Tag: Domestic Violence

  • रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला

    रिश्ते पर शक ने छीनी दो जिंदगियां छह माह की गर्भवती पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या का सनसनीखेज मामला


    नई दिल्ली। फरीदाबाद से सामने आए एक दिल दहला देने वाले मामले ने घरेलू हिंसा और रिश्तों में अविश्वास की भयावह तस्वीर उजागर कर दी है। पुलिस के अनुसार 23 वर्षीय छह माह की गर्भवती महिला की कथित तौर पर उसके पति ने हत्या कर दी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अपनी पत्नी पर लगातार शक करता था और इसी वजह से उसे रोजाना कई घंटों तक घर के अंदर बंद रखता था। घटना के बाद आरोपी फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अमित गुप्ता दिल्ली के लाजपत नगर स्थित एक निजी कंपनी में ग्राफिक डिजाइनर के रूप में काम करता था। वह रोज सुबह काम पर निकलने से पहले घर का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर देता था और शाम को लौटकर ही उसे खोलता था। इस दौरान उसकी पत्नी नेहा कुमारी पूरे दिन घर के अंदर अकेली रहती थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी को संदेह था कि उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से संबंध है और इसी शक के कारण वह उसे किसी से मिलने तक नहीं देता था।

    परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि नेहा लंबे समय से इस तरह की प्रताड़ना झेल रही थी। उसे अकेले बाजार जाने की भी अनुमति नहीं थी और वह अधिकतर समय घर में कैद जैसी जिंदगी बिताने को मजबूर थी। पड़ोसियों ने पुष्टि की कि महिला अक्सर पूरे दिन घर के अंदर बंद रहती थी और बाहर बहुत कम दिखाई देती थी। इसके बावजूद उसने कभी खुलकर अपने साथ हो रही प्रताड़ना का विरोध नहीं किया।

    पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पिछले कुछ दिनों से नौकरी पर जाना बंद कर दिया था। इसी बात को लेकर पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार इसी विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपनी गर्भवती पत्नी का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबो दिया जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    मामले की जांच कर रहे अधिकारियों ने बताया कि महिला के पिता ने अपनी बेटी और दामाद के लिए जमीन खरीदकर घर बनवाया था। हालांकि जमीन का पंजीकरण आरोपी के नाम पर कराया गया था। पुलिस अब इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    महिला के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है और विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और मजबूत होगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि घरेलू हिंसा और संदेह जैसी मानसिकता किस तरह पूरे परिवार को बर्बाद कर सकती है। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

  • शादी से जुड़े मामलों में अदालत ने तय की अहम सीमा, सामान्य आरोपों पर परिवार के सभी सदस्यों को नहीं घसीटा जा सकता

    शादी से जुड़े मामलों में अदालत ने तय की अहम सीमा, सामान्य आरोपों पर परिवार के सभी सदस्यों को नहीं घसीटा जा सकता


    नई दिल्ली। वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि केवल सामान्य और बिना ठोस तथ्यों वाले आरोपों के आधार पर पति के सभी रिश्तेदारों को आपराधिक मामलों में शामिल करना उचित नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि घरेलू विवादों में पीड़ित पक्ष की शिकायत और सम्मान बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कानून का इस्तेमाल संतुलित तरीके से होना भी उतना ही जरूरी है।

    वैवाहिक मामलों में बढ़ी न्यायिक चिंता
    हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें पारिवारिक विवादों के दौरान पति के साथ-साथ पूरे परिवार के कई सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया। अदालत ने माना कि वैवाहिक संबंधों में तनाव और कड़वाहट बढ़ने पर भावनात्मक परिस्थितियों में आरोपों का दायरा भी बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।

    सामान्य आरोपों पर नहीं बन सकता आधार
    अदालत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ विशेष और स्पष्ट आरोप मौजूद नहीं हैं, तो केवल रिश्तेदारी के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती। न्यायिक प्रक्रिया में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अलग-अलग जांच की जानी चाहिए। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि केवल व्यापक और अस्पष्ट दावों के आधार पर मामला आगे बढ़ाना न्याय के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा।

    कानून के दुरुपयोग पर जताई चिंता
    सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि यदि जांच और आरोपों की गंभीरता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आपराधिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल उत्पीड़न के साधन के रूप में हो सकता है। अदालत ने संकेत दिया कि न्यायिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और सावधानी दोनों के साथ काम करें।

    पीड़ित पक्ष की गरिमा भी उतनी ही जरूरी

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पीड़ितों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन इसके साथ यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि कानूनी कार्रवाई तथ्यों और पर्याप्त आधार पर आगे बढ़े। न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि निष्पक्षता बनाए रखना भी है।

    यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब पारिवारिक और वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों को लेकर समाज और कानूनी क्षेत्र में लगातार चर्चा हो रही है। अदालत के इस दृष्टिकोण को भविष्य के मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा माना जा रहा है।
  • घर के अंदर हुआ खून का खेल, जिस पोते को दादा ने पाला, उसी ने ले ली जान, गांव में मातम और गुस्सा

    घर के अंदर हुआ खून का खेल, जिस पोते को दादा ने पाला, उसी ने ले ली जान, गांव में मातम और गुस्सा

    नई दिल्ली। रिश्तों की नींव पर जब भरोसा दरकता है, तो घटनाएं इंसानियत को झकझोर देती हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला हरियाणा के हांसी क्षेत्र के एक गांव से सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद ने एक घर को मातम में बदल दिया। जिस दादा ने कभी अपने पोते को उंगली पकड़कर चलना सिखाया था, उसी पोते पर अब उनके जीवन को समाप्त करने का आरोप लगा है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग अभी भी इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि एक ही परिवार के भीतर इतना बड़ा और भयावह कदम कैसे उठाया जा सकता है।

    घटना देर रात की बताई जा रही है, जब घर के अंदर अचानक तेज आवाजें सुनाई दीं। शुरुआत में ग्रामीणों को लगा कि यह कोई सामान्य पारिवारिक विवाद होगा, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति गंभीर हो गई। घर के अंदर अफरा-तफरी मच गई और जब लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने 80 वर्षीय बुजुर्ग को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति स्तब्ध रह गया। कुछ ही समय में पूरे गांव में इस घटना की खबर फैल गई और माहौल गम और गुस्से में बदल गया।

    जानकारी के अनुसार, मृतक बुजुर्ग की पहचान बरखा राम के रूप में हुई है, जिनकी कथित तौर पर उनके ही पोते अंकित ने हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपी अविवाहित है और लंबे समय से पारिवारिक तनाव का माहौल बना हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि घर में अक्सर झगड़े की स्थिति रहती थी और कई बार विवाद हिंसक रूप भी ले लेते थे। यह भी आरोप सामने आए हैं कि आरोपी नशे की हालत में भी दादा से विवाद करता था, जिससे घर का माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहता था।

    बताया जा रहा है कि बुजुर्ग कुछ समय से अपनी बेटियों के पास रह रहे थे और करीब 15 दिन पहले ही गांव लौटे थे। घटना वाली रात किसी बात को लेकर दादा और पोते के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे गंभीर विवाद में बदल गई। इसी दौरान हमला हुआ, जिसमें बुजुर्ग को सिर पर गंभीर चोट लगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला किस वस्तु से किया गया, लेकिन चोटों की गंभीरता को देखते हुए स्थिति बेहद नाजुक मानी गई।

    घटना के बाद पूरे गांव में मातम जैसा माहौल बन गया। हर कोई यही सवाल कर रहा है कि आखिर एक पोता अपने ही दादा के साथ इतना क्रूर व्यवहार कैसे कर सकता है। ग्रामीणों के बीच आक्रोश भी देखा जा रहा है और लोग इस घटना को रिश्तों पर एक गहरा धक्का बता रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है, जबकि मामले की गहन जांच जारी है।

    पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे के कारणों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं यह दर्दनाक घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ता तनाव किस तरह कभी-कभी भयावह परिणामों में बदल सकता है।

  • दीपिका नागर मौत मामला: दहेज प्रताड़ना के आरोपों से हड़कंप, बहन की “एनकाउंटर” की मांग से बढ़ा विवाद

    दीपिका नागर मौत मामला: दहेज प्रताड़ना के आरोपों से हड़कंप, बहन की “एनकाउंटर” की मांग से बढ़ा विवाद



    नोएडा। जलपुरा गांव में 17 मई को हुई 25 वर्षीय दीपिका नागर की संदिग्ध मौत ने अब एक बड़े दहेज प्रताड़ना और हत्या के आरोपों का रूप ले लिया है। प्रारंभिक जानकारी में पुलिस और ससुराल पक्ष ने इसे छत से गिरने की घटना बताया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

    परिवार का दावा है कि दीपिका नागर के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं, जो सामान्य गिरने से मेल नहीं खाते। रिपोर्ट में ब्रेन हेमेटोमा, अंदरूनी रक्तस्राव और शरीर पर गहरे चोट के निशान जैसी गंभीर चोटों का उल्लेख सामने आया है। इसी आधार पर परिवार ने आरोप लगाया है कि दीपिका की पहले बेरहमी से पिटाई की गई और फिर घटना को आत्महत्या या दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई।

    दीपिका के परिवार का कहना है कि उसकी शादी दिसंबर 2024 में ऋतिक नामक युवक से हुई थी और शादी के बाद से ही उसे लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिवार के अनुसार, ससुराल पक्ष द्वारा फॉर्च्यूनर कार और 50 लाख रुपये की मांग की जा रही थी।

    घटना के बाद दीपिका की बहन सारिका नागर ने भावुक होकर आरोपियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उसने कहा कि उसकी बहन के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ और उसे “नोंचकर मार डाला गया।” आक्रोश में सारिका ने यहां तक मांग कर दी कि आरोपियों का “एनकाउंटर” किया जाए, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।

    परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि दीपिका ने मौत से कुछ घंटे पहले फोन पर दहेज प्रताड़ना और मारपीट की बात भी बताई थी। इसके बाद अचानक सूचना मिली कि वह छत से गिर गई है, लेकिन जब परिवार अस्पताल पहुंचा तो दीपिका की मौत हो चुकी थी।

    फिलहाल यह मामला दहेज हत्या और घरेलू हिंसा के गंभीर आरोपों के बीच जांच के दायरे में है। पुलिस की ओर से आधिकारिक जांच जारी है, जबकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

  • कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप

    कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप




    नई दिल्ली। कानपुर के चकेरी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी के मायके जाने के दौरान पति ने चुपके से दूसरी शादी कर ली। इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा स्नैपचैट पर आई तस्वीरों से हुआ, जिसमें पति दूसरी महिला के साथ “पत्नी” लिखकर नजर आया। मामला सामने आने के बाद पीड़िता ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और गंभीर शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और दो बार जबरन गर्भपात कराया गया। महिला का कहना है कि ससुराल वालों ने खाने में दवा मिलाकर उसे नुकसान पहुंचाया, जिससे उसका गर्भ गिर गया। इसके अलावा, ननदोई पर भी कमरे में घुसकर गलत हरकत और शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया गया है।

    शादी 2022 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए तय हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी से पहले ही ससुराल पक्ष ने भारी दहेज की मांग की थी, जिसमें 50 लाख रुपये नकद, सोने के गहने और अन्य सामान शामिल थे। शादी के बाद भी लगातार पैसों की मांग और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना जारी रही।

    पीड़िता के अनुसार, मई 2025 में वह गर्भावस्था के दौरान मायके आ गई थी, और इसी दौरान पति ने दूसरी शादी कर ली। जब उसने इस बात की जानकारी परिवार से ली तो उसे टाल दिया गया और बाद में मामले की पुष्टि खुद सोशल मीडिया से हुई।

    पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों को बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • शादी से अदालत तक पहुंचा विवाद: सेलिना जेटली के पति पीटर हाग पर FIR, घरेलू हिंसा मामले में लुक आउट सर्कुलर जारी

    शादी से अदालत तक पहुंचा विवाद: सेलिना जेटली के पति पीटर हाग पर FIR, घरेलू हिंसा मामले में लुक आउट सर्कुलर जारी

    नई दिल्ली ।
    सेलिना जेटली और उनके पति पीटर हाग के बीच चल रहा वैवाहिक विवाद अब एक गंभीर कानूनी स्थिति में पहुंच गया है। लंबे समय से दोनों के रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आ रही थीं, लेकिन अब यह मामला पुलिस जांच और आपराधिक कार्रवाई तक पहुंच चुका है। अभिनेत्री की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पीटर हाग के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया गया। इसका मतलब है कि अब उनके देश से बाहर जाने पर रोक जैसी स्थिति बन गई है और उन्हें जांच में सहयोग करना होगा। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच के दौरान आवश्यक सहयोग नहीं मिलने के कारण यह कदम उठाया गया है। इसके बाद मामला केवल पारिवारिक विवाद से बढ़कर कानूनी जांच का रूप ले चुका है।

    शिकायत में सेलिना जेटली ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार शादी के दौरान उन्हें लगातार मानसिक दबाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर प्रताड़ित किया गया और कई बार धमकियां भी दी गईं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन्हें काम करने से रोका गया, जिससे वे आर्थिक रूप से पूरी तरह निर्भर हो गईं।

    इसके अलावा आरोपों में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया जाता था और उन्हें बार-बार मानसिक रूप से तोड़ा गया। शिकायत के अनुसार यह व्यवहार लंबे समय तक चलता रहा, जिससे उनका निजी जीवन काफी प्रभावित हुआ।

    पुलिस ने इस मामले में भारतीय कानून की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की है और अब जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों के बयान और सबूतों की जांच की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

    दूसरी तरफ अभी तक पीटर हाग की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे स्थिति और अधिक स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस जांच के चलते अब सभी संबंधित पहलुओं को खंगाला जा रहा है और दस्तावेजों की भी समीक्षा की जा रही है।

    यह मामला अब केवल एक निजी विवाद नहीं रह गया है, बल्कि कानूनी प्रक्रिया के तहत गंभीर जांच का विषय बन चुका है। लुक आउट सर्कुलर जारी होने के बाद मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई है और जांच एजेंसियां हर पहलू पर ध्यान दे रही हैं।

    फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और बयान इस विवाद की दिशा तय करेंगे। अदालत और जांच प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ ही यह साफ होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और मामला किस निष्कर्ष तक पहुंचता है।

  • नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल

    नोएडा में दर्दनाक मामला: जलती चिता से निकला मोनिका का शव, मौत पर उठे गंभीर सवाल



    नई दिल्ली। नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवती मोनिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश का आरोप लगा है। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

    मृतका की मां रेनू नागर के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर करीब 2:50 बजे मोनिका ने उन्हें फोन किया था और रोते हुए कहा था कि उसके पति और ससुराल वाले उसे मार रहे हैं और प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। फोन कॉल के बाद कुछ ही घंटों में मोनिका की मौत की सूचना मिली।

    परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम दादरी थाना क्षेत्र के घोड़ी गांव में मोनिका की हत्या के बाद उसके शव को जलाने की कोशिश की गई। परिवार का कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो ससुराल पक्ष के लोग शव को एक गाड़ी में ले जा रहे थे और पहचान छिपाने की कोशिश कर रहे थे।

    बताया गया कि आरोपियों ने शव को बोडाकी मेट्रो स्टेशन के पीछे ले जाकर चिता पर रखा और उसे जलाने का प्रयास किया। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली और मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जलती चिता से शव को बाहर निकाला। हालांकि तब तक शव काफी हद तक जल चुका था।

    परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने एक फॉर्च्युनर गाड़ी का इस्तेमाल किया, जिस पर “धर्मपाल सिंह चौधरी” नाम लिखा हुआ था। परिवार का दावा है कि उन्होंने गाड़ी का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी टक्कर मारकर फरार हो गए।

    मोनिका की मां का आरोप है कि उनकी बेटी की शादी इसी साल 17 फरवरी को अनुज चौहान से हुई थी। शादी के बाद से ही उस पर 5 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी अपने नाम कराने का दबाव बनाया जा रहा था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी।

    पुलिस के अनुसार, शव इतना ज्यादा जल चुका था कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। फिलहाल इसे बर्न इंजरी के रूप में दर्ज किया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

    एसीपी दादरी प्रशाली गंगवार ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ा रही है।

    इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। परिजन इसे सुनियोजित हत्या बताकर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

    दो लाइन का सार:
    नोएडा में मोनिका की संदिग्ध मौत और जलती चिता से शव बरामद होने के मामले ने सनसनी फैला दी है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर हत्या और प्रॉपर्टी के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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  • पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीलीभीत में पति पर तेजाब फेंकने की घटना से मचा हड़कंप

    पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप, पीलीभीत में पति पर तेजाब फेंकने की घटना से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली। पीलीभीत जिले में एक पारिवारिक विवाद ने अचानक भयावह रूप ले लिया, जब एक व्यक्ति पर तेजाब फेंकने का गंभीर आरोप सामने आया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है।

    जानकारी के अनुसार, यह मामला कोतवाली क्षेत्र का है, जहां खैरुल्लाह शाह मोहल्ले में रहने वाले हेमंत वर्मा और उनकी पत्नी शिल्पी रस्तोगी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों का रिश्ता पिछले कई वर्षों से तनावपूर्ण था और मामला कानूनी स्तर तक पहुंच चुका था। परिवार में चल रहे इस विवाद का असर उनके निजी जीवन पर लगातार दिखाई दे रहा था।

    घटना उस समय हुई जब महिला अपने मायके से वापस आई थी। बताया जाता है कि उसी दौरान पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो धीरे-धीरे बढ़ती चली गई। बहस इतनी तेज हो गई कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और इसी दौरान तेजाब फेंके जाने की घटना सामने आई। अचानक हुई इस वारदात ने घर और आसपास के लोगों को भी चौंका दिया।

    घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को गंभीर बताया है और आगे के इलाज पर नजर बनाए हुए हैं। तेजाब से शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं, जिससे उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि घटना के पीछे असली वजह क्या थी और विवाद किस हद तक पहुंच चुका था।

    यह पूरा मामला एक बार फिर पारिवारिक विवादों के खतरनाक रूप को सामने लाता है, जहां छोटी-छोटी कहासुनी भी गंभीर वारदात में बदल सकती है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है, ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके और जिम्मेदारी तय की जा सके।

  • बैतूल में बहू की मारपीट से वृद्ध सास की मौत, डेढ़ महीने बाद आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में बहू की मारपीट से वृद्ध सास की मौत, डेढ़ महीने बाद आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर रूप ले लिया, जिसमें एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 19 फरवरी 2026 की है। शिकायतकर्ता शारदा (55), निवासी ग्राम पिपरिया, ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह लगभग 9 बजे आरोपी रश्मि चिकाने उनके घर के सामने आई और बिना किसी कारण लकड़ी से उनके सिर पर हमला कर दिया।

    शिकायत में बताया गया कि रश्मि चिकाने ने इससे पहले अपनी सास, 82 वर्षीय प्रमिला बाई चिकाने, के साथ भी मारपीट की थी। इस हमले में वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के समय बीचबचाव करने पहुंचे दिनेश पाठेकर और कलश पाठेकर को भी चोटें आईं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए मुलताई अस्पताल ले जाया गया।

    पुलिस ने बताया कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। डेढ़ महीने की जांच और प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी रश्मि चिकाने को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।

    स्थानीय लोगों और परिजनों ने इस घटना को घरेलू हिंसा का गंभीर उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वृद्ध और असहाय लोगों के साथ मारपीट और हिंसा अत्यंत दुखद है और समाज में ऐसे मामलों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और आरोपी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू विवाद अक्सर छोटे मुद्दों से शुरू होते हैं, लेकिन यदि समय रहते समाधान नहीं किया जाए तो ये जानलेवा स्थिति में बदल सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में वृद्धों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है।

    मुलताई पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी थी और घटना के डेढ़ महीने बाद आरोपी की गिरफ्तारी ने पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद दी है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    इस घटना ने यह भी दर्शाया कि वृद्ध महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है। बैतूल पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    घटना के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन मांग कर रहे हैं कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्क रहें।

  • पुजारी परिवार में हलचल, पत्नी ने लगाए गंभीर दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न के आरोप

    पुजारी परिवार में हलचल, पत्नी ने लगाए गंभीर दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न के आरोप


    इंदौर । इंदौर के खजराना गणेश मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट के परिवार का पारिवारिक विवाद अब सार्वजनिक हो गया है। पुजारी की दूसरी पत्नी इंदिरा भट्ट ने अपने पति और ससुराल पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, घर से निकालने की साजिश और तलाक के लिए धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इंदिरा का कहना है कि उनके खिलाफ ऑपरेशन एग्जिट चलाया गया और उनके पति ने इस मामले में सीधे उनका विरोध किया।

    इंदिरा ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनका रिश्ता सामान्य प्रक्रिया से नहीं बल्कि जल्दबाजी में तय हुआ। उनकी पहली मुलाकात से लेकर शादी तक का समय महज 17 दिन का था। वह उस समय वर्किंग महिला थीं और उन्हें भरोसा दिलाया गया कि शादी की सारी व्यवस्थाएं उनके पति संभाल लेंगे। इंदिरा कहती हैं कि शादी से पहले उज्जैन में पांच घंटे की मुलाकात और बातचीत के बाद शादी हुई और उन्हें लगा कि स्वयं खजराना गणेश जी की कृपा उनके ऊपर है।

    हालात तब बदल गए जब पुनीत भट्ट के दत्तक पुत्र उदित की पत्नी गर्भवती हुई। इंदिरा का आरोप है कि संतान की चाह में ही उन्हें शादी के लिए चुना गया था। जुलाई 2025 में यह पुष्टि होने के बाद उनकी अहमियत परिवार के लिए खत्म हो गई। इंदिरा ने बताया कि उनके खिलाफ FIR उसी समय दर्ज करवाई गई जब बेटे के घर गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारने का झूठा आरोप लगाया गया। 19 सितंबर 2025 को पुनीत भट्ट ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामला संभाल लिया जाएगा। लेकिन अगले ही दिन घर पर ताला लगा हुआ मिला और उनके जेवर और नकद राशि भी ननद ने हड़प ली।

    कहानी का नाटकीय मोड़ तब आया जब 29 दिसंबर को इंदिरा कार से जा रही थीं और पुनीत भट्ट ने बीच सड़क में उनकी गाड़ी रोककर तलाक की धमकी दी। इंदिरा ने बताया कि उनके पति ने माफी मांगी और कहा कि बस आपसी सहमति से तलाक दे दो।

    दूसरी ओर पुनीत भट्ट ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह एक गहरी साजिश है और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया मामला है। पुनीत ने बताया कि उनकी पहली पत्नी का निधन 2020 में हुआ और यह दूसरी शादी देवास निवासी रिश्तेदार के माध्यम से हुई। उन्होंने दावा किया कि शादी के बाद इंदिरा ने उनके साथ “साइकोलॉजिकल गेम” खेलना शुरू कर दिया और तलाक की पहल खुद इंदिरा ने की थी।

    एसीपी खजराना कुंदन मंडलोई ने बताया कि जनसुनवाई में शिकायत प्राप्त हुई है जिसमें दावा किया गया कि पुनीत भट्ट ने दहेज के रूप में फॉर्च्यूनर कार और करीब एक करोड़ रुपये की मांग की थी। वहीं, इस महिला के खिलाफ पहले भी मारपीट का आरोप दर्ज किया जा चुका है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और सभी पक्षों के बयानों के आधार पर कार्रवाई करेगी। इस तरह खजराना मंदिर के पुजारी परिवार का विवाद अब सार्वजनिक हो गया है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।