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  • ग्वालियर में दशहरे पर इन रास्तों से बचकर निकलें, जुलूस के लिए रूट डायवर्ट, रावण दहन के लिए पार्किंग की व्यवस्था

    ग्वालियर में दशहरे पर इन रास्तों से बचकर निकलें, जुलूस के लिए रूट डायवर्ट, रावण दहन के लिए पार्किंग की व्यवस्था


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में विजयादशमी के अवसर पर दशहरा जुलूस रावण दहन और नवदुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंगलवार को शहर में धार्मिक आयोजनों के दौरान लोगों की भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और कुछ रास्तों को बंद रखने की व्यवस्था की है। ऐसे में घर से निकलने वाले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले निर्धारित मार्गों की जानकारी जरूर लें और जरूरत के अनुसार वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

    दशहरा जुलूस अचलेश्वर मंदिर से शुरू होकर फूलबाग मैदान तक पहुंचेगा। जुलूस के निर्धारित मार्ग में दाल बाजार लोहिया बाजार ऊंट पुल पाटनकर चौराहा दौलतगंज महाराज बाड़ा सराफा बाजार गश्त का ताजिया राम मंदिर छप्परवाला पुल शिंदे की छावनी और गुरुद्वारा शामिल हैं। इन रास्तों से जुलूस गुजरने के दौरान यातायात नियंत्रित रहेगा। इस वजह से संबंधित क्षेत्रों में वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ सकता है या उन्हें दूसरे रास्तों से जाना पड़ सकता है। खासकर बाजार और प्रमुख चौराहों के आसपास निकलने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलना चाहिए।

    यातायात व्यवस्था के तहत जलालपुर से सागरताल होते हुए बहोड़ापुर जाने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को रितुराज होटल और मोतीझील वाले रास्ते से जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा चार शहर का नाका से सागरताल रोड और ट्रांसपोर्ट नगर से सागरताल की ओर जाने वाले मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। इन बदलावों का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भीड़ वाले इलाकों में यातायात को व्यवस्थित रखना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    दशहरे पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के फूलबाग मैदान पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मैदान के आसपास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जानकारी के मुताबिक रावण दहन में शामिल होने वाले लोगों के लिए मैदान नंबर दो और चिड़ियाघर के सामने पार्किंग की सुविधा रखी गई है। वाहन चालकों को कोशिश करनी चाहिए कि वे निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करें ताकि आयोजन स्थल के आसपास अनावश्यक जाम न लगे और पैदल आने जाने वाले लोगों को परेशानी न हो।

    शहर में दशहरा जुलूस के साथ नवदुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के चलते भी कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को पुलिस के निर्देशों का पालन करना चाहिए और बैरिकेडिंग वाले रास्तों में जबरन प्रवेश करने से बचना चाहिए। जिन लोगों को महाराज बाड़ा दाल बाजार फूलबाग या सागरताल क्षेत्र की ओर जाना है उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग पहले से तय कर लेना चाहिए। आपात स्थिति में पुलिसकर्मियों के निर्देशों के अनुसार रास्ता बदलना भी जरूरी होगा।

    दशहरा शहर में धार्मिक उत्साह और सामूहिक आयोजन का अवसर है लेकिन बड़ी भीड़ के कारण यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में लोगों की सावधानी और प्रशासन के निर्देशों का पालन जाम और अव्यवस्था को कम करने में मदद कर सकता है। घर से निकलने से पहले ट्रैफिक रूट की जानकारी लेना और निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करना ही बेहतर रहेगा।

  • अनिल अंबानी की बढ़ी मुश्किलें, केनरा बैंक की जांच में कर्ज की रकम तय उद्देश्य से अलग इस्तेमाल करने की बात सामने आई

    अनिल अंबानी की बढ़ी मुश्किलें, केनरा बैंक की जांच में कर्ज की रकम तय उद्देश्य से अलग इस्तेमाल करने की बात सामने आई

    नई दिल्ली । अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। केनरा बैंक ने अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस की सहायक कंपनी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को विलफुल डिफॉल्टर घोषित किया है। बैंक की ओर से यह फैसला कर्ज की रकम के कथित तौर पर तय उद्देश्य के अनुरूप इस्तेमाल नहीं किए जाने से जुड़े मामले में लिया गया है।

    विलफुल डिफॉल्टर उस व्यक्ति या कंपनी को कहा जाता है, जिसके पास कर्ज चुकाने के लिए पर्याप्त संपत्ति या संसाधन होने के बावजूद वह जानबूझकर कर्ज का भुगतान नहीं करता। इस मामले में बैंक की जांच के दौरान फंड के इस्तेमाल और उससे जुड़े लेनदेन को लेकर कई सवाल सामने आए हैं।

    रिलायंस कम्युनिकेशंस ने 8 सितंबर 2026 को इस घटनाक्रम की जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए दी। फाइलिंग के मुताबिक, केनरा बैंक की विलफुल डिफॉल्टर रिव्यू कमेटी ने 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में यह फैसला लिया। बैंक की जांच में पाया गया कि कंपनी ने बैंक से प्राप्त फंड का इस्तेमाल उन उद्देश्यों के लिए नहीं किया, जिनके लिए कर्ज लिया गया था।

    बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ग्रुप की कंपनियों आरकॉम, रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड और रिलायंस इंफ्राटेल लिमिटेड ने बैंकों से कुल 31,580 करोड़ रुपये प्राप्त किए थे। जांच में इन कंपनियों से जुड़े निवेश और रकम के इस्तेमाल को लेकर विसंगतियां सामने आने की बात कही गई है।

    बैंक का आरोप है कि इन निवेशों को तुरंत भुनाया गया और संबंधित तथा गैर-संबंधित पक्षों को भुगतान करने में इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा, नेटिजन नामक एक इकाई से जुड़े संदिग्ध लेनदेन के माध्यम से फंड डायवर्ट किए जाने की बात भी जांच में सामने आई है। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर बैंक ने विलफुल डिफॉल्टर संबंधी कार्रवाई की है।

    हालांकि, रिलायंस कम्युनिकेशंस ने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट की है। कंपनी के मुताबिक आरकॉम और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड दोनों वर्तमान में कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत हैं। कंपनी का कहना है कि केनरा बैंक से जुड़ा यह मामला दिवाला प्रक्रिया शुरू होने से पहले की अवधि का है।

    कंपनी ने बताया कि लेनदारों की समिति पहले ही समाधान योजनाओं को मंजूरी दे चुकी है और ये योजनाएं अब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के समक्ष लंबित हैं। कंपनी ने दिवाला और दिवालियापन संहिता की धारा 32A के तहत मिलने वाली सुरक्षा का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार, समाधान योजना को मंजूरी मिलने के बाद पिछले अपराधों के लिए कानूनी सुरक्षा का प्रावधान है।

    रिलायंस कम्युनिकेशंस ने यह भी कहा है कि वह पूरे घटनाक्रम को लेकर कानूनी सलाह ले रही है। कंपनी के अनुसार, अनिल अंबानी 15 नवंबर 2019 से ही रिलायंस कम्युनिकेशंस के चेयरमैन और निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके हैं।

    इस घटनाक्रम से अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े कर्ज और दिवाला मामलों पर एक बार फिर ध्यान गया है। केनरा बैंक की कार्रवाई और कंपनी की ओर से दी गई कानूनी स्थिति के बीच अब आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

  • सीहोर कांवड़ यात्रा के कारण भोपाल-इंदौर हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही 25 अगस्त तक प्रभावित, जानें नया ट्रैफिक प्लान

    सीहोर कांवड़ यात्रा के कारण भोपाल-इंदौर हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही 25 अगस्त तक प्रभावित, जानें नया ट्रैफिक प्लान

    मध्य प्रदेश: में कांवड़ यात्रा को देखते हुए भोपाल और इंदौर के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। सीहोर क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात को व्यवस्थित रखने के लिए भोपाल-इंदौर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही को सीमित किया गया है। यह व्यवस्था 23 अगस्त की सुबह 9 बजे से 25 अगस्त की रात 8 बजे तक लागू रहेगी।

    इस दौरान भारी वाहनों को भोपाल-इंदौर हाईवे से सीधे गुजरने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। यातायात व्यवस्था में किए गए इस बदलाव का असर दूसरे वाहनों की आवाजाही पर भी पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से यात्रियों को यात्रा से पहले मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने और उसी के अनुसार अपनी योजना तैयार करने की सलाह दी गई है।

    सीहोर में 25 अगस्त को कांवड़ यात्रा का आयोजन होना है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रा के दौरान सीहोर से होकर गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए यातायात को नियंत्रित करने के लिए पहले से व्यवस्था की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य कांवड़ यात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखना है।

    भारी वाहनों के लिए रूट में बदलाव किए जाने के कारण भोपाल से इंदौर और इंदौर से भोपाल जाने वाले यात्रियों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। यातायात पुलिस के अनुसार लोगों को अपने सफर में करीब डेढ़ से दो घंटे का अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए। विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को समय का ध्यान रखते हुए घर से निकलने की सलाह दी गई है।

    यात्रियों के लिए सीहोर और देवास की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर भी यातायात की स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी होगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आवश्यकता नहीं होने पर भीड़ वाले मुख्य रास्तों से बचें और स्थानीय यातायात निर्देशों का पालन करें। वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को भी निर्धारित दिशा और यातायात नियमों का पालन करना होगा।

    कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यातायात प्रबंधन में अस्थायी बदलाव किए जाते हैं। ऐसे में मार्ग परिवर्तन से होने वाली असुविधा को देखते हुए यात्रियों को पहले से अतिरिक्त समय रखने की जरूरत है। खासकर बस, मालवाहक वाहन और अन्य भारी वाहनों से सफर करने वालों को निर्धारित डायवर्जन व्यवस्था की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करनी चाहिए।

    भोपाल-इंदौर के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों, बसों और अन्य परिवहन साधनों से आवागमन करते हैं। ऐसे में तीन दिनों के लिए लागू होने वाली यह व्यवस्था यात्रा के समय को प्रभावित कर सकती है। सामान्य यातायात के मुकाबले वैकल्पिक मार्गों पर दूरी और भीड़ के कारण सफर लंबा होने की संभावना है।

    यातायात संबंधी किसी परेशानी या मार्ग को लेकर जानकारी की जरूरत होने पर यातायात पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा के दौरान धैर्य बनाए रखें और यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।

    कांवड़ यात्रा समाप्त होने और निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद यातायात व्यवस्था को सामान्य किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल 25 अगस्त की रात 8 बजे तक लागू इस बदलाव के कारण भोपाल और इंदौर के बीच यात्रा करने वालों को अपनी यात्रा का समय पहले से तय करना और संभावित देरी के लिए पर्याप्त समय रखना जरूरी होगा।