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  • ऋतिक-सुजैन के तलाक पर वर्षों बाद टूटी चुप्पी, 400 करोड़ एलिमनी की चर्चाओं पर परिवार ने बताई पूरी सच्चाई

    ऋतिक-सुजैन के तलाक पर वर्षों बाद टूटी चुप्पी, 400 करोड़ एलिमनी की चर्चाओं पर परिवार ने बताई पूरी सच्चाई

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन और उनकी पूर्व पत्नी सुजैन खान के तलाक से जुड़ी वर्षों पुरानी चर्चाएं एक बार फिर सुर्खियों में हैं। लंबे समय से यह दावा किया जाता रहा कि दोनों के तलाक के दौरान सुजैन खान ने सैकड़ों करोड़ रुपये की एलिमनी ली थी। अब इस पूरे मामले पर पहली बार परिवार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार बताया गया है।

    सुजैन खान की बहन और जानी-मानी ज्वेलरी डिजाइनर फराह खान अली ने एक साक्षात्कार में कहा कि तलाक के दौरान 400 करोड़ रुपये की एलिमनी दिए जाने की खबरों में कोई सच्चाई नहीं थी। उनके अनुसार वर्षों से सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर इस तरह की बातें दोहराई जाती रही हैं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अफवाहों ने बिना किसी तथ्य के लोगों के बीच गलत धारणा बना दी।

    फराह खान अली ने स्पष्ट किया कि उनकी बहन को आर्थिक लाभ के लिए विवाह या तलाक से जोड़कर देखना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि सुजैन खान एक सम्मानित परिवार से आती हैं और उन्होंने हमेशा अपने व्यक्तिगत जीवन को गरिमा और संतुलन के साथ आगे बढ़ाया है। उनके अनुसार तलाक के बाद भी दोनों परिवारों के बीच आपसी सम्मान और अच्छे संबंध बने हुए हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि उनके रिश्ते में किसी प्रकार का आर्थिक विवाद प्रमुख कारण नहीं था।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों ने सोशल मीडिया पर सुजैन खान को लेकर अनुचित टिप्पणियां कीं और उन्हें बिना आधार के ‘गोल्ड डिगर’ जैसे शब्दों से संबोधित किया। फराह के अनुसार यह पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण था, क्योंकि वास्तविक घटनाओं से इन आरोपों का कोई संबंध नहीं था। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत रिश्तों को लेकर इस प्रकार की अटकलें किसी भी व्यक्ति की छवि को प्रभावित करती हैं।

    फराह ने यह भी बताया कि उन्होंने कई बार अपनी बहन को सार्वजनिक रूप से इन अफवाहों का खंडन करने की सलाह दी थी, लेकिन सुजैन खान ने कभी ऐसा आवश्यक नहीं समझा। उनका मानना था कि लोगों की राय से अधिक महत्वपूर्ण उनका आत्मसम्मान और निजी जीवन है। उन्होंने हमेशा अपने परिवार, बच्चों और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी तथा सार्वजनिक विवादों से दूरी बनाए रखी।

    ऋतिक रोशन और सुजैन खान की दोस्ती बचपन से रही थी। दोनों ने वर्ष 2000 में विवाह किया और उनके दो बेटे हैं। कई वर्षों तक साथ रहने के बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और वर्ष 2014 में उनका तलाक कानूनी रूप से पूरा हुआ। अलग होने के बावजूद दोनों ने अपने रिश्ते में सम्मान बनाए रखा और बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी मिलकर निभाई।

    तलाक के बाद भी दोनों कई पारिवारिक अवसरों और बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों में साथ दिखाई देते रहे हैं। यही कारण है कि उनके संबंधों को अक्सर परिपक्व और सौहार्दपूर्ण उदाहरण के रूप में देखा जाता है। परिवार की ओर से आए ताजा बयान ने वर्षों से चली आ रही एलिमनी संबंधी चर्चाओं पर नई स्पष्टता प्रदान की है।

    यह मामला एक बार फिर इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों के बारे में बिना प्रमाण फैलने वाली खबरें लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रहती हैं। ऐसे मामलों में आधिकारिक या प्रत्यक्ष पक्ष सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाती है।

  • शादी के 10 साल बाद गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के रास्ते हुए अलग, 'लॉक अप' सीजन 2 में अभिनेत्री ने किया आधिकारिक तलाक का एलान

    शादी के 10 साल बाद गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के रास्ते हुए अलग, 'लॉक अप' सीजन 2 में अभिनेत्री ने किया आधिकारिक तलाक का एलान

    नई दिल्ली। टेलीविजन जगत के सबसे चर्चित और पसंदीदा जोड़ों में से एक, गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के प्रशंसकों के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। ‘बिग बॉस 19’ और ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ इंडिया’ सीजन 1 के विजेता रहे अभिनेता गौरव खन्ना की पत्नी और जानी-मानी अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक रियलिटी शो ‘लॉक अप’ सीजन 2 में बतौर प्रतियोगी प्रवेश करते ही आकांक्षा ने अपनी निजी जिंदगी के इस कड़वे सच से पर्दा उठाया है कि वह और गौरव पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं।

    आकांक्षा ने शो के मंच पर इस बात की पुष्टि की है कि दोनों ने आपसी सहमति से अब आधिकारिक तौर पर तलाक लेने का फैसला कर लिया है। वर्ष 2016 के नवंबर महीने में कानपुर में बेहद भव्य तरीके से शादी के बंधन में बंधे इस जोड़े का रिश्ता पूरे दस साल बाद इस मोड़ पर आकर खत्म होगा, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इस खबर के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में हलचल तेज हो गई है, और दोनों के अलग होने के कारणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।

    तलाक की आधिकारिक पुष्टि होने के तुरंत बाद इंटरनेट पर गौरव खन्ना का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी शादीशुदा जिंदगी और परिवार नियोजन को लेकर बात करते दिख रहे हैं। यह वीडियो ‘बिग बॉस 19’ के दौरान का है, जिसमें गौरव ने अपने सह-प्रतियोगी मृदुल से बातचीत में स्वीकार किया था कि वह अपने जीवन में पिता बनने की चाहत रखते थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि वह अपनी पत्नी की इच्छाओं का पूरा सम्मान करते हैं और चूंकि आकांक्षा उस समय मां बनने की जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं थीं, इसलिए उन्होंने उनके फैसले को सहजता से स्वीकार किया था। गौरव का मानना था कि बच्चे की परवरिश एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसके लिए माता-पिता दोनों का मानसिक रूप से तैयार होना आवश्यक है।

    दूसरी तरफ, उसी शो के ‘फैमिली वीक’ के दौरान जब आकांक्षा चमोला घर के भीतर आई थीं, तब उन्होंने अन्य प्रतियोगियों मालती चाहर और प्रणीत मोरे के साथ बातचीत में इस विषय पर अपना स्पष्ट नजरिया साझा किया था। आकांक्षा ने कहा था कि उनके भीतर कभी मां बनने की स्वाभाविक भावना या इच्छा जाग्रत नहीं हुई। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि वह भविष्य में भी इस बड़ी जिम्मेदारी को उठाने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार नहीं पाती हैं। आकांक्षा का मानना था कि यदि आप किसी जिम्मेदारी को निभाने के लिए लगातार बहाने ढूंढ रहे हैं, तो इसका सीधा अर्थ है कि आप उसके योग्य या तैयार नहीं हैं।

    आकांक्षा ने बातचीत में यह भी जोड़ा था कि वह अपने करियर को लेकर बेहद महत्वाकांक्षी हैं और अपने पेशेवर जीवन में आगे बढ़ना चाहती हैं। यदि लोग उनके इस व्यावहारिक दृष्टिकोण को स्वार्थ या मतलबी होना कहते हैं, तो यह उनकी अपनी सोच हो सकती है। उस समय गौरव खन्ना ने भी अपनी पत्नी के इस व्यावहारिक रुख का समर्थन किया था। बहरहाल, अब जब दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो प्रशंसक यह अनुमान लगा रहे हैं कि क्या संतान सुख को लेकर दोनों की अलग-अलग विचारधारा ही इस दस साल पुराने रिश्ते के टूटने की मुख्य वजह बनी है। वर्तमान में इस पूरे घटनाक्रम पर गौरव खन्ना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

  • 'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    नई दिल्ली। अभिनेत्री ईशा देओल ने पति भरत तख्तानी से अलग होने के बाद पहली बार अपने निजी जीवन और रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि तलाक के बाद उनकी जिंदगी में प्यार और रोमांस की कमी महसूस होती है, लेकिन इसके बावजूद उनका प्रेम और रिश्तों पर भरोसा आज भी कायम है। ईशा का कहना है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव इंसान की सोच बदल सकते हैं, लेकिन सच्चे प्यार की अहमियत कभी कम नहीं होती।

    ईशा ने बातचीत के दौरान कहा कि वह स्वभाव से बेहद रोमांटिक हैं और आज भी रोमांटिक गीत, प्रेम कहानियां और रिश्तों की भावनात्मक गहराई उन्हें आकर्षित करती है। उनके अनुसार, प्यार किसी भी इंसान के जीवन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और फिलहाल वह इसी एहसास की कमी महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रोमांस जीवन को खूबसूरत बनाता है और यही कारण है कि वह आज भी प्रेम पर पूरी आस्था रखती हैं।

    अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वैवाहिक जीवन में आई कठिनाइयों या अलगाव का अर्थ यह नहीं है कि प्यार खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि रिश्तों में ब्रेकअप या अलगाव जीवन का हिस्सा हैं और इससे प्रेम के प्रति उनका नजरिया नहीं बदला है। उनके मुताबिक, जीवन में पहले भी ऐसे रिश्ते रहे हैं जो लंबे समय तक नहीं चल सके, लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें प्रेम से दूर नहीं किया।

    ईशा देओल ने अपने माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन से उन्होंने दोनों के बीच सम्मान, विश्वास और बिना किसी शर्त के प्यार को बेहद करीब से देखा है। उसी रिश्ते ने उनके भीतर प्रेम की परिभाषा गढ़ी। उनका मानना है कि आज के दौर में वैसी गहराई, समर्पण और गरिमा वाले रिश्ते बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का रिश्ता हमेशा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे और कठिन दोनों तरह के अनुभवों से गुजरता है। रिश्तों का टूटना निश्चित रूप से भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इससे जीवन रुक नहीं जाता। उनके अनुसार, हर अनुभव इंसान को पहले से अधिक मजबूत और परिपक्व बनाता है तथा भविष्य के लिए नई सीख भी देता है।

    ईशा और व्यवसायी भरत तख्तानी ने वर्ष 2012 में विवाह किया था। दोनों की दो बेटियां हैं और शादी के एक दशक से अधिक समय बाद वर्ष 2024 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। इस निर्णय के बाद दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को गरिमा के साथ आगे बढ़ाने की बात कही थी। अलगाव के बाद ईशा ने सार्वजनिक रूप से अपने व्यक्तिगत जीवन पर बहुत कम प्रतिक्रिया दी थी।

    अब लंबे समय बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि कठिन दौर के बावजूद वह जीवन और प्यार दोनों को सकारात्मक नजरिए से देखती हैं। उनका मानना है कि सच्चे रिश्ते विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर टिके होते हैं। यही मूल्य उन्होंने अपने परिवार से सीखे हैं और भविष्य में भी वह इन्हीं मूल्यों के साथ जीवन को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

  • साउथ सुपरस्टार चिरंजीवी की लाडली ने झेले जिंदगी के सबसे कड़े इम्तिहान: पहले पति की अचानक मौत और दूसरी शादी के टूटने की भावुक दास्तान

    साउथ सुपरस्टार चिरंजीवी की लाडली ने झेले जिंदगी के सबसे कड़े इम्तिहान: पहले पति की अचानक मौत और दूसरी शादी के टूटने की भावुक दास्तान

    नई दिल्ली । भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सबसे प्रतिष्ठित और रसूखदार परिवारों में से एक, मेगास्टार चिरंजीवी के ‘कोनिडेला परिवार’ को हमेशा उनकी एकजुटता और सफलता के लिए जाना जाता है। हालांकि, इसी परिवार के मुख्य स्तंभ और ग्लोबल स्टार राम चरण की छोटी बहन श्रीजा कोनिडेला की व्यक्तिगत जिंदगी स्क्रीन पर दिखने वाली चमक-दमक से बिल्कुल उलट, भारी भावनात्मक संघर्षों और दुखों से भरी रही है। हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए उनके कुछ भावुक बयानों के बाद, एक बार फिर उनकी जिंदगी के वे कड़वे पन्ने चर्चा में आ गए हैं, जिन्होंने उन्हें कम उम्र में ही गहरे मानसिक दर्द से गुजरने पर मजबूर कर दिया था।

    श्रीजा की जिंदगी का पहला बड़ा और विवादास्पद मोड़ तब आया जब वे महज 19 वर्ष की थीं। साल 2007 में उन्होंने अपने तत्कालीन बॉयफ्रेंड सिरीश भारद्वाज के साथ शादी करने के लिए अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर घर से भागने का फैसला किया था। उस दौर में इस हाई-प्रोफाइल कदम ने पूरे दक्षिण भारतीय मीडिया और राजनीतिक गलियारों में भारी तहलका मचा दिया था। सुरक्षा कारणों से इस युवा जोड़े को कोर्ट का दरवाजा तक खटखटाना पड़ा था। इस शादी से श्रीजा ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही वर्षों में उनके रिश्ते में कड़वाहट आ गई और उन्होंने सिरीश पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी रूप से दूरी बना ली। बाद में, सिरीश भारद्वाज के अचानक हुए निधन ने श्रीजा को जिंदगी का पहला बड़ा झटका और दर्द दिया।

    इस दर्दनाक दौर से उबरने में उनके पिता चिरंजीवी और भाई राम चरण ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें वापस परिवार में ससम्मान शामिल किया। जीवन को एक नया मौका देने के उद्देश्य से, कोनिडेला परिवार ने साल 2016 में बेहद भव्य स्तर पर श्रीजा की दूसरी शादी का आयोजन किया। उनकी यह शादी उनके बचपन के दोस्त और बिजनेसमैन कल्याण देव के साथ हुई थी, जिसमें देश भर की बड़ी हस्तियों ने शिरकत की थी। शादी के बाद दोनों के घर एक बेटी का जन्म हुआ और कुछ समय तक सब कुछ बेहद सामान्य और खुशहाल नजर आ रहा था, जिससे प्रशंसकों को लगा कि श्रीजा की जिंदगी में अब स्थिरता आ चुकी है।

    हालांकि, किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और श्रीजा की यह दूसरी शादी भी लंबे समय तक नहीं टिक सकी। शादी के कुछ साल बाद ही दोनों के बीच वैचारिक मतभेद इस कदर बढ़ गए कि उन्होंने एक-दूसरे से पूरी तरह दूरी बना ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से एक-दूसरे की तस्वीरें हटाने और उपनाम बदलने के बाद इस रिश्ते के टूटने की आधिकारिक पुष्टि भी हो गई। अपनी दूसरी शादी का भी इस तरह दर्दनाक और असमय अंत देखना श्रीजा के लिए एक बहुत बड़ा मानसिक आघात था, जिसने उन्हें भीतर तक झकझोर कर रख दिया था।

    मौजूदा समय में, दो शादियों के बेहद कड़वे और दर्दनाक अनुभवों से गुजरने के बाद श्रीजा पूरी तरह से एकांत में अपनी दोनों बेटियों की परवरिश कर रही हैं। एक सिंगल मदर के रूप में अपनी बेटियों के भविष्य को संवारने में जुटी श्रीजा ने हाल ही में अपने व्यक्तिगत दर्द को साझा करते हुए बताया था कि कैसे जीवन की इन कठिन परिस्थितियों ने उन्हें अंदर से मजबूत बनाया है। मुश्किल समय में उनका पूरा परिवार, विशेषकर उनके भाई राम चरण, एक मजबूत ढाल की तरह उनके साथ खड़े हैं, ताकि वे अपने जीवन के इस सबसे चुनौतीपूर्ण दौर से बाहर निकलकर एक नई और सकारात्मक शुरुआत कर सकें।

  • विवाह, तलाक और लिव-इन संबंधों पर एक कानून: असम UCC बिल ने कानूनी ढांचे में किए बड़े बदलाव

    विवाह, तलाक और लिव-इन संबंधों पर एक कानून: असम UCC बिल ने कानूनी ढांचे में किए बड़े बदलाव


    नई दिल्ली। असम में पेश किए गए यूनिफॉर्म सिविल कोड से जुड़े नए विधेयक ने सामाजिक और कानूनी व्यवस्था को लेकर एक नई बहस शुरू कर दी है। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य राज्य में शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन संबंधों जैसे मामलों के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है। सरकार का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से विभिन्न समुदायों के बीच कानूनी समानता स्थापित होगी और नागरिक अधिकारों से जुड़े मामलों में एकरूपता लाई जा सकेगी।

    इस प्रस्तावित कानून की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें विवाह और तलाक के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने का प्रावधान किया गया है। नए नियमों के अनुसार विवाह के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित अधिकारियों के सामने आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार तलाक की प्रक्रिया को भी एक समान कानूनी ढांचे में शामिल करने का प्रयास किया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के बीच मौजूद अंतर को कम करना माना जा रहा है।

    प्रस्तावित कानून में एक विवाह व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है और विवाह की न्यूनतम आयु को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान तय किए गए हैं। हालांकि सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न समुदायों के पारंपरिक विवाह समारोहों को बनाए रखने की बात भी कही गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि समानता के साथ सांस्कृतिक विविधता को संतुलित रखने की कोशिश की जा रही है।

    उत्तराधिकार से जुड़े मामलों में भी नए प्रस्ताव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें पुरुष और महिला दोनों के अधिकारों को समान रूप से महत्व देने की बात कही गई है। परिवार के सदस्यों को उत्तराधिकार के मामलों में समान श्रेणी में रखने का विचार लैंगिक समानता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही वसीयत से संबंधित कानूनी अधिकारों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित करने का प्रयास किया गया है।

    इस विधेयक का एक और महत्वपूर्ण पहलू लिव-इन संबंधों से जुड़ा है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार ऐसे संबंधों को भी एक कानूनी ढांचे के भीतर लाने की कोशिश की गई है। इसके तहत निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजीकरण की व्यवस्था प्रस्तावित है। साथ ही ऐसे संबंधों से जुड़े बच्चों और साथी के अधिकारों को लेकर भी प्रावधान जोड़े गए हैं ताकि सामाजिक और कानूनी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    प्रस्तावित कानून में नियमों के उल्लंघन पर कड़े दंड का भी प्रावधान किया गया है। कानूनी प्रक्रियाओं की अनदेखी करने या गलत जानकारी देने जैसी स्थितियों पर कार्रवाई की व्यवस्था बनाई गई है। फिलहाल इस विधेयक को लेकर अलग-अलग वर्गों में चर्चा जारी है। समर्थकों का मानना है कि इससे समानता और कानूनी स्पष्टता बढ़ेगी, जबकि कुछ लोग इसे सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देख रहे हैं।

  • MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला

    MP: ग्वालियर में महिला ने पति की सगी बहन को सौतन बताकर ले लिया तलाक… HC पहुंचा मामला


    ग्वालियर।
    ग्वालियर (Gwalior) के कुटुंब न्यायालय (Family Court) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने पति की सगी बहन (Husband’s real Sister) को ही ‘दूसरी पत्नी’ बताकर कोर्ट से एकतरफा तलाक हासिल कर लिया. महिला ने फैमिली फोटो को सबूत के तौर पर पेश कर न्यायालय को गुमराह किया और तलाक की डिक्री ले ली।

    जब पति को इस फैसले की जानकारी मिली तो उसने दस्तावेज खंगाले और सच्चाई सामने आई. अब पति ने इस एकतरफा तलाक को ग्वालियर हाईकोर्ट (Gwalior High Court) में चुनौती दी है और आरोप लगाया है कि पत्नी ने धोखे से कोर्ट से फैसला लिया. मामले में अब हाईकोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे पूरे घटनाक्रम पर बड़ा खुलासा हो सकता है।

    दरअसल, यह मामला ग्वालियर की रहने वाली एक 40 साल की महिला का है, साल 1998 में उसकी शादी हुई थी, पति एक मार्केटिंग कंपनी में अधिकारी है और काम के सिलसिले से अक्सर बाहर रहता था. इसी वजह से दोनों के बीच में विवाद बढ़ता गया और साल 2015 में महिला अलग रहने लगी।

    10 साल से अलग रह रही थी पत्नी
    करीब 10 साल से अलग रह रही महिला किसी भी स्थिति में पति से तलाक लेना चाहती थी. लेकिन पति तलाक देने के लिए तैयार नहीं था. ऐसे में साल 2021 में महिला ने कुटुंब न्यायालय में तलाक की अर्जी लगाई. जिसमें बताया गया कि पति ने दूसरी शादी कर ली है।


    परिवार के साथ था पति, उसी फोटो को बनाया आधार

    पत्नी ने पति से तलाक लेने के लिए कोर्ट में सबूत के तौर पर एक फोटो पेश किया, जिसमें उसका पति अपनी बहन और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ खड़ा था. पत्नी ने उस फोटो में मौजूद ननद यानी अपने पति की सगी बहन को उसकी दूसरी पत्नी बता दिया।


    पति को अप्रैल में हुई जानकारी

    ऐसे में कोर्ट ने उसे सबूत मानते हुए महिला को तलाक की डिक्री दे दी. पति को तलाक की जानकारी अप्रैल के पहले हफ्ते में मिली तो उसने सारा रिकार्ड देखा. तब उसे मालूम हुआ कि पत्नी ने उसकी सगी बहन को दूसरी पत्नी बताते हुए एक तरफा तलाक की डिक्री हासिल कर ली थी।

    ऐसे में अब पति ने ग्वालियर हाईकोर्ट में एक तरफा तलाक की डिक्री को चैलेंज किया है. जिसमें पत्नी द्वारा कोर्ट को गुमराह कर धोखे से फैसला लेने की जानकारी दी है. ऐसे में अब हाई कोर्ट पूरे मामले की सुनवाई करेगा।

  • नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश

    नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) स्थित फैमिली कोर्ट (Family Court) ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद (Marital dispute) में अहम फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम (Asaram) के पुत्र नारायण साईं (Narayan Sai) और उनकी पत्नी जानकी हरपालानी के विवाह को समाप्त घोषित कर दिया है. अदालत ने तलाक की याचिका मंजूर करते हुए नारायण साईं को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 2 करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है. नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में सजा काट रहा है.

    जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब आठ वर्षों से अदालत में लंबित था. सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद 2 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रखा गया था, जिसकी जानकारी बाद में जानकी के वकील अनुराग गोयल ने साझा की।

    याचिका में बताया गया कि दोनों की शादी वर्ष 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से ही दोनों अलग-अलग रह रहे हैं. पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा और उन्हें परित्यक्त जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. मौजूदा समय में वह अपनी मां के साथ रह रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि नारायण साईं के अन्य महिलाओं से संबंध थे और उनके खिलाफ दुष्कर्म मामले में सजा का भी जिक्र किया गया।

    5 करोड़ रुपये की हुई थी मांग

    भरण-पोषण को लेकर पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया. वहीं, वकील अनुराग गोयल के मुताबिक, पहले से ही अदालत ने प्रति माह 50 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन इसका नियमित भुगतान नहीं हुआ. इस कारण करीब 50 लाख रुपये की बकाया राशि हो गई है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी.

    सूत्रों की मानें तो इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. साथ ही, संपत्तियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी अब तक पूरी तरह प्रस्तुत नहीं होने के कारण आगे भी विवाद की स्थिति बनी रह सकती है.

  • फिल्मी जुदाई जैसी हकीकत: महिला अधिकारी ने 1.5 करोड़ में खरीदा पति, प्रेमिका ने दी दाम की रकम

    फिल्मी जुदाई जैसी हकीकत: महिला अधिकारी ने 1.5 करोड़ में खरीदा पति, प्रेमिका ने दी दाम की रकम


    भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाएगा। फिल्मी कहानी जैसी यह घटना असल जिंदगी में भी हुई जहां एक महिला अधिकारी ने अपने प्रेमी को उसकी पत्नी से खरीद लिया। मामला इतना चौंकाने वाला है कि इसे भोपाल का पहला ऐसा केस कहा जा रहा है जहां तलाक के बदले डेढ़ करोड़ रुपए की बड़ी डील हुई।

    यह पूरा मामला कुटुंब न्यायालय में दर्ज हुआ। 42 वर्षीय पति का दिल अपने दफ्तर में साथ काम करने वाली 54 वर्षीय महिला अधिकारी पर आ गया। वह अपनी पत्नी से 10 साल बड़ी है। पत्नी और पति के बीच कई बार काउंसलिंग भी हुई लेकिन पति ने अपनी नई प्रेमिका के साथ रहने का फैसला कर लिया। पत्नी ने भी यह बात समझ ली कि पति वापस नहीं आएगा लेकिन अपने और अपनी बेटियों के भविष्य के लिए आर्थिक सुरक्षा की शर्त रखी। पत्नी ने पति से कहा कि वह उसे छोड़ दे लेकिन इसके बदले 27 लाख रुपए कैश चाहिए।

    यह सुनते ही प्रेमिका ने तुरंत सहमति दे दी। उसने यह भी नहीं चाहा कि प्रेमी का परिवार सड़क पर आ जाए और उनकी जिंदगी बर्बाद हो। प्रेमिका ने अपनी गाढ़ी कमाई से यह रकम चुकाने को तैयार हो गई। धीरे धीरे बातचीत आगे बढ़ी और दोनों पक्षों के बीच सौदा तय हो गया। कुल मिलाकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए मकान + कैश में मामला सुलझा लिया गया। दोनों पक्षों ने सहमति से अलग होने का फैसला किया और कुटुंब न्यायालय में यह मामला भी दर्ज हुआ।

    यह घटना कई सवाल खड़े करती है। क्या यह प्यार है या केवल पैसों का सौदा? क्या कानून की नजर में यह समझौता सही है? इस मामले में पत्नी ने अपने भविष्य और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जबकि प्रेमिका ने अपने प्रेमी को पाने के लिए आर्थिक दांव खेला। कुटुंब न्यायालय में इस तरह की पैसे से तलाक की डीलें दुर्लभ हैं लेकिन यह मामला एक बार फिर सामाजिक और नैतिक सीमाओं पर बहस को बढ़ा देगा।

    किसी भी मामले में यह स्पष्ट है कि पति पत्नी के बीच रिश्तों का टूटना केवल परिवार को ही नहीं बल्कि समाज को भी प्रभावित करता है। वहीं इस घटना से यह भी संदेश जाता है कि आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर लोग रिश्तों को अपनी मर्जी से बदलने से नहीं चूकते। अब इस मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और कुटुंब न्यायालय में यह केस कैसे निपटता है यह देखने वाली बात होगी।

  • मलाइका अरोड़ा का खुलासा: तलाक पर कोई पछतावा नहीं, प्यार और शादी में अब भी भरोसा

    मलाइका अरोड़ा का खुलासा: तलाक पर कोई पछतावा नहीं, प्यार और शादी में अब भी भरोसा

    नई दिल्ली। बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने अपने निजी जीवन और तलाक को लेकर खुलकर बातचीत की। साल 1997 में अरबाज खान से शादी करने वाली मलाइका ने 20 साल बाद तलाक लिया। तलाक के बाद उन्हें सोशल मीडिया और अपने करीबी लोगों से काफी आलोचना झेलनी पड़ी।एक इंटरव्यू में मलाइका ने बताया कि पब्लिक और अपनों के विरोध के बावजूद उन्होंने अपने फैसलों पर अडिग रहते हुए तलाक लिया और अब उन्हें इसका कोई पछतावा नहीं है।
    मलाइका ने कहा कि उस समय उन्हें नहीं पता था कि आगे क्या होगा, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में खुश रहने को प्राथमिकता दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे शादी के कॉन्सेप्ट में विश्वास करती हैं, लेकिन यह उनके लिए हमेशा अनिवार्य नहीं था। तलाक के बाद उन्होंने कई रिश्तों में समय बिताया, लेकिन अब भी उन्हें प्यार और रिश्तों में खुशी पाना पसंद है। मलाइका ने कहा कि वे प्यार पाने और बांटने में यकीन रखती हैं और अगर सही समय पर प्यार उनके दरवाजे पर आएगा तो वे उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।

    यह इंटरव्यू मलाइका की सशक्त और आत्मनिर्भर छवि को दर्शाता है, जहां उन्होंने अपने फैसलों के प्रति ईमानदारी और अपनी खुशी को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। उनके शब्दों से यह भी जाहिर होता है कि तलाक ने उन्हें कमजोर नहीं किया, बल्कि उन्होंने प्यार और जीवन के प्रति अपनी सोच को और मजबूत किया है।

  • धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल

    धर्मेंद्र की दिल्ली प्रेयर मीट में ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी होंगे शामिल


    नई दिल्ली बॉलीवुड के लिजेंडरी एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद उनका परिवार अभी भी गहरे शोक में डूबा हुआ है। ऐसे में उनकी याद में आयोजित की जा रही प्रेयर मीट में परिवार और दोस्तों की उपस्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो गई है। इस बार हेमा मालिनी और उनकी बेटी ईशा देओल ने नई दिल्ली में एक प्रेयर मीट आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन 11 दिसंबर को डॉक्टर अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर जनपथ में होने जा रहा है। यह एक इमोशनल अवसर होगा जब परिवार और धर्मेंद्र के शुभचिंतक उनके 90वें जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

    इस प्रेयर मीट की खबरों के अनुसार ईशा देओल के एक्स पति भरत तख्तानी भी इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। भरत और ईशा का तलाक हो चुका है लेकिन फिर भी दोनों के बीच दोस्ती और समझदारी बनी हुई है। उनका रिश्ता अब भले ही शादीशुदा नहीं रहा लेकिन वे एक-दूसरे के हर सुख-दुख में साथ हैं। पिछले साल उनका तलाक हुआ था लेकिन इस कठिन समय में भी भरत अपनी बेटी राध्या और मिराया के लिए ईशा के साथ खड़े हैं।

    यह घटनाक्रम दर्शाता है कि परिवार और रिश्तों की अहमियत जीवन में हमेशा बनी रहती है चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। ईशा के बुरे वक्त में भरत का समर्थन एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि लोग भले ही अलग हो जाएं लेकिन इंसानियत और मानवीय संबंधों का सम्मान हमेशा महत्वपूर्ण रहता है।

    हेमा मालिनी ने 27 नवंबर को मुंबई में भी धर्मेंद्र की याद में एक प्रेयर मीट का आयोजन किया था जिसमें भरत तख्तानी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। यह मीट भी एक भावुक अवसर था जहां धर्मेंद्र के फैंस और परिवार ने उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा व्यक्त की। इस मीट में भरत के साथ उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हुए थे और ईशा के दुख में उनका साथ दिया था।

    अब दिल्ली में आयोजित होने वाली प्रेयर मीट में ईशा देओल की बहन अहाना देओल भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकती हैं। अहाना अपने पति वैभव वोहरा के साथ इस कार्यक्रम में शामिल होंगी। इस प्रकार यह आयोजन पूरी देओल परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण और भावुक अवसर होगा जहां वे अपने प्रिय धर्मेंद्र की याद में एकजुट होंगे।

    धर्मेंद्र के 90वें जन्मदिन पर आयोजित इस प्रेयर मीट में सनी और बॉबी देओल ने भी भाग लिया था। इस दौरान वे फैंस के साथ मिले और धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित की। सनी और बॉबी ने न केवल भारत से बल्कि विदेशों से आए फैंस के साथ भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। धर्मेंद्र का योगदान भारतीय सिनेमा में अनमोल रहेगा और उनकी फिल्मों और व्यक्तित्व के प्रति प्रशंसा हमेशा बरकरार रहेगी। इस प्रकार धर्मेंद्र के परिवार द्वारा आयोजित किए गए यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम एक यादगार और भावुक मौका होगा जिसमें उनके साथ बिताए गए समय की यादें और उनके योगदान को सम्मानित किया जाएगा।