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  • बुजुर्ग दंपती की हत्या में सुपारी किलिंग का शक गहराया, बारिश का फायदा उठाकर फरार हुए आरोपी, CCTV बना बड़ा सुराग

    बुजुर्ग दंपती की हत्या में सुपारी किलिंग का शक गहराया, बारिश का फायदा उठाकर फरार हुए आरोपी, CCTV बना बड़ा सुराग


    भोपाल । भोपाल के ऐशबाग स्थित सुदामा नगर में बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी अब और उलझती जा रही है। पुलिस की जांच में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं लेकिन अब तक हत्यारों का कोई पुख्ता सुराग हाथ नहीं लग सका है। इस बीच घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने जांच को नई दिशा दी है। फुटेज में तेज बारिश के दौरान रेनकोट पहने दो संदिग्ध युवक वारदात के बाद इलाके से निकलते दिखाई दिए हैं। पुलिस का मानना है कि यही दोनों युवक इस दोहरे हत्याकांड में शामिल हो सकते हैं और इन्हें पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    जांच में सामने आया है कि दोनों संदिग्ध पहले एक साथ चलते दिखाई देते हैं लेकिन कुछ दूरी पर पहुंचकर अलग अलग रास्तों से आगे बढ़ जाते हैं। इसके बाद सुभाष नगर अंडरब्रिज के पास दोनों फिर एक स्थान पर मिलते हैं और वहां से आगे बढ़ने के बाद कैमरों की नजर से ओझल हो जाते हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने बारिश और रेनकोट का सहारा लेकर अपनी पहचान छिपाने की पूरी योजना बनाई थी ताकि सीसीटीवी कैमरों में उनका चेहरा साफ दिखाई न दे। फुटेज में एक तीसरे संदिग्ध के भी नजर आने की जानकारी मिली है जिसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    तकनीकी जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो चुका है कि दंपती की हत्या 24 जून को ही कर दी गई थी जबकि उनके शव 27 जून को घर के अंदर मिले। यानी करीब तीन दिनों तक दोनों के शव घर में ही पड़े रहे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार शकुंतला बारीक को दो गोलियां मारी गई थीं जबकि हेमंत फिलेमोन के सिर में एक गोली दागी गई थी। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया उससे पुलिस को शुरुआत से ही पेशेवर शूटरों के शामिल होने का संदेह है।

    पुलिस की जांच अब सुपारी किलिंग के एंगल पर सबसे अधिक केंद्रित हो गई है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक बुजुर्ग दंपती की गतिविधियों पर नजर रखी और पूरी योजना के साथ हत्या को अंजाम दिया। जिस सटीक तरीके से गोली मारी गई उससे यह आशंका और मजबूत हुई है कि वारदात में प्रशिक्षित अपराधियों का हाथ हो सकता है।

    जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि दंपती अपना मकान लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपए में बेचने की तैयारी कर रहे थे। मकान का सौदा लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका था लेकिन रजिस्ट्री और भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही दोनों की हत्या हो गई। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस सौदे से किस व्यक्ति या समूह को आर्थिक नुकसान होने वाला था और कहीं इसी वजह से हत्या की साजिश तो नहीं रची गई।

    मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच साइबर सेल और विभिन्न थानों की करीब बीस टीमें लगातार काम कर रही हैं। पुलिस मोबाइल लोकेशन डिजिटल ट्रांजैक्शन बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। मृतका की एक करीबी रिश्तेदार के बैंक खातों में कुछ संदिग्ध लेनदेन भी सामने आए हैं जिनकी गहन पड़ताल जारी है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि जांच हर पहलू से आगे बढ़ रही है और किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। मामले में उपयोगी और पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति के लिए पचास हजार रुपए के इनाम की भी घोषणा की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जल्द ही इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया जा सकेगा।

  • बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका

    बांदा: जमीन के लालच में कलयुगी बेटे ने मां और भाई को भूना, दोहरे हत्याकांड से कांपा इलाका


    नई दिल्ली। बबेरू कोतवाली क्षेत्र में रविवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक शख्स ने मामूली जमीनी विवाद में अपने ही परिवार का खून बहा दिया। तहसील परिसर के पीछे रहने वाले राजकिशोर उर्फ गोविंद ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से अपनी 60 वर्षीय मां (शांति देवी) और 40 वर्षीय छोटे भाई (देवीदीन) की गोली मारकर हत्या कर दी।

    पुश्तैनी जमीन को पिता द्वारा बेचे जाने का विरोध और घरेलू मनमुटाव।आरोपी ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से ताबड़तोड़ फायरिंग की।बीच-बचाव करने आई आरोपी की पत्नी प्रभा भी इस हमले में घायल हुई है।फायरिंग की आवाज से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया; वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार।

    विवाद से हत्याकांड तक की कहानी
    जानकारी के मुताबिक, राजकिशोर अपने पिता द्वारा पुश्तैनी जमीन बेचे जाने से नाराज था। रविवार सुबह इसी बात को लेकर घर में कहासुनी शुरू हुई। विवाद इतना बढ़ा कि राजकिशोर ने अपना आपा खो दिया। जब उसकी पत्नी प्रभा ने उसे शांत करने की कोशिश की, तो वह भी चोटिल हो गई। इससे गुस्साए राजकिशोर ने घर में रखी बंदूक निकाली और मां व भाई पर गोलियां बरसा दीं।

    पड़ोसी जब तक मौके पर पहुंचे, दोनों लहूलुहान होकर गिर चुके थे। पुलिस ने फौरन दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस की कार्रवाई और एसपी का बयान
    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) पलाश बंसल ने खुद कमान संभाली है। उन्होंने बताया,शुरुआती जांच में यह पुश्तैनी जमीन की बिक्री से जुड़ा विवाद लग रहा है। आरोपी के पिता ने जमीन बेची थी, जिससे वह क्षुब्ध था। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।

  • शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा

    शादी में विवाद से दोहरी हत्या नर्मदापुरम पुलिस का बड़ा एक्शन 6 दिन में इनामी आरोपी पकड़ा


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।

    मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में एक शादी समारोह के दौरान हुई खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था जहां खुशियों का माहौल अचानक मातम में बदल गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते दोहरे हत्याकांड का रूप ले लिया लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों के चलते आखिरकार मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है जब एक गांव में सीताराम कीर के घर शादी का समारोह चल रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश और खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अमर सिंह और उसके बेटे लोकेश कीर ने डंडों और धारदार चाकू से जयनारायण कीर और उनके परिजनों पर हमला कर दिया। इस हमले में कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान तीन दिन बाद दम तोड़ दिया। इस दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल फैल गया और आरोपी फरार हो गए।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आरोपियों की तलाश में दबिश दी। इसी दौरान जब पुलिस टीम मुख्य आरोपी लोकेश कीर को पकड़ने पहुंची तो उसने आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने उन पर करीब नौ बार वार किए जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी जंगल की ओर भाग निकला जिससे मामला और चुनौतीपूर्ण हो गया।

    पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब छह दिनों तक पुलिस ने गांवों और गंजाल नदी के बीहड़ जंगलों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने तकनीकी साधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की।

    आखिरकार पुलिस को सफलता मिली और मुख्य आरोपी लोकेश कीर को गंजाल नदी के किनारे से गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले उसके पिता अमर सिंह को भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी के एन रजक साइबर सेल और पुलिस टीम की अहम भूमिका रही जिन्होंने जोखिम उठाकर इस आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की।

    इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राहत की सांस ली जा रही है और पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि छोटी सी बात भी किस तरह बड़ा अपराध बन सकती है और कानून से बच पाना आसान नहीं है।