Tag: difficult

  • Survey: भारत में कम नहीं हुए रोजगार के अवसर… लेकिन AI के दौर में पहली नौकरी पाना हुआ मुश्किल

    Survey: भारत में कम नहीं हुए रोजगार के अवसर… लेकिन AI के दौर में पहली नौकरी पाना हुआ मुश्किल


    नई दिल्ली।
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) (Artificial Intelligence – AI) भारत (India) में नौकरियों को निगल नहीं रहा लेकिन कॅरिअर की पहली सीढ़ी को संकरा जरूर कर रहा है। विश्व बैंक (World Bank) की ताजा रिपोर्ट इंडिया डेवलपमेंट अपडेट अक्तूबर 2026 में यह दावा किया गया है। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, 10 शहरों की 651 आईटी कंपनियों के सर्वे में एआई के कारण कुल रोजगार में कमी नहीं मिली लेकिन 55 फीसदी कंपनियों ने नए कर्मचारियों की भर्ती घटा दी। मध्यम स्तर की भर्ती घटाने वाली कंपनियां 25 फीसदी और वरिष्ठ पदों पर घटाने वाली 14% थीं। रिपोर्ट का आकलन है कि समायोजन अब तक मुख्यतः धीमी भर्ती के रास्ते हुआ है, मौजूदा कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी से नहीं। रूटीन कोडिंग, टेस्टिंग, डॉक्यूमेंटेशन और डेटा प्रोसेसिंग जैसे काम, जो आम तौर पर फ्रेशर्स के हिस्से आते थे, एआई के लिए सबसे आसान हैं।

    आईटी क्षेत्र की तस्वीर बंटी हुई है। छह सबसे बड़ी आईटी-सेवा कंपनियों ने 17 लाख के संयुक्त कार्यबल में से करीब 64 हजार कम किए। इसी दौरान जीसीसी (ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर) समेत बाकी टेक-सेवा क्षेत्र ने तीन साल में करीब सात लाख लोगों को जोड़ा। इससे इस क्षेत्र का कुल रोजगार लगभग 44 लाख पहुंच गया। रिपोर्ट इसे पूरे उद्योग का सिकुड़ना नहीं, चुनिंदा बड़ी कंपनियों में कर्मचारी संख्या की छंटाई मानती है।

    नोमुरा के मुताबिक, 2022 से अगस्त 2026 के बीच एशिया की 69 कंपनियों की घोषणाओं में करीब 1.31 लाख एआई-संबंधी भर्तियां और 61 हजार छंटनी दर्ज हुए। भारत में 83,100 भर्तियां और 31,921 छंटनी हुईं, यानी शुद्ध करीब 51 हजार पदों की बढ़त।


    किस पर और कितना प्रभाव?

    भारत में कुल रोजगार का केवल 22 प्रतिशत हिस्सा एआई के ‘उच्च जोखिम’ के दायरे में आता है, जबकि उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में यह आंकड़ा लगभग 60 प्रतिशत है। इसका मुख्य कारण भारत में कृषि और मैनुअल कार्यों की अधिकता है।

    22 प्रतिशत हिस्से में से 8 प्रतिशत कार्य ऐसे हैं जहां एआई काम का स्वरूप बदल देगा (जैसे वित्तीय और दूरसञ्चार सेवाएं), जबकि 14 प्रतिशत हिस्से (जैसे स्वास्थ्य और शिक्षा) में उत्पादकता बढ़ने की संभावना है। एआई का प्रभाव मुख्य रूप से शहरी, उच्च शिक्षित और पेशवर युवाओं पर पड़ रहा है, जबकि खेत मजदूरों और निर्माण श्रमिकों पर इसका असर नगण्य है।


    कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी हो रहा इस्तेमाल

    एआई और भारत का श्रम बाजार आमने-सामने नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक बनकर खड़े हो रहे हैं। वैश्विक मंच पर एआई को अपनाने के मामले में भारत 83 अर्थव्यवस्थाओं में 10वें स्थान पर है।


    कृषि में क्रांति:

    केरल का काथिर प्लेटफॉर्म (केरल कृषि प्रौद्योगिकी केंद्र और सूचना भंडार) और महाराष्ट्र का महाविस्तार-एआई उपग्रह तस्वीरों और एआई एनालिटिक्स के जरिये किसानों को उनकी अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर कीट नियंत्रण, मौसम और मंडी भाव की सटीक जानकारी दे रहे हैं।


    स्वास्थ्य सेवा में चमत्कार:

    एआई-संचालित चेस्ट एक्स-रे टूल्स दूरदराज के गांवों में बिना इंटरनेट के भी गंभीर बीमारियों की पहचान पारंपरिक तरीकों से कहीं अधिक सटीकता और बेहद कम खर्च में कर रहे हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो

    ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल… रोहित शर्मा बोले – आप इंग्लैंड से पूछ सकते हो


    नई दिल्ली।
    रोहित शर्मा (Rohit Sharma) मैदान के अंदर हो या बाहर, वह अपनी बातों से फैंस का मनोरंजन कभी नहीं रुकने देते। रविवार, 21 दिसंबर को रोहित गुरुग्राम में एक इवेंट में पहुंचे जहां उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए अपने करियर को लेकर कई खुलासे किए। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि 2023 वर्ल्ड कप फाइनल (2023 World Cup Final) में ऑस्ट्रेलिया (Australia) के हाथों मिली हार ने उन्हें इतना तोड़ दिया था कि वह रिटायरमेंट का मन बना चुके थे। रोहित शर्मा ने इस बातचीत के दौरान ऑस्ट्रेलिया में खेली कई शानदार पारियों को याद किया, इस दौरान उन्होंने बेन स्टोक्स (Ben Stokes) की अगुवाई वाली इंग्लैंड की टीम को बुरी तरह ट्रोल कर दिया।

    इंग्लैंड की टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया में एशेज सीरीज खेल रही है। 5 मैच की इस सीरीज के पहले तीन मैच हारकर इंग्लैंड सीरीज पहले ही गंवा चुकी है। हर किसी को उम्मीद थी कि बैजबॉल इस बार ऑस्ट्रेलिया में धमाल मचाएगा, मगर अभी तक परफॉर्मेंस इसके विपरीत ही नजर आ रही है। इंग्लैंड की इस हार पर टोंट कसते हुए रोहित शर्मा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया में खेलना सबसे मुश्किल है, आप इंग्लैंड को पूछ ही सकते हो।” रोहित इस दौरान क्या बात कर रहे थे, उसका कॉन्टेक्स्ट तो नहीं पता, मगर उन्होंने इंग्लैंड की टीम को ट्रोल जरूर कर दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

    रोहित शर्मा ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अपना आखिरी टेस्ट मैच खेला था। वनडे में तो उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर खूब धमाल मचाया, वहीं ऑस्ट्रेलिया में वनडे क्रिकेट में 1000 रन बनाने वाले एकमात्र भारतीय हैं, मगर जब बात टेस्ट क्रिकेट की आती है तो उनका फ्लॉप प्रदर्शन नजर आता है। 2013 में सचिन तेंदुलकर की फेयरवेल सीरीज़ के दौरान भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने के बाद से, रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में 10 मैच खेले लेकिन 19 पारियों में सिर्फ 439 रन ही बना पाए। उन्होंने बैगी ग्रीन्स के खिलाफ तीन टेस्ट फिफ्टी लगाईं और एक बार ज़ीरो पर आउट हुए। भारत के लिए अपनी आखिरी टेस्ट सीरीज में रोहित ने ऑस्ट्रेलिया में तीन टेस्ट खेले लेकिन पांच पारियों में कुल 31 रन ही बना पाए।