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  • जबलपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: बेटे ने मां की हत्या की, टेबल फैन से सिर कुचला

    जबलपुर में दिल दहला देने वाली वारदात: बेटे ने मां की हत्या की, टेबल फैन से सिर कुचला


    जबलपुर। जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-7 स्थित गढ़िया मोहल्ले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद के दौरान एक बेटे ने अपनी ही मां की हत्या कर दी। यह पूरी वारदात सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी करण कोल देर रात शराब के नशे में घर लौटा था। घर पहुंचते ही उसने अपनी पत्नी कांति बाई कोल से खाना बनाने को कहा। पत्नी ने देर रात होने के कारण खाना बनाने से मना कर दिया, जिस पर वह गुस्से में आ गया और पत्नी के साथ मारपीट करने लगा।

    इस दौरान घर के दूसरे कमरे में सो रही उसकी मां गिरानी बाई कोल (65) ने आवाज सुनकर बीच-बचाव करने की कोशिश की। वह मौके पर पहुंचीं और बेटे को डांटते हुए शांत रहने और सोने को कहा। लेकिन स्थिति और बिगड़ गई।

    बताया जाता है कि मां ने जब उसे बार-बार समझाने की कोशिश की, तो आरोपी और अधिक आक्रोशित हो गया। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ती गई और देखते ही देखते विवाद हिंसक रूप ले लिया। इसी दौरान गुस्से में आरोपी ने पास में रखा टेबल फैन उठाया और अपनी मां के सिर पर जोरदार वार कर दिया।

    हमले के बाद भी आरोपी लगातार मां पर हमला करता रहा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ीं। इस बीच पत्नी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के बड़े बेटे दशरथ को सूचना दी गई। वह तुरंत मौके पर पहुंचा और अपनी मां को खून से लथपथ हालत में पाया। परिजन उन्हें तत्काल सिहोरा स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी करण कोल की तलाश शुरू कर दी है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच विवाद के दौरान मां बीच-बचाव करने आई थीं, जिसके चलते आरोपी ने गुस्से में आकर हमला कर दिया।

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। फिलहाल पूरा मामला घरेलू हिंसा और नशे के कारण हुई त्रासदी के रूप में सामने आ रहा है।

  • दहेज हत्या पर बड़ा खुलासा: MP में बढ़ते मामले, भोपाल से ग्वालियर तक चिंता

    दहेज हत्या पर बड़ा खुलासा: MP में बढ़ते मामले, भोपाल से ग्वालियर तक चिंता

    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में दहेज प्रताड़ना और महिलाओं की संदिग्ध मौतों की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनती जा रही हैं। हालात ऐसे हैं कि हर दिन किसी न किसी घर से एक ‘ट्विशा’ जैसी कहानी सामने आ रही है, जहां शादी के बाद उम्मीदों के साथ गई बेटी या तो वापस नहीं लौटती या फिर उसकी मौत एक रहस्य बनकर रह जाती है।

    हाल ही में भोपाल की ट्विशा शर्मा की मौत ने एक बार फिर इस गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। शादी के मात्र छह महीने बाद हुई इस संदिग्ध मौत के बाद परिवार और ससुराल पक्ष के अलग-अलग आरोपों ने मामले को और उलझा दिया है। परिजन न्याय की मांग पर अड़े हैं और अंतिम संस्कार तक रोक दिया गया है, जबकि जांच अभी कोर्ट में विचाराधीन है।

    इसी तरह ग्वालियर की पलक रजक का मामला भी सामने आया, जिसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया है। पलक की आखिरी कॉल और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने उसके मानसिक तनाव की ओर इशारा किया, जिसने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।

    गुना और राजगढ़ जिलों से भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां नवविवाहित महिलाओं को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मानसिक दबाव डालने के आरोप लगे हैं। कहीं जहरीला पदार्थ खाने से मौत हुई तो कहीं आत्महत्या के लिए उकसाने की घटनाएं दर्ज हुईं।

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में दहेज हत्या के 450 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 232 मामले IPC और 218 मामले नए BNS कानून के तहत दर्ज हुए हैं। यह आंकड़ा बताता है कि राज्य देश में दहेज हत्या के मामलों में तीसरे स्थान पर है।

    इस सूची में उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद मध्यप्रदेश का नाम आता है, जहां लगातार ऐसे मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में पति या ससुराल पक्ष द्वारा क्रूरता के 7514 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि आत्महत्या के लिए उकसाने के 210 मामले सामने आए हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि दहेज प्रताड़ना अब केवल शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं रही, बल्कि मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक दबाव के रूप में भी सामने आ रही है। कई मामलों में लव मैरिज के बाद भी दहेज के कारण विवाद और उत्पीड़न की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं।

    राज्य महिला आयोग ने भी इन बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है और कहा है कि कई मामलों में पुलिस की जांच में देरी और लापरवाही सामने आ रही है। आयोग अब ऐसे मामलों की निगरानी और जांच प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए विशेष कमेटी बनाने पर विचार कर रहा है।

    कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर हालात गंभीर संकेत दे रहे हैं। लगातार सामने आ रहे दहेज प्रताड़ना और संदिग्ध मौतों के मामले इस बात की ओर इशारा करते हैं कि समाज और व्यवस्था दोनों स्तरों पर गहन सुधार की जरूरत है, ताकि हर ‘ट्विशा’ को न्याय और सुरक्षा मिल सके।

  • माता-पिता के विवाद से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम, जहर खाया

    माता-पिता के विवाद से परेशान युवक ने उठाया खौफनाक कदम, जहर खाया


    इंदौर। इंदौर के आजाद नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पारिवारिक कलह से परेशान एक 19 वर्षीय युवक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। यह घटना बुधवार की बताई जा रही है, जिसने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है।

    मृतक की पहचान अनुराग (19) के रूप में हुई है, जो पवनपुरी पालदा क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। बताया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता के बीच चल रहे विवाद से मानसिक रूप से बेहद परेशान था।

    छोटे भाई से बातचीत के बाद उठाया कदम

    पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना से पहले अनुराग की अपने छोटे भाई से फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान उसे पता चला कि उसके पिता ने उसकी मां के साथ मारपीट की है।

    यह बात सुनकर वह काफी आहत हो गया। इसके बाद उसकी अपने पिता से भी बातचीत हुई, जो विवाद में बदल गई। इसी मानसिक तनाव में आकर अनुराग ने जहर खा लिया।

    अस्पताल में तोड़ा द

    घटना के बाद अनुराग की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उसके रिश्तेदार नीरज उसे गंभीर हालत में एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा दुख और सदमा है।

    कामकाजी युवक था, तीन साल से रह रहा था इंदौर में

    पुलिस के मुताबिक, अनुराग मूल रूप से नर्मदापुरम जिले के बिशोनी गांव का रहने वाला था। वह पिछले तीन साल से इंदौर में रहकर एक दाल मिल में काम कर रहा था और अपने परिवार की मदद कर रहा था। परिवार में उसके माता-पिता और एक छोटा भाई हैं। उसके पिता पेशे से ड्राइवर बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    आजाद नगर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों को पूरी तरह स्पष्ट किया जा सके।

    पारिवारिक तनाव के गंभीर परिणाम

    यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि पारिवारिक विवाद का असर सिर्फ पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा प्रभाव डालता है। ऐसे मामलों में संवाद और समझदारी बेहद जरूरी होती है।