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  • कैबिनेट मंत्रियों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड जारी, डिजिटल एंगेजमेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने नंबर-1

    कैबिनेट मंत्रियों का सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड जारी, डिजिटल एंगेजमेंट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने नंबर-1

    नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने देश के युवाओं और नई पीढ़ी के साथ अपना संपर्क तथा संचार मजबूत करने के लिए डिजिटल माध्यमों पर जोर देना तेज कर दिया है। इसी रणनीति के तहत केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्रियों का सोशल मीडिया परफॉर्मेंस रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया। लगभग साढ़े तीन महीने के कामकाज और डिजिटल गतिविधियों के आधार पर तैयार की गई इस रैंकिंग सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले स्थान पर रहे हैं।

    मंत्रियों का यह विशेष रिपोर्ट कार्ड 1 मई से 15 अगस्त 2026 तक की अवधि के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किए गए कार्यों के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें मुख्य रूप से इंस्टाग्राम, एक्स, लिंक्डइन और फेसबुक जैसी प्रमुख नेटवर्किंग साइट्स पर मंत्रियों की सक्रियता का गहन विश्लेषण किया गया। रैंकिंग तय करने के लिए दैनिक पोस्ट की संख्या, यूजर्स एंगेजमेंट, लाइक्स और फॉलोअर्स में बढ़ोतरी जैसे महत्वपूर्ण मानकों को आधार बनाया गया।

    रिपोर्ट में केवल सत्ता पक्ष के मंत्रियों का ही नहीं, बल्कि देश के प्रमुख राजनीतिक चेहरों का भी तुलनात्मक अध्ययन किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नितिन गडकरी और कंगना रनौत जैसे नेताओं ने उच्च रैंकिंग हासिल की। वहीं विपक्षी नेताओं में राहुल गांधी, असदुद्दीन ओवैसी और अरविंद केजरीवाल भी शीर्ष डिजिटल प्रभाव वाले नेताओं में शामिल रहे।

    हाल के समय में राजधानी दिल्ली में हुए छात्र आंदोलनों के बाद सरकार ने अपनी डिजिटल संचार नीति में व्यापक बदलाव किया है। अब पारंपरिक और औपचारिक राजनीतिक बयानों के स्थान पर लघु रील्स, अनौपचारिक संवाद और क्रिएटर फॉर्मेट वाले वीडियो कंटेंट पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य युवाओं की पसंद के अनुसार सरल और प्रभावकारी भाषा में अपनी बात पहुंचाना है।

    इसी कड़ी में विभिन्न मंत्रालयों को नए और लोकप्रिय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिटल आउटरीच कार्यक्रम के तहत विदेश मंत्रालय ने भी हाल ही में स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म पर अपना आधिकारिक अकाउंट शुरू किया है। इसके अलावा कैबिनेट में यह निर्णय भी लिया गया है कि केंद्रीय मंत्री सीधे संवाद के लिए देश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों का दौरा करेंगे और शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली पर छात्रों से चर्चा करेंगे।

    मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों के विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में मंत्रियों के इस प्रत्यक्ष और डिजिटल संवाद कार्यक्रम को लागू करने की योजना है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस नई रणनीति से सरकार और युवा वर्ग के बीच सीधे संवाद का एक पारदर्शी माध्यम स्थापित होगा, जिससे सरकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी युवाओं तक तेजी से पहुंचेगी।

  • UPI पेमेंट सिस्टम में हो सकता है बड़ा बदलाव, सरकार डिजिटल भुगतान व्यवस्था को टिकाऊ बनाने की तैयारी में

    UPI पेमेंट सिस्टम में हो सकता है बड़ा बदलाव, सरकार डिजिटल भुगतान व्यवस्था को टिकाऊ बनाने की तैयारी में

    नई दिल्ली । देश में डिजिटल भुगतान का सबसे बड़ा माध्यम बन चुके यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर बड़े बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। सरकार डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक टिकाऊ और मजबूत बनाने के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) से जुड़े नियमों में बदलाव की संभावनाओं पर विचार कर रही है। हालांकि अभी इस संबंध में कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और मौजूदा व्यवस्था पहले की तरह जारी है।

    चर्चा के अनुसार बड़े कारोबारियों द्वारा किए जाने वाले उच्च मूल्य के UPI लेनदेन पर सीमित MDR लागू किया जा सकता है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना डिजिटल भुगतान प्रणाली के संचालन, तकनीकी विकास और सुरक्षा से जुड़ी लागत के लिए स्थायी व्यवस्था तैयार करना है।

    वर्तमान में बैंक-टू-बैंक UPI भुगतान पर किसी प्रकार का MDR लागू नहीं है। यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में UPI का उपयोग तेजी से बढ़ा है। लाखों व्यापारी और करोड़ों उपभोक्ता रोजाना बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के डिजिटल भुगतान का उपयोग कर रहे हैं। इस व्यवस्था ने नकदरहित लेनदेन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    डिजिटल भुगतान से जुड़े संस्थानों का मानना है कि भुगतान नेटवर्क का विस्तार, साइबर सुरक्षा, सर्वर क्षमता और नई तकनीकों के विकास पर लगातार निवेश करना पड़ता है। ऐसे में लंबे समय तक इस व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए एक संतुलित राजस्व मॉडल की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी कारण MDR व्यवस्था में सीमित बदलाव की संभावना पर विचार किया जा रहा है।

    यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो यह मुख्य रूप से बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अधिक मूल्य वाले लेनदेन तक सीमित रह सकता है। आम उपभोक्ताओं से सीधे अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने का कोई अंतिम निर्णय फिलहाल नहीं हुआ है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और साथ ही भुगतान प्रणाली को आर्थिक रूप से मजबूत बनाए रखना बताया जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि MDR केवल बड़े व्यापारियों तक सीमित रहता है तो सामान्य ग्राहकों पर इसका सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि कुछ मामलों में व्यापारियों की लागत बढ़ने पर उसका प्रभाव वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखा जाएगा।

    डिजिटल भुगतान ने देश में वित्तीय लेनदेन की तस्वीर बदल दी है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक UPI का व्यापक उपयोग हो रहा है। इसी वजह से सरकार और संबंधित संस्थाएं ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती हैं, जिससे डिजिटल भुगतान की गति भी बनी रहे और इसका संचालन भी लंबे समय तक प्रभावी ढंग से किया जा सके।

    फिलहाल UPI उपयोगकर्ताओं के लिए कोई नया शुल्क लागू नहीं हुआ है और न ही नए नियम प्रभावी हुए हैं। यदि भविष्य में इस संबंध में कोई निर्णय लिया जाता है तो उसके बाद ही नई व्यवस्था लागू होगी। तब तक आम लोग पहले की तरह बिना किसी बदलाव के UPI के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।

  • रिकॉर्ड स्तर से नरम पड़े सोने के दाम, छोटे निवेशकों में नियमित डिजिटल गोल्ड खरीदारी का बढ़ा रुझान

    रिकॉर्ड स्तर से नरम पड़े सोने के दाम, छोटे निवेशकों में नियमित डिजिटल गोल्ड खरीदारी का बढ़ा रुझान

    नई दिल्ली । सोने की कीमतें अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से नीचे आने के बावजूद लगातार उतार-चढ़ाव का सामना कर रही हैं। इसी कारण बड़ी राशि एकमुश्त निवेश करने के बजाय अब बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक छोटी-छोटी रकम के नियमित निवेश की रणनीति अपना रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोने में निवेश का चलन तेजी से बढ़ रहा है और इसे बदलते बाजार माहौल में अपेक्षाकृत संतुलित विकल्प माना जा रहा है।

    घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव मंगलवार को करीब 1.43 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। यह कीमत इस वर्ष जनवरी के अंत में दर्ज हुए लगभग 1.78 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे है। उस समय वैश्विक अनिश्चितताओं और सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग के कारण सोने ने ऐतिहासिक ऊंचाई हासिल की थी। इसके बाद बाजार में कई बार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों पर अमेरिकी ब्याज दरों की संभावित दिशा, डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा प्रभाव पड़ता है। हाल ही में अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किए जाने के बाद भी निवेशकों की नजर आगामी मौद्रिक नीति पर बनी हुई है। इसी वजह से सोने के बाजार में अनिश्चितता का माहौल कायम है।

    बाजार विश्लेषकों ने भले ही निकट अवधि के लिए अपने अनुमान में कुछ संशोधन किया हो, लेकिन मध्यम अवधि में सोने को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अभी भी बरकरार है। इसका प्रमुख कारण विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश की मांग को माना जा रहा है। हालांकि मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड समय-समय पर कीमतों पर दबाव भी बना सकती हैं।

    ऐसे वातावरण में निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही समय पर खरीदारी की रहती है। यदि कोई निवेशक एक साथ बड़ी राशि लगाता है तो ऊंचे भाव पर खरीदारी का जोखिम रहता है, जबकि अधिक इंतजार करने पर कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। इस स्थिति में नियमित अंतराल पर छोटी राशि का निवेश अलग-अलग कीमतों पर खरीदारी का अवसर देता है और औसत लागत को संतुलित करने में मदद करता है।

    डिजिटल गोल्ड प्लेटफॉर्म इसी रणनीति को आसान बना रहे हैं। निवेशक बेहद कम राशि से भी 24 कैरेट डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं और नियमित निवेश के लिए स्वचालित योजना का लाभ उठा सकते हैं। इससे छोटे निवेशकों को अपनी आय और बचत के अनुसार धीरे-धीरे सोने में निवेश बढ़ाने की सुविधा मिल रही है।

    डिजिटल गोल्ड में खरीदे गए सोने के बराबर भौतिक सोना सुरक्षित वॉल्ट में संरक्षित रखा जाता है। निवेशक जरूरत पड़ने पर अपनी होल्डिंग बाजार भाव पर बेच सकते हैं या निर्धारित शर्तों के अनुसार उसे प्रमाणित भौतिक सोने में बदलकर घर भी मंगवा सकते हैं। इस सुविधा ने डिजिटल माध्यम से सोने में निवेश को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बना दिया है।

    हालांकि विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि सोने को पूरे निवेश का आधार नहीं बल्कि विविधीकृत निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा माना जाना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है, लेकिन नियमित और छोटी राशि के निवेश की रणनीति जोखिम को संतुलित करने का एक व्यावहारिक विकल्प बनकर उभर रही है। इसी कारण बड़ी संख्या में खुदरा निवेशक अब सही समय का इंतजार करने के बजाय अनुशासित और नियमित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं।

  • सस्पेंस थ्रिलर से लेकर देशभक्ति के जज्बे तक, जानें इस हफ्ते आपके पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर क्या रहेगा खास

    सस्पेंस थ्रिलर से लेकर देशभक्ति के जज्बे तक, जानें इस हफ्ते आपके पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर क्या रहेगा खास

    नई दिल्ली । अगस्त महीने के पहले सप्ताह में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों के लिए मनोरंजन का बड़ा खजाना खुलने जा रहा है। सिनेमाघरों के बजाय घर पर ही अपने स्मार्ट टीवी और उपकरणों पर फिल्में तथा सीरीज देखने के शौकीन दर्शकों के लिए यह हफ्ता बेहद रोमांचक रहने वाला है। विभिन्न प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हर उम्र और वर्ग की पसंद को ध्यान में रखते हुए सस्पेंस थ्रिलर, स्पोर्ट्स कॉमेडी, रोमांटिक ड्रामा और एक्शन से भरपूर सामग्री प्रस्तुत की जा रही है।

    सप्ताह की शुरुआत में रहस्य और रोमांच से भरपूर एक चर्चित दक्षिण भारतीय फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने जा रही है। इस फिल्म का कथानक एक प्रोबेशनरी पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमता है, जिसे एक अज्ञात महिला की रहस्यमयी मौत का मामला सौंपा जाता है। शुरुआत में बेहद साधारण लगने वाली यह जांच धीरे-धीरे कई उलझे हुए और अप्रत्याशित मोड़ों से गुजरती है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करती है।

    खेल और हास्य के अनोखे संगम को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए एक प्रसिद्ध स्पोर्ट्स कॉमेडी सीरीज का अगला संस्करण भी इस सप्ताह स्ट्रीम होने जा रहा है। इस नए सीजन में मुख्य किरदार के सामने एक बिल्कुल नई और कठिन चुनौती होगी, जहां उसे निचले स्तर की महिला फुटबॉल टीम को प्रशिक्षित करना होगा। मजेदार घटनाक्रमों और जीवन से जुड़ी सीख के साथ यह शो मनोरंजन की पूरी खुराक देने वाला है।

    रिश्तों की उलझन और भावनात्मक ताने-बाने पर आधारित एक लोकप्रिय ड्रामा शो का नया सीजन भी इस हफ्ते डिजिटल दर्शकों के बीच आ रहा है। दस किस्तों में पेश की जाने वाली यह कहानी युवाओं के बीच खासी लोकप्रिय रही है और इसके नए भाग से भी काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं। इसके अलावा, इतिहास और पराक्रम में रुचि रखने वालों के लिए 1999 के कारगिल युद्ध की वास्तविक घटना पर आधारित एक बहुप्रतीक्षित फिल्म मुख्य आकर्षण रहेगी। भारतीय वायु सेना के साहसिक मिशन को दर्शाती यह कहानी देशभक्ति का जज्बा जगाने का काम करेगी।

    मध्य प्रदेश सहित देशभर के सिनेमा प्रेमी जो घर बैठे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सामग्री देखना पसंद करते हैं, उनके लिए यह सप्ताह बेहद व्यस्त रहने वाला है। भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पृष्ठभूमि पर बनी एक भावुक प्रेम कहानी, जिसने पहले सिनेमाघरों में सफलता हासिल की थी, अब डिजिटल दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। साथ ही जासूसी और एक्शन शोज के शौकीनों के लिए एक प्रसिद्ध हॉलीवुड सीरीज का तीसरा भाग भी इसी हफ्ते स्ट्रीम होने जा रहा है।

  • 3 से 9 अगस्त के बीच केवल दो दिन बंद रहेंगे बैंक, शाखा जाने से पहले छुट्टियों की सूची जरूर देखें

    3 से 9 अगस्त के बीच केवल दो दिन बंद रहेंगे बैंक, शाखा जाने से पहले छुट्टियों की सूची जरूर देखें

    नई दिल्ली । अगस्त के पहले पूर्ण सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं का उपयोग करने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बैंक अवकाश की जानकारी पहले से जानना महत्वपूर्ण है। 3 अगस्त से 9 अगस्त 2026 के बीच अधिकांश राज्यों में बैंक सामान्य कार्य दिवसों पर खुले रहेंगे, जबकि सप्ताहांत में निर्धारित अवकाश के कारण दो दिन शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। ऐसे में जिन लोगों को बैंक शाखा में जाकर जरूरी कार्य पूरे करने हैं, उन्हें पहले से अपनी योजना बना लेनी चाहिए ताकि किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    भारतीय रिजर्व बैंक प्रत्येक महीने विभिन्न राज्यों के लिए बैंक अवकाश का कैलेंडर जारी करता है। इस सूची में राष्ट्रीय अवकाश, क्षेत्रीय त्योहारों से जुड़े अवकाश और साप्ताहिक छुट्टियां शामिल रहती हैं। चूंकि अलग-अलग राज्यों में स्थानीय पर्व और विशेष अवसर अलग हो सकते हैं, इसलिए कुछ स्थानों पर अतिरिक्त अवकाश भी घोषित किए जा सकते हैं। हालांकि 3 अगस्त से 9 अगस्त के बीच सामान्य परिस्थितियों में अधिकांश राज्यों में बैंक सोमवार से शुक्रवार तक नियमित रूप से संचालित होंगे।

    इस सप्ताह के दौरान 3 अगस्त सोमवार, 4 अगस्त मंगलवार, 5 अगस्त बुधवार, 6 अगस्त गुरुवार और 7 अगस्त शुक्रवार को बैंक शाखाएं सामान्य समय के अनुसार खुली रहेंगी। इन दिनों ग्राहक नकद जमा, निकासी, चेक जमा, डिमांड ड्राफ्ट, पासबुक अपडेट, ऋण संबंधी कार्य, खाता खुलवाने तथा अन्य बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। यदि किसी राज्य में स्थानीय अवकाश घोषित नहीं है तो इन दिनों सभी नियमित बैंकिंग गतिविधियां जारी रहेंगी।

    सप्ताह के अंत में 8 अगस्त को महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके अगले दिन 9 अगस्त रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा, जिसके चलते बैंक शाखाओं में कोई नियमित कार्य नहीं होगा। इस प्रकार 3 अगस्त से 9 अगस्त के बीच सामान्य रूप से बैंक केवल दो दिन बंद रहेंगे। हालांकि कुछ राज्यों में स्थानीय त्योहार या विशेष सरकारी अवकाश घोषित होने पर संबंधित क्षेत्रों में अतिरिक्त छुट्टी लागू हो सकती है।

    बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को आवश्यक डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलता रहेगा। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई भुगतान, एटीएम से नकद निकासी, आईएमपीएस, एनईएफटी तथा अन्य ऑनलाइन लेनदेन सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। इससे ग्राहक बिना बैंक शाखा पहुंचे भी अधिकांश वित्तीय कार्य आसानी से कर सकेंगे। हालांकि चेक क्लियरेंस, शाखा में नकद जमा, केवाईसी अपडेट, दस्तावेज सत्यापन तथा कुछ विशेष बैंकिंग प्रक्रियाएं केवल कार्य दिवसों में ही पूरी की जा सकेंगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जिन ग्राहकों को बड़े वित्तीय लेनदेन, ऋण संबंधी दस्तावेज जमा करने, चेक क्लियर कराने या अन्य महत्वपूर्ण शाखा आधारित कार्य करने हैं, उन्हें अवकाश से पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए। इससे छुट्टियों के दौरान किसी प्रकार की देरी या असुविधा से बचा जा सकता है। साथ ही बैंक जाने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक अवकाश सूची की जांच करना भी उपयोगी रहेगा, क्योंकि विभिन्न राज्यों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अवकाश अलग-अलग हो सकते हैं। समय रहते योजना बनाकर ग्राहक अपनी बैंकिंग जरूरतों को बिना किसी परेशानी के पूरा कर सकते हैं।

  • 17 जुलाई को विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने जा रही हैं आठ नई फिल्में और वेब सीरीज

    17 जुलाई को विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होने जा रही हैं आठ नई फिल्में और वेब सीरीज


    नई दिल्ली ।
    भारतीय दर्शकों के लिए डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में इस सप्ताहांत एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है, जहां प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स एक साथ कई बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट्स को दर्शकों के सामने पेश करने के लिए तैयार हैं। आगामी 17 जुलाई को नेटफ्लिक्स, जियोहॉटस्टार और जी5 जैसे बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर आठ नई फिल्में और वेब सीरीज दस्तक देने जा रही हैं। सप्ताहांत के अवकाश को देखते हुए तैयार की गई इस सूची में हर आयु वर्ग और रुचि के दर्शकों की पसंद का विशेष ध्यान रखा गया है। युवाओं की पसंदीदा कॉलेज लाइफ की रोमांटिक कहानियों से लेकर दक्षिण भारतीय सिनेमा की धांसू एक्शन से भरपूर फिल्मों और रोंगटे खड़े कर देने वाले सस्पेंस थ्रिलर तक, इस बार डिजिटल जगत में मनोरंजन का एक बेहद व्यापक कैनवास तैयार किया गया है।

    युवा दर्शकों के बीच लंबे समय से बेहद लोकप्रिय रही एक चर्चित रोमांटिक वेब सीरीज का बहुप्रतीक्षित आखिरी पार्ट इस शुक्रवार को नेटफ्लिक्स पर प्रसारित होने जा रहा है। हार्टस्टॉपर फॉरएवर नाम की इस सीरीज में कॉलेज जाने की दहलीज पर खड़े दो मुख्य किरदारों, निक और चार्ली की आगे की जिंदगी के संघर्ष को खूबसूरती से बुना गया है। यह कहानी दिखाती है कि कैसे ये दोनों किरदार दूर रहकर भी अपने भावनात्मक रिश्ते को निभाते हैं और जीवन के नए बदलावों को स्वीकार करते हैं। इसके समानांतर, वास्तविक और मार्मिक घटनाओं में रुचि रखने वाले वैश्विक सिनेमा के प्रेमियों के लिए एक बेहद गंभीर जर्मन फिल्म 23,000 लाइव्स भी इसी प्लेटफॉर्म पर आ रही है। यह फिल्म पूरी तरह से एक सच्ची घटना पर आधारित है, जो समुद्र के बीचों-बीच डूबते हुए हजारों बेसहारा शरणार्थियों की जान बचाने वाले जांबाज लोगों की मानवीय गाथा को बयां करती है।

    एक्शन और रहस्यमयी कहानियों के शौकीन दर्शकों के लिए जियोहॉटस्टार इस हफ्ते एक बहुत बड़ी क्षेत्रीय फिल्म का हिंदी प्रारूप लेकर आ रहा है। मां इंति बंगाराम नाम की इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में दक्षिण भारतीय सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्री सामंथा ने एक ऐसी खतरनाक पूर्व शूटर का मुख्य किरदार निभाया है, जो अपना पुराना पेशा छोड़ चुकी है, लेकिन अपने परिवार पर आए अचानक संकट के बाद उसे दोबारा बंदूक उठाने के लिए मजबूर होना पड़ता है। दुनिया भर के सिनेमाघरों में सौ करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली यह फिल्म अब घरेलू दर्शकों के लिए मोबाइल और टीवी स्क्रीन पर उपलब्ध होगी। इसी क्रम में, जी5 प्लेटफॉर्म पर भी क्षेत्रीय सिनेमा की एक और बड़ी तेलुगू फिल्म ट्रांसफर त्रिमुर्तुलु रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म एक ऐसे कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कॉन्स्टेबल के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक मामले की तफ्तीश करते हुए अनजाने में राज्य के एक बहुत बड़े राजनीतिक घोटाले और साजिश का शिकार बन जाता है, जिसमें भरपूर कानूनी और अदालती ड्रामा शामिल है।

    नेटफ्लिक्स पर भावनात्मक कहानियों और उपन्यासों पर आधारित सिनेमा पसंद करने वाले दर्शकों के लिए द मैप ऑफ लॉन्गिंग नामक एक नई वेब सीरीज भी पेश की जा रही है। एक बेहद लोकप्रिय किताब पर आधारित यह कहानी ग्रेटा नाम की एक ऐसी युवती के मानसिक द्वंद्व को दिखाती है, जो अपनी बहन की असमय मृत्यु के बाद पूरी तरह से अवसाद में चली जाती है और फिर किस तरह वह इस गहरे व्यक्तिगत दुख से बाहर निकलकर अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देती है। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय शोज़ और विशेष रूप से कोरियन ड्रामा के प्रेमियों के लिए भी इस वीकेंड एक विशेष फैंटेसी सीरीज द ईस्ट पैलेस नेटफ्लिक्स पर आ रही है। यह अलौकिक शक्तियों और भूत-प्रेत की पृष्ठभूमि पर बनी एक राजा की कहानी है, जिसके पूरे शाही घराने पर एक प्राचीन श्राप का साया है, जिसे दूर करने के लिए वह एक रहस्यमयी शिकारी और मृत आत्माओं से बात करने वाली लड़की की सहायता लेता है।

    राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर आधारित थ्रिलर फिल्मों के शौकीनों के लिए जी5 पर दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता दर्शन थूगुदीपा की मुख्य भूमिका वाली फिल्म द डेविल रिलीज होने के लिए तैयार है। यह एक सीधे-साधे और आम नागरिक कृष्णा की कहानी है, जिसे एक ताकतवर राजनेता के गायब हुए बेटे की जगह झूठा वारिस बनकर रहने का सौदा किया जाता है, जिसके बाद वह सत्ता के गलियारों में होने वाले गंदे और जानलेवा खेल में पूरी तरह फंस जाता है। इसके अतिरिक्त, सस्पेंस और व्यक्तिगत रिश्तों में धोखे की थीम पर आधारित एक मैक्सिकन थ्रिलर फिल्म डिजायर भी इसी दिन नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध कराई जा रही है। यह कहानी लुसेरो नाम की एक बेहद सफल और नामचीन महिला वकील की है, जिसकी व्यवस्थित जिंदगी एक गुप्त प्रेम प्रसंग के कारण पूरी तरह से तबाह हो जाती है। गलत फैसलों और विश्वासघात के ताने-बाने से बुनी गई यह थ्रिलर फिल्म सप्ताहांत पर दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करती है।

  • जनगणना 2027: आज से शुरू होगा पहला चरण….पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल

    जनगणना 2027: आज से शुरू होगा पहला चरण….पहली बार पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल


    नई दिल्ली।
    भारत (India) की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना (Census-2027) का पहला चरण (First Phase) आज यानी एक अप्रैल 2027 से शुरू हो रहा है। यह दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा जनगणना अभियान होगा, जो पहली बार पूरी तरह से डिजिटल माध्यमों (Digital-Process) से संचालित किया जाएगा। इस बार नागरिकों के लिए ‘सेल्फ-एन्यूमरेशन’ (Self-Enumeration) यानी स्व-गणना भरने का विकल्प भी उपलब्ध होगा। नागरिक डिजिटल माध्यम से खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।

    दो चरणों में होगी जनगणना
    पहले चरण में भवन सूचीकरण और आवास जनगणना: यह चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक छह महीने की अवधि में संपन्न होगा। इसमें घरों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और घरेलू संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। भवन सूचीकरण कार्य के 30 दिनों की अवधि से ठीक पहले 15 दिनों के लिए स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध होगा।

    दूसरे चरण में जनसंख्या गणना: यह चरण फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवासन, प्रजनन क्षमता आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। इस चरण में जातियों की गणना भी की जाएगी, जैसा कि सीसीपीए द्वारा निर्णय लिया गया है। जनसंख्या गणना की सटीक तारीखें और इस चरण में शामिल किए जाने वाले प्रश्न जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे।


    जनगणना में डिजिटल क्रांति

    जनगणना 2027 के लिए केंद्र सरकार ने 11,718.24 करोड़ रुपये के परिव्यय को मंजूरी दी है। इस बार जनगणना के लिए कागजी फॉर्मों का उपयोग नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, गणनाकर्ता स्मार्ट फोन पर मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे डेटा एकत्र और जमा करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों चरणों में सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए एक ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप और स्व-गणना पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे।


    विभिन्न राज्यों के लिए अनुसूची

    देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भवन सूचीकरण और आवास जनगणना की अलग-अलग तारीखें तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम में 16 अप्रैल से 15 मई तक भवन सूचीकरण और आवास जनगणना होगी, जिसमें एक अप्रैल से 15 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की अवधि शामिल होगी। वहीं, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में 1 मई से 30 मई तक भवन सूचीकरण जनगणना शुरू होगी, जिसमें 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सेल्फ-एन्यूमरेशन की अवधि होगी।


    इन राज्यों में अलग है संदर्भ तिथि

    जनगणना 2027 के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 की आधी रात 00:00 बजे है। हालांकि, जम्मू और कश्मीर के बर्फीले गैर-सिंक्रोनस क्षेत्रों और उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश राज्यों के लिए यह संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 की आधी रात 00:00 बजे होगी। इस डिजिटल जनगणना से डेटा संग्रह की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और कुशल होने की उम्मीद है, जो भविष्य की नीतियों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेगी।