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  • Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे

    Gen-Z आंदोलन पर धीरेंद्र शास्त्री का संदेश, विरोध करें, लेकिन गाली-गलौज नहीं, संवाद और मर्यादा रहे


    कटनी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर एवं कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल में चर्चा में रहे Gen-Z आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार है, लेकिन विरोध के दौरान अपशब्दों और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

    कटनी के कुठला क्षेत्र में अपने शिष्यों द्वारा निर्मित ‘बागेश्वर बालाजी’ मठ के कार्यक्रम में पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से भारतीय संस्कृति और मर्यादा के अनुरूप संवाद करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में समसामयिक मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

    ‘विरोध हो, लेकिन मर्यादा के साथ’
    धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी के परिवार या मां-बहन के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग भारतीय संस्कृति और सभ्यता के अनुरूप नहीं है। उनका कहना था कि असहमति व्यक्त करते समय भी भाषा और व्यवहार की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

    युवाओं से संवाद का रास्ता अपनाने की अपील
    उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। ऐसे में युवाओं को विवाद और कटुता के बजाय संवाद, शांति और संयम का रास्ता अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बात प्रेमपूर्ण और शालीन भाषा में रखें।

    सावन और कांवड़ यात्रा पर भी दी सलाह
    धीरेंद्र शास्त्री ने सावन माह और कांवड़ यात्रा का उल्लेख करते हुए श्रद्धालुओं से भगवान शिव की भक्ति पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के नाम पर ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे किसी की भावनाएं आहत हों या समाज में विवाद की स्थिति पैदा हो।

    संयम और संस्कार पर दिया जोर
    उन्होंने कांवड़ यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे धर्म और समाज की गरिमा बनी रहे। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति उसकी संस्कृति, संस्कार, आपसी प्रेम और सामाजिक सद्भाव में निहित है, जिसे हर हाल में सुरक्षित रखना चाहिए।

  • छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से विवाद, रितेश देशमुख का तीखा रिएक्शन—‘ऐसी बातें स्वीकार नहीं’

    छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से विवाद, रितेश देशमुख का तीखा रिएक्शन—‘ऐसी बातें स्वीकार नहीं’

    नई दिल्ली। छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए एक बयान के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला उस समय और गर्मा गया जब अभिनेता और फिल्ममेकर रितेश देशमुख ने इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रितेश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ शब्दों में कहा कि महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में इस तरह की बातें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं।

    जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ा एक कथन सामने आया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया।

    इस कथन में महाराज के संघर्ष और उनके निर्णयों को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसे उनके समर्थकों और इतिहास से जुड़े जानकारों ने गलत और भ्रामक बताया। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

    रितेश देशमुख, जो खुद शिवाजी महाराज के जीवन और विचारों से गहरी प्रेरणा लेने की बात करते रहे हैं, इस बयान से काफी आहत नजर आए। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की विरासत को कमजोर करने या गलत तरीके से पेश करने की कोशिशें स्वीकार नहीं की जाएंगी। उनके अनुसार, शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा और स्वाभिमान का प्रतीक हैं, जिनका सम्मान हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।

    विवाद बढ़ने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त किया गया। कहा गया कि बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। इसके बावजूद मामला शांत होता नहीं दिखा और सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बहस जारी रही।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर टिप्पणी करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इतिहास से जुड़े विषय केवल तथ्यों के आधार पर ही प्रस्तुत किए जाने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद से बचा जा सके।

    इसी बीच, रितेश देशमुख अपनी आगामी ऐतिहासिक फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है, और यह विवाद इसे और अधिक सुर्खियों में ले आया है।

    पूरा मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह इतिहास, भावनाओं और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।

  • हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, शादी के बाद मैं भी आबादी बढ़ाऊंगा… बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री का बयान

    हिंदू 4 बच्चे पैदा करें, शादी के बाद मैं भी आबादी बढ़ाऊंगा… बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री का बयान


    नई दिल्ली । धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने की सलाह दी है. उन्होंने ये भी बताया कि जब उनकी शादी होगी तो वो भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में अपना योगदान देंगे. बागेश्वर धाम सरकार ने इस दौरान अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदुओं को सलाह दी को वो सनातन का ही पालन करें.
    आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बाद अब बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर चिंता जताई है. जहां भागवत ने हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने के लिए कहा था वहीं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदुओं को 4 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है.

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हनुमान कथा के लिए तीन दिवसीय पुष्कर दौरे पर गए हैं. इस दौरान उन्होंने कई अलग अलग मुद्दों पर अपने विचार साझा किए. इस दौरान उन्होंने भारतीय मुसलमानों की घर वापसी को लेकर भी अपनी राय दी है.

    हिंदुओं की घटती आबादी को लेकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कहा ‘ये बहुत वैश्विक विषय है खासकर भारत का बहुत बड़ा मुद्दा है. घटते हिंदू बढ़ते मजहबी देश को बर्बाद करने के परिस्थिति पर जा रहा है
    ‘शादी के बाद हम भी हिंदुओं की आबादी..

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आगे कहा ‘हिंदूओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करना चाहिए. हमारी तो शादी नहीं हुई तो हम पर तो अभी लोग कमेंट करेंगे ही कि बाबा आपका क्या योगदान है. जब हमारा ब्याह हो जाएगा तो हम भी हिंदुओं की आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे

    मुसलमानों की घर वापसी पर बोले बाबाधाम सरकार

    भारतीय मुसलमानों की घर वापसी के सवाल पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दावा किया कि उनके पूर्वज हिंदू थे. उन्होंने कहा एक फिल्म आई थी अमर अकबर एंथनी उसमें आखिर में तीनों का बाप कन्हैयालाल निकला था. उन्हें अगर ये बात समझ आ जाए तो घर वापसी हो जाएगी

    हिंदुओं को अजमेर की दरगाह पर ना जाने की सलाह

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अजमेर शरीफ की दरगाह जाने वाले हिंदू धर्म के लोगों से अपील की. उन्होंने कहा सबके अपने अपने विचार हैं लेकिन सनातनों से मैं एक प्रार्थना करूंगा कि गीता में कृष्ण भगवान ने कहा कि अपने धर्म में ही चलना जीना सही है. दूसरे धर्म मजहब में उनकी सेवा उन्हें करने दो. हमें अपनी श्रद्धा भावना से भक्ति करनी चाहिए और हमें लगता है हिंदुओं में भगवानों की कमी नहीं है