Tag: Dewas police

  • देवास के जंगल में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, पुलिस की दबिश में सुतली बम और बारूद जब्त

    देवास के जंगल में चल रही थी अवैध पटाखा फैक्ट्री, पुलिस की दबिश में सुतली बम और बारूद जब्त

    देवास । मध्यप्रदेश के देवास जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। यहां घने जंगल के बीच अवैध रूप से संचालित हो रही पटाखा फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर भारी मात्रा में सुतली बम, बारूद और पटाखा बनाने की सामग्री जब्त की है। हालांकि अभी तक इस अवैध फैक्ट्री के संचालक का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

    यह मामला उदयनगर थाना क्षेत्र के पोलखाल जंगल का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार आदिवासी क्षेत्र के घने जंगल में टीन शेड के नीचे दो अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित की जा रही थीं। इसकी सूचना पुलिस को मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा।

    पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देशन में एडिशनल एसपी एच.एन. बाथम, उदयनगर थाना प्रभारी सी.एल. रायकवार और अधिकारी बी.डी. वीरा सहित पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। जब पुलिस टीम जंगल में पहुंची तो वहां टीन शेड के नीचे पटाखे बनाने का काम चल रहा था और कई मजदूर भी मौके पर मौजूद मिले।

    छापेमारी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में सुतली बम और बारूद से भरे पैकेट बरामद हुए। इसके अलावा पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाला कागज, धागे, केमिकल और अन्य उपकरण भी मौके से जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक मौके से हजारों की संख्या में सुतली बम और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

    फिलहाल बरामद सामग्री की गिनती और जांच की प्रक्रिया जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

    प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि घने जंगल में फैक्ट्री संचालित करने के पीछे मकसद प्रशासन और पुलिस की नजरों से बचना हो सकता है। फिलहाल पुलिस मजदूरों से पूछताछ कर रही है और फैक्ट्री संचालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे

    पुलिस अभिरक्षा से दो संदिग्ध फरार, थाने में मचा हड़कंप; मंदिर चोरी मामले में पूछताछ के लिए लाए गए थे


    नई दिल्ली। देवास जिले के कांटाफोड़ थाना क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस अभिरक्षा में रखे गए दो संदिग्ध अचानक थाने से फरार हो गए। यह घटना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। फरार हुए दोनों संदिग्धों पर नगर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में कुछ माह पूर्व हुई चोरी सहित अन्य आपराधिक वारदातों में शामिल होने का संदेह है।

    जानकारी के अनुसार, पुलिस को हाल ही में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कुछ अहम सुराग हाथ लगे थे। इन्हीं फुटेज के आधार पर जानसूर निवासी दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए कांटाफोड़ थाने लाया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों से मंदिर चोरी और अन्य मामलों को लेकर सवाल-जवाब किए जा रहे थे। इसी बीच दोनों संदिग्धों ने पानी पीने का बहाना बनाया और पुलिसकर्मियों की नजरों से ओझल होते हुए थाने से बाहर निकलकर फरार हो गए।घटना का पता चलते ही थाना परिसर में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिसकर्मियों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, लेकिन तब तक दोनों संदिग्ध काफी दूर निकल चुके थे। थाने से संदिग्धों के फरार होने की खबर फैलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई और उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई।

    सूत्रों के मुताबिक, फरार संदिग्धों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि फरार आरोपियों के भागने के रास्ते और दिशा का पता लगाया जा सके। हालांकि, खबर लिखे जाने तक दोनों संदिग्धों का कोई सुराग नहीं लग पाया है।इस पूरे मामले को लेकर पुलिस अधिकारी फिलहाल आधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। जब इस संबंध में कांटाफोड़ थाना प्रभारी सुरेखा निमोदा से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। वहीं, बागली एसडीओपी से जब फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि उन्हें फिलहाल इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

    थाने से दो संदिग्धों के फरार होने की घटना ने पुलिस की लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों पर सवालिया निशान लगा दिया है। आमजन के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि संदिग्ध पुलिस अभिरक्षा से ही फरार हो जाएं, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।फिलहाल पुलिस दोनों फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं, इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और लापरवाही की भी जांच किए जाने की संभावना है। घटना ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है।