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  • भोपाल में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान राम मंदिर दान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग इंडोनेशिया मॉडल का किया जिक्र

    भोपाल में धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान राम मंदिर दान मामले की निष्पक्ष जांच की मांग इंडोनेशिया मॉडल का किया जिक्र


    नई दिल्ली। भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राम मंदिर से जुड़े दान विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि भगवान राम के धाम से जुड़ा कोई भी मामला केवल एक मंदिर तक सीमित नहीं होता बल्कि यह पूरे सनातन समाज की भावनाओं और विश्वास से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार यदि किसी ने भगवान के धाम में रहकर अनुचित कार्य किया है तो उसे कानून के साथ साथ ईश्वर का भी महादंड मिलेगा।

    उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच पहले से विशेष जांच एजेंसियां और एसआईटी कर रही हैं इसलिए बिना तथ्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय जांच पूरी होने का इंतजार करना चाहिए। जब उनसे राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े आरोपों और कुछ नामों पर एफआईआर नहीं होने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है इसलिए जांच एजेंसियों को निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने देना चाहिए।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन परंपरा से जुड़े लोगों के मन में इस पूरे प्रकरण को लेकर पीड़ा है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा के दौरान भी उनसे इस विषय पर चर्चा हुई थी और उन्होंने इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भी इस मुद्दे का उल्लेख किया था। उनके अनुसार भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा का विषय है इसलिए इससे जुड़े मामलों में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

    मंदिरों के प्रबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि देश में कुछ धर्म विरोधी ताकतें ऐसा माहौल तैयार कर रही हैं जिससे मंदिरों और संत समाज पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों की सेवा और प्रबंधन ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए जो पूरी निष्ठा के साथ सनातन परंपरा भगवान और धार्मिक मूल्यों के प्रति समर्पित हों। इससे मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं का विश्वास दोनों सुरक्षित रहेंगे।

    अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भारत के मुसलमानों के संदर्भ में इंडोनेशिया का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया में बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी होने के बावजूद वहां धार्मिक सहिष्णुता और सांस्कृतिक समरसता देखने को मिलती है। उनके अनुसार वहां पांच वक्त की नमाज पढ़ने वाले लोग दीपावली जैसे त्योहार भी मनाते हैं और रामकथा जैसे धार्मिक आयोजनों में भी शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में भी सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने की जरूरत है।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भोपाल में हबीबगंज स्थित कैंसर हीलर सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि समय पर जांच और बेहतर इलाज से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यक्रम में चिकित्सा विशेषज्ञों समाजसेवियों जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार यह सेंटर भोपाल सहित आसपास के जिलों के मरीजों को आधुनिक कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा, जांच के बीच बढ़ी हलचल

    राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला, चंपत राय और अनिल मिश्रा ने पद छोड़ा, जांच के बीच बढ़ी हलचल


    अयोध्या । अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने भी अपना पद छोड़ दिया है। दोनों के इस्तीफों की पुष्टि समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से की गई है। बताया जा रहा है कि दोनों ने नैतिक आधार पर अपने पदों से इस्तीफा दिया है।

    चढ़ावे में कथित गबन के आरोप सामने आने के बाद से ट्रस्ट के दोनों पदाधिकारी लगातार चर्चा में थे। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने पिछले दिनों चंपत राय और ट्रस्ट से जुड़े अन्य अधिकारियों से लंबी पूछताछ की थी। जांच के दौरान चढ़ावे की गिनती, नकदी की सुरक्षा व्यवस्था और पूरी प्रक्रिया से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल किए गए थे।

    जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि चढ़ावे की गिनती में शामिल कर्मचारियों की नियुक्ति किस प्रक्रिया से हुई और नकदी प्रबंधन में किसकी क्या भूमिका थी। जांच के दौरान कई दस्तावेज भी खंगाले गए और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की गई।

    इससे पहले चंपत राय के चालक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू सहित कई लोगों से पूछताछ की गई थी। जांच के दौरान नकदी प्रबंधन और चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। मामले में पहले ही कई शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं और एसआईटी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    चढ़ावा विवाद सामने आने के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर भी सवाल उठे थे। अब चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को इस पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ माना जा रहा है। ट्रस्ट में दोनों पदों पर नई नियुक्तियों को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा।