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  • खंडवा में बारिश बनी जानलेवा आफत, आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत, उफनती नदी में बहीं कृषि मशीनें और पंधाना मार्ग का संपर्क टूटा

    खंडवा में बारिश बनी जानलेवा आफत, आकाशीय बिजली से दो किसानों की मौत, उफनती नदी में बहीं कृषि मशीनें और पंधाना मार्ग का संपर्क टूटा


    मध्य प्रदेश:
    के खंडवा जिले में लगातार हो रही तेज बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। जिले के कई हिस्सों में जलभराव, उफनती नदियों और क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस बीच आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो किसानों की मौत हो गई, जबकि कई स्थानों पर बाढ़ के तेज बहाव में कृषि उपकरण बह जाने और सड़क संपर्क टूटने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने हालात पर लगातार नजर रखते हुए लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।

    खंडवा जिले के देवला माफी गांव में 42 वर्षीय किसान अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    इसी तरह भगवानपुरा गांव में 45 वर्षीय एक व्यक्ति अपने घर के बाहर खड़े थे, तभी अचानक गिरी बिजली की चपेट में आ गए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें भी अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लगातार हो रही बारिश के बीच आकाशीय बिजली की इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

    भारी बारिश का असर जिले की सड़क व्यवस्था पर भी स्पष्ट दिखाई दिया। खंडवा-पंधाना-बुरहानपुर मार्ग पर निर्माणाधीन पुलिया के लिए बनाई गई अस्थायी सर्विस रोड तेज बहाव के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन लंबे समय तक बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को घंटों तक रास्ता खुलने का इंतजार करना पड़ा।

    हालांकि प्रशासन की चेतावनी के बावजूद कुछ लोग उफनते पानी को पार करने का जोखिम उठाते हुए दिखाई दिए। तेज बहाव के बीच लोगों का इस तरह आवागमन करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहा है।

    जिले के जसवाड़ी क्षेत्र में भी तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव में एक कृषि मशीन और दो कल्टीवेटर पानी में बह गए, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं मौके पर मौजूद लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए एक गिट्टी-सीमेंट मिक्सर मशीन को मजबूत रस्सियों से बांध दिया, जिससे उसे बहने से बचा लिया गया। इस घटना ने क्षेत्र में बारिश के बढ़ते खतरे को और स्पष्ट कर दिया।

    जिले में मौसम अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि पुल-पुलिया के ऊपर पानी बहने की स्थिति में किसी भी हाल में उसे पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आगामी दिनों में भी सतर्कता बनाए रखना आवश्यक माना जा रहा है।

  • कानून व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन का बड़ा फैसला, BNSS धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी FIR

    कानून व्यवस्था बनाए रखने प्रशासन का बड़ा फैसला, BNSS धारा 163 लागू, उल्लंघन पर होगी FIR

    ग्वालियर। ग्वालियर जिले में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रुचिका चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार पूरे जिले में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस के आयोजन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया गया है और आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा।

    प्रशासन का कहना है कि यह कदम जिले में शांति, सौहार्द और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विशेष रूप से भीड़भाड़ वाले बाजारों, प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों, मॉल और संवेदनशील स्थानों पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

    जारी निर्देशों के मुताबिक किसी भी संगठन, संस्था या व्यक्ति को सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने से पहले प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यदि कार्यक्रम किसी एक अनुविभाग की सीमा में आयोजित किया जाना है तो संबंधित एसडीएम से अनुमति प्राप्त करनी होगी। वहीं यदि कार्यक्रम का दायरा एक से अधिक अनुविभागों में आता है तो आयोजन के लिए अपर जिला दंडाधिकारी से लिखित स्वीकृति लेना आवश्यक होगा।

    प्रशासन ने सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भड़काऊ, भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली अथवा सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली पोस्ट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस और आईटी सेल ऐसे मामलों पर लगातार नजर रखेंगे। यदि कोई व्यक्ति धर्म, जाति, समुदाय या सामाजिक समूहों की भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री प्रसारित करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी। बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, जुलूस या रैली आयोजित करने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत मामला दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    प्रशासन का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से नियमों का पालन करने तथा प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

    कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी इस आदेश के बाद अब जिले में किसी भी सार्वजनिक आयोजन से पहले अनुमति प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा। प्रशासन ने नागरिकों से शांति, सौहार्द और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया है।