Tag: double-engine government

  • बंगाल में डबल इंजन सरकार पर सीएम योगी का दावा, विकास और बदलाव का किया आह्वान..

    बंगाल में डबल इंजन सरकार पर सीएम योगी का दावा, विकास और बदलाव का किया आह्वान..


    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और तेज हो गया है। चकदहा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की मौजूदा सरकार और राजनीतिक स्थिति को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने नदिया जिले की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा की पहचान रही है और अब यहां बदलाव की संभावनाएं दिख रही हैं।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने विकास के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की तुलना करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार बनने पर विकास की गति तेज होती है। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में पिछले वर्षों में बड़े पैमाने पर उद्योगों का विस्तार हुआ है और रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जबकि पश्चिम बंगाल में औद्योगिक गतिविधियों में गिरावट देखी गई है। उन्होंने कहा कि विकास और निवेश के लिए स्थिर शासन जरूरी है।

    सीएम योगी ने अपने भाषण में सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बंगाल की भूमि हमेशा से आध्यात्मिक और साहित्यिक योगदान के लिए जानी जाती रही है और इसे अपनी मूल पहचान को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है।

    राजनीतिक टिप्पणी के दौरान उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था और प्रशासन को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि विकास तभी संभव है जब सुरक्षा और सुशासन मजबूत हों। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को ऐसे विकल्प पर विचार करना चाहिए जो स्थिरता और विकास सुनिश्चित कर सके।

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विभिन्न ऐतिहासिक और सांस्कृतिक हस्तियों का भी उल्लेख किया और कहा कि बंगाल की धरती ने देश को कई महान योगदान दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी जनता की है।

    सभा के दौरान उन्होंने स्थानीय प्रत्याशी के समर्थन में मतदान की अपील की और कहा कि आने वाले समय में राज्य में विकास और बदलाव की नई दिशा तय हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस तरह के बयानों से चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने की संभावना है।

  • मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई

    मध्यप्रदेश में रेल क्रांति, डबल इंजन सरकार का नया कीर्तिमान, 5,200 किमी तक बढ़ी ट्रैक लंबाई


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले दो सालों में रेल सेवाओं और बुनियादी ढांचे का विस्तार अभूतपूर्व रूप से हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग के कारण प्रदेश अब भारत का चौथा सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क बन चुका है। राज्य में रेलवे ट्रैक की कुल लंबाई बढ़कर 5,200 किलोमीटर हो गई है, जो देश के कुल रेल नेटवर्क का 7.6 प्रतिशत है। बेहतर रेल संपर्क से राज्य के दूर दराज़ इलाक़ों को भी राजधानी और अन्य बड़े शहरों से जोड़ा जा रहा है।

    रेलवे बजट में पिछले वर्षों के मुकाबले भारी वृद्धि हुई है। इस वर्ष 15,188 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं जबकि पिछले वर्ष यह राशि 14,745 करोड़ रुपये थी। वर्ष 2009 से 2014 के बीच केवल 632 करोड़ रुपये वार्षिक बजट थे। वर्तमान में राज्य में 1,18,379 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न रेल परियोजनाएँ अलग अलग चरणों में चल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से केंद्र सरकार ने कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जबलपुर गोंदिया रेलवे लाइन और इंदौर मनमाड रेलवे लाइन के दोहरीकरण तथा अन्य अधोसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी। राज्य में रेल लाइनों का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कटनी दक्षिण, नर्मदापुरम, ओरछा, सिवनी, शाजापुर और श्रीधाम स्टेशनों का पुनर्विकास जारी है। इसके अलावा पूरे राज्य में 80 स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है। यात्रियों के लिए 3,163 करोड़ रुपये की आधुनिक सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।

    वंदे भारत ट्रेनें भी मध्यप्रदेश के लिए वरदान साबित हुई हैं। भोपाल नई दिल्ली, इंदौर नागपुर, भोपाल रीवा और खजुराहो बनारस के मार्ग पर वंदे भारत सेवा चल रही है। इंदौर और भोपाल में मेट्रो ट्रेनें शहरी आबादी को बड़ी राहत दे रही हैं। रायसेन ज़िले के उमरिया गाँव में 1,800 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण इकाई बनाई जा रही है, जिससे लगभग 5,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।

    जबलपुर गोंदिया रेल लाइन के दोहरीकरण से महाकौशल क्षेत्र में आर्थिक बदलाव आएगा। पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इंदौर मनमाड रेल लाइन 18,036 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है। इन परियोजनाओं से मध्यप्रदेश के लिए बड़े आर्थिक लाभ की उम्मीद है।

    यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नई ट्रेन सेवाएँ शुरू की गई हैं। रीवा से पुणे, जबलपुर से रायपुर और ग्वालियर से बेंगलुरु ट्रेनें चल रही हैं। केंद्रीय मंत्रीमंडल ने मुंबई और इंदौर के बीच 309 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को भी मंजूरी दी है। यह परियोजना महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के छह जिलों को कनेक्ट करेगी और लगभग 1,000 गांवों तथा 30 लाख लोगों को लाभान्वित करेगी।

    मध्यप्रदेश में वर्ष 2014 से 2025 तक 2,651 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, जबकि 2009 से 2014 के बीच यह केवल 145 किलोमीटर थी। वर्तमान में 4,740 किमी के रेल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनकी अनुमानित लागत 89,543 करोड़ रुपये है। अब तक 2,092 किमी पर काम पूरा हो चुका है, जिस पर 41,401 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

    मध्यप्रदेश में इन प्रोजेक्ट्स से न केवल बेहतर कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाएँ सुनिश्चित होंगी बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। डबल इंजन सरकार की यह पहल राज्य को देश के प्रमुख रेल हब में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

  • 9 साल में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा सीएम योगी बोले भयमुक्त माहौल में मन रहे सभी पर्व

    9 साल में बदला उत्तर प्रदेश का चेहरा सीएम योगी बोले भयमुक्त माहौल में मन रहे सभी पर्व


    नई दिल्ली। Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश में सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की उपलब्धियों को विस्तार से सामने रखा और इसे 25 करोड़ जनता की सामूहिक शक्ति का परिणाम बताया। लोक भवन में नव निर्माण के 9 वर्ष पुस्तक का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन और डबल इंजन सरकार की नीतियों ने प्रदेश को नई दिशा दी है।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से प्रदेश के बदले माहौल पर जोर देते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सभी धर्मों के त्योहार भयमुक्त वातावरण में मनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक ओर नवरात्र की शुरुआत हो रही है तो दूसरी ओर रमजान का पवित्र महीना भी जारी है और जल्द ही ईद का पर्व भी मनाया जाएगा लेकिन कहीं कोई तनाव या अव्यवस्था देखने को नहीं मिल रही है। यह स्थिति प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

    सीएम योगी ने 2017 से पहले की परिस्थितियों को याद करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश पहचान के संकट से जूझ रहा था। कृषि संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद किसान परेशान थे और आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर होते थे। कारीगर और युवा रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे थे जबकि भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार व्याप्त था। कानून व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब थी कि महिलाएं व्यापारी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे।

    उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सरकार ने सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश रोजगार सृजन किसान कल्याण महिला सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान पर व्यापक कार्य किए हैं। योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है जिससे समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है। शिक्षा स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इन 9 वर्षों की उपलब्धियों को जन जन तक पहुंचाने के लिए 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसकी शुरुआत बसंत नवरात्र से हो रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और विकास के विजन को साझा करने का प्रयास किया जाएगा।

    उन्होंने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये के बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश के संतुलित और समग्र विकास को नई गति देगा। यह बजट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने रोजगार के अवसर बढ़ाने और प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में सुरक्षा सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित करता रहेगा।

  • डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    डबल इंजन की सरकार में बहनों को मिल रही हैं डबल खुशियां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां की बहनों को लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना योजना के रूप में डबल खुशियां मिल रही हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ग्वालियर जिले के शबरी माता मंदिर परिसर, घाटीगांव में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सम्मेलन में लाड़ली बहनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की बहनें आत्मनिर्भरता एवं स्वावलम्बन के मामले में पूरे देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश के पांच लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं। आज प्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां कार्यरत हैं। हम महिला उद्यमियों को भी प्रोत्साहित कर रहे हैं। हमारी बहनें अब फैक्ट्रियों और उद्योगों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रदेश के 47 प्रतिशत नए स्टार्ट-अप का नेतृत्व अब हमारी बहनों के हाथों में है। हम सभी बहनों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए मिशन मोड में कार्य करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत प्रत्येक कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन-बेटियां भी अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले आज बहनों को 1500 रुपये की सौगात मिल रही है।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख 27 हजार से अधिक बहनों के खाते में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त के रूप में एक हजार 836 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की हर लाड़ली बहनों के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजे जा रहे हैं। लाड़ली बहन योजना में अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बहनों को दी जा चुकी है। उन्होंने सभी लाड़ली बहनों से अपील करते हुए कहा कि वे हर महीने मिलने वाली इस राशि से अपनी बेहतरी के लिए कोई भी रुचिकर काम-धंधा शुरु करें और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण में योगदान दें।

    मुख्यमंत्री ने ग्वालियर जिले को 121 करोड़ 95 लाख रुपये की लागत वाले 54 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने सिंगल क्लिक से लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत के 35 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लगभग 62 करोड़ रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें 39 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से कुलैथ घाटीगांव में शासकीय सांदीपनि विद्यालय के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 महीने बाद लाड़ली बहना योजना के तीन साल पूरे हो जाएंगे। इन तीन साल में प्रदेश की बहनों की जिन्दगी जिस तरह से बदली है, वह भूतो न भविष्यति है। उन्होंने बताया कि जनवरी 2024 से फरवरी 2026 तक 42 हजार 308 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि बहनों के खाते में भेजी गई है। लाड़ली बहना योजना से प्रदेश की बहनें अब आत्म-निर्भर बन गई हैं। अब वे मजबूर नहीं, मजबूत हो गई हैं। इस योजना ने बहनों को न केवल आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाया है, बल्कि इन्हें ‘रिस्क’ लेने और अपने जीवन को बेहतर बनाने के सपने देखने की हिम्मत भी दी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर मध्य प्रदेश का गौरव है। ये धरती शक्ति के आशीर्वाद से सिंचित है और शक्ति की उपासना से ही हमारा संसार सुरक्षित है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र मध्य प्रदेश के साथ देश की इकॉनामी डेवलपमेंट में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। कभी बीहड़ों के लिए मशहूर रहा यह क्षेत्र हमारी सरकार के प्रयासों से आज औद्योगिक गतिविधियों का नया केन्द्र और प्रगति का नया उदाहरण बन रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं।


    प्रमुख घोषणाएं

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भितरवार विधानसभा क्षेत्र में आरोन-पटई उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी। उन्होंने कहा कि 120 करोड़ रुपये की यह परियोजना क्षेत्र के किसानों का जीवन खुशहाल कर देगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की मांग पर घाटीगांव सहित चिनौर और करैया में भी सांदीपनि विद्यालय खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भितरवार पीएचसी का उन्नयन कर सिविल अस्पताल बनाया जायेगा। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का भी उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। घाटीगांव में शबरी माता के भव्य मंदिर और शबरी धाम निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। भगवान देवनारायण का भी धाम बनाया जायेगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से देवनारायण मंदिर में हर साल सांस्कृतिक आयोजन कराये जाएंगे।

    महिला सम्मेलन को केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर ने भी संबोधित किया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, जिला पंचायत अध्यक्षा दुर्गेश कुंवर जाटव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान भाई एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।

  • भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह

    भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश को बीमारू से ब्रेक थ्रू राज्य बनाया अमित शाह


    नई दिल्ली।लखनऊ में यूपी दिवस के अवसर पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है जो कभी लेबर सोर्स स्टेट के रूप में पहचाना जाता था वही प्रदेश आज देश की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है यह परिवर्तन भाजपा सरकार की नीतियों और नेतृत्व का परिणाम है

    अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस सपा और बसपा के शासनकाल में उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य बनाकर रखा गया था लेकिन भाजपा सरकार ने प्रदेश को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए ब्रेक थ्रू राज्य के रूप में स्थापित किया है उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकसित भारत के संकल्प का मजबूत स्तंभ बन रहा है

    कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर शुरू की गई सरदार पटेल औद्योगिक योजना का शुभारंभ किया उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक सुनियोजित रोडमैप तैयार किया गया है आने वाले समय में प्रदेश का हर जिला रोजगार से युक्त होगा और युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक आजीविका मिलेगी

    अमित शाह ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश को मजदूर भेजने वाला राज्य कहा जाता था लेकिन आज वही प्रदेश देश की आर्थिक प्रगति का इंजन बन रहा है यह परिवर्तन हर उत्तर भारतीय के लिए गर्व का विषय है उन्होंने दोहराया कि भाजपा सरकार ने विकास को गांव गांव तक पहुंचाया है
    उन्होंने एक जिला एक उत्पाद योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 में भाजपा के घोषणा पत्र में इस योजना को शामिल किया गया था आज यह योजना न केवल उत्तर प्रदेश में सफल हुई है बल्कि पूरे देश के लिए मॉडल बन चुकी है इस योजना से कारीगरों युवाओं महिलाओं और माताओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं

    गृह मंत्री ने प्रेरणा स्थल का भी विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह स्थल राष्ट्र की चेतना को जागृत करने वाला केंद्र बनेगा उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों की सराहना करते हुए कहा कि जिस स्थान पर कभी कूड़े का पहाड़ था वहां आज एक भव्य प्रेरणादायी स्थल विकसित किया गया हैअमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान नेताओं की स्मृति में बना यह स्थल आने वाली पीढ़ियों को दशकों तक दिशा देता रहेगा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तर प्रदेश निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है

    कार्यक्रम में उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और गारंटी मुक्त ऋण उपलब्ध करा रही है जिसमें अनुदान की भी व्यवस्था है अब तक एक लाख से अधिक युवा इस योजना का लाभ उठा चुके हैंअंत में अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी देश की आत्मा है और वर्ष 2047 में जब भारत आजादी की शताब्दी मनाएगा तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित राज्य के रूप में देश का मजबूत आधार बनेगा

  • डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    डबल इंजन सरकार से तेज हुआ विकास का पहिया पीएमजी और प्रगति से अटकी परियोजनाओं को मिली रफ्तार -मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व तथा केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रभावी समन्वय के कारण आज देश में बुनियादी ढांचा विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) और प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन यानी प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत से वर्षों से अटकी हुई निवेश और विकास परियोजनाएं फिर से सक्रिय हुई हैं। इन संस्थागत व्यवस्थाओं ने केंद्र और राज्य के सभी हितग्राहियों को एक मंच पर लाकर निर्णय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाया है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार के समन्वय से पीएमजी की उपलब्धियों को मीडिया प्रतिनिधियों के साथ साझा कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने प्रगति प्लेटफॉर्म पर विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश को विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों के माध्यम से कुल 209 बड़े प्रोजेक्ट्स की सौगात मिली है। इनमें से 2 लाख 61 हजार 340 करोड़ रुपये के निवेश वाली 108 केंद्रीय विकास परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 5 लाख 24 हजार 471 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 101 परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वयन के चरण में हैं। केंद्रीय परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने 97 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो प्रदेश की प्रशासनिक दक्षता और समन्वय का प्रमाण है।इन परियोजनाओं में रेल मंत्रालय की 14, सड़क परिवहन मंत्रालय की 13, विद्युत मंत्रालय की 5 तथा नवकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का पुनर्वास इसका उदाहरण है। वहीं धार में विकसित हो रहा पीएम मित्र पार्क कपास उत्पादक किसानों के लिए नए अवसर लेकर आएगा।

    डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच परस्पर समन्वय ही देश की सबसे बड़ी शक्ति है। जब विभाग आपसी सहयोग से काम करते हैं, तो विकास की रफ्तार दोगुनी हो जाती है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने शासन व्यवस्था को केवल प्रक्रियात्मक न रखकर परिणाम आधारित और जवाबदेह बनाया है, जहां हर परियोजना की प्रगति, बाधा और समाधान की सीधी निगरानी सुनिश्चित होती है। पहले बड़ी योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती थीं, लेकिन पीएमजी और प्रगति पोर्टल ने पुरानी प्रणाली को जड़ से बदल दिया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अब देश में विकास के साथ आवश्यकताओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। पीएम प्रगति और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप के माध्यम से मध्यप्रदेश में ऐसा ईको-सिस्टम विकसित हुआ है, जहां आधुनिक तकनीक के सहारे अधोसंरचना परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने समय, लागत और विश्वास – तीनों स्तरों पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।उन्होंने कहा कि भले ही राज्यों के बीच राजनीतिक मतभेद हों, लेकिन राष्ट्र के विकास के लिए सभी राज्यों का समान महत्व है। प्रगति पोर्टल के माध्यम से भू-गर्भ संपदा का दोहन अब देशहित में अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा। केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर पूर्व में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में तीन नदी परियोजनाओं पर कार्य हो रहा है।

    रेलवे क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 285 किलोमीटर लंबी जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना से मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा और उच्च क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। इससे जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों की कनेक्टिविटी नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों से बढ़ी है। इसके अलावा 18.5 हजार करोड़ रुपये लागत की इंदौर–मनमाड़ रेल लाइन परियोजना से उज्जैन सहित पूरे मालवा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि प्रगति प्लेटफॉर्म की शुरुआत 25 मार्च 2015 को हुई थी। इसकी 50वीं बैठक 31 दिसंबर 2025 को सम्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि पीएमजी और प्रगति पोर्टल की अभिनव पहल से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान संभव हुआ है। डिजिटल और जवाबदेही आधारित इस मंच ने “नीति नहीं निष्पादन, घोषणा नहीं डिलीवरी और समीक्षा नहीं समाधान” की भावना को साकार किया है।

    उन्होंने बताया कि पीएमजी पोर्टल पर निगरानी में चल रही 209 परियोजनाओं से जुड़े 322 मुद्दों में से 312 का समाधान राज्य सरकार ने किया है, जबकि प्रगति पोर्टल पर सामने आए 124 मुद्दों में से 120 का निराकरण किया गया है। भूमि अधिग्रहण के मामलों में भी मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर नए मानक स्थापित किए हैं।मुख्य सचिव ने कहा कि सड़क, रेलवे और विद्युत परियोजनाओं के कारण मध्यप्रदेश ऊर्जा और परिवहन केंद्र के रूप में उभर रहा है। प्रदेश में 77 सड़क और राजमार्ग परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जो देश की समग्र प्रगति को गति दे रही हैं।