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  • रिटायरमेंट यू टर्न एविन लुईस ने बदला मन अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करेंगे नई शुरुआत

    रिटायरमेंट यू टर्न एविन लुईस ने बदला मन अब फर्स्ट क्लास क्रिकेट में करेंगे नई शुरुआत


    नई दिल्ली । वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज एविन लुईस एक बार फिर सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार वजह उनका कोई ताबड़तोड़ शतक नहीं बल्कि उनका बदला हुआ फैसला है। इस साल की शुरुआत में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान करने वाले लुईस ने अब महज दो महीने के भीतर ही यू टर्न लेते हुए वापसी की तैयारी कर ली है। दिलचस्प बात यह है कि उनकी यह वापसी सीमित ओवरों के फॉर्मेट में नहीं बल्कि रेड बॉल क्रिकेट में होने जा रही है।

    दरअसल टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड से बाहर किए जाने के बाद लुईस ने निराश होकर इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था लेकिन अब उनका फोकस पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने वेस्टइंडीज के घरेलू फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट रीजनल फोर डे कॉम्पिटिशन के लिए त्रिनिदाद टीम में अपनी उपलब्धता जाहिर कर दी है। अगर वह इस टूर्नामेंट में खेलते हैं तो यह करीब 9 साल बाद उनका रेड बॉल क्रिकेट में कदम होगा।

    लुईस ने आखिरी बार 2016 17 सीजन में फर्स्ट क्लास मैच खेला था। उससे पहले 2015 16 सीजन में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 49.11 की औसत से 442 रन बनाए थे जिसमें जमैका के खिलाफ 104 रन की पारी उनका एकमात्र शतक रहा। कुल मिलाकर उन्होंने 22 फर्स्ट क्लास मैचों में 1229 रन बनाए हैं और उनका औसत 30.72 रहा है।

    हालांकि यह भी एक दिलचस्प तथ्य है कि लुईस ने अब तक वेस्टइंडीज के लिए एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में रेड बॉल क्रिकेट में उनकी वापसी को उनके करियर के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।

    उनकी हालिया फॉर्म इस फैसले को और भी मजबूत बनाती है। इस समय चल रही टीटीसीबी प्रीमियरशिप डिवीजन में लुईस बेस मोटर्स मार्चिन पैट्रियट्स के लिए जबरदस्त लय में नजर आए हैं। उन्होंने क्वीन्स पार्क क्रिकेट क्लब के खिलाफ 119 रन बनाए इसके बाद मैरीबॉयज के खिलाफ नाबाद 232 रन की विशाल पारी खेली और पावरजेन पेनल क्रिकेट क्लब के खिलाफ 113 रन ठोके। इस दो दिवसीय स्थानीय टूर्नामेंट में उनका औसत 94 के आसपास रहा है जो उनके आत्मविश्वास को साफ दर्शाता है।

    त्रिनिदाद टीम के कोच रायाद एमरिट ने भी लुईस की वापसी को सकारात्मक संकेत बताया है। उनके अनुसार लुईस का लगातार रन बनाना टीम के लिए अच्छी खबर है लेकिन इससे टीम चयन और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि टीम में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कुछ खिलाड़ियों को बाहर बैठना पड़ सकता है।

    लुईस की यह वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी का फैसला नहीं बल्कि वेस्टइंडीज क्रिकेट के लिए भी अहम मोड़ हो सकती है। अगर वह रेड बॉल क्रिकेट में अपनी फॉर्म जारी रखते हैं तो भविष्य में टेस्ट टीम के दरवाजे भी उनके लिए खुल सकते हैं। फिलहाल सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लुईस अपनी दूसरी पारी में भी उतना ही धमाल मचा पाएंगे जितना उन्होंने टी20 क्रिकेट में किया था।

  • अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    अब घरेलू क्रिकेट का ग्लैमर बढ़ेगा: BCCI ने लाइव मैचों की संख्या बढ़ाने का ऐलान

    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के घरेलू टूर्नामेंट में अंतरराष्ट्रीय स्टार्स की भागीदारी बढ़ने के साथ ही दर्शकों की मांग भी बढ़ी है। हालिया विजय हजारे ट्रॉफी में जब टीम इंडिया के दिग्गज विराट कोहली और रोहित शर्मा खेल रहे थे, तब भी उनके मैचों का लाइव प्रसारण नहीं हुआ, जिससे फैंस में निराशा और नाराजगी देखने को मिली।

    अब BCCI ने इस मुद्दे पर साफ संकेत दे दिए हैं कि वह घरेलू क्रिकेट की ब्रॉडकास्ट नीति में बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड के सेक्रेटरी देवजीत सैकिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पहले घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण को लेकर कोई सवाल नहीं उठता था, लेकिन अब दर्शक और मीडिया दोनों ही यह मांग कर रहे हैं कि इंटरनेशनल खिलाड़ियों के मैच लाइव दिखाए जाएं।

    BCCI के पास फिलहाल 100 घरेलू मैचों का टेलीकास्ट कॉन्ट्रैक्ट है, जिसे अगले सीजन से बढ़ाने की योजना है। सैकिया ने स्पष्ट किया कि जब घरेलू क्रिकेट में शीर्ष खिलाड़ी नियमित रूप से खेल रहे हैं, तो दर्शक भी इन मैचों को लाइव देखना चाहते हैं। इसलिए बोर्ड 100 मैचों की सीमा बढ़ाकर अधिक मैचों का टेलीकास्ट कराएगा और इसके लिए ब्रॉडकास्ट पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।

    देवजीत सैकिया ने घरेलू क्रिकेट में इंटरनेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी के फायदे भी बताए। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को देश के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलता है और इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। ड्रेसिंग रूम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहकर युवा खिलाड़ी खेल को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं और सीखते हैं।

    हालांकि यह बदलाव कब लागू होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा BCCI अगले सीजन की शुरुआत से पहले कर सकता है। लेकिन यह साफ है कि BCCI घरेलू क्रिकेट को और अधिक प्रोफेशनल और दर्शक-केंद्रित बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे स्टार खिलाड़ियों की वजह से घरेलू क्रिकेट में दर्शकों की रुचि बढ़ी है, और BCCI भी घरेलू मैचों के लाइव प्रसारण की संख्या बढ़ाकर इस मांग को पूरा करने की तैयारी कर रहा है।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • 9 मैचों में 5 शतक, 781 रन… पडिक्कल से भी आगे निकला ये धुरंधर, 25 साल के अमन मोखाड़े ने उड़ाया गर्दा

    9 मैचों में 5 शतक, 781 रन… पडिक्कल से भी आगे निकला ये धुरंधर, 25 साल के अमन मोखाड़े ने उड़ाया गर्दा


    नई दिल्ली । जब कोई बल्लेबाज शानदार फॉर्म में होता है, तो उसे रोक पाना किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों भारतीय घरेलू क्रिकेट में देखने को मिल रहा है, जहां एक 25 साल का युवा बल्लेबाज गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़ा है। यह खिलाड़ी कोई और नहीं, बल्कि विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अमन मोखाड़े हैं, जिन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में अपने बल्ले से रनों की झड़ी लगा दी है। अमन मोखाड़े ने इस टूर्नामेंट में अब तक 9 मैच खेले हैं और इनमें 5 शानदार शतक जड़ चुके हैं। इन 9 पारियों में उनके बल्ले से कुल 781 रन निकले हैं, जिससे वह इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
    उन्होंने कर्नाटक के स्टार बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को भी पीछे छोड़ दिया है, जिनके नाम इस टूर्नामेंट में 721 रन दर्ज हैं। अमन की इस विस्फोटक बल्लेबाजी का ही नतीजा है कि विदर्भ की टीम ने विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली है और अब खिताब जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। दाएं हाथ के इस ओपनर ने टूर्नामेंट की शुरुआत भी धमाकेदार अंदाज में की थी। पहले ही मैच में उन्होंने 110 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली, जबकि दूसरे मुकाबले में 82 रन बनाए। इसके बाद तो मानो शतकों की बारिश ही हो गई। हर मैच में अमन का आत्मविश्वास और तकनीक देखने लायक रही, जिसने चयनकर्ताओं और क्रिकेट एक्सपर्ट्स का ध्यान खींचा है।

    शानदार फॉर्म के चलते अमन मोखाड़े ने एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। वह अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं। उन्होंने यह कारनामा सिर्फ 16 पारियों में कर दिखाया, जिससे उन्होंने देवदत्त पडिक्कल और अभिनव मुकुंद का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 1000 रन तक पहुंचने में 17 पारियां खेली थीं। इतना ही नहीं, अमन ने इस मामले में साउथ अफ्रीका के महान बल्लेबाज ग्रीम पोलॉक की बराबरी भी कर ली है, जिन्होंने भी 16 पारियों में 1000 लिस्ट-ए रन पूरे किए थे।

    अमन मोखाड़े का बल्ला सिर्फ विजय हजारे ट्रॉफी में ही नहीं, बल्कि पूरे घरेलू सीजन में आग उगलता नजर आया है। रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 7 पारियों में 577 रन बनाए थे, जबकि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनके नाम 206 रन दर्ज हैं। अब विजय हजारे ट्रॉफी में 781 रन बनाकर उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह लंबे रेस के घोड़े हैं। क्रिकेट फैंस के लिए अमन मोखाड़े भले ही नया नाम हों, लेकिन उनकी कहानी बेहद दिलचस्प है। 16 जनवरी 2001 को जन्मे अमन ने ज्वाला सिंह से कोचिंग ली है, जिन्होंने भारतीय टीम के युवा स्टार यशस्वी जायसवाल को भी तैयार किया है। अमन एक आक्रामक ओपनर होने के साथ-साथ लेग ब्रेक गेंदबाजी भी कर सकते हैं। अब 18 जनवरी को विजय हजारे ट्रॉफी का फाइनल खेला जाना है और सभी की नजरें एक बार फिर इस रन मशीन पर टिकी होंगी।

  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।