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  • रामायण को लेकर दीपिका चिखलिया की दो टूक, बोलीं साई पल्लवी शानदार कलाकार लेकिन सीता के रूप में फिल्म बताएगी सच

    रामायण को लेकर दीपिका चिखलिया की दो टूक, बोलीं साई पल्लवी शानदार कलाकार लेकिन सीता के रूप में फिल्म बताएगी सच


    नई दिल्ली । नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। इसी बीच रामानंद सागर की लोकप्रिय टीवी श्रृंखला में माता सीता का अमर किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने नई फिल्म और उसकी स्टार कास्ट को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने साई पल्लवी रणबीर कपूर और यश जैसे कलाकारों की प्रतिभा की सराहना की लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दशकों पुरानी रामायण की यादें आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही ताजा हैं और उन्हें भुलाना आसान नहीं होगा।

    एक बातचीत के दौरान दीपिका चिखलिया ने कहा कि उन्होंने साई पल्लवी का अभिनय देखा है और वह बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं। हालांकि उनके अनुसार अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह माता सीता के किरदार में कितनी प्रभावशाली नजर आएंगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल फिल्म देखने के बाद ही किया जा सकता है। दीपिका ने धार्मिक ग्रंथों में माता सीता के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि तुलसीदास की रामायण में उनके व्यक्तित्व का विस्तृत वर्णन मिलता है और उसी आधार पर रामानंद सागर ने कलाकारों का चयन किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कहीं भी सीता के घुंघराले बालों का उल्लेख याद नहीं है।

    दीपिका ने यह भी माना कि यदि कलाकार अपने किरदार के अनुरूप पूरी ईमानदारी से अभिनय करते हैं तो दर्शक उन्हें स्वीकार करते हैं। उन्होंने नई फिल्म की पूरी टीम को प्रतिभाशाली बताते हुए उम्मीद जताई कि दर्शक इस फिल्म को जरूर पसंद करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पीढ़ी की रामायण का भावनात्मक प्रभाव आज भी लोगों के मन में गहराई से मौजूद है और नई फिल्म की तुलना उससे होना स्वाभाविक है।

    उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब रामानंद सागर की रामायण का दोबारा प्रसारण हुआ तब नई पीढ़ी ने भी उसे बड़े उत्साह से देखा। यही कारण है कि पुरानी रामायण आज भी लोगों की यादों में जीवित है। उनके अनुसार किसी भी नई प्रस्तुति के सामने सबसे बड़ी चुनौती दर्शकों की उन्हीं यादों और भावनाओं पर खरी उतरना होगी।

    दीपिका चिखलिया ने अपने करियर के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि सीता के किरदार ने उन्हें अपार लोकप्रियता दी लेकिन यही पहचान उनके लिए चुनौती भी बन गई। रामायण के बाद उन्हें अलग तरह के किरदार मिलने लगभग बंद हो गए क्योंकि दर्शक उन्हें हमेशा सीता के रूप में ही देखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग उन्हें उनके असली नाम से कम और सीता के नाम से ज्यादा पहचानते हैं। इसी कारण उन्हें बाद में प्रोडक्शन की दिशा में भी कदम बढ़ाना पड़ा।

    रावण के किरदार में अभिनेता यश को लेकर दीपिका ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने यश का काम देखा है और उन्हें विश्वास है कि वह रावण के रूप में दमदार नजर आएंगे। लेकिन उन्होंने दोहराया कि दर्शकों के मन में पुरानी रामायण की छवि इतनी मजबूत है कि उसकी तुलना से बच पाना किसी भी नई प्रस्तुति के लिए आसान नहीं होगा।

    दीपिका ने निर्देशक नितेश तिवारी और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फिल्म से जुड़े सभी कलाकार बेहद सक्षम हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करेगी और लोग इसे बड़े पर्दे पर देखने जरूर जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि रामानंद सागर की रामायण की सबसे बड़ी ताकत उसकी सटीक कास्टिंग और रविंद्र जैन का कालजयी संगीत था जिसने उसे अमर बना दिया।

    नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल रवि दुबे अरुण गोविल लारा दत्ता रकुल प्रीत सिंह कुणाल कपूर शीबा चड्ढा और आदिनाथ कोठारे भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत हांस जिमर और ए आर रहमान ने तैयार किया है। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

  • राम-लक्ष्मण से कम, रावण से ज्यादा बातचीत: दीपिका चिखलिया ने बताए ‘रामायण’ सेट के किस्से

    राम-लक्ष्मण से कम, रावण से ज्यादा बातचीत: दीपिका चिखलिया ने बताए ‘रामायण’ सेट के किस्से


    नई दिल्ली।
    भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामायण एक ऐसा सीरियल रहा है, जिसने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। इस सीरियल में मां सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया आज भी उसी भूमिका के कारण पहचानी जाती हैं। उनका कहना है कि इस किरदार ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया, लेकिन इसके पीछे कई ऐसे अनुभव भी रहे, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

    दीपिका चिखलिया ने बताया कि जब उन्हें सीता के किरदार के लिए चुना गया, तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ था। ऑडिशन की प्रक्रिया लंबी और प्रतिस्पर्धी थी, जहां कई राउंड के बाद उनका चयन हुआ। उस समय यह अंदाजा नहीं था कि यह किरदार उन्हें इतनी बड़ी पहचान दिला देगा।

    सेट पर माहौल काफी अनुशासित रहता था। हर कलाकार अपने किरदार में इतना डूबा रहता था कि आपसी बातचीत सीमित हो जाती थी। अरुण गोविल और अन्य सह-कलाकारों के साथ उनका संवाद औपचारिक और कम ही होता था, क्योंकि सभी अपनी भूमिकाओं की गंभीरता को बनाए रखते थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि सेट पर अपेक्षाकृत अधिक बातचीत अरविंद त्रिवेदी से होती थी, जिन्होंने रावण का किरदार निभाया था। हालांकि यह बातचीत भी सीमित दायरे में ही रहती थी और उसमें निजी संबंधों की गहराई नहीं बन पाई।

    सीरियल के प्रसारण के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। लोग उन्हें वास्तविक जीवन में भी देवी स्वरूप मानने लगे। कई बार सार्वजनिक जगहों पर लोग उनके चरण स्पर्श करते, आरती करते और फूल अर्पित करते नजर आते थे। यह लोकप्रियता उनके लिए जितनी सम्मानजनक थी, उतनी ही असामान्य भी साबित हुई।

    एक अनुभव के दौरान उन्हें ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ा जहां लोगों की आस्था के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हुआ और भोजन जैसी बुनियादी चीजों में भी कठिनाई आ गई। यह उनके लिए भावनात्मक रूप से एक अलग और यादगार अनुभव था।

    इस पूरी यात्रा ने उन्हें यह एहसास कराया कि एक किरदार केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह कलाकार की वास्तविक पहचान बन सकता है। दीपिका चिखलिया की यह कहानी आज भी बताती है कि लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी और चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं।