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  • निफ्टी में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, एफआईआई ने 1,602 करोड़ रुपये निकाले, डीआईआई की खरीदारी ने बाजार को संभाला

    निफ्टी में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, एफआईआई ने 1,602 करोड़ रुपये निकाले, डीआईआई की खरीदारी ने बाजार को संभाला

    नई दिल्ली ।भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे सप्ताह दबाव देखने को मिला। ऊंची कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिका ईरान तनाव के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। इस दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने भारतीय बाजार से 1,602 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी डीआईआई ने मजबूत खरीदारी जारी रखते हुए बाजार को सहारा दिया।

    सप्ताह के दौरान एफआईआई का निवेश व्यवहार उतार चढ़ाव वाला रहा। कारोबारी सप्ताह की शुरुआत में विदेशी निवेशकों ने बिकवाली की। इसके बाद लगातार दो कारोबारी सत्रों में उन्होंने खरीदारी की, लेकिन सप्ताह के अंतिम दो सत्रों में फिर से बिकवाली का रुख अपनाया। इससे बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह को लेकर सतर्कता बढ़ी है।

    20 जुलाई से 21 अगस्त के बीच एफआईआई की गतिविधियों पर नजर डालें तो शुरुआती सप्ताह में वे शुद्ध विक्रेता रहे। इसके बाद लगातार तीन सप्ताह तक उन्होंने खरीदारी की। हालांकि मौजूदा सप्ताह में उनका रुख फिर बदल गया और उन्होंने शुद्ध निकासी की। इसके बावजूद पिछले एक महीने की कुल अवधि में एफआईआई अभी भी 1,282 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे हैं।

    दूसरी ओर घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में लगातार मजबूती दिखाई। पिछले एक महीने के दौरान डीआईआई ने प्रत्येक सप्ताह शुद्ध खरीदारी की। इस अवधि में उनका कुल निवेश 48,390 करोड़ रुपये रहा। केवल मौजूदा सप्ताह में ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 17,320 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे विदेशी बिकवाली के दबाव को काफी हद तक संतुलित करने में मदद मिली।

    अगस्त महीने के अब तक के आंकड़ों से भी घरेलू निवेशकों की मजबूत भूमिका सामने आती है। इस अवधि में एफआईआई ने कुल 2,510 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जबकि डीआईआई का निवेश 34,370 करोड़ रुपये रहा है। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू संस्थागत पूंजी बाजार की स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    प्रमुख सूचकांकों की बात करें तो निफ्टी ने सप्ताह की शुरुआत कमजोरी के साथ की। मध्य सप्ताह में सूचकांक 24,026 के स्तर तक फिसल गया। हालांकि सप्ताह के अंतिम दो कारोबारी सत्रों में इसमें सुधार देखने को मिला और निफ्टी अपने निचले स्तर से ऊपर आया। इसके बावजूद सप्ताह के अंत में यह 24,252 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले सप्ताह के मुकाबले करीब 0.5 प्रतिशत की गिरावट है।

    व्यापक बाजार में तस्वीर अपेक्षाकृत बेहतर रही। निफ्टी मिडकैप 100 लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने नया सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया और सप्ताह के दौरान एक प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों की दिलचस्पी छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों में बनी हुई है।

    बाजार के लिए आगे कच्चे तेल की कीमतें और अमेरिका ईरान के बीच भू राजनीतिक घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेंगे। कच्चे तेल की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बने रहने से भारतीय बाजार पर दबाव की आशंका है। आने वाले दिनों में एफआईआई की दिशा भी बाजार की चाल तय करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल रहेगी। वहीं डीआईआई की मजबूत खरीदारी बाजार को समर्थन देती रह सकती है।

  • Meesho पर संस्थागत निवेशकों का बढ़ा भरोसा, लगातार दो तिमाहियों से FII-DII ने बढ़ाई हिस्सेदारी, मजबूत संकेतों पर बाजार की नजर

    Meesho पर संस्थागत निवेशकों का बढ़ा भरोसा, लगातार दो तिमाहियों से FII-DII ने बढ़ाई हिस्सेदारी, मजबूत संकेतों पर बाजार की नजर

    नई दिल्ली । ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Meesho लिमिटेड में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। कंपनी के ताजा शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार पिछले दो तिमाहियों के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) दोनों ने अपनी हिस्सेदारी में बढ़ोतरी की है। बाजार विशेषज्ञ इसे कंपनी के बेहतर परिचालन प्रदर्शन, मजबूत वित्तीय संकेतकों और भविष्य की विकास संभावनाओं के प्रति बढ़ते विश्वास का संकेत मान रहे हैं।

    जून 2026 तिमाही के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़कर 5.2 प्रतिशत हो गई है। इससे पहले मार्च 2026 में यह 4.2 प्रतिशत थी। लगातार दूसरी तिमाही में विदेशी निवेशकों द्वारा हिस्सेदारी बढ़ाना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि कंपनी की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। शेयर बाजार में FII की लगातार खरीदारी को अक्सर सकारात्मक निवेश संकेत माना जाता है।

    घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी कंपनी में अपना निवेश उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है। दिसंबर 2025 में DII की हिस्सेदारी 5.3 प्रतिशत थी, जो मार्च 2026 में बढ़कर 5.6 प्रतिशत हुई और जून 2026 में तेज उछाल के साथ 9.1 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और अन्य घरेलू संस्थानों ने Meesho में निवेश बढ़ाने का फैसला किया है। इससे कंपनी के प्रति घरेलू निवेशकों का बढ़ता विश्वास भी स्पष्ट होता है।

    संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ने के साथ कंपनी की प्रमोटर और सार्वजनिक हिस्सेदारी में मामूली कमी दर्ज की गई है। प्रमोटर हिस्सेदारी 16.6 प्रतिशत से घटकर 16.4 प्रतिशत रह गई, जबकि सार्वजनिक हिस्सेदारी 73.7 प्रतिशत से घटकर 69.3 प्रतिशत पर आ गई। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी के शेयरों का बड़ा हिस्सा अब संस्थागत निवेशकों के पास जा रहा है, जिसे बाजार स्थिर निवेश का सकारात्मक संकेत मानता है।

    कंपनी के परिचालन प्रदर्शन में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में योगदान मार्जिन 170 बेसिस प्वाइंट बढ़कर 4 प्रतिशत तक पहुंच गया। कंपनी का कहना है कि लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी लागत में कमी, प्रीपेड ऑर्डर बढ़ने तथा डिलीवरी विफल होने की घटनाओं में कमी आने से परिचालन खर्च नियंत्रित हुआ है। इससे कंपनी की लाभप्रदता में सुधार हुआ है और भविष्य में बेहतर नकदी प्रवाह की संभावना भी मजबूत हुई है।

    Meesho का विज्ञापन कारोबार भी तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी के विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय विक्रेताओं की संख्या में पिछले एक वर्ष के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही विज्ञापन पर खर्च करने वाले कारोबारियों की संख्या और बजट दोनों में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा कंपनी द्वारा AI आधारित वॉयस शॉपिंग असिस्टेंट का उपयोग ग्रामीण और नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने में किया जा रहा है, जिससे ग्राहक अधिग्रहण लागत कम होने और कारोबार के विस्तार में मदद मिल रही है।

    बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत परिचालन प्रदर्शन, लागत नियंत्रण, विज्ञापन कारोबार का विस्तार और तकनीक आधारित रणनीति Meesho की दीर्घकालिक विकास क्षमता को मजबूत बना रहे हैं। यही कारण है कि संस्थागत निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी के वित्तीय नतीजों और कारोबार की प्रगति पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

  • सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद, निफ्टी 25,725 पर; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी

    सेंसेक्स 173 अंक चढ़कर 83,450 पर बंद, निफ्टी 25,725 पर; बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी


    मुंबई । शेयर बाजार में आज 17 फरवरी को सीमित दायरे में बढ़त देखने को मिली। BSE Sensex 173 अंक चढ़कर 83,450 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 करीब 42 अंक की तेजी के साथ 25,725 पर बंद हुआ। बाजार में बैंकिंग और IT शेयरों में खरीदारी रही, जबकि मेटल और एनर्जी सेक्टर दबाव में रहे।

    आज के कारोबार में Cochin Shipyard Limited के शेयरों में जोरदार तेजी देखी गई। रक्षा मंत्रालय से 5,000 करोड़ रुपए का ऑर्डर मिलने की खबर के बाद यह डिफेंस PSU स्टॉक BSE पर 7.27% तक उछलकर 1,575 रुपए तक पहुंच गया। अंत में इसमें करीब 3.5% की मजबूती दर्ज की गई।एशियाई बाजारों की बात करें तो Nikkei 225 0.42% गिरकर 56,566 पर बंद हुआ। वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स अवकाश के कारण बंद रहे।

    विदेशी निवेशकों की गतिविधि पर नजर डालें तो 16 फरवरी को FIIs ने 972 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि DIIs ने 1,667 करोड़ रुपए की खरीदारी की। फरवरी महीने में अब तक FIIs कुल 2,346 करोड़ रुपए की बिकवाली कर चुके हैं, जबकि DIIs ने 11,443 करोड़ रुपए की खरीद की है। जनवरी 2026 में FIIs ने 41,435 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जबकि DIIs ने 69,220 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे थे। गौरतलब है कि इससे पहले 16 फरवरी को बाजार में जोरदार तेजी रही थी। उस दिन सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 83,277 पर और निफ्टी 212 अंक की बढ़त के साथ 25,683 पर बंद हुआ था।

  • एजुकेशन सेक्टर का चमकता सितारा: SEIL ने 3 साल में पैसा किया लगभग 3 गुना, संस्थागत निवेश में बढ़ोत्तरी से उत्साह

    एजुकेशन सेक्टर का चमकता सितारा: SEIL ने 3 साल में पैसा किया लगभग 3 गुना, संस्थागत निवेश में बढ़ोत्तरी से उत्साह


    नई दिल्ली। शांति एजुकेशनल इनिशिएटिव्स लिमिटेड यानी SEIL तेजी से बढ़ती शिक्षा प्रबंधन कंपनी के रूप में आज चर्चा में है। 2009 में चिरिपाल ग्रुप की ओर से स्थापित यह कंपनी प्ले स्कूल से लेकर हायर एजुकेशन संस्थानों तक स्कूल मैनेजमेंट और लर्निंग सॉल्यूशंस प्रदान करती है। टेक्नोलॉजी आधारित इंग्लिश मीडियम करिकुलम, टीचर ट्रेनिंग और बेहतर लर्निंग आउटकम के जरिए SEIL देशभर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर फोकस कर रही है।

    हाल ही में कंपनी ने Q3FY26 के तिमाही नतीजे जारी किए हैं। इस दौरान SEIL ने 5.83 करोड़ रुपये की नेट सेल्स दर्ज की, हालांकि 0.61 करोड़ रुपये का घाटा रहा। वहीं, 9 महीनों में कुल 32.41 करोड़ रुपये की बिक्री और 4.91 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। पिछले वर्ष FY25 में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 220 प्रतिशत की उछाल के साथ 58.99 करोड़ रुपये की नेट सेल्स और मुनाफे में 93 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 7.06 करोड़ रुपये हासिल किए थे।

    भले ही तिमाही में घाटा दिखा हो, लेकिन विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा SEIL पर कायम है। दिसंबर 2025 में FII और DII ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। सितंबर 2025 में FII की हिस्सेदारी 21.9 प्रतिशत थी, जो दिसंबर में बढ़कर 22.5 प्रतिशत हो गई। वहीं DII ने भी अपनी हिस्सेदारी को 0.2 प्रतिशत बढ़ाया। निवेशकों का यह भरोसा कंपनी की दीर्घकालीन संभावनाओं को दर्शाता है।

    SEIL का मार्केट कैप 2,842 करोड़ रुपये है और वर्तमान शेयर कीमत 172.70 रुपये है। हाल के प्रदर्शन को देखें तो पिछले एक हफ्ते में इसका शेयर 17 प्रतिशत उछला है और सालभर में 53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। तीन साल में 185 प्रतिशत और पांच साल में यह कंपनी निवेशकों को 1187 प्रतिशत का मल्टीबैगर रिटर्न दे चुकी है। इसने शिक्षा क्षेत्र में अपनी मजबूती और निवेशकों का भरोसा साबित किया है।

    कंपनी की ताकत इसकी व्यापक शिक्षा सेवा और टेक्नोलॉजी आधारित समाधान में निहित है। प्ले स्कूल से लेकर बिजनेस मैनेजमेंट स्कूल तक स्कूल मैनेजमेंट सॉल्यूशंस देने वाली SEIL ने शिक्षा के हर स्तर पर गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता दी है। शिक्षकों के प्रशिक्षण और बेहतर लर्निंग आउटपुट पर ध्यान देने से यह कंपनी न केवल छात्रों के लिए बल्कि निवेशकों के लिए भी आकर्षक बनी हुई है।

    कुल मिलाकर, SEIL शिक्षा क्षेत्र का एक उभरता सितारा बन चुकी है। तिमाही में घाटा होने के बावजूद निवेशकों का भरोसा, लगातार बढ़ती एफआईआई और डीआईआई हिस्सेदारी और पिछले वर्षों में निवेशकों को दिए गए शानदार रिटर्न ने इसे सेक्टर में छुपे हुए मल्टीबैगर के रूप में साबित कर दिया है।