Tag: Digital Loans

  • शेयर बाजार में शानदार आगाज़: ‘किश्त’ की पैरेंट कंपनी ने पहले दिन ही निवेशकों को कराया मुनाफा

    शेयर बाजार में शानदार आगाज़: ‘किश्त’ की पैरेंट कंपनी ने पहले दिन ही निवेशकों को कराया मुनाफा

    नई दिल्ली ।डिजिटल फाइनेंस और ऑनलाइन लोन सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से उभर रही OnEMI Technology Solutions ने शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत कर निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कंपनी के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होते ही निवेशकों को अच्छा मुनाफा मिला, जिससे IPO में हिस्सा लेने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे।

    कंपनी के शेयर अपने तय इश्यू प्राइस से करीब 11 प्रतिशत ऊपर खुले। शुरुआती कारोबार में ही शेयरों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला और यह लिस्टिंग निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित हुई। बाजार में पहले से ही इस IPO को लेकर उत्साह बना हुआ था और लिस्टिंग के बाद वह भरोसा और मजबूत होता दिखाई दिया।

    हालांकि कुछ निवेशकों को इससे भी अधिक प्रीमियम की उम्मीद थी, लेकिन मौजूदा बाजार की अस्थिर परिस्थितियों के बीच इस प्रदर्शन को मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल लेंडिंग सेक्टर की बढ़ती मांग ने कंपनी के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।

    करीब 926 करोड़ रुपये के इस IPO को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। अंतिम दिन तक यह इश्यू कई गुना सब्सक्राइब हुआ, जिससे साफ संकेत मिला कि बाजार में कंपनी को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। खास बात यह रही कि बड़े संस्थागत निवेशकों ने कंपनी में सबसे अधिक रुचि दिखाई।

    संस्थागत निवेशकों के अलावा गैर-संस्थागत और रिटेल निवेशकों ने भी IPO में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से यह इश्यू बाजार में चर्चा का विषय बन गया। IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों के जरिए बड़ी रकम जुटाकर अपनी मजबूत स्थिति का संकेत दे दिया था।

    OnEMI Technology Solutions की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। कंपनी डिजिटल लेंडिंग और पेमेंट सेवाओं के क्षेत्र में काम करती है और अपने प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों को कई तरह की वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी पर्सनल लोन, छोटे कारोबारियों के लिए लोन, EMI फाइनेंसिंग और अन्य डिजिटल क्रेडिट सेवाओं के माध्यम से तेजी से अपने कारोबार का विस्तार कर रही है।

    बीते कुछ वर्षों में कंपनी ने करोड़ों यूजर्स तक अपनी पहुंच बनाई है। बड़ी संख्या में ग्राहकों के जुड़ने और डिजिटल सेवाओं की मांग बढ़ने से कंपनी का कारोबार लगातार मजबूत हुआ है। कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट भी तेजी से बढ़ा है, जो उसके विस्तार और ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है।

    वित्तीय आंकड़ों की बात करें तो कंपनी ने आय और मुनाफे दोनों में लगातार सुधार दर्ज किया है। यही वजह है कि निवेशकों ने कंपनी के भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया। डिजिटल फाइनेंस सेक्टर में बढ़ते अवसरों के कारण कंपनी को आगे भी मजबूत ग्रोथ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    कंपनी ने संकेत दिया है कि IPO से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से अपने फाइनेंस कारोबार को और मजबूत करने में किया जाएगा। इसके जरिए कंपनी ज्यादा लोन ग्रोथ हासिल करने और डिजिटल फाइनेंस मार्केट में अपनी स्थिति को और बेहतर बनाने की योजना पर काम करेगी।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल क्रेडिट और ऑनलाइन फाइनेंस सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों के लिए विकास के बड़े अवसर मौजूद हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी रहेगी कि कंपनी अपनी मौजूदा ग्रोथ को भविष्य में किस तरह बनाए रखती है।

  • NBFC या बैंक: पर्सनल लोन लेने से पहले जानें सही विकल्प

    NBFC या बैंक: पर्सनल लोन लेने से पहले जानें सही विकल्प


    नई दिल्ली । पैसे की जरूरत पड़ने पर सबसे पहले दिमाग में बैंक आता है। लेकिन बैंक के अलावा भारत में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी NBFC भी लाखों लोगों को लोन देती हैं। दोनों ही पर्सनल लोन की सुविधा देती हैं, लेकिन इनके बीच का फर्क समझना जरूरी है। लाइसेंसिंग, नियामक ढांचा और जमा स्वीकारने की क्षमता में अंतर होने के कारण सही विकल्प चुनना आपके भविष्य की आर्थिक परेशानियों से बचा सकता है।

    NBFC क्या है?
    NBFC वे कंपनियां हैं जो कंपनी अधिनियम 1956/2013 के तहत पंजीकृत होती हैं और RBI अधिनियम 1934 के अध्याय III-B के तहत विनियमित होती हैं। इनके पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं होता, बल्कि उन्हें विशेष वित्तीय गतिविधियों के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट मिलता है। NBFC विभिन्न प्रकार के लोन देती हैं, फिक्स्ड डिपॉजिट सुविधा, बीमा और अन्य वित्तीय उत्पाद भी प्रदान करती हैं।

    बैंक क्या है?

    बैंक बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 के तहत नियंत्रित होते हैं। ये बचत और चालू खाते के रूप में डिमांड डिपॉजिट स्वीकारते हैं और ऋण प्रदान करते हैं। NBFC और बैंक का सबसे बड़ा अंतर यह है कि बैंक भुगतान और निपटान प्रणाली का हिस्सा होते हैं और चेक/क्लीयरिंग सुविधा देते हैं, जबकि NBFC ऐसा नहीं कर सकती।

    NBFC से पर्सनल लोन क्यों लें?

    तेज प्रोसेसिंग: अधिकांश NBFC 24–48 घंटे में लोन राशि डिस्बर्स कर देती हैं। लचीले क्रेडिट मानदंड: मध्यम CIBIL स्कोर वाले या नए उधारकर्ता भी पात्र हो सकते हैं। कम दस्तावेज़ और डिजिटल प्रक्रिया: KYC और बैंक स्टेटमेंट ऑनलाइन अपलोड कर लोन प्रक्रिया पूरी होती है। कस्टमाइज्ड लोन: ट्रैवल, वेडिंग या छोटे ब्रिज लोन जैसी विशेष जरूरतों के लिए प्रोडक्ट डिजाइन किए जाते हैं। प्रतिस्पर्धी दरें: स्थिर आय और अच्छे रिकॉर्ड वाले ग्राहकों को आकर्षक ब्याज दर मिल सकती है।

    बैंक से पर्सनल लोन क्यों लें?

    कम ब्याज दर: बैंक की ब्याज दर NBFC से 2–5% कम हो सकती है।पारदर्शी शुल्क: RBI दिशा-निर्देशों से छिपे चार्ज कम होते हैं।बड़ी लोन राशि: ₹20–40 लाख तक बड़े लोन के लिए बैंक उपयुक्त हैं। मौजूदा संबंध का लाभ: सैलरी अकाउंट या FD से प्री-अप्रूव्ड लोन और विशेष ब्याज दर मिल सकती है। शाखा नेटवर्क और ग्राहक सहायता: समस्या का समाधान सीधे शाखा में मिल सकता है।

    NBFC vs बैंक: कौन बेहतर?

    यदि आपको तेजी और सुविधा चाहिए तो NBFC बेहतर हैं। वहीं, यदि आपकी प्राथमिकता कम ब्याज दर, बड़ी राशि और दीर्घकालिक विश्वसनीयता है तो बैंक अधिक उपयुक्त हैं। दोनों RBI द्वारा विनियमित हैं, लेकिन बैंक में बचत खाते पर DICGC बीमा का अतिरिक्त सुरक्षा लाभ मिलता है।