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  • ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों से बचना है तो डाइट में इन चीजों को करें शामिल

    ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों से बचना है तो डाइट में इन चीजों को करें शामिल


    नई दिल्ली।
    हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) और दिल की बीमारियां (Heart diseases) अब बहुत आम हो गई हैं। कम उम्र वाले भी इनका शिकार हो रहे हैं। हम अक्सर ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) और दिल की सेहत की बात करते समय सबसे ज्यादा ध्यान नमक-तेल के कम सेवन, वजन कंट्रोल करने और एक्सरसाइज पर देते हैं। ये निश्चित ही दिल की सेहत के लिए जरूरी है, पर क्या आप जानते हैं कि एक मिनरल यानी खनिज तत्व ऐसा है जिस ब्लड प्रेशर और हार्ट की सेहत का सबसे अच्छा दोस्त कहा जाता है?

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पोटैशियम हमारे हेल्थ के लिए बहुत जरूरी मिनरल है। शरीर को इसकी जरूरत सिर्फ मांसपेशियों के कामकाज के लिए नहीं होती, बल्कि यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने और हृदय सहित पूरे कार्डियोवस्कुलर सिस्टम के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है।

    पोटैशियम शरीर में सोडियम के स्तर को कंट्रोल रखने में भी मदद करता है जिससे बीपी अचानक बढ़ने का जोखिम कम होता है और हृदय स्वस्थ बना रहता है।


    शरीर के लिए जरूरी है पोटैशियम

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ कहते हैं, सभी वयस्कों के लिए रोजाना कम से कम 3400 मिलीग्राम पोटैशियम लेना जरूरी माना जाता है। पोटैशियम शरीर से सोडियम को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा यह रक्त वाहिकाओं की दीवारों के तनाव को कम करने में मदद कर सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। यही कारण है कि हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने वाली डैश डाइट में फल-सब्जियां, दालें, साबुत अनाज के साथ पोटैशियम वाले खाद्य पदार्थों को भी शामिल किया जाता है।


    पोटैशियम शरीर में करता क्या है?

    पोटैशियम शरीर के लिए जरूरी इलेक्ट्रोलाइट और मिनरल है। यह कोशिकाओं, मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है। खासतौर पर हृदय सहित अन्य मांसपेशियों के सामान्य काम के लिए शरीर में पोटैशियम का संतुलन जरूरी होता है। पोटैशियम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह अतिरिक्त सोडियम को पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करता है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन में पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम वाली चीजें शामिल करने से ब्लड प्रेशर तथा हृदय रोग, स्ट्रोक और कोरोनरी हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।


    क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार पोटैशियम रक्त वाहिकाओं की दीवारों के तनाव को कम करने में भी मदद करता है, जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखने में सहायता मिल सकती है। पोटैशियम की जरूरत उम्र के अनुसार अलग हो सकती है। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार वयस्क पुरुषों के लिए पर्याप्त सेवन 3,400 मिलीग्राम और महिलाओं के लिए 2,600 मिलीग्राम प्रतिदिन है।

    पोटैशियम का सबसे अच्छा तरीका भोजन से इसे लेना है। केला इसका सबसे अच्छा स्रोत है। इसके अलावा बीन्स- मटर, नट्स, पालक-पत्तागोभी जैसे खाद्य पदार्थ भी पोटैशियम के स्रोत हैं।
    स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भोजन से पोटैशियम की जरूरत पूरी करें। कुछ लोगों को डॉक्टर पोटैशियम सप्लीमेंट्स दे सकते हैं, हालांकि बिना डॉक्टरी सलाह के इसे लेना नुकसानदायक हो सकता है।

  • अतिरिक्त चीनी से सेहत को नुकसान का खतरा, पैक्ड जूस और सॉस में छिपी शुगर के प्रति विशेषज्ञों ने किया आगाह

    अतिरिक्त चीनी से सेहत को नुकसान का खतरा, पैक्ड जूस और सॉस में छिपी शुगर के प्रति विशेषज्ञों ने किया आगाह

    नई दिल्ली ।उत्तम स्वास्थ्य और बेहतर जीवन शैली बनाए रखने के लिए सही खानपान को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ रहने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि किन चीजों के सेवन से बचा जाना चाहिए। जिन खाद्य पदार्थों को सेहत के लिए सबसे अधिक हानिकारक माना जाता है, उनमें अतिरिक्त चीनी प्रमुख है। अत्यधिक मात्रा में चीनी का सेवन मोटापे, मधुमेह और शरीर में अंदरूनी सूजन जैसी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।

    आमतौर पर लोग चीनी छोड़ने का अर्थ केवल चाय, कॉफी या मिठाइयों का त्याग करना समझते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल इन चीजों को बंद कर देना ही पर्याप्त नहीं है। रसोई में उपयोग होने वाली और बाजार में मिलने वाली कई अन्य सामान्य चीजों में भी चीनी की भारी मात्रा छिपी हो सकती है। सॉस, टोमैटो केचप, डिब्बाबंद ड्रिंक्स और फ्लेवर्ड दही जैसे पदार्थों में शर्करा की अदृश्य मौजूदगी होती है, जो रोजमर्रा के खानपान में मिठास बढ़ा देती है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हर मीठी वस्तु का स्वाद मिठाई जैसा तेज होना आवश्यक नहीं है। कई ऐसे प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ हैं जिनका स्वाद नमकीन या सामान्य लगता है, लेकिन उनमें एडेड शुगर मिलाई जाती है। इसलिए, यदि कोई व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से चीनी का सेवन बंद भी कर देता है, तब भी इन प्रसंस्कृत पदार्थों के माध्यम से चीनी शरीर में पहुंचती रहती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि दैनिक कुल कैलोरी में एडेड शुगर का हिस्सा 10 प्रतिशत से कम होना चाहिए।

    आहार विशेषज्ञों के मुताबिक एक सामान्य वयस्क के लिए प्रतिदिन 2,000 कैलोरी की डाइट में चीनी की मात्रा लगभग 50 ग्राम यानी 6 से 9 चम्मच से अधिक नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, महज एक टेबलस्पून टोमैटो केचप में लगभग 4 ग्राम एडेड शुगर हो सकती है। सैंडविच, बर्गर या नाश्ते के साथ नियमित रूप से सॉस का उपयोग करने की आदत कुल चीनी की खपत को चुपचाप बढ़ा देती है। इसी तरह, पैकेज्ड फ्रूट जूस को भी पूरी तरह से स्वास्थ्यवर्धक मानना एक भूल हो सकती है।

    पैकेज्ड जूस में प्राकृतिक फाइबर की कमी होती है और उन्हें संरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त चीनी मिलाई जाती है। मध्य प्रदेश सहित देश भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि बाजार से कोई भी पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल कैलोरी ही नहीं, बल्कि उसमें मौजूद एडेड शुगर की मात्रा की जांच अवश्य करनी चाहिए। स्वास्थ्य को दुरुस्त रखने के लिए प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के बजाय प्राकृतिक और ताजा आहार को प्राथमिकता देना ही सबसे बेहतर विकल्प है।

  • शीजान खान ने अपनाई शाकाहारी डाइट, बोले- सही पोषण से बिना नॉनवेज भी बनाए रखी जा सकती है फिटनेस

    शीजान खान ने अपनाई शाकाहारी डाइट, बोले- सही पोषण से बिना नॉनवेज भी बनाए रखी जा सकती है फिटनेस

    नई दिल्ली । टेलीविजन अभिनेता शीजान खान ने अपनी फिटनेस और खान-पान से जुड़ा एक अहम बदलाव साझा करते हुए बताया है कि उन्होंने पूरी तरह शाकाहारी जीवनशैली अपना ली है। उनका कहना है कि लंबे समय से प्रचलित इस धारणा को उन्होंने अपने अनुभव से गलत साबित किया है कि बेहतर फिटनेस और मसल्स बनाने के लिए नॉनवेज भोजन अनिवार्य होता है। अभिनेता के अनुसार, संतुलित पोषण और सही डाइट प्लानिंग के जरिए शाकाहारी भोजन के साथ भी शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिल सकते हैं।

    इन दिनों अपने टीवी शो ‘गंगा मैया की बेटियां’ में नजर आ रहे शीजान खान ने बताया कि शूटिंग के दौरान लंबे और व्यस्त कार्य घंटे होने के कारण ऊर्जा बनाए रखना उनके लिए बेहद जरूरी होता है। इसी वजह से वह अपनी डाइट को लेकर विशेष सतर्क रहते हैं और हर भोजन में पोषण का संतुलन बनाए रखने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि फिटनेस केवल अधिक भोजन करने से नहीं, बल्कि सही पोषक तत्वों का उचित मात्रा में सेवन करने से हासिल होती है।

    अभिनेता ने बताया कि वह अपनी रोजमर्रा की डाइट में प्रोटीन और फाइबर पर विशेष ध्यान देते हैं। उनके अनुसार, पनीर शाकाहारी भोजन में प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जबकि प्रोटीन शेक उनकी दैनिक पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। उनका कहना है कि संतुलित भोजन और नियमित दिनचर्या ही फिटनेस बनाए रखने का सबसे प्रभावी तरीका है।

    शीजान खान ने यह भी स्वीकार किया कि पहले उन्हें लगता था कि यदि वह चिकन और अंडे जैसे खाद्य पदार्थ छोड़ देंगे तो उनकी मांसपेशियों की मजबूती और फिटनेस प्रभावित होगी। हालांकि, शाकाहारी जीवनशैली अपनाने के बाद उनका अनुभव इससे बिल्कुल अलग रहा। उन्होंने बताया कि उचित योजना के साथ तैयार की गई डाइट ने उन्हें यह महसूस कराया कि शरीर को आवश्यक पोषण केवल नॉनवेज से ही नहीं, बल्कि शाकाहारी स्रोतों से भी मिल सकता है।

    उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी तरह शाकाहारी बने लगभग छह महीने हो चुके हैं और यह पहली बार है जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने इस बदलाव के बारे में विस्तार से बात की है। उनके अनुसार, इस दौरान उन्होंने अपनी फिटनेस, ऊर्जा और मसल्स में कोई नकारात्मक बदलाव महसूस नहीं किया। इसके विपरीत, सही खान-पान और अनुशासित जीवनशैली ने उन्हें पहले की तरह सक्रिय बनाए रखा है।

    डाइट और फिटनेस के अलावा शीजान खान ने अपने एक अन्य शौक का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें खाना बनाना बेहद पसंद है। हालांकि, व्यस्त शूटिंग शेड्यूल के कारण उन्हें रसोई में अधिक समय बिताने का अवसर नहीं मिल पाता, लेकिन जब भी समय मिलता है, वह अपने लिए और दोस्तों के लिए खाना बनाना पसंद करते हैं। उनका मानना है कि घर का संतुलित और पौष्टिक भोजन स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    शीजान खान का कहना है कि फिटनेस का मूल आधार केवल किसी एक प्रकार के भोजन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि संतुलित पोषण, नियमित व्यायाम और अनुशासित दिनचर्या पर आधारित होता है। उनका अनुभव उन लोगों के लिए भी प्रेरणादायक हो सकता है, जो शाकाहारी भोजन अपनाने के बाद फिटनेस को लेकर संदेह रखते हैं। अभिनेता का मानना है कि यदि भोजन की योजना वैज्ञानिक और संतुलित तरीके से बनाई जाए, तो शाकाहारी आहार के साथ भी बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत फिटनेस हासिल की जा सकती है।

  • महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं

    महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स के बावजूद निखार क्यों नहीं आता? जानें 7 गलतियां जो आपके ग्लो को छीन रही हैं


    नई दिल्ली । हर महिला चाहती है कि उसकी स्किन खूबसूरत और जवां बनी रहेलेकिन कभी-कभी हम अनजाने में ऐसी गलतियाँ कर बैठते हैंजो हमारे स्किनकेयर रूटीन को नुकसान पहुंचाती हैं। ये छोटी सी दिखने वाली गलतियां हमारी त्वचा को समय से पहले बेजान और थकी-थकी बना देती हैं। आइएजानते हैं कि कौन सी वो 7 आम गलतियां हैंजो आपकी स्किन की चमक को खत्म कर रही हैं और इनसे कैसे बच सकते हैं।

    सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना

    बहुत सी महिलाएं सोचती हैं कि केवल धूप में बाहर जाने पर ही सनस्क्रीन लगानी चाहिए। जबकियूवी किरणें सिर्फ बाहर से ही नहींबल्कि घर के अंदर भी हमें नुकसान पहुंचा सकती हैं। घर या ऑफिस में भी दिनभर की यूवी एक्सपोजर से झुर्रियां और पिगमेंटेशन बढ़ सकते हैं।इसलिएसनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। स्किन टाइप के हिसाब से प्रोडक्ट्स का चुनाव न करनकई बार महिलाएं अपनी स्किन टाइप को समझे बिना ही प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने लगती हैं। यह गलत चुनाव स्किन को और भी ज्यादा ड्राईऑयली या एक्ने-प्रोन बना सकता है। जब हम सही स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का चुनाव करते हैंतो स्किन की हेल्थ बेहतर रहती है और एजिंग के निशान भी देर से नजर आते हैं।

    चेहरे को ज्यादा रगड़ना या हार्श क्लेंजर का इस्तेमाल करना

    चेहरे को सही तरीके से साफ करना जरूरी हैलेकिन इसे ज्यादा रगड़ने से हमारी स्किन की नेचुरल नमी छीन जाती है। इसके अलावाहार्श क्लींजर स्किन के लिए हानिकारक हो सकते हैंजिससे ड्राईनेस और फाइन लाइन्स जल्दी दिखने लगती हैं। हमेशा हलके और सॉफ्ट क्लींजर का ही इस्तेमाल करें।

    हाइड्रेशन की अनदेखी करना

    त्वचा को हाइड्रेटेड रखना सबसे जरूरी है। अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पीतीं और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल नहीं करतींतो स्किन डल और बेजान हो सकती है। हाइड्रेशन न होने से त्वचा में जल्दी झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगती हैं। सही मात्रा में पानी पीना और अच्छा मॉइस्चराइज़र लगाना स्किन को हेल्दी बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
    स्लीप रूटीन को नजरअंदाज करना नींद का सही रूटीन न होना स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। नींद के दौरान स्किन खुद को रिपेयर करती हैऔर अगर आपको पर्याप्त नींद नहीं मिलती तो इससे डार्क सर्कल्सपफी आईज़ और एजिंग की समस्या हो सकती है। एक अच्छा स्लीप रूटीन स्किन के लिए बेहद फायदेमंद है।

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट

    स्ट्रेस और अनहेल्दी डाइट स्किन को नुकसान पहुंचाने में महत्वपूर्ण कारण हो सकते हैं। जरूरत से ज्यादा स्ट्रेस से कोलेजन का उत्पादन कम हो सकता हैजिससे स्किन की इलास्टिसिटी घटने लगती है। इसके अलावाजंक फूडमीठा और तैलीय खाद्य पदार्थ स्किन की हेल्थ को नुकसान पहुंचाते हैं। हेल्दी डाइट और मानसिक शांति रखना त्वचा के लिए फायदेमंद है।

    नाइट केयर रूटीन स्किप करना

    रात के समय स्किन को रिपेयर करने का सबसे अच्छा मौका मिलता है। लेकिन जब महिलाएं दिनभर की थकान के बाद बिना चेहरे को ठीक से साफ किए सो जाती हैंतो स्किन का नेचुरल रीजेनरेशन प्रोसेस प्रभावित होता है। नाइट क्रीम और सीरम का नियमित इस्तेमाल त्वचा के लिए बेहद लाभकारी है। इन सात सामान्य स्किनकेयर गलतियों से बचकर आप अपनी त्वचा को स्वस्थचमकदार और जवां रख सकती हैं। सही प्रोडक्ट्सहाइड्रेशनपर्याप्त नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल स्किन को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तोअगली बार जब आप स्किनकेयर रूटीन अपनाएंगीतो इन बातों का ध्यान रखें और अपनी त्वचा को पूरी तरह से पोषण दें!

  • फिटनेस में सफलता पाने के लिए 'मतलबी' बनना है जरूरी जानिए क्यों

    फिटनेस में सफलता पाने के लिए 'मतलबी' बनना है जरूरी जानिए क्यों

    नई दिल्ली । आजकल की तेज़-तर्रार ज़िंदगी में हम अक्सर अपनी सेहत को नज़रअंदाज कर देते हैं लेकिन अगर आप फिट रहना चाहते हैं, तो कुछ आदतें हैं जिन्हें अपनाना जरूरी है। इन्हीं आदतों के बारे में हम बात करेंगे, जो न सिर्फ आपकी शारीरिक स्वास्थ्य को बल्कि मानसिक संतुलन को भी बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं

    खाने की टेबल पर ना कहना सीखें

    हम भारतीय अपनी मेहमाननवाजी के लिए प्रसिद्ध हैं और अक्सर खाना खाने के दौरान हमारे आसपास के लोग हमें कुछ अतिरिक्त खाने के लिए दबाव डालते हैं। अगर आप डाइट पर हैं या आपका पेट भर चुका है तो भी आपको हमेशा ‘ना’ कहना सीखना होगा। इससे लोग भले ही थोड़े नाराज़ हो जाएं, लेकिन जब वे आपकी फिटनेस देखेंगे तो यही वही लोग होंगे जो आपकी तारीफ करेंगे। आपके खाने की प्लेट पर क्या जाएगा, यह पूरी तरह से आपके नियंत्रण में होना चाहिए, न कि किसी और के। अगर आपको सचमुच कुछ नहीं चाहिए तो मुस्कुराते हुए और विनम्रता से मना कर दें। यह छोटी सी आदत आपकी फिटनेस को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करेगी।

    अपने मी टाइम से कोई समझौता न करें

    फिटनेस की दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपने वर्कआउट को सबसे पहले अपनी प्राथमिकता बनाएं। अक्सर हम किसी इमरजेंसी या सामाजिक कारणों की वजह से अपने फिटनेस रूटीन को छोड़ देते हैं लेकिन यह आदत धीरे-धीरे हमारी सेहत पर असर डालने लगती है। आपको यह समझना होगा कि जब आप अपने वर्कआउट का समय निकालते हैं, तो वह सिर्फ आपका है। उस समय को दुनिया की किसी भी चीज़ से समझौता न करें। अगर आप दिन में सिर्फ 45 मिनट या 1 घंटा अपने लिए निकालते हैं तो यह समय सिर्फ आपके शरीर और मानसिक स्थिति के लिए है। इस दौरान फोन को साइलेंट पर रखें, दूसरों से दूर रहें और अपने शरीर और मन को फिटनेस में समर्पित करें।

    अपनी ऊर्जा को बचाना सीखें

    फिटनेस का मतलब सिर्फ शारीरिक सेहत नहीं होता, बल्कि मानसिक सेहत भी बहुत मायने रखती है। अगर आप हर समय दूसरों की समस्याओ गॉसिप या नेगेटिव बातों में उलझे रहते हैं तो इसका असर आपके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ेगा। ज्यादा मानसिक तनाव का असर सीधे तौर पर आपके शरीर पर भी पड़ता है और यही तनाव पेट की चर्बी बढ़ाने का कारण बनता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपनी ऊर्जा को सिर्फ अपने वर्कआउट और खुश रहने में लगाएं न कि दूसरों की समस्याओं या गॉसिप में। यह एक स्वस्थ मानसिकता अपनाने की आदत बनानी चाहिए। अपनी ऊर्जा को उन चीज़ों पर लगाएं जो आपको अच्छा महसूस कराती हैं न कि उन बातों पर जो आपकी सेहत पर नकारात्मक असर डालती हैं।

    थकान होने पर प्लान कैंसिल करें

    हमारे समाज में अक्सर यह होता है कि हम अपनी सेहत से ज्यादा दूसरों की भावनाओं को प्राथमिकता देते हैं। अगर आपका शरीर थका हुआ है और आपको आराम की जरूरत है तो बिना किसी झिझक के अपने सोशल प्लान्स को कैंसिल कर दें। यह ज़रूरी नहीं कि हर बार दोस्तों को खुश करने के लिए आप बाहर जाएं। कभी-कभी एक दिन घर पर रहकर रेस्ट करना आपके शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। आराम से ही आप सही तरीके से रिकवर हो सकते हैं और फिर अगले दिन बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। अपने शरीर की सुनें क्योंकि जब आप उसे आराम देंगे तो वह आपको वह परिणाम देगा जो आप चाहते हैं।

    फिटनेस एक संजीदा और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखने में मदद करती है। अपने खाने की आदतों, समय प्रबंधन और मानसिक ऊर्जा को सही दिशा में लगाने से आप अपनी फिटनेस को बेहतर बना सकते हैं। अगर आप इन चार महत्वपूर्ण आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो आप न सिर्फ अपने शरीर को फिट रखेंगे बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहेंगे। अपनी सेहत का ध्यान रखें क्योंकि यह आपका सबसे बड़ा संपत्ति है।