Tag: dowry harassment

  • दहेज प्रताड़ना केस में 8 साल बाद गिरफ्तारी, कार्यक्रम के कार्ड ने खोल दिया फरार पिता-पुत्र का राज

    दहेज प्रताड़ना केस में 8 साल बाद गिरफ्तारी, कार्यक्रम के कार्ड ने खोल दिया फरार पिता-पुत्र का राज


    ग्वालियर । ग्वालियर पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के एक बहुचर्चित मामले में आठ वर्षों से फरार चल रहे पिता-पुत्र को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचने के लिए गुजरात के अलग-अलग शहरों में अपनी पहचान और ठिकाने बदल-बदलकर रह रहे थे। लगातार की जा रही तलाश के बावजूद पुलिस उनके करीब नहीं पहुंच पा रही थी लेकिन एक पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड ऐसा सुराग बना जिसने उनकी फरारी का अंत कर दिया।

    महिला सुरक्षा डीएसपी शिखा सोनी के अनुसार नवविवाहिता की शिकायत पर महिला थाने में उसके पति मंगल सिंह उर्फ पुतुआ राजावत और ससुर सुरेश सिंह राजावत के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि विवाह के बाद दोनों ने कार और नकदी की मांग करते हुए महिला पर लगातार दबाव बनाया और प्रताड़ित कर उसे घर से निकाल दिया।

    मामला दर्ज होने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था लेकिन जमानत मिलने के बाद वे फरार हो गए। इसके बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी रही। संभावित ठिकानों पर कई बार दबिश दी गई लेकिन दोनों हर बार पुलिस को चकमा देकर स्थान बदल लेते थे।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई थी। टीम पिछले चार दिनों से गुजरात में संभावित ठिकानों पर लगातार कार्रवाई कर रही थी। दो दिन पहले पुलिस एक ऐसे ठिकाने पर पहुंची जहां आरोपी कुछ समय पहले तक रह रहे थे लेकिन वहां से वे निकल चुके थे। तलाशी के दौरान पुलिस को एक पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड मिला जिसमें भिंड का पता दर्ज था। यही कार्ड जांच का सबसे अहम सुराग साबित हुआ।

    पुलिस ने तुरंत रणनीति बदलते हुए भिंड में निगरानी शुरू की और सोमवार रात कार्यक्रम स्थल पर दबिश दी। वहां दोनों आरोपी मौजूद मिले जिन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए हर कुछ महीनों में अपना ठिकाना बदल लेते थे और वर्षों बाद पहली बार किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने गांव पहुंचे थे। इसी चूक की वजह से वे पुलिस के हत्थे चढ़ गए।

    अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान किन लोगों ने दोनों आरोपियों को शरण दी और उन्हें पुलिस से बचाने में मदद की। यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पूरी कार्रवाई में एएसआई संतपाल सिंह, वीर सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक असीम कृष्ण यादव, मुकेश यादव, आरक्षक अंकुर शर्मा, राजदीप जाट और महिला आरक्षक काजल जादौन की अहम भूमिका रही। पुलिस मंगलवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करेगी। यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित मामले में बड़ी सफलता मानी जा रही है और फरार आरोपियों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई का अहम उदाहरण भी है।

  • शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप

    शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी   शिवपुरी में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला अपने पति के साथ हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल लेकर पहुंची और आत्मदाह की चेतावनी देने लगी। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उसके हाथ से बोतल छीन ली और काफी देर तक समझाइश देकर उसे शांत कराया। समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया।

    महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया। ससुराल पक्ष मायके से पैसे लाने का दबाव बनाता था और विरोध करने पर मानसिक तथा शारीरिक रूप से परेशान करता था। महिला का कहना है कि उसके एक लाख रुपए और सोने-चांदी के जेवर भी ससुराल वालों ने अपने कब्जे में रख लिए हैं और अब उन्हें लौटाने से इनकार कर रहे हैं।

    महिला के अनुसार, उसे और उसके पति को जिस मकान में रहने का अधिकार है, उसी मकान से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। उसने दावा किया कि मकान का निर्माण उसके पति और ससुर की कमाई से हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री सास के नाम कराई गई। अब परिवार के लोग उन्हें घर से निकालना चाहते हैं। इतना ही नहीं, उनके उपयोग में आने वाले कॉमन शौचालय पर भी ताला लगा दिया गया है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    महिला ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को उसके साथ मारपीट की घटना हुई थी। उसने पहले फिजिकल थाना और बाद में महिला थाना में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उसके अनुसार पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। न्याय नहीं मिलने से निराश होकर वह पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।

    महिला के पति ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे पिछले दो दिनों से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि जिस मकान से उन्हें निकाला जा रहा है, उसके निर्माण में उनकी मेहनत और कमाई का बड़ा योगदान है। लगातार अनदेखी से परेशान होकर उनकी पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने महिला और उसके पति से बातचीत की। महिला को समझाकर शांत कराया गया और उसका आवेदन लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर घरेलू विवादों, दहेज प्रताड़ना और शिकायतों के समय पर निराकरण की आवश्यकता को उजागर करती है। यदि पारिवारिक विवादों और शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई हो, तो ऐसे गंभीर और आत्मघाती कदम उठाने की नौबत आने से रोका जा सकता है।

  • पति और सास की प्रताड़ना से टूटी जिंदगी: आत्महत्या के बाद दर्ज हुई FIR, जांच में सामने आए गंभीर आरोप

    पति और सास की प्रताड़ना से टूटी जिंदगी: आत्महत्या के बाद दर्ज हुई FIR, जांच में सामने आए गंभीर आरोप


    मध्यप्रदेश । इंदौर में विवाहिता आत्महत्या के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस जांच के बाद ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विजयनगर और तिलक नगर थाना क्षेत्रों से जुड़े इन मामलों में पुलिस ने मर्ग जांच, साक्षियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। दोनों घटनाओं ने एक बार फिर घरेलू प्रताड़ना और वैवाहिक विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    पहला मामला विजयनगर थाना क्षेत्र का है, जहां भमौरी स्थित न्यू अंजनी नगर में रहने वाली सीमा जैन ने 19 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला, वहीं मृतका के परिजनों और अन्य गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए।

    पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि सीमा को कथित रूप से दहेज की मांग और घरेलू प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था। जांच में मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने पति अमन जैन और सास सपना जैन निवासी खरगोन के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

    मृतका के परिजनों ने पुलिस को बताया कि सीमा की शादी पिछले वर्ष मई माह में खरगोन जिले के कसरावद क्षेत्र में हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के समय ससुराल पक्ष ने दूल्हे की बीमारी की जानकारी छिपाई थी। विवाह के बाद जब इस बात की जानकारी सीमा को मिली तो दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने लगे। परिजनों के अनुसार लगातार तनाव और प्रताड़ना के कारण सीमा मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी।

    बताया गया कि सीमा पिछले चार महीनों से इंदौर में अपनी मां और भाई के साथ रह रही थी। पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ चुका था कि दोनों के बीच तलाक का मामला भी न्यायालय में विचाराधीन था। इसी दौरान उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।

    वहीं दूसरा मामला तिलक नगर थाना क्षेत्र का है, जहां संविद नगर निवासी 26 वर्षीय आरती पटेल ने 25 मई को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मृतका के पिता द्वारका पटेल, भाई दीपक पटेल और रिश्तेदार खेमचंद पटेल के बयान दर्ज किए गए।

    परिजनों ने आरोप लगाया कि आरती का पति गोपाल पटेल, जो सागर जिले के ग्राम सरदई का निवासी है, शादी के बाद से ही उसके साथ विवाद करता था और कई बार मारपीट भी करता था। परिवार का कहना है कि लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के चलते आरती गहरे तनाव में रहने लगी थी।

    मर्ग जांच में सामने आए तथ्यों, साक्षियों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गोपाल पटेल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों मामलों में पुलिस आगे की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।

    इन घटनाओं ने घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और वैवाहिक विवादों के गंभीर सामाजिक पहलुओं को फिर उजागर किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • इंदौर में खजराना मंदिर पुजारियों को हटाने की मांग, दहेज प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद

    इंदौर में खजराना मंदिर पुजारियों को हटाने की मांग, दहेज प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद


    मध्यप्रदेश । इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पीड़िता डॉ. इंद्रा भट्ट ने आरोप लगाया है कि मई 2025 में पुजारी पुनित भट्ट से विवाह के बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरू कर दी और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। इस मामले में महिला थाना इंदौर में पुजारी परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी देने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज है। साथ ही घरेलू हिंसा का मामला भी अदालत में विचाराधीन बताया जा रहा है।

    मंदिर से हटाने और गर्भगृह प्रवेश पर रोक की मांग
    पीड़िता ने अब कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर मांग की है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती, संबंधित पुजारियों को मंदिर में पूजा कार्य और गर्भगृह में प्रवेश से रोका जाए। उनका कहना है कि खजराना गणेश मंदिर राज्य अधिनियम के तहत संचालित होता है, इसलिए जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें अस्थायी रूप से जिम्मेदारियों से हटाया जाना चाहिए।

    अनियमितताओं के भी लगाए आरोप
    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली दक्षिणा के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि उनके पास इसके समर्थन में वीडियो और दस्तावेज मौजूद हैं।

    कानूनी दांव-पेच और प्रशासनिक मांग
    पीड़िता के वकील का कहना है कि मंदिर अधिनियम के तहत प्रशासन को अधिकार है कि वह जांच लंबित रहने तक पुजारियों को सेवा से अलग कर सकता है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया जा रहा है।

    आगे बढ़ सकता है मामला
    पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वह मुख्यमंत्री तक मामला लेकर जाएंगी। अब यह मामला केवल घरेलू विवाद न रहकर प्रशासनिक और धार्मिक संस्थान की भूमिका तक पहुंच गया है।

  • कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप

    कानपुर : पत्नी मायके गई तो पति ने रचाई दूसरी शादी, स्नैपचैट से खुला राज; दहेज, अबॉर्शन और उत्पीड़न के गंभीर आरोप




    नई दिल्ली। कानपुर के चकेरी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पत्नी के मायके जाने के दौरान पति ने चुपके से दूसरी शादी कर ली। इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा स्नैपचैट पर आई तस्वीरों से हुआ, जिसमें पति दूसरी महिला के साथ “पत्नी” लिखकर नजर आया। मामला सामने आने के बाद पीड़िता ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और गंभीर शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और दो बार जबरन गर्भपात कराया गया। महिला का कहना है कि ससुराल वालों ने खाने में दवा मिलाकर उसे नुकसान पहुंचाया, जिससे उसका गर्भ गिर गया। इसके अलावा, ननदोई पर भी कमरे में घुसकर गलत हरकत और शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया गया है।

    शादी 2022 में एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए तय हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी से पहले ही ससुराल पक्ष ने भारी दहेज की मांग की थी, जिसमें 50 लाख रुपये नकद, सोने के गहने और अन्य सामान शामिल थे। शादी के बाद भी लगातार पैसों की मांग और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना जारी रही।

    पीड़िता के अनुसार, मई 2025 में वह गर्भावस्था के दौरान मायके आ गई थी, और इसी दौरान पति ने दूसरी शादी कर ली। जब उसने इस बात की जानकारी परिवार से ली तो उसे टाल दिया गया और बाद में मामले की पुष्टि खुद सोशल मीडिया से हुई।

    पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति, सास और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों को बुलाकर बयान दर्ज किए जा रहे हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में

    महाराजपुरा सुसाइड केस: शादी के 3 साल बाद विवाहिता की संदिग्ध मौत, मायके पक्ष के आरोपों के बाद पति समेत ससुराल वाले घेरे में


    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ महाराजपुरा थाना क्षेत्र के डीडी नगर स्थित घुरैया मार्केट में महज 21 वर्षीय एक महिला ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है, जब किरन पत्नी पुष्पेंद्र लोधी का शव उसके अपने ही घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। जैसे ही परिजनों की नजर फंदे पर झूलती किरन पर पड़ी, घर में कोहराम मच गया और तत्काल इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के मायके पक्ष के बयानों ने इस पूरे घटनाक्रम को एक नया और गंभीर मोड़ दे दिया है। किरन के मायके वालों का आरोप है कि यह महज आत्महत्या नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष द्वारा किए गए मानसिक और शारीरिक शोषण का परिणाम है।

    परिजनों ने बताया कि किरन का विवाह करीब तीन साल पहले पुष्पेंद्र लोधी के साथ हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग उसे छोटी-छोटी बातों पर प्रताड़ित करने लगे थे। “शादी के बाद से ही उसे चैन से रहने नहीं दिया गया, ससुराल वालों का व्यवहार उसके प्रति लगातार क्रूर होता जा रहा था,” मायके पक्ष ने पुलिस को दिए अपने बयान में यह बात स्पष्ट रूप से कही है। उनका दावा है कि इसी निरंतर हो रहे उत्पीड़न और प्रताड़ना से तंग आकर उनकी बेटी ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा।

    इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस ने घटना के हर पहलू की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। सीएसपी ने आगे जानकारी दी कि मायके पक्ष द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और उनके बयानों को आधार मानते हुए गुरुवार रात को ससुराल पक्ष के खिलाफ विधिवत मामला दर्ज कर लिया गया है।

     पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे केवल प्रताड़ना ही मुख्य कारण था या कुछ और भी तथ्य छिपे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर में हुई इस घटना ने एक बार फिर नवविवाहिताओं की सुरक्षा और उनके प्रति हो रहे सामाजिक व पारिवारिक व्यवहार पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

  • ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी

    ग्वालियर में सुसाइड का सनसनीखेज वीडियो: मेरी मौत का जिम्मेदार मेरा पति…प्रेम विवाह के 6 माह बाद पत्नी ने लगाई फांसी


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहाँ प्यार में मिले धोखे ने एक महिला को मौत गले लगाने पर मजबूर कर दिया। बहोड़ापुर इलाके की रहने वाली वैष्णवी उर्फ प्राची ने सिरौल थाना क्षेत्र स्थित ‘ईस्ट मैरेडियन मल्टी’ के अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत को गले लगाने से पहले प्राची ने अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमें उसने सिसकते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार अपने पति राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया और उसके परिवार को ठहराया है।

    मंदिर में रचाई थी शादी फिर खुला कड़वा सच करीब 6 महीने पहले प्राची ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर पुरानी छावनी निवासी राजू से मंदिर में शादी की थी। दोनों ने स्टांप पर भी अपने रिश्ते को प्रमाणित किया था और किराये के फ्लैट में साथ रह रहे थे। प्राची को लगा था कि उसने अपना संसार बसा लिया है लेकिन जल्द ही उसके सामने एक ऐसा सच आया जिसने उसके पैरों तले जमीन खिसका दी। उसे पता चला कि राजू पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं।

    ससुराल में मारपीट और आखिरी फैसला पति की पहली शादी की सच्चाई जानने के बाद जब प्राची न्याय मांगने के लिए राजू के घर पहुंची तो वहां सहानुभूति के बजाय उसे प्रताड़ना मिली। परिजनों का आरोप है कि राजू की पहली पत्नी और उसके पिता ने प्राची के साथ जमकर मारपीट की। इसी अपमान और धोखे से आहत होकर प्राची अपने फ्लैट पर वापस आई और पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया।

    पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिरौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के हाथ वह वीडियो भी लगा है जिसे प्राची ने मरने से ठीक पहले बनाया था। पुलिस अब इस मामले में आरोपी पति और उसके परिजनों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।

  • ओंकारेश्वर में ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू रक्तदाताओं को वीआईपी दर्शन पास मिलेगा..

    ओंकारेश्वर में ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू रक्तदाताओं को वीआईपी दर्शन पास मिलेगा..


    खंडवा जिले में ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट और रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से एक ब्लड डोनेशन यूनिट शुरू की जा रही है इस यूनिट के माध्यम से जो भी श्रद्धालु रक्तदान करेगा उसे ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में वीआईपी एंट्री पास दिया जाएगा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि एक महीने के भीतर यह व्यवस्था शुरू की जाए काशी विश्वनाथ तिरुपति बालाजी और शिर्डी में पहले से इस तरह की व्यवस्था चल रही है

    कलेक्टर ने कहा कि रक्तदान करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र दिए जाएं जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अनिरुद्ध कौशल को निर्देश दिए गए कि ब्लड बैंक में आने वाले रक्तदाताओं को फल ताजा रस स्मृति चिन्ह और कैरी बैग चाबी का छल्ला जैसे प्रोत्साहन दिए जाएं इसके साथ ही रक्तदान शिविरों का प्रचार-प्रसार किया जाए और रक्तदाताओं को चार माह बाद रिमाइंडर भेजने की सुविधा भी लागू की जाए

    वहीं इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में 2 फरवरी को 20 वर्षीय नवविवाहिता मोनिका पटेल ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली पुलिस ने मामले की जांच पूरी होने के बाद पति रितेश पटेल और सास राधा पटेल को आरोपी बनाया है पुलिस ने मृतका के परिजनों के आरोप और एसीपी पराग सैनी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दहेज प्रताड़ना धारा 498 ए और आत्महत्या के लिए उकसाने धारा 306 के तहत प्रकरण दर्ज किया है

    जांच में सामने आया कि विवाह के बाद मोनिका को लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था पिता हीरालाल चौहान ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही मोनिका को ससुराल में परेशान किया जा रहा था बड़ी बेटी ने बताया कि मोनिका मानसिक तनाव में थी और लगातार परेशान की जा रही थी रितेश पटेल ने प्रारंभिक बयान में कहा कि घटना के समय वह घर पर नहीं था और आत्महत्या से पहले सिलाई के कपड़े को लेकर कहासुनी हुई थी

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है जल्द ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी यह प्रकरण दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को उजागर करता है जबकि ओंकारेश्वर में रक्तदान पहल समाज में लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान करने के लिए प्रेरित करेगी और श्रद्धालुओं को उनकी सेवा के लिए सम्मान प्रदान करेगी