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  • ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में नहीं पहुंचे ओवैसी, बोले- मेरा क्या काम, बताईं 2 बड़ी मांगें

    ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में नहीं पहुंचे ओवैसी, बोले- मेरा क्या काम, बताईं 2 बड़ी मांगें


    नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मंगलवार को INDIA गठबंधन के प्रदर्शन में AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी शामिल नहीं हुए। ओवैसी ने इसकी वजह साफ करते हुए कहा कि उनकी पार्टी INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। हालांकि, उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा प्रक्रिया में बदलाव और SIR को लेकर अपनी अलग मांगें सामने रखीं।

    ‘मैं INDIA का हिस्सा नहीं, तो मेरा क्या काम’
    ओवैसी से जब पूछा गया कि वह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन में क्यों शामिल नहीं हुए, तो उन्होंने कहा कि AIMIM INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “मैं उसका हिस्सा नहीं हूं, तो किस्सा ही खत्म। मैं उसका हिस्सा नहीं हूं। बेगानी शादी में मेरा क्या काम।”

    हालांकि, प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के बावजूद ओवैसी ने चुनाव आयोग की व्यवस्था और SIR को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया है।

    CEC के चयन में CJI को शामिल करने की मांग
    ओवैसी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को चुनने की मौजूदा प्रक्रिया कार्यपालिका के पक्ष में है और इसमें बदलाव होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि CEC की नियुक्ति करने वाले पैनल में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को शामिल किया जाए।

    मौजूदा कानून के तहत CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति में लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। ओवैसी लंबे समय से इस व्यवस्था में CJI को शामिल किए जाने की मांग करते रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव जरूरी है।

    SIR को लेकर भी विरोध
    ओवैसी ने दूसरी बड़ी आपत्ति मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में SIR शुरू होने के समय AIMIM ने भी इसका विरोध किया था और पार्टी की ओर से मतदाताओं से संबंधित दस्तावेज जमा किए गए थे।

    ओवैसी ने SIR की तुलना NRC से करते हुए इसे लेकर अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसे स्वीकार नहीं करती और इस व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।

    यह भी ध्यान देने वाली बात है कि SIR को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियां और चुनाव आयोग का पक्ष अलग-अलग हैं। विपक्षी दल प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने की प्रक्रिया के तौर पर इसका बचाव करता रहा है।

    AAP और DMK भी मंगलवार के प्रदर्शन से दूर
    मंगलवार को दिल्ली में हुए INDIA गठबंधन के प्रदर्शन में AAP और DMK भी शामिल नहीं हुए। हालांकि, AAP ने चुनाव आयोग के खिलाफ आगे होने वाले विरोध प्रदर्शन से दूरी नहीं बनाई है। पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के कार्यालय के बाहर होने वाले प्रदर्शन में AAP शामिल होगी।

    उन्होंने कहा कि जब भी सड़क पर विरोध प्रदर्शन होगा, AAP के कार्यकर्ता उसमें शामिल होंगे। उनके मुताबिक, कांग्रेस और वाम दलों के साथ AAP भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लेगी।

    राहुल-प्रियंका ने आकाशवाणी भवन परिसर में दिया धरना
    मंगलवार को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च किया था। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रोकना और मतदाता सूची से हटाए गए नामों को बहाल करना शामिल था।

    मार्च को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना शुरू कर दिया। करीब आठ-नौ घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।

    चुनाव आयोग बोला- शाम 4 बजे तक नहीं मांगा था समय
    विपक्ष के प्रदर्शन के बाद चुनाव आयोग ने मंगलवार रात अपने पक्ष में स्पष्टीकरण जारी किया। आयोग ने कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक के लिए औपचारिक समय नहीं मांगा था।

    आयोग के मुताबिक, करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने उसे बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में 240 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलकर ज्ञापन देना चाहता है। आयोग ने कहा कि राजनीतिक दलों से बैठक के लिए 2025 में तय प्रक्रिया पहले से लागू है और सभी दल इससे अवगत हैं।

    आयोग के अनुसार, जब बैठक की जगह को लेकर जानकारी मिली तो संसद भवन परिसर में बैठक का प्रस्ताव सामने आया। आयोग ने कहा कि उसके प्रोटोकॉल के मुताबिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडल से बैठक निर्वाचन आयोग परिसर में ही होती है। उसने ज्ञापन लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारी भेजने का प्रस्ताव भी दिया था।

    इस तरह एक तरफ INDIA गठबंधन CEC के इस्तीफे और SIR को लेकर आंदोलन तेज करने की तैयारी में है, वहीं ओवैसी ने गठबंधन के प्रदर्शन से अलग रहते हुए नियुक्ति प्रक्रिया में CJI को शामिल करने और SIR को खत्म करने की अपनी मांग दोहराई है।

  • SIR के खिलाफ INDIA के प्रदर्शन से AAP ने बनाई दूरी, संजय सिंह बोले- हम अपनी लड़ाई अलग तरीके से लड़ रहे

    SIR के खिलाफ INDIA के प्रदर्शन से AAP ने बनाई दूरी, संजय सिंह बोले- हम अपनी लड़ाई अलग तरीके से लड़ रहे


    नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन के 6 अक्टूबर के प्रदर्शन से आम आदमी पार्टी ने दूरी बना ली है। AAP ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर अपना आंदोलन अलग तरीके से जारी रखेगी और इसे किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि जनता से जुड़ा मुद्दा मानती है।

    संसद भवन परिसर में सोमवार को मीडिया से बातचीत में AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि SIR में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 6 अक्टूबर का प्रदर्शन INDIA गठबंधन का है, इसलिए आम आदमी पार्टी इसमें शामिल नहीं होगी।

    संजय सिंह ने कहा, “जहां तक कल के प्रदर्शन की बात है, तो ये INDIA गठबंधन का प्रोटेस्ट है। इसलिए आम आदमी पार्टी इसका हिस्सा नहीं है। हम इस लड़ाई को अपने तरीके से लगातार लड़ रहे हैं।”

    पार्टी बैनर के बिना आंदोलन की बात

    AAP नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस मुद्दे को व्यापक जन आंदोलन के रूप में देख रही है। उन्होंने बताया कि AAP अपने प्रदर्शन में पार्टी का बैनर तक इस्तेमाल नहीं कर रही है, क्योंकि उसका मानना है कि यह देश के नागरिकों से जुड़ा मुद्दा है और इसमें हर व्यक्ति की भागीदारी होनी चाहिए।

    संजय सिंह ने यह भी कहा कि CJP और वाम दल समेत कई संगठन अलग-अलग स्थानों पर SIR के खिलाफ अपने स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी भी अपनी रणनीति के तहत इस मुद्दे को उठा रही है।

    30 सितंबर की विपक्षी बैठक में भी नहीं पहुंची थी AAP

    AAP ने 30 सितंबर को हुई विपक्षी दलों की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था। उस बैठक में 19 विपक्षी दलों के नेताओं ने SIR और मतदाता सूची से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की थी। बैठक के बाद INDIA गठबंधन ने 6 अक्टूबर को अपने सांसदों के साथ चुनाव आयोग तक मार्च करने और राष्ट्रपति से मुलाकात करने का फैसला किया था।

    इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, RJD नेता तेजस्वी यादव, NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले, PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती और वाम दलों के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।

    शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में वर्चुअली हिस्सा लिया था। AAP के साथ DMK भी इस बैठक में शामिल नहीं हुई थी।

    SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने

    SIR को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग पर मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और बदलावों को लेकर सवाल उठा रहे हैं। INDIA गठबंधन ने इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े फैसलों में तीन सदस्यीय आयोग के भीतर किसी विभाजन के दावों को खारिज किया है और कहा है कि संबंधित फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।

    AAP की ओर से हालांकि यह स्पष्ट किया गया है कि पार्टी SIR के मुद्दे से पीछे नहीं हट रही है। उसका कहना है कि वह इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखेगी, लेकिन 6 अक्टूबर को होने वाले INDIA गठबंधन के संयुक्त प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेगी।