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  • ग्रीस तक पहुंचा भारत का यूपीआई नेटवर्क, पीयूष गोयल बोले- डिजिटल भुगतान के साथ निवेश, व्यापार और साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार

    ग्रीस तक पहुंचा भारत का यूपीआई नेटवर्क, पीयूष गोयल बोले- डिजिटल भुगतान के साथ निवेश, व्यापार और साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार

    नई दिल्ली । भारत के डिजिटल भुगतान तंत्र को वैश्विक स्तर पर लगातार मिल रही स्वीकार्यता के बीच यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की सेवाएं अब ग्रीस में भी शुरू हो गई हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत की डिजिटल नवाचार क्षमता और तकनीक आधारित वित्तीय समाधानों की अंतरराष्ट्रीय पहचान का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि इस पहल से योग्य उपभोक्ताओं को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक डिजिटल भुगतान का विकल्प मिलेगा, वहीं सीमा पार लेनदेन की लागत भी पारंपरिक भुगतान प्रणालियों की तुलना में कम होगी।

    पीयूष गोयल ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों में यूपीआई को मिल रही बढ़ती स्वीकृति इस बात का प्रमाण है कि भारत द्वारा विकसित डिजिटल भुगतान प्रणाली पर वैश्विक भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार तकनीक आधारित समाधान केवल भुगतान को सरल बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग, व्यापारिक संपर्क और साझा विकास के नए अवसर भी तैयार कर रहे हैं।

    ग्रीस यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यूरोबैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फोकियन करावियास से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में ग्रीस की कंपनियों को भारत में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विनिर्माण, बुनियादी ढांचा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने भविष्य में आर्थिक भागीदारी को और व्यापक बनाने की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।

    एथेंस स्थित यूरोबैंक मुख्यालय में मंत्री ने यूरोबैंक और एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की साझेदारी के तहत शुरू हुई यूपीआई सेवा का लाइव प्रदर्शन भी देखा। इस अवसर पर बैंकिंग और डिजिटल भुगतान क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने नई व्यवस्था की कार्यप्रणाली और इसके संभावित लाभों की जानकारी दी। इसे भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क के वैश्विक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

    अपने दौरे के दौरान पीयूष गोयल ने भारत-ग्रीस बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि, स्थिर व्यापक आर्थिक स्थिति और तेजी से विकसित होता औद्योगिक वातावरण विदेशी निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रदान करता है। उन्होंने ग्रीस के उद्योग जगत से भारत में दीर्घकालिक निवेश और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को नई दिशा दे सकता है। उनका मानना है कि यदि इस दिशा में प्रगति होती है तो भारतीय और यूरोपीय उद्योगों के बीच सहयोग का दायरा और अधिक व्यापक होगा तथा दोनों क्षेत्रों की कंपनियों को नए बाजार और निवेश के अवसर प्राप्त होंगे।

    उन्होंने ग्रीस के उद्योगपतियों और निवेशकों से सह-निर्माण, सह-निवेश और संयुक्त औद्योगिक परियोजनाओं में भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया। उनके अनुसार दोनों देशों के बीच तकनीक, विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल नवाचार जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं। इससे रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रीस में यूपीआई सेवा की शुरुआत भारत की डिजिटल वित्तीय प्रणाली के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का संकेत है। इससे अंतरराष्ट्रीय भुगतान व्यवस्था अधिक सरल और किफायती बनने के साथ-साथ भारत और ग्रीस के बीच व्यापारिक संपर्क, निवेश सहयोग तथा आर्थिक संबंधों को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में अन्य देशों में भी यूपीआई के विस्तार से भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की वैश्विक पहुंच और मजबूत हो सकती है।

  • भारत की डिजिटल ताकत का फ्रांस में प्रदर्शन, गैलरीज लाफायेट में यूपीआई सेवा शुरू; पीयूष गोयल बोले- वैश्विक पहुंच का बड़ा पड़ाव

    भारत की डिजिटल ताकत का फ्रांस में प्रदर्शन, गैलरीज लाफायेट में यूपीआई सेवा शुरू; पीयूष गोयल बोले- वैश्विक पहुंच का बड़ा पड़ाव


    नई दिल्ली ।
    भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति को और मजबूत करते हुए फ्रांस के प्रमुख रिटेल केंद्रों में प्रवेश कर लिया है। फ्रांस के नीस मैसेना स्थित प्रतिष्ठित गैलरीज लाफायेट में यूपीआई सेवा की शुरुआत के साथ भारतीय डिजिटल भुगतान नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक नई पहचान मिली है। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने इसे भारत की डिजिटल क्षमताओं और तकनीकी नवाचार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

    यूपीआई सेवा शुरू होने के बाद अब भारतीय पर्यटक और ग्राहक फ्रांस के इस प्रसिद्ध रिटेल स्टोर में सीधे यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। इससे न केवल भुगतान प्रक्रिया अधिक आसान और सुरक्षित होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय डिजिटल इकोसिस्टम की स्वीकार्यता भी बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल सीमापार डिजिटल लेनदेन को सरल बनाने और वैश्विक भुगतान प्रणाली में भारत की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    पीयूष गोयल ने इस अवसर पर कहा कि फ्रांस के प्रमुख रिटेल गंतव्यों में से एक गैलरीज लाफायेट में यूपीआई का लॉन्च होना भारत की तकनीकी प्रगति और विश्वस्तरीय डिजिटल भुगतान समाधान की क्षमता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि यूपीआई के वैश्विक विस्तार की यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगी और इससे भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

    इस पहल को सफल बनाने में डिजिटल भुगतान क्षेत्र की कंपनियों और तकनीकी साझेदारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सरकार का मानना है कि इस प्रकार की साझेदारियां वैश्विक स्तर पर सहज, सुरक्षित और इंटरऑपरेबल भुगतान व्यवस्था विकसित करने में मदद करेंगी। साथ ही इससे विदेशी बाजारों में भारतीय फिनटेक समाधानों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।

    भारत और फ्रांस के बीच बढ़ते आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग के संदर्भ में भी इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक, औद्योगिक, तकनीकी और नवाचार आधारित सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यूपीआई का विस्तार इसी मजबूत होते संबंध का एक नया उदाहरण माना जा रहा है।

    फ्रांस दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों, निवेशकों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के साथ भी संवाद किया। इस दौरान उन्होंने भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों, डिजिटल परिवर्तन और नवाचार आधारित विकास मॉडल पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने फ्रांसीसी उद्योग जगत से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया।

    यात्रा के दौरान मंत्री ने यूरोप के प्रमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र Sophia Antipolis का भी दौरा किया। यह केंद्र शोध, तकनीक और उद्योग के समन्वय का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है, जहां हजारों तकनीकी कंपनियां अत्याधुनिक क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार केंद्र भविष्य की अर्थव्यवस्था को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यूपीआई का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली को वैश्विक मान्यता दिलाने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और सीमा-पार वित्तीय लेनदेन को भी नई गति देगा। आने वाले वर्षों में अन्य देशों और प्रमुख वैश्विक बाजारों में भी यूपीआई की पहुंच बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

  • भीम ऐप में नया बायोमेट्रिक फीचर 5,000 तक के UPI पेमेंट अब फिंगरप्रिंट से

    भीम ऐप में नया बायोमेट्रिक फीचर 5,000 तक के UPI पेमेंट अब फिंगरप्रिंट से


    नई दिल्ली: 
    भीम ऐप में एक नया और अहम फीचर जोड़ा गया है, जिससे डिजिटल पेमेंट और भी आसान और तेज हो जाएगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की सहायक कंपनी एनबीएसएल ने यह बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन फीचर लॉन्च किया है

    इस फीचर के जरिए अब यूजर्स 5,000 रुपए तक के ट्रांजैक्शन को अपने फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन से कन्फर्म कर सकेंगे। इसका मतलब है कि छोटे पेमेंट के लिए हर बार UPI PIN डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी

    इस बदलाव से पेमेंट प्रक्रिया न सिर्फ तेज होगी बल्कि यूजर एक्सपीरियंस भी बेहतर होगा। अक्सर लोग पिन भूल जाते हैं या गलत पिन डाल देते हैं, जिससे ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। नया फीचर इस समस्या को काफी हद तक कम कर देगा

    बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करके यूजर्स अपने दोस्तों और परिवार को पैसे भेज सकते हैं, दुकानों पर क्यूआर कोड स्कैन कर सकते हैं और ऑनलाइन पेमेंट भी आसानी से कर सकते हैं

    कंपनी के अनुसार, यह फीचर सुरक्षा के लिहाज से भी बेहतर है क्योंकि फिंगरप्रिंट और फेस डेटा सीधे यूजर के डिवाइस में सुरक्षित रहता है। इससे पिन शेयर होने या उसके गलत इस्तेमाल का खतरा कम हो जाता है

    हालांकि, 5,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए अभी भी UPI PIN की जरूरत होगी, जिससे बड़े पेमेंट के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बनी रहेगी

    फिलहाल यह सुविधा उन स्मार्टफोन्स पर उपलब्ध है जिनमें बायोमेट्रिक सपोर्ट यानी फिंगरप्रिंट या फेस रिकग्निशन की सुविधा मौजूद है, चाहे वह एंड्रॉइड हो या iOS डिवाइस

  • यूपीआई लेनदेन में बूम: फरवरी में 27% वृद्धि, 26 लाख करोड़ से अधिक का डिजिटल ट्रांजेक्शन

    यूपीआई लेनदेन में बूम: फरवरी में 27% वृद्धि, 26 लाख करोड़ से अधिक का डिजिटल ट्रांजेक्शन


    नई दिल्ली: फरवरी 2026 में यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई ट्रांजेक्शन में जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के अनुसार, यूपीआई ट्रांजेक्शन की संख्या सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 20.39 अरब हो गई है। इसी दौरान यूपीआई ट्रांजेक्शन की कुल वैल्यू भी 22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 26.84 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गई है।

    इस अवधि में प्रतिदिन औसतन 728 मिलियन लेनदेन हुए, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 700 मिलियन था। फरवरी का औसत दैनिक लेनदेन 95,865 करोड़ रुपए रहा, जो जनवरी के 91,403 करोड़ रुपए की तुलना में अधिक है। जनवरी में यूपीआई के लेनदेन की संख्या सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़ी थी और कुल वैल्यू 28.33 लाख करोड़ रुपए तक पहुंची थी।

    वहीं, यूपीआई की तुलना में आईएमपीएस लेनदेन का मासिक वॉल्यूम फरवरी में 336 मिलियन रहा, जिसमें सालाना 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल लेनदेन वैल्यू 6.42 लाख करोड़ रुपए रही। प्रतिदिन औसतन 12 मिलियन लेनदेन दर्ज किए गए। फास्टैग का मासिक लेनदेन 350 मिलियन रहा और इसका कुल मूल्य 6,925 करोड़ रुपए था, जो पिछले साल की तुलना में 5 प्रतिशत अधिक है।

    यूपीआई का विस्तार केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है। यह अब संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में सक्रिय है। इस वैश्विक विस्तार के कारण भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है। यूपीआई की अंतरराष्ट्रीय पहुँच से रेमिटेंस बढ़ रही है, वित्तीय समावेशन मजबूत हो रहा है और भारत की फिनटेक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

    हाल ही में भारत और इजरायल ने यूपीआई के सीमा-पार उपयोग को सक्षम करने की घोषणा की, जिससे दोनों देशों की डिजिटल और वित्तीय साझेदारी और गहरी होगी। इस प्रक्रिया के तहत यूपीआई इजरायल के घरेलू भुगतान नेटवर्क से जुड़कर तेज और किफायती डिजिटल लेनदेन सुनिश्चित करेगा।

    भारत के वित्त मंत्रालय के स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार, यूपीआई देश में भुगतान का सबसे पसंदीदा माध्यम बन चुका है। कुल डिजिटल भुगतान में यूपीआई का हिस्सा 57 प्रतिशत है, जबकि नकद लेनदेन 38 प्रतिशत पर सीमित है। इसकी सफलता का मुख्य कारण इसकी उपयोग में सरलता और इंस्टेंट मनी ट्रांसफर की क्षमता है। यूपीआई के बढ़ते ट्रांजेक्शन और अंतरराष्ट्रीय विस्तार ने यह साबित कर दिया है कि भारत डिजिटल भुगतान में न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से अग्रसर है।