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  • धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ पर ली चुटकी, बोले- एक दिन व्रत रखती हैं पत्नियां और 364 दिन सुनाती हैं ताने

    धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ पर ली चुटकी, बोले- एक दिन व्रत रखती हैं पत्नियां और 364 दिन सुनाती हैं ताने

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले के करैरा में चल रही रामकथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। कथा के बीच उन्होंने करवा चौथ के व्रत को लेकर अपने चुटीले अंदाज में ऐसी बात कही, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस दौरान उन्होंने करवा चौथ को मजाकिया लहजे में ‘खसम पूजन दिवस’ कहा और पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर हास्यपूर्ण टिप्पणी की।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने प्रवचनों के दौरान धार्मिक विषयों के साथ-साथ अपनी खास बोलने की शैली के लिए भी जाने जाते हैं। करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान भी उनका यही अंदाज देखने को मिला। कथा के बीच करवा चौथ का जिक्र करते हुए उन्होंने विवाहित महिलाओं के व्रत और पति-पत्नी के बीच होने वाली नोकझोंक पर चुटकी ली। उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद यह प्रसंग लोगों के बीच चर्चा में आ गया।

    धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को ‘खसम पूजन दिवस’ बताते हुए कहा कि पत्नियां साल में एक दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि बाकी 364 दिन उन्हें ताने मारती रहती हैं। उनकी यह बात हास्यपूर्ण अंदाज में कही गई थी। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने वैवाहिक जीवन में होने वाली सामान्य नोकझोंक को अपने प्रवचन की शैली में पेश किया।

    करवा चौथ विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन कई महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद अपना उपवास खोलती हैं। कई परिवारों में इस अवसर पर पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक रस्में भी निभाई जाती हैं। ऐसे में इस पर्व का उल्लेख करते हुए की गई धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी ने लोगों का ध्यान खींचा है।

    करैरा में चल रही रामकथा के दौरान दिया गया यह बयान अब सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में उनकी टिप्पणी को लेकर लोगों की दिलचस्पी दिखाई दे रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बयान पर किसी औपचारिक विवाद या विरोध की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इस प्रसंग को उनके हास्यपूर्ण संबोधन और वायरल वीडियो के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचनों में धार्मिक कथाओं के साथ स्थानीय संदर्भों और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों का इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। करवा चौथ पर उनकी यह टिप्पणी भी उसी शैली का हिस्सा रही। उनके कथन में पति-पत्नी के रिश्ते की नोकझोंक को हास्य के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने कथा के इस हिस्से को चर्चा में ला दिया।

    शिवपुरी जिले के करैरा में जारी रामकथा के बीच सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर धीरेंद्र शास्त्री के बोलने के अंदाज को सुर्खियों में ला दिया है। उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। हालांकि, इस बयान पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं, लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि करवा चौथ को लेकर कही गई उनकी चुटीली बात ही इस वीडियो के चर्चा में आने की प्रमुख वजह बनी है।

  • बंगाल में बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने पर FIR दर्ज, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

    बंगाल में बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने पर FIR दर्ज, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी

    नई दिल्ली ।दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर बागेश्वर पीठ के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान के बाद पश्चिम बंगाल में विवाद बढ़ता जा रहा है। भवानीपुर पुलिस स्टेशन के सामने बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है। इससे पहले विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने उनके बयान का बचाव करते हुए विरोध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बंगाल में हनुमंत कथा के दौरान दुर्गा पूजा और नवरात्रि के समय मांसाहारी भोजन को लेकर अपील की थी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक उन्होंने कहा था कि लोग नवरात्रि के दौरान मूर्ति रखें या नहीं रखें, लेकिन पूजा पंडालों के पास मांसाहारी भोजन नहीं बनाया जाना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा था कि लोग चाहें तो अपने घरों में मांस खा सकते हैं। उनके मुताबिक दुर्गा पूजा के दौरान पंडालों के आसपास मांस और शराब की दुकानें बंद होनी चाहिए। उन्होंने मांसाहारी भोजन करने वाले हिंदुओं को लेकर भी टिप्पणी की थी। इन बयानों के बाद तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस की ओर से विरोध शुरू हुआ।

    कलकत्ता जिला कांग्रेस कमेटी के आठ सदस्य भवानीपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। कमेटी के प्रमुख प्रदीप प्रसाद ने बताया कि वे बाबा बागेश्वर की तस्वीर लेकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि उनके साथ मौजूद किसी व्यक्ति ने तस्वीर नहीं जलाई। उनके अनुसार तस्वीर जलाने वाले लोग अलग थे।

    प्रदीप प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि बंगालियों की छवि खराब करने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया जाता है। दूसरी ओर आसनसोल के कांग्रेस नेता प्रसेनजित ने कहा कि उन्होंने बुधवार को बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाकर विरोध किया था। इसके बाद आसनसोल साउथ पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।

    इस पूरे विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर को बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी धार्मिक परंपराओं के साथ देशभक्ति, राष्ट्रवाद और अखंड भारत के विचार पर भी बात की थी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी परंपरा और संस्कृति की बात की है और जिसे इसे स्वीकार करना है, वह करे, जबकि जिसे स्वीकार नहीं करना है, वह न करे। उनके मुताबिक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने किसी पर अपनी बात नहीं थोपी। इसके बावजूद भवानीपुर थाने के सामने उनकी तस्वीर जलाए जाने पर मुख्यमंत्री ने पुलिस आयुक्त को मामले में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।

    बाबा बागेश्वर के बयान के बाद शुरू हुआ यह विवाद अब तस्वीर जलाने और उसके बाद दर्ज हुई FIR तक पहुंच गया है। एक तरफ उनके बयान को लेकर राजनीतिक विरोध सामने आया है, वहीं दूसरी ओर तस्वीर जलाने की घटना पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर दिया गया बयान अब राजनीतिक और कानूनी विवाद का विषय बन गया है।