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  • MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर

    MP में LPG का बड़ा संकट: होटलों के चूल्हे ठंडे, घरों में 8 घंटे की कतार, प्रशासन अलर्ट पर



    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) संकट ने आम नागरिक और व्यवसाय दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से मिली रिपोर्टों के मुताबिक, घरेलू गैस की कमी ने लोगों को धूप में घंटों कतार में खड़ा कर दिया है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडर न मिलने से होटलों और रेस्तरां के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद और बोगदा पुल इलाकों में स्थिति गंभीर है। स्थानीय निवासी शीबा खान के अनुसार, उनके पास 13 मार्च को डिलीवरी का मैसेज तो आया, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचा, जिससे उन्हें अब रिश्तेदारों के यहां खाना बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वहीं मोहम्मद रियाज ने तीन दिन गैस न मिलने के बाद नया इंडक्शन चूल्हा खरीदा, ताकि परिवार भूखा न रहे।

    कॉमर्शियल सिलेंडरों की किल्लत ने प्रदेश के होटल और रेस्तरां उद्योग को भी प्रभावित किया है। पिछले छह दिनों में 50,000 से ज्यादा होटलों और छोटे रेस्टॉरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल और इंदौर के कई होटलों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, जबकि कई रेहड़ियां और स्ट्रीट फूड ठेले पूरी तरह बंद हो गए हैं। इससे दैनिक मजदूरी पर निर्भर दुकानदारों की आमदनी भी प्रभावित हो रही है।

    हालांकि ग्वालियर और उज्जैन में प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने दावा किया कि जिले में स्टॉक की कोई कमी नहीं है और खाद्य विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। अफवाहों को रोकने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। उज्जैन में रविवार की छुट्टी के बावजूद महाकाल गैस एजेंसी खोलकर घरेलू गैस की सप्लाई जारी रखी गई। एजेंसी संचालक भगवान दास एरन ने बताया कि घरेलू सिलेंडर की निरंतर सप्लाई की जा रही है, हालांकि कॉमर्शियल सिलेंडरों के लिए नए आदेशों का इंतजार किया जा रहा है।

    इंदौर में स्थिति थोड़ी मिश्रित रही। प्रशासन के निर्देश पर रविवार को खुली एजेंसियों में उपभोक्ताओं ने बुकिंग कराने में कोई परेशानी नहीं बताई, लेकिन सप्लाई में देरी के कारण डिलीवरी 7-8 दिन में मिलने का आश्वासन दिया गया। वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने KYC प्रक्रिया और गैस पाइप (नली) खरीदने का दबाव भी अनुभव किया।

    इस संकट ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में LPG की आपूर्ति और वितरण में प्रशासनिक और लॉजिस्टिक चुनौतियां हैं। घरों में खाना बनाने वाले आम नागरिक और व्यवसायिक स्तर पर रेस्तरां चलाने वाले दोनों ही इस संकट से प्रभावित हैं। ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर में प्रशासन की सक्रियता के बावजूद राजधानी भोपाल सहित कई इलाकों में जनता को गैस के लिए लंबी कतारों और देरी का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं की मांग है कि राज्य सरकार और गैस एजेंसियां जल्द से जल्द सप्लाई और वितरण सुचारू करें ताकि रोजमर्रा के काम और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

  • घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं , जमाखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी

    घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं , जमाखोरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी


    नई दिल्ली।
    सरकार ने आज देशवासियों को आश्वस्त किया कि देश की रिफायनरियों में कच्चे तेल से द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के उत्पादन को बढ़ाने का निर्देश दिया गया है और घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने की कोई भी संभावना नहीं है इसलिए आम जनों को चिंतित होने की जरूरत नहीं है। सरकार ने जमाखोरी करने को चेताया है कि उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    उच्चपदस्थ सूत्राें ने यहां संवाददाताओं से कहा कि देश में एलपीजी की आपूर्ति पर पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण कुछ असर हुआ है लेकिन भारत में स्थिति तेल रिफायनरियों में क्षमता वृद्धि के उपाय किये गये हैं और जल्द ही बाज़ार में उपलब्धता बढ़ेगी। सूत्रों के अनुसार देश की रिफायनरियों में एलपीजी के उत्पादन में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसके और बढ़ने की संभावना है।

    सूत्रों ने कहा कि पश्चिम एशिया में संकट के नाम पर देश में जो भी वितरक कृत्रिम संकट बता कर जमाखोरी कर रहे हैं, उन पर सरकार की पैनी नज़र है और उन्हें पछताना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल व्यावासयिक सिलेंडरों की आपूर्ति नियंत्रित की है और प्राथमिकता के आधार पर उनके वितरण का निर्णय करने का अधिकार राज्यों को दिया है।

    सूत्रों ने बताया कि भारत दुनिया में एलपीजी का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है जो अपनी एलपीजी खपत का लगभग 55-60% हिस्सा मुख्य रूप से खाड़ी देशों- कतर एवं संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सीधे आयात करता है, जबकि शेष 40-45% घरेलू स्तर पर रिफाइनरियों में कच्चे तेल के शोधन के दौरान उप-उत्पाद के रूप में निर्मित होता है। हाल ही में सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए रिफाइनरियों को आदेश दिया है। वैश्विक आपूर्ति में बाधा का असर भारत पर पड़ना स्वाभाविक है।

    सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत एलपीजी का लगभग 29-34% हिस्सा कतर से आयात करता है और कतर के बाद यूएई लगभग 26% की हिस्सेदारी के साथ दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। हाल के वर्षों में, भारत ने कतर से सालाना 5.3 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी का आयात किया है, जिसकी कीमत 4 अरब डॉलर से अधिक है। 2024 में, भारत और कतर ने 2048 तक सालाना 75 लाख टन द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति के लिए एक बड़ा समझौता भी किया है। भारत की आयातित एलपीजी का अधिकांश भाग होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आता है जिसे ईरान ने बाधित कर रखा है।

    सूत्रों ने कहा कि भारत में कच्चे तेल की आपूर्ति का कोई संकट नहीं है। भारत रूस समेत 40 से अधिक देशों से कच्चे तेल की खरीद करता है। भारत ने अपनी रिफायनरियों से कहा है कि वह कच्चे तेल के शोधन में उप उत्पादों में एलपीजी को प्राथमिकता दें और उनका उत्पादन बढ़ाएं ताकि बाहर से आने वाली एलपीजी की कमी की यथासंभव भरपाई हो सके। उल्लेखनीय है कि कच्चे तेल के शोधन से प्रोपेन और ब्यूटेन, मीथेन, एथेन, नैफ्था, प्लास्टिक, रसायन और उच्च ऑक्टेन गैसोलीन, पेट्रोल, केरोसीन, जेट फ्यूल, डीज़ल, फ्यूल ऑयल, ल्यूब्रिकेंट्स, वैक्स तथा अस्फाल्ट / बिटुमेन का भी उत्पादन होता है।

  • मध्य प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं, निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं, निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नागरिकों को रसोई गैस संबंधी परेशानी नहीं होगी। प्रदेश में घरेलू रसोई गैस सहित पीएनजी और सीएनजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार देर शाम एक बयान में कहा कि वर्तमान में मिडिल ईस्ट-एशिया में युद्ध की स्थितियों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मंत्रीगण सजग हैं। नागरिकों को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है, केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रबंधन किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक गतिविधियों के कारण से पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के संबंध में वर्तमान स्थितियों में अभी तक अधिकांश कच्चे तेल की आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होती थी, जिसे परिवर्तित कर अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही देश की रिफाइनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही है। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिये वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया जारी है।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती के हो रही है। रिफाइनरी को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वर्तमान में एलपीजी उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि भी हुई है। इसके अलावा एक विशेष उपलब्धि प्राप्त हुई है कि जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले ऐसे जहाज एवं टेंकर जिनमें भारतीय फ्लेग लगे हैं उनको नहीं रोका जाएगा, यह एक राजनयिक विजय है, जिससे पेट्रोलियम सप्लाई में बाधा समाप्त होगी।

    उन्होंने बताया कि गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिये प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी किया गया है, जिससे देश में किसी भी प्रकार की घरेलू गैस की आपूर्ति में कमी न हो। उपरोक्त के अनुक्रम में प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है तथा निरंतर आपूर्ति जारी है। पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं हुई है। इसी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार वरिष्ठ मंत्रियों की समिति का गठन भी किया गया है।


    मुख्य सचिव जैन ने जिला कलेक्टर्स को दिये निर्देश

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार देर शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कमिश्नर-कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम-मध्य एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न हुई स्थिति के दृष्टिगत एलपीजी सहित अन्य ईंधन की उपलब्धता की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना और एसीएस शिवशेखर शुक्ला एवं रश्मि अरुण शमी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि घरेलू गैस वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत करें तथा इससे जुड़ी कंपनियां भी सर्वर आदि की क्षमता बढाएं जिससे रिफिल बुकिंग ओटीपी जनरेशन और वितरण बिना असुविधा के सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सुनिश्चत करें कि गलत सूचनाओं का प्रसार और अफवाहों को सख्ती से रोंके और उपभोक्ताओं तक मीडिया आदि का उपयोग कर सही सूचना पहुचाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाए और सूचना तंत्र मजबूत कर अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी की कोई भी घटना नही हो, यह सुनिश्चत करें।

    मुख्य सचिव ने कलेक्टर्स द्वारा होटल्स, रेस्टोरेंट, मैरिज गार्डन आदि के संचालकों से बात कर रसोई गैस की जगह इलेक्ट्रिक भट्टी और इंडेक्शन आदि का उपयोग बढ़ाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे भी वैकल्पिक और सुरक्षित ईंधन के उपयोग के प्रति नागरिकों और खानपान व्यवसाय में लगे लोगों बीच वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के प्रति जागरूकता बढाएं।

    मुख्य सचिव जैन ने विभिन्न शहरों में पीएनजी के कनेक्शन की जानकारी ली और कलेक्टर्स से कहा कि वे अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पाइप लाइन गैस प्रणाली से जोड़ें। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा कि सी एम हेल्पलाइन की शिकायतों का उसी दिन संतुष्टि पूर्वक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

    डीजीपी मकवाना ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे सोशल मीडिया सहित विभिन्न प्लेट फार्म पर गलत सूचनाओं और अफवाह फैलाने वालों पर कार्यवाही करें और संपूर्ण व्यवस्था में सुरक्षात्मक इंतजाम सुनिश्चित करें।

    खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने बताया कि प्रदेश में एलपीजी सहित पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश के सीएनजी स्टेशन एवं पीएनजी उपभोक्ताओं के उपयोग के लिए एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। प्रदेश मे पेट्रोलियम/ सीएनजी, पीएनजी गैस की आपूर्ति लगातार जारी है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पर्याप्त मात्रा में एलपीजी की लगातार उपलब्धता है। शैक्षणिक एवं चिकित्सा संस्थानों को वाणिज्यिक सिलेंडर के उपयोग की छूट प्रदान की गई है। उन्होंने कलेक्टर्स से मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करने के लिए भी कहा है।

    कांफ्रेंस में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, सागर, धार के कलेक्टर्स सहित ग्वालियर एवं रीवा के कमिश्नर ने किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। एसीएस रश्मि अरूण शमी ने अधिकारियों से कहा कि वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह दें। जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां पीएनजी के कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जाए। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। जिला कलेक्टर, जिले के खाद्य नियंत्रक/अधिकारी, ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारी तथा एलपीजी वितरकों से समन्वय कर एलपीजी की आवश्यकता तथा उपलब्धता की प्रतिदिन समीक्षा भी करें।


    वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा

    प्रदेश में घरेलू रसोई गैस की कोई कमीं नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्य शासन एलपीजी सहित अन्य ईंधन के परिवहन, भंडारण और वितरण पर पूरी तरह से सतर्क है। एसीएस रश्मि अरूण शमी को समन्वय अधिकारी बनाया गया है, वे प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों से संवाद और समन्वय करेंगी। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद गलत सूचनाओं के कारण घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस सहित अन्य ईंधन का सुरक्षित परिवहन, भंडारण और वितरण सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य स्तर के साथ ही जिला स्तर पर भी कंट्रोल रूम बनाए जाएं जहां प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा के साथ ही समाधान हो। बैठक में बताया गया कि गैस कंपनियों की भी हेल्पलाइन से लोगों को सही जानकारी दी जा रही है। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जन भावनाओं के दृष्टिगत कंट्रोल रूम में कई फोन नम्बर रखें तथा दक्ष अमले की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि रसोई गैस वितरण की पारदर्शी व्यवस्था है और संबंधित विभागों का दायित्व है कि वे ऐसा वातावरण तैयार करें जिससे जन भावनाएं व्यवस्था के साथ हों।

  • नोएडा में गैस सिलेंडर संकट पर लोगों का फूटा गुस्सा, सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन के पास लगाया जाम

    नोएडा में गैस सिलेंडर संकट पर लोगों का फूटा गुस्सा, सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन के पास लगाया जाम


    नोएडा । उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती किल्लत को लेकर लोगों का गुस्सा गुरुवार को सड़कों पर दिखाई दिया। नाराज लोगों ने सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशनके पास जोरदार प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी जिससे इलाके में कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हो गया।

    प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से गैस एजेंसियों पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। इसके कारण घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि एजेंसियों पर सिलेंडर खत्म होने की बात कही जा रही है लेकिन दूसरी ओर खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है और अधिक कीमत लेकर सिलेंडर बेचे जा रहे हैं।

    प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कई उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई थी लेकिन समय पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हो रही है। इससे आम परिवारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महिलाओं ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।

    जाम की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि गैस एजेंसियों से बात कर समस्या का समाधान कराया जाएगा और यदि कहीं कालाबाजारी की शिकायत सही पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांतिपूर्वक अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि समस्या का जल्द समाधान किया जा सके और शहर में सामान्य व्यवस्था बनाए रखी जा सके।

  • भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे

    भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे



    भोपाल। मध्य प्रदेश में ईरान-इजराइल युद्ध के असर के चलते एलपीजी सप्लाई संकट गहराने लगा है। मंगलवार को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तीनों तेल कंपनियों, फूड अफसर और गैस एजेंसियों के साथ मीटिंग बुलाई, जिसमें कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकने के बाद शहर के 2000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में संकट की गंभीर स्थिति सामने आई।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार से ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी है। इससे बड़े और छोटे होटल, रेस्टोरेंट और बार में भोजन बनाने और शादियों के आयोजन में परेशानी बढ़ गई है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसीआई) के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने कलेक्टर से अपील की कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, अन्यथा मार्च में होने वाली हजारों शादियों में खाना बनाने में दिक्कतें आएंगी।

    इधर, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। पहले 15 दिन में बुकिंग होती थी, अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही मिलेगा। इसके अलावा, बुकिंग केवल उसी रजिस्टर्ड नंबर पर ही OTP के जरिए हो पाएगी।

    मध्यप्रदेश में कुल सवा करोड़ से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं। राजधानी भोपाल में प्रतिदिन लगभग 15 हजार सिलेंडर सप्लाई होते हैं, वहीं इंदौर में 25 हजार, जबलपुर में 20-25 हजार और ग्वालियर में 20 हजार सिलेंडर रोजाना वितरित किए जाते हैं। छोटे जिलों में भी 2 हजार सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई होते हैं।

    केंद्र सरकार ने गैस की सप्लाई और जमाखोरी रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू किया है और एलपीजी को चार कैटेगरी में बांटा गया है:

    पूरी सप्लाई: घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG।

    खाद कारखाने: फैक्ट्रियों को 70% गैस उपलब्ध।

    बड़े उद्योग: आवश्यकतानुसार लगभग 80% गैस।

    छोटे बिजनेस और होटल: पुरानी खपत के हिसाब से 80% गैस।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच अहम कदम उठाए हैं: हाई-लेवल कमेटी गठन, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू, घरेलू सिलेंडर बुकिंग में बदलाव, OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य, तथा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश।

    सप्लाई संकट के दो प्रमुख कारण हैं: पहला, फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाले 167 किलोमीटर लंबे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना, जिससे भारत की 50% कच्चा तेल और 54% LNG सप्लाई प्रभावित हुई। दूसरा, कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया। भारत अपनी कुल LNG जरूरत का करीब 40% कतर से आयात करता है।

    इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह दी और बताया कि सरकार वैकल्पिक सप्लाई विकल्प तलाश रही है। वहीं, G7 देश और रूस-अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

    साथ ही सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब ₹913 में मिलेगा, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹1883 हो गए हैं।

    मध्यप्रदेश के होटल-रेस्टोरेंट संचालक और छोटे व्यवसायों में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस की सप्लाई रोकने से खाना बनाने और व्यापार चलाने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। सरकार की हाई-लेवल कमेटी और आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू होने के बाद ही हालात में सुधार की उम्मीद है।

  • कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

    कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू


    नई दिल्ली । देश भर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप हो गई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर की गई स्ट्राइक के बाद हॉर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है जिससे भारत को गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कतर जो भारत की LNG की सबसे बड़ी सप्लाई करता है ने प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% LNG कतर से ही आयात करता है इसलिए देश में घरेलू और कॉमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है।

    दिल्ली मध्य प्रदेश महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी है। इससे कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है। मुंबई में 20% होटल रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं और होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो अगले दो दिनों में आधे से अधिक होटल बंद हो सकते हैं। भोपाल में शादी और सीजन के बीच 2 000 से अधिक होटल रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित हैं।

    केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और आपूर्ति नियंत्रण के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई चार कैटेगरी में बांटी जाएगी घरेलू रसोई और CNG को पूरी आपूर्ति मिलेगी खाद कारखानों को लगभग 70% बड़े उद्योगों और चाय फैक्ट्रियों को लगभग 80% और छोटे होटल रेस्टोरेंट और कारखानों को भी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस मिलेगी।

    उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 5 दिन बाद भी सिलेंडर डिलीवर नहीं हो रहे हैं। मुंबई पुणे और नागपुर में सप्लाई कटौती के कारण रेस्टोरेंट और शवदाह गृह बंद हुए हैं। राजस्थान में होटल मैरिज गार्डन और रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। कर्नाटक में भी होटल बंद होने की आशंका के कारण बुजुर्ग छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच कदम उठाए हैं हाई लेवल कमेटी बनाना आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना LPG बुकिंग नियम बदलना 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य करना और LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश देना। इंडियन ऑयल के के.एम. ठाकुर ने कहा है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक सप्लाई का भी इंतजाम कर रही है रूस और अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की संभावना है।

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बंदी और कतर में LNG उत्पादन ठप होना मुख्य कारण हैं। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल और 54% LNG इसी मार्ग से मंगाता है। सप्लाई संकट के बीच घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ाकर 913 रुपए कर दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर 19 किग्रा का 1883 रुपए में मिल रहा है। इससे होटल रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय संचालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।