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  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, कथित सीक्रेट शादी और व्हाट्सऐप चैट की जांच तेज; पुलिस अदालत में पेश करेगी डिजिटल साक्ष्य

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया मोड़, कथित सीक्रेट शादी और व्हाट्सऐप चैट की जांच तेज; पुलिस अदालत में पेश करेगी डिजिटल साक्ष्य


    नई दिल्ली ।
    पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया पहलू सामने आया है। जांच एजेंसियां अब इस दावे की भी पड़ताल कर रही हैं कि मामले के दो प्रमुख आरोपियों ने कथित रूप से कुछ महीने पहले गुप्त रूप से विवाह किया था। पुलिस को मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामग्री मिली है, जिसके आधार पर इस दावे की सत्यता की जांच की जा रही है। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच अभी जारी है।

    जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन से प्राप्त व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर मिले इन डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गुप्त विवाह हुआ था या नहीं तथा यदि हुआ था तो उसका इस हत्या के मामले से कोई संबंध था या नहीं। जांच अधिकारी सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने की बात कह रहे हैं।

    पुलिस ने इस मामले में कुछ ऐसे लोगों से भी पूछताछ शुरू की है जो कथित तौर पर आरोपियों के परिचित रहे हैं। जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि कथित विवाह से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी आधिकारिक दस्तावेज या अन्य रिकॉर्ड से इन दावों की पुष्टि होती है। अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई अंतिम बयान जारी नहीं किया है।

    जांच एजेंसियां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाई गई तस्वीरों और डिजिटल डेटा को भी पुनः प्राप्त करने का प्रयास कर रही हैं। तकनीकी विशेषज्ञ विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और ऑनलाइन खातों से संभावित साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त बैंक लेनदेन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

    पुलिस के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि हत्या के पीछे संभावित कारण क्या थे और क्या विभिन्न डिजिटल साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसी क्रम में इलेक्ट्रॉनिक चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही इन साक्ष्यों की कानूनी प्रासंगिकता स्पष्ट होगी।

    इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी पर रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप है। आरोप है कि 18 जून को पुणे के लोहागढ़ क्षेत्र में केतन अग्रवाल की हत्या की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस इस प्रकरण में लगातार नए साक्ष्य एकत्र कर रही है और जांच को विभिन्न पहलुओं से आगे बढ़ा रही है।

    जांच के दौरान एक सोशल मीडिया चैट भी पुलिस के संज्ञान में आई है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी डिजिटल सामग्री को अंतिम साक्ष्य मानने से पहले उसकी फोरेंसिक जांच और कानूनी सत्यापन आवश्यक है। इसलिए जांच एजेंसियां प्रत्येक डिजिटल दस्तावेज और संदेश की प्रामाणिकता की पुष्टि करने में जुटी हैं।

    पुलिस ने संकेत दिया है कि मामले से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों को आगामी सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जांच अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी संभावित उद्देश्य, संबंध और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि जांच पूरी होने और न्यायालय में साक्ष्यों की जांच होने तक किसी भी दावे को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

    फिलहाल यह मामला जांच के महत्वपूर्ण चरण में है और पुलिस डिजिटल, दस्तावेजी तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी घटना की क्रमबद्ध तस्वीर तैयार करने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के लिए सभी तथ्यों का वैज्ञानिक और कानूनी परीक्षण किया जा रहा है तथा अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप ही सामने आएगा।

  • नाबालिग की तस्वीर से रची गई गंदी साजिश, अश्लील कंटेंट वायरल करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

    नाबालिग की तस्वीर से रची गई गंदी साजिश, अश्लील कंटेंट वायरल करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार


    उज्जैन । उज्जैन में एक नाबालिग लड़की की तस्वीर का दुरुपयोग कर उसे बदनाम करने की साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग की छवि धूमिल करने और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंवासा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि एक आरोपी अब भी फरार है जिसकी तलाश जारी है।

    जानकारी के अनुसार 21 जून को पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी नाबालिग बेटी की तस्वीर का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित की जा रही है। वायरल किए गए फोटो और वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों का परिवार से कोई संबंध नहीं था लेकिन नाबालिग की तस्वीर जोड़कर उसे बदनाम करने का प्रयास किया गया।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। जांच में सामने आया कि मतदाता संबंधी सरकारी दस्तावेज में लगी नाबालिग की पासपोर्ट साइज फोटो बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी द्वारा व्हाट्सएप के माध्यम से एहसान पटेल को भेजी गई थी। इसके बाद यह फोटो कई लोगों के बीच साझा होती रही और अंततः गलत हाथों में पहुंचकर उसका दुरुपयोग किया गया।

    पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने आपस में तस्वीर साझा की और बाद में फोटो एडिटिंग के जरिए नाबालिग की तस्वीर को किसी अन्य युवती की तस्वीर के साथ जोड़कर आपत्तिजनक सामग्री तैयार की गई। इसके बाद उस सामग्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कर दिया गया जिससे पीड़िता और उसके परिवार को मानसिक और सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचा।

    जांच के दौरान पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन मोबाइल उपकरणों की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि सामग्री किन-किन प्लेटफॉर्म और लोगों तक पहुंचाई गई थी। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

    कार्रवाई के तहत पुलिस ने आबिद पटेल मुजफ्फर पटेल और एहसान पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं सरकारी दस्तावेज से फोटो साझा करने के मामले में बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले का एक अन्य आरोपी यूसुफ पटेल अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने कहा कि नाबालिग की पहचान और सम्मान की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और जो भी व्यक्ति इस साजिश में शामिल पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता और संवेदनशीलता का ध्यान रखें।