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भारत में वोट चोरी के आरोपों से लेकर लंदन की संसद तक गरमाई सियासत, ध्रुव राठी के खिलाफ भी जुटे लोग, दोनों गुटों को पुलिस ने किया अलग
नई दिल्ली। लंदन में यूट्यूबर ध्रुव राठी के प्रदर्शन को लेकर सियासी माहौल गरमा गया। शनिवार को लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में ध्रुव राठी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग जुटे तो दूसरी ओर उनके विरोध में भी लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों समूहों के बीच तनाव बढ़ने लगा। हालात को संभालने के लिए मेट्रोपॉलिटन पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने दोनों गुटों को अलग रखा ताकि स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सके। इस प्रदर्शन के केंद्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और भारत में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवाल रहे।ध्रुव राठी ने संसद चौक पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह वही देश है जिसने कभी भारत पर शासन किया था और आज भारतीय नागरिक उसी देश की संसद के सामने खड़े होकर अपनी बात रख रहे हैं। राठी ने इसे लोकतंत्र की ताकत बताते हुए कहा कि अपने देश में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं मिलती लेकिन लंदन में लोग खुलकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी और हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के साथ मारपीट हुई और उन्हें उनके घर से जबरन ले जाया गया। हालांकि ये आरोप राठी के बयान का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से जरूरी है।राठी ने कहा कि उनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए जिस पर सरकार और विपक्ष दोनों की सहमति हो। उनके मुताबिक यह मांग इसलिए उठाई जा रही है ताकि आगामी चुनाव निष्पक्ष तरीके से कराए जा सकें और प्रत्येक नागरिक को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने का अवसर मिले। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपने परिवार और परिचितों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा करने की अपील की।इस प्रदर्शन का आयोजन इंडियन ओवरसीज कांग्रेस की युवा शाखा ने किया था। इसे ब्रिटेन में सक्रिय कुछ भारतीय छात्र संगठनों और प्रवासी भारतीय समूहों का समर्थन भी मिला। प्रदर्शन के दौरान इंकलाब जिंदाबाद और वंदे मातरम के नारे लगाए गए। इसके साथ ही भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़कर लोकतांत्रिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों का संदेश देने की कोशिश की गई। आयोजकों ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव व्यवस्था से जुड़े सवालों पर आवाज उठाना जरूरी है।दूसरी ओर ध्रुव राठी के विरोध में भी एक जवाबी प्रदर्शन आयोजित किया गया। इंडिया डायस्पोरा यूके ने भारत समर्थक लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। संगठन के संस्थापक हृदेश गुप्ता ने कहा कि ब्रिटेन में भारतीय प्रवासी समुदाय मजबूत और विकसित भारत के दृष्टिकोण के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के समर्थन में खड़ा है। इस तरह एक ही स्थान पर अलग-अलग राजनीतिक विचार रखने वाले समूह आमने-सामने आ गए।दोनों पक्षों की ओर से लगातार नारेबाजी के कारण माहौल तनावपूर्ण होता गया। हर समूह दूसरे की आवाज को दबाने के लिए तेज नारे लगाने लगा। इसके बाद पुलिस ने दोनों समूहों के बीच दूरी बनाए रखी। लंदन के पार्लियामेंट स्क्वायर में हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि भारत की चुनावी राजनीति और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे विदेशों में बसे भारतीय समुदाय के बीच भी चर्चा और बहस का विषय बने हुए हैं। -

ध्रुव राठी को दिल्ली कोर्ट से फिर समन, गुरुग्राम के पते पर भेजने का आदेश, 17 अक्टूबर को होगी सुनवाई
नई दिल्ली। यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मानहानि मामले में दिल्ली की साकेत कोर्ट ने नया आदेश दिया है। अदालत ने शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे की अर्जी पर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित पते पर नए सिरे से समन भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही शिकायतकर्ता को समन की तामील कराने वाले कर्मचारी के साथ जाने की अनुमति भी दी गई है, ताकि समन पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। मामले की अगली सुनवाई 17 अक्टूबर को होगी।न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन की अदालत ने यह आदेश ऐसे समय दिया है, जब मामले में पहले जारी समन की तामील अब तक नहीं हो पाई है। रिकॉर्ड के मुताबिक, पहला समन जुलाई 2019 में जारी किया गया था। शिकायतकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी आमतौर पर ऑस्ट्रिया में रहते हैं, जिसके कारण समन पहुंचाने में लंबे समय से परेशानी आ रही है।
गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित पते पर भेजा जाएगा समन
शिकायतकर्ता के वकील समक्ष शर्मा ने अदालत को बताया कि ध्रुव राठी फिलहाल भारत में हैं और हरियाणा के गुरुग्राम में सेक्टर-56 स्थित एक आवास पर रह रहे हैं। इसी जानकारी के आधार पर नए पते पर समन भेजने की मांग की गई थी।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से पता चलता है कि शिकायतकर्ता कई वर्षों से ध्रुव राठी को समन पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद अदालत ने बताए गए गुरुग्राम के पते पर नया समन जारी करने का निर्देश दिया।
अदालत ने समन की प्रक्रिया के लिए दो दिन के भीतर आवश्यक शुल्क जमा करने को कहा है। संबंधित कर्मचारी को समन जारी करने की प्रक्रिया रोजाना आगे बढ़ाने का भी निर्देश दिया गया है। अब 17 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में मामले की आगे की स्थिति पर विचार किया जाएगा।
मई 2018 के वीडियो से जुड़ा है मानहानि का मामला
यह मामला मई 2018 में ध्रुव राठी द्वारा जारी किए गए वीडियो ‘भाजपा आईटी सेल पार्ट-2’ से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि वीडियो में उनके खिलाफ मानहानिकारक बातें कही गई थीं। विकास पांडे ‘आई सपोर्ट नरेंद्र मोदी’ नाम से सोशल मीडिया पेज चलाते हैं।शिकायत के अनुसार, वीडियो में आरोप लगाया गया था कि भाजपा आईटी सेल ने शिकायतकर्ता को बदनाम करने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की थी। वीडियो में यह भी दावा किया गया था कि विकास पांडे की भाजपा आईटी सेल में अहम भूमिका थी और उन्होंने महावीर प्रसाद नाम के व्यक्ति को 50 लाख रुपये देने की पेशकश की थी, ताकि वह भाजपा आईटी सेल के खिलाफ झूठी खबरें फैलाने के आरोप वापस ले ले।
विकास पांडे ने इन आरोपों को मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू की थी। इसी शिकायत पर साकेत कोर्ट में ध्रुव राठी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही चल रही है। वीडियो में लगाए गए आरोप शिकायत का हिस्सा हैं; अदालत में इनकी कानूनी जांच कार्यवाही के तहत होनी है।
अरविंद केजरीवाल ने भी साझा किया था वीडियो
इस विवाद में दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम भी जुड़ा था। उन्होंने ध्रुव राठी के वीडियो को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया था। इसके बाद विकास पांडे ने ध्रुव राठी और अरविंद केजरीवाल, दोनों के खिलाफ मानहानि की कार्यवाही शुरू की थी।फरवरी 2024 में अरविंद केजरीवाल ने वीडियो साझा करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष माफी मांगी थी। वहीं, ध्रुव राठी के खिलाफ शिकायत पर साकेत कोर्ट में कार्यवाही जारी है।
अब गुरुग्राम के पते पर समन भेजने के आदेश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर की तारीख तय की है।