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  • ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश

    ग्वालियर में घरेलू विवाद से तनाव, युवक ने जहर खाकर की आत्महत्या की कोशिश


    नई दिल्ली। ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। यह मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब जहर खाने से ठीक पहले युवक ने अपने मोबाइल से तीन वीडियो रिकॉर्ड किए और उन्हें अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सऐप ग्रुप में भेज दिया।

    प्राइवेट कंपनी में काम करने वाला 28 वर्षीय वेंकट शर्मा मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में अपने फ्लैट में अकेला था। बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव और पारिवारिक विवादों से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। वीडियो सामने आते ही सोसायटी के लोगों में हड़कंप मच गया और पड़ोसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही स्थानीय लोग विकास तोमर के साथ वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे। दरवाजा खोलकर देखा तो युवक अचेत अवस्था में था। बिना देर किए उसे पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। समय रहते हुई इस कार्रवाई से उसकी जान बच गई।

    घटना के बाद सामने आए वीडियो में वेंकट शर्मा रो-रोकर अपनी पीड़ा व्यक्त करता दिख रहा है। उसने अपनी पत्नी रितु शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वेंकट का कहना है कि उसकी पत्नी को महंगी जीवनशैली और लग्जरी चीजों का शौक है, वह एक लाख रुपये तक के मोबाइल फोन इस्तेमाल करती है। इसके साथ ही उसने पत्नी पर अनजान लोगों से देर रात तक बातचीत करने और विरोध करने पर धमकियां दिलवाने का भी आरोप लगाया है।

    वीडियो में वेंकट ने अपनी सास गीता शर्मा और अन्य परिजनों पर भी मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि उसे उसके बेटे से दूर कर दिया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गया। वेंकट ने वीडियो में यह भी कहा कि लगातार मिल रही धमकियों और पारिवारिक तनाव के कारण वह गहरे अवसाद में चला गया।

    युवक ने वीडियो में आठ लोगों के नाम लेते हुए उन्हें अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया और कार्रवाई की मांग की। उसने भावुक होकर कहा कि अगर उसे कुछ हो जाता है तो इसके लिए वही लोग जिम्मेदार होंगे।

    पुलिस के अनुसार, वीडियो और शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। बहोड़ापुर थाना पुलिस ने बताया कि युवक के बयान स्वस्थ होने के बाद दर्ज किए जाएंगे और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने कहा है कि मामले की हर एंगल से जांच की जाएगी, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

  • रिश्तों में क्या हुआ ऐसा दर्द? नई-नवेली दुल्हन ने लगाई फांसी, हादसे ने बचा ली जान

    रिश्तों में क्या हुआ ऐसा दर्द? नई-नवेली दुल्हन ने लगाई फांसी, हादसे ने बचा ली जान


    ग्वालियर ।
    ग्वालियर के महाराजपुरा इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के महज दो दिन बाद ही एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि किस्मत ने उसका साथ दिया और फंदा तथा कुर्सी टूट जाने के कारण उसकी जान बच गई। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

    जानकारी के मुताबिक, भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र की रहने वाली 22 वर्षीय सपना गुर्जर की शादी 25 अप्रैल 2026 को ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मणगढ़ निवासी सौरभ गुर्जर के साथ हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन दो दिन बाद ही ससुराल में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि इसी विवाद से आहत होकर सपना ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाने का प्रयास किया।

    घटना के दौरान अचानक फंदा और पैरों के नीचे रखी कुर्सी टूट गई, जिससे तेज आवाज हुई। आवाज सुनकर परिजन तुरंत कमरे में पहुंचे, जहां सपना बेसुध हालत में मिली। परिजनों ने बिना समय गंवाए उसे तुरंत Jayarogya Hospital पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत गंभीर जरूर है, लेकिन फिलहाल स्थिर बनी हुई है। उसके गले पर फंदे के निशान पाए गए हैं, जिससे आत्महत्या के प्रयास की पुष्टि होती है।

    घटना की सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, नवविवाहिता अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। जैसे ही वह होश में आएगी, उसके बयान दर्ज किए जाएंगे, जिससे इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह सामने आ सकेगी। फिलहाल पुलिस ससुराल पक्ष के लोगों से पूछताछ कर रही है और मायके पक्ष को भी सूचना दे दी गई है।

    उधर, सपना के परिजन भी भिंड से ग्वालियर पहुंच चुके हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर शादी के दो दिन बाद ही ऐसा क्या हुआ, जिसने नवविवाहिता को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। यदि जांच में किसी प्रकार की प्रताड़ना या दबाव की बात सामने आती है, तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला कई सवाल खड़े कर रहा है और सभी की निगाहें नवविवाहिता के बयान पर टिकी हैं, जो इस पूरे घटनाक्रम की असली वजह उजागर करेगा।

  • हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत

    हाईकोर्ट का अहम आदेश: महिला को सुरक्षा के साथ ससुराल भेजा, पति-ससुर को सम्मानजनक व्यवहार की सख्त हिदायत


    ग्वालियर। पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में बुधवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने अहम आदेश देते हुए एक महिला को सुरक्षा व्यवस्था के साथ उसके ससुराल लौटने की अनुमति दी। अदालत ने साथ ही महिला के पति और ससुर को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें और किसी भी प्रकार की प्रताड़ना न करें। कोर्ट ने महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था भी लागू की है।

    यह मामला हैबियस कॉर्पस याचिका के रूप में अदालत के सामने आया था। याचिकाकर्ता प्रदीप राठौर ने कोर्ट में आरोप लगाया था कि उसकी बहन प्रियंका राठौर को उसके पति नरेंद्र राठौर और ससुर द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही यह भी कहा गया कि परिवार के लोगों को उससे संपर्क करने नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते मामला अदालत तक पहुंचा।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की खंडपीठ ने महिला, उसके पति और अन्य संबंधित पक्षों को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अदालत में उपस्थित हुए और जजों ने महिला सहित सभी की बात विस्तार से सुनी।

    सुनवाई के दौरान प्रियंका राठौर ने अदालत के सामने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि पति और ससुर अक्सर उन्हें परेशान करते हैं और कई बार विवाद की स्थिति बन जाती है। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार उसके पति ने उसे सीढ़ियों से धक्का देने की कोशिश भी की थी, जिससे वह काफी भयभीत हो गई थी।

    हालांकि, महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसका 8 वर्षीय बेटा है और वह अपने बेटे के भविष्य और परिवार को बचाने की कोशिश करना चाहती है। इसी कारण उसने फिलहाल ससुराल वापस जाकर रिश्तों को सुधारने और विवाद सुलझाने का एक मौका देने की इच्छा जताई।

    दूसरी ओर, महिला के पति नरेंद्र राठौर, जो एक बैंक में मार्केटिंग से जुड़े कार्य करते हैं, ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में अपनी पत्नी के साथ सम्मानजनक व्यवहार करेंगे और उसे किसी प्रकार की हानि नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि वे परिवार को साथ लेकर चलना चाहते हैं।

    महिला की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अदालत ने एक विशेष व्यवस्था भी की है। कोर्ट ने सरकारी अधिवक्ता अंजली ज्ञानानी और जनकगंज थाने की महिला आरक्षक अंतिमा तिवारी तथा आरती लोधी को छह महीने के लिए “शौर्य दीदी” के रूप में नियुक्त किया है। इनकी जिम्मेदारी होगी कि वे समय-समय पर महिला से संपर्क कर उसकी स्थिति की जानकारी लें और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि महिला के साथ किसी प्रकार की प्रताड़ना या दुर्व्यवहार की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करनी होगी।

    इस आदेश को घरेलू विवाद के मामलों में महिला सुरक्षा और पारिवारिक समाधान के संतुलन के रूप में देखा जा रहा है, जहां अदालत ने एक ओर महिला की सुरक्षा सुनिश्चित की है तो दूसरी ओर परिवार को भी संबंध सुधारने का अवसर दिया है।