Tag: DigestiveHealth

  • गर्मी में चुस्त-तंदुरुस्त रहने के लिए ये आटे की रोटियां खाएं

    गर्मी में चुस्त-तंदुरुस्त रहने के लिए ये आटे की रोटियां खाएं


    नई दिल्ली । गर्मी के दिनों में खान-पान का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इस मौसम में ऐसे भोजन की जरूरत होती है जो न केवल आसानी से पच जाए बल्कि शरीर को ठंडक भी पहुंचाए और ऊर्जा बनाए रखे। भारतीय रसोई में रोटी हर भोजन का अहम हिस्सा है। लंच डिनर या नाश्ते में इसे दाल सब्जी और करी के साथ खाया जाता है। लेकिन गर्मियों में रोटी बनाने के लिए सही आटे का चुनाव करना स्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी है।

    ज्वार का आटा गर्मियों के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्वार की तासीर ठंडी होती है और यह ग्लूटेन-फ्री होने के कारण आसानी से पच जाता है। यह पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से राहत दिलाता है। इसलिए गर्मियों में इसे लंच में शामिल करना फायदेमंद होता है।

    रागी का आटा अक्सर सर्दियों में खाने के लिए सुझाया जाता है लेकिन यदि इसे सीमित मात्रा में या अन्य ठंडे आटों के साथ मिलाकर लिया जाए तो यह कब्ज के लिए रामबाण साबित होता है। रागी में कैल्शियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं जो हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत करते हैं।

    चावल के आटे की रोटी भी गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली मानी जाती है। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह आसानी से पचती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। इसके अलावा यह हल्की और स्वादिष्ट होती है जिससे लंच या डिनर में इसे शामिल करना आरामदायक होता है।

    चने का आटा जिसे सत्तू के नाम से भी जाना जाता है प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। साथ ही यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और बाउल मूवमेंट को नियमित करता है जिससे पेट हल्का रहता है।

    ओट्स का आटा गर्मियों में नाश्ते के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकन नामक फाइबर पाचन तंत्र को साफ रखता है और शरीर से गंदगी बाहर निकालने में मदद करता है। ओट्स की रोटी खाने से ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है और शरीर हल्का महसूस होता है।

    सिंघाड़े का आटा भी गर्मियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। सिंघाड़ा पानी में उगता है इसलिए इसकी तासीर ठंडी होती है। इसमें कम कैलोरी और उच्च फाइबर होता है जिससे यह पेट को हल्का रखता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। यह रोटियां खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो गर्मियों में हल्का और ताजगी भरा भोजन चाहते हैं।

    संक्षेप में गर्मियों में ज्वार रागी चावल चने और सिंघाड़े के आटे की रोटियां शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन ऊर्जा और हाइड्रेशन में मदद करती हैं। इन रोटियों को नियमित रूप से शामिल करने से आप पूरे दिन चुस्त-तंदुरुस्त और स्वस्थ महसूस करेंगे।

  • करेला: कड़वा जरूर, लेकिन सेहत का खजाना; जानें किन बीमारियों में है रामबाण

    करेला: कड़वा जरूर, लेकिन सेहत का खजाना; जानें किन बीमारियों में है रामबाण


    नई दिल्ली: करेला का नाम सुनते ही अधिकतर लोग मुंह बना लेते हैं, लेकिन यही कड़वा करेला सेहत के लिहाज से किसी वरदान से कम नहीं है। आयुर्वेद में करेला को औषधि के रूप में माना गया है और इसे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी बताया गया है। सिर्फ खाने से ही नहीं, बल्कि बाहरी रूप से लगाने पर भी करेला शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है।

    आयुर्वेद में करेले को करवेल्लक कहा जाता है। इसे ऐसा पौधा माना गया है जो दूषित रक्त को शुद्ध करने, बढ़ी हुई शर्करा को नियंत्रित करने और शरीर में मौजूद कीटाणुओं को नष्ट करने की क्षमता रखता है। करेला विटामिन A, B और C का अच्छा स्रोत है, जो इम्युनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा और आंखों की सेहत के लिए भी जरूरी माने जाते हैं।करेला अग्नि और अग्न्याशय तक प्रभाव डालता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर होता है। यह आंतों की गहराई से सफाई कर वहां मौजूद कीड़े, हानिकारक बैक्टीरिया और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। जिन लोगों को बार-बार पेट साफ न होने, गैस, अपच या भूख न लगने की समस्या रहती है उनके लिए करेले का जूस या सलाद बेहद फायदेमंद हो सकता है।

    अगर शरीर में लंबे समय से कब्ज की समस्या बनी रहे, तो इससे आंतों में कीड़े पनप सकते हैं और पोषक तत्व शरीर में ठीक से अवशोषित नहीं हो पाते। ऐसे में करेला शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स करता है और पाचन तंत्र को फिर से सक्रिय बनाता है। इसके कड़वे स्वाद को कम करने के लिए इसे काटकर नमक लगाकर कुछ घंटों के लिए छोड़ दिया जाए, तो इसका कड़वापन काफी हद तक कम हो जाता है।त्वचा संबंधी समस्याओं में भी करेला बेहद उपयोगी माना जाता है। चेहरे पर मुंहासे, एक्ने, खुजली या रूखापन अक्सर रक्त की अशुद्धि का संकेत होते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में करेले के जूस का सेवन रक्त को शुद्ध करता है, जिससे त्वचा में निखार आता है और एक्ने की समस्या कम होती है। साथ ही यह शरीर की खुद को ठीक करने की क्षमता को भी बढ़ाता है।

    करेला स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी लाभकारी बताया गया है, क्योंकि यह दूध बनाने वाले हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि, इस दौरान इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए। वहीं, अगर शरीर पर कोई घाव, फोड़ा या सूजन हो जाए, तो करेले का लेप लगाने से घाव जल्दी भरता है और संक्रमण का खतरा कम होता है।कुल मिलाकर करेला भले ही स्वाद में कड़वा हो, लेकिन इसके फायदे इतने ज्यादा हैं कि इसे अपनी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

  • रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स खाने से मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे जानें सही तरीका

    रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स खाने से मिलेंगे 5 जबरदस्त फायदे जानें सही तरीका


    नई दिल्ली । चिया सीड्स एक छोटे आकार के बीज होते हैं जो पोषण से भरपूर होते हैं और इन्हें सुपरफूड के रूप में जाना जाता है। अगर आप रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स का सेवन करते हैं तो आपको एक महीने में ही कई शारीरिक बदलाव नजर आने लगते हैं। ये बीज शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं और सेहत में सुधार करते हैं। तो आइए जानते हैं चिया सीड्स के सेवन से मिलने वाले 5 जबरदस्त फायदे:

    वजन तेजी से कंट्रोल होता है

    चिया सीड्स में उच्च मात्रा में फाइबर होता है जो पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और ओवरईटिंग से बचाव होता है। नियमित रूप से 1 चम्मच चिया सीड्स खाने से वजन कम करने में मदद मिलती है और यह शरीर के मेटाबोलिज्म को भी बेहतर बनाता है।

    पाचन तंत्र मजबूत होता है

    अगर आपको कब्ज गैस या ब्लोटिंग की समस्या रहती है तो चिया सीड्स आपके लिए एक बेहतरीन उपाय हो सकते हैं। इन बीजों में प्रचुर मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो आंतों की सफाई करते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं।

    ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है

    चिया सीड्स डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं। ये ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकते हैं और शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारने में मदद करते हैं। इससे डायबिटीज का जोखिम कम होता है और ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है।

    दिल की सेहत में सुधार होता है

    चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स होते हैं जो दिल के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं जिससे दिल की सेहत बेहतर रहती है। इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा भी घटता है।

     त्वचा में नेचुरल ग्लो आता है

    चिया सीड्स में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। इसके सेवन से त्वचा स्वस्थ सॉफ्ट और ग्लोइंग नजर आने लगती है। इसके अलावा ये त्वचा को हाइड्रेट भी करते हैं जिससे उम्र बढ़ने के लक्षण कम होते हैं।

    चिया सीड्स खाने का सही तरीका

    चिया सीड्स को कभी भी सूखा न खाएं।  चम्मच चिया सीड्स को एक गिलास पानी में भिगोकर 20-30 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद आप इसे सुबह खाली पेट या किसी स्मूदी दही या सलाद में मिलाकर खा सकते हैं। चिया सीड्स का सेवन बहुत आसान है और अगर आप इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो आप एक महीने में इसके अद्भुत लाभ देख सकते हैं। तो बिना किसी मेहनत के अपनी सेहत में सुधार के लिए रोजाना 1 चम्मच चिया सीड्स जरूर शामिल करें।