरदार के कुल 10 बच्चे बताए गए हैं। इनमें से चार बच्चे फिलहाल उसके साथ रह रहे थे जबकि छह बच्चे उसकी पत्नी के साथ घर से चले गए थे। पत्नी और बच्चों के अचानक चले जाने के बाद सरदार उनकी तलाश में लगातार परेशान था। परिवार और आसपास के लोगों से भी उसने जानकारी जुटाई लेकिन पत्नी और बच्चों का पता नहीं चल सका।

    मंगलवार रात करीब 9:30 बजे विजयनगर क्षेत्र में सरदार रेलवे ट्रैक पर था। इसी दौरान वह ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

    पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिवार और मोहल्ले के लोगों को दी। बुधवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे से जुड़े परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरदार रेलवे ट्रैक पर किस वजह से पहुंचा था। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पत्नी और छह बच्चों के घर से चले जाने के बाद करीब एक महीने तक उनकी तलाश करने की बात सामने आई है। इसी दौरान उसकी ट्रेन से कटकर मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में मातम का माहौल है और अब पुलिस घटना की परिस्थितियों को समझने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।

  • देवास में चोरी गिरोह का पर्दाफाश: एलएंडटी पाइप चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    देवास में चोरी गिरोह का पर्दाफाश: एलएंडटी पाइप चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई


    मध्‍य प्रदेश /देवास जिले के बागली क्षेत्र में एलएंडटी कंपनी से पाइप चोरी के एक संगठित मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा किया है। कांटाफोड़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए लोहे के पाइप और वारदात में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी सहित लगभग 5 लाख रुपए मूल्य का माल बरामद किया है, जिससे पूरे क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा हो रही है।

    यह पूरा मामला 14 मई का बताया जा रहा है, जब एलएंडटी कंपनी प्रबंधन की ओर से पाइप चोरी की लिखित शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ कि चोरी की घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी और इसमें एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय मुखबिर तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया।

    लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिनके आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। इसके बाद विशेष टीम ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया और बताया कि उन्होंने तुमड़ीखेड़ा क्षेत्र के पास से एलएंडटी कंपनी के पाइप चोरी किए थे। आरोपियों के बयान और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया।

    हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद मामला पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस चोरी की घटना में कुल सात लोग शामिल थे, जिनमें से चार आरोपी अभी फरार हैं। बताया जा रहा है कि ये फरार आरोपी चोरी के माल को खरीदने और उसे आगे बेचने के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस अब इस पूरे गिरोह की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक चोरी के मामले का खुलासा नहीं है, बल्कि एक संभावित संगठित अपराध नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है। इसलिए जांच को और व्यापक किया जा रहा है ताकि इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचा जा सके। कांटाफोड़ थाना प्रभारी के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई को पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिसने न केवल चोरी का खुलासा किया बल्कि त्वरित कार्रवाई से माल भी बरामद कर लिया।

    इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक इकाइयों की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और पूरे मामले का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जाएगा, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।