Tag: domestic

  • पाकिस्तान में LPG सिलेंडर 8,200 रुपये तक पहुंचा, भारत में घरेलू गैस के दाम स्थिर

    पाकिस्तान में LPG सिलेंडर 8,200 रुपये तक पहुंचा, भारत में घरेलू गैस के दाम स्थिर

    नई दिल्ली। पाकिस्तान में ईरान से गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के बीच एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में तेजी आने की खबर है। वहां 12 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत कुछ ही दिनों में 4,500 पाकिस्तानी रुपये से बढ़कर लाहौर में करीब 7,500 रुपये और स्कर्दू में 8,200 रुपये तक पहुंच गई है। दूसरी ओर, भारत में 26 अक्टूबर को घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दाम स्थिर हैं। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का घरेलू एलपीजी सिलेंडर 942 रुपये में मिल रहा है।

    दिए गए विनिमय दर के अनुसार, एक भारतीय रुपया करीब 2.91 पाकिस्तानी रुपये के बराबर है। इस हिसाब से दिल्ली में घरेलू सिलेंडर की कीमत लगभग 2,740 पाकिस्तानी रुपये होती है। हालांकि, दोनों देशों में सिलेंडर का वजन, मूल्य निर्धारण और बाजार की परिस्थितियां अलग-अलग हैं।

    ईरान से आपूर्ति प्रभावित होने के बीच पाकिस्तान में गैस संकट

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी की एक प्रमुख वजह ईरान से होने वाली गैस आपूर्ति में रुकावट है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान और ईरान के बीच दो अहम सीमा चौकियां 17 अक्टूबर से बंद हैं।

    सीमा चौकियां बंद होने के कारणों को लेकर दोनों देशों ने अलग-अलग स्पष्टीकरण दिए हैं। पाकिस्तान ने सुरक्षा चिंताओं और तस्करी पर रोक लगाने को इसकी वजह बताया है, जबकि ईरान ने तकनीकी कारणों का हवाला दिया है।

    आपूर्ति प्रभावित होने के बीच पाकिस्तान के कुछ इलाकों में एलपीजी सिलेंडर महंगे हो गए हैं। इससे घरेलू उपभोक्ताओं पर खर्च का दबाव बढ़ने की आशंका है।

    सरकारी कीमत 3,296 रुपये, बाजार में इससे ज्यादा दाम

    पाकिस्तान के तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) ने 11.8 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3,296 पाकिस्तानी रुपये निर्धारित की है। इसके बावजूद बाजार में सिलेंडर इससे काफी अधिक कीमत पर बेचे जाने की खबरें हैं।

    लाहौर में 12 किलोग्राम के सिलेंडर का दाम करीब 7,500 पाकिस्तानी रुपये और स्कर्दू में लगभग 8,200 रुपये बताया गया है। इस तरह कुछ क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को निर्धारित कीमत से दोगुने से भी अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

    भारत के चार शहरों में LPG सिलेंडर के रेट

    26 अक्टूबर को उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमुख शहरों में घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं।

    शहर घरेलू सिलेंडर (14.2 किलो) कमर्शियल सिलेंडर (19 किलो)
    दिल्ली ₹942 ₹2,810
    मुंबई ₹941.50 ₹2,764
    चेन्नई ₹957.50 ₹2,983
    अहमदाबाद ₹949 ₹2,831.50

    ये कीमतें उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। उपभोक्ता अपने शहर में लागू दर की पुष्टि संबंधित गैस वितरक से कर सकते हैं।

    घरेलू सिलेंडर के दाम 7 जून से स्थिर

    इंडियन ऑयल के मुताबिक, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बदलाव 1 अक्टूबर को हुआ था। उस समय दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़ाई गई थी।

    घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 7 जून से स्थिर बताए गए हैं। इस वजह से फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को कीमतों में तत्काल बढ़ोतरी का सामना नहीं करना पड़ा है।

    गैस वितरकों के कमीशन में बढ़ोतरी की उम्मीद

    इस बीच, एलपीजी वितरकों के लिए कमीशन में बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) ने वितरकों के कमीशन में अंतरिम बढ़ोतरी की संयुक्त सिफारिश करने पर सहमति जताई है। यह फैसला 21 अक्टूबर को मुंबई में हुई बैठक में लिया गया।

    वितरकों के कमीशन में नियमित बढ़ोतरी के प्रस्ताव पहले ही पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय को भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

    पाकिस्तान में एलपीजी की कीमतों में उछाल के बीच भारत में घरेलू सिलेंडर के दाम फिलहाल स्थिर हैं। हालांकि, पाकिस्तान में आपूर्ति संबंधी व्यवधान और वहां के बाजार में कीमतों में बढ़ोतरी की खबरों पर नजर बनी हुई है।

  • घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाज होंगे पूरे मैच से निलंबित

    घरेलू क्रिकेट में जानबूझकर नो-बॉल और खतरनाक बीमर फेंकने वाले गेंदबाज होंगे पूरे मैच से निलंबित

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आगामी 2026-27 घरेलू क्रिकेट सत्र के औपचारिक शुभारंभ से पूर्व खेल परिस्थितियों और नियमों में कई युगांतकारी परिवर्तनों की घोषणा की है। मेरिलबोन क्रिकेट क्लब द्वारा वैश्विक क्रिकेट नियमों में किए गए संशोधनों के अनुपालन में बोर्ड ने घरेलू प्रतियोगिताओं को अधिक पारदर्शी, अनुशासित और प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से नए प्रावधान लागू किए हैं। इन संशोधनों के तहत अनुशासनहीनता और अनुचित खेल भावना पर लगाम कसने के लिए कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए दिशानिर्देशों का सर्वाधिक प्रभाव गेंदबाजों, खेल के संचालन, अंतिम ओवरों के निष्पादन तथा विकेटकीपरों की तकनीकी भूमिका पर पड़ेगा। बोर्ड ने इन अद्यतन नियमावलियों की विस्तृत जानकारी सभी राज्य क्रिकेट संघों, मैच रेफरी और अंपायरों को औपचारिक रूप से प्रेषित कर दी है।

    नए नियमों के अंतर्गत सबसे कठोर प्रावधान अनुचित गेंदबाजी प्रथाओं को रोकने के संदर्भ में किया गया है। यदि कोई भी गेंदबाज जानबूझकर फ्रंट फुट नो-बॉल फेंकता हुआ या बल्लेबाज के शरीर को निशाना बनाते हुए खतरनाक बीमर डालता हुआ पाया जाता है, तो अंपायर उसे केवल वर्तमान पारी से ही नहीं, बल्कि पूरे मैच से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर देंगे। पूर्ववर्ती व्यवस्था के तहत ऐसे मामलों में गेंदबाज को केवल उस विशिष्ट पारी में गेंदबाजी करने से रोका जाता था और वह मैच में क्षेत्ररक्षण के साथ-साथ अगली पारी में गेंदबाजी के लिए पात्र रहता था। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से खेल में दुर्भावनापूर्ण व्यवहार पर पूर्ण विराम लगेगा और मैदान पर खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

    प्रथम श्रेणी एवं बहु-दिवसीय मैचों के संचालन को लेकर भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत संशोधन किया गया है। अब दिन के अंतिम ओवर के दौरान यदि किसी भी गेंद पर विकेट का पतन होता है, तो खेल को उस समय स्थगित करने के बजाय ओवर की शेष गेंदों का खेल पूरा कराया जाएगा। इसके तहत नए बल्लेबाज को मैदान पर आकर अंतिम गेंदों का सामना करना अनिवार्य होगा, जिससे दिन के निर्धारित ओवरों की शत-प्रतिशत पूर्ति संभव हो सकेगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य समय के अपव्यय को रोकना और खेल की निरंतरा को बनाए रखना है।

    सीमित ओवरों के प्रारूप में कप्तानों और विकेटकीपरों की सहूलियत तथा तकनीकी स्पष्टता के लिए भी विशेष रियायतें दी गई हैं। एकदिवसीय मैचों में अब ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान कप्तान मैदान के भीतर प्रवेश कर अपने खिलाड़ियों के साथ सामरिक रणनीतियों पर सीधा विचार-विमर्श कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, विकेटकीपरों द्वारा दस्तानों की स्थिति को लेकर उत्पन्न होने वाले तकनीकी विवादों को समाप्त करने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि गेंदबाज द्वारा गेंद छोड़ने के सटीक क्षण तक ही दस्ताने स्टंप्स के पीछे होना अनिवार्य है। बोर्ड का यह समग्र प्रयास भारतीय घरेलू क्रिकेट के ढांचे को पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों के समकक्ष स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

  • वैश्विक ईंधन संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला: घरेलू उड़ानों के फ्यूल पर आंशिक रोक

    वैश्विक ईंधन संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला: घरेलू उड़ानों के फ्यूल पर आंशिक रोक


    नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच केंद्र सरकार ने आम यात्रियों और घरेलू विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक उछाल की आशंका जताई जा रही थी।

    तेजी से बढ़ते वैश्विक संकट के बीच हस्तक्षेप

    पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के मद्देनजर लिया गया है। इस क्षेत्र में अस्थिरता के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे जेट ईंधन महंगा होने का दबाव बढ़ गया था।

    घरेलू एयरलाइंस को राहत, किराए पर नियंत्रण

    सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर यह तय किया कि घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में केवल आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि की जाएगी। इसके तहत कीमतों में करीब 25 प्रतिशत यानी लगभग 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इस कदम का उद्देश्य हवाई किराए में अचानक भारी वृद्धि को रोकना और यात्रियों को राहत देना है।

    अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू नहीं होगी राहत

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल घरेलू उड़ानों के लिए है। अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर संचालित उड़ानों को वैश्विक बाजार के अनुसार पूरी कीमत चुकानी होगी। इससे एयरलाइंस के अंतरराष्ट्रीय संचालन पर लागत का दबाव बना रहेगा।

    नई दरें लागू, कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज

    1 अप्रैल 2026 से लागू नई दरों के अनुसार, New Delhi में ATF की कीमत बढ़कर 1,04,927 रुपए प्रति किलोलीटर हो गई है, जो मार्च में 96,638.14 रुपए थी। हालांकि वास्तविक वृद्धि लगभग 8.5 प्रतिशत के आसपास रही है, जो संभावित भारी उछाल के मुकाबले काफी नियंत्रित है।

    सरकार और मंत्रालय की प्रतिक्रिया

    नागर विमानन मंत्री Ram Mohan Naidu Kinjarapu ने इस फैसले को व्यावहारिक और दूरदर्शी बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम यात्रियों को महंगे हवाई किराए से बचाने, एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव कम करने और विमानन क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।

    व्यापक आर्थिक असर भी सकारात्मक

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से सिर्फ यात्रियों को ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई और व्यापार के लिए जरूरी हवाई संपर्क भी सुचारु बना रहेगा। इससे अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।