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  • कैबिनेट फेरबदल की अटकलें हुई तेज…. राज्यसभा चुनाव के बाद दो मंत्रियों का पत्ता कटना तय

    कैबिनेट फेरबदल की अटकलें हुई तेज…. राज्यसभा चुनाव के बाद दो मंत्रियों का पत्ता कटना तय


    नई दिल्ली।
    राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha Election 2026) की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने सोमवार को 8 और नामों का ऐलान कर दिया है। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा बीएल वर्मा (BL Verma) और हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) को टिकट नहीं दिए जाने की है। खास बात है कि दोनों ही केंद्रीय मंत्री थे। साथ ही भाजपा ने अब तक ऐलान नहीं किया कि इन नेताओं की नई भूमिका क्या हो सकती है। दरअसल, ये ऐसे समय पर हुआ है जब कैबिनेट फेरबदल की अटकलें चल रही हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है और महज अटकलों का दौर चल रहा है।

    संविधान के अनुच्छेद 75(5) में कहा गया है कि एक मंत्री अगर लगातार 6 महीने तक किसी भी सदन का सदस्य नहीं रहता है, तो उन्हें पद छोड़ना पड़ता है। अब नवंबर में पुरी और वर्मा दोनों का ही कार्यकाल खत्म हो रहा है। ऐसे में चर्चाएं तेज हो गईं हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाले मंत्री परिषद में नए चेहरों की एंट्री हो सकती है। अभी तक औपचारिक रूप से इसे लेकर कुछ नहीं कहा गया है।


    4 नए मंत्रियों की एंट्री की तैयारी

    पीएम मोदी के टीम में 4 नए मंत्रियों की एंट्री हो सकती है। इसकी वजह पुरी, वर्मा, रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन की राज्यसभा में वापसी नहीं होना है। ये चारों ही एनडीए सरकार में मंत्री थे। बिट्टू रेल राज्य मंत्री थे। उन्होंने जुलाई में पद से इस्तीफा दे दिया था। दरअसल, जून में उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें उच्च सदन के लिए नॉमिनेट नहीं किया था। दरअसल, चर्चाएं थीं कि बिट्टू अब सरकार से निकल कर पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए बड़ी भूमिका निभाने जा रहे हैं। राज्य में 2027 में चुनाव होने हैं।

    जून में ही जॉर्ज कुरियन भी राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं। केरल से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल कुरियन अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री थे। खास बात है कि कुरियन सरकार में अकेले ईसाई मंत्री थे। उन्होंने 9 जून 2024 को पदभार संभाला था। वह साल 1980 से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे हैं और पार्टी प्रवक्ता, केरल भाजपा के उपाध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर रह चुके हैं।

  • सरकार की सख्ती का असर…..4 दिन में 8 रुपये सस्ती हुई शक्कर, ₹51 प्रति किलो पर आए दाम

    सरकार की सख्ती का असर…..4 दिन में 8 रुपये सस्ती हुई शक्कर, ₹51 प्रति किलो पर आए दाम


    नई दिल्ली।
    चीनी (Sugar) की बढ़ती कीमतों (Rising Prices) को काबू में करने के लिए सरकार (Government) की ओर से उठाए गए कई कदमों का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में चीनी के भाव नरम हुए हैं। दक्षिण महाराष्ट्र (Southern Maharashtra) में जहां चीनी का भाव करीब 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था, वहीं अब महाराष्ट्र में मिल स्तर पर यह करीब 51-52 रुपये प्रति किलो में कारोबार कर रही है। कोलकाता में थोक भाव करीब 53 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है। कोलकाता पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चीनी का प्रमुख आपूर्ति केंद्र है।

    ChiniMandi के सूत्रों के मुताबिक, थोक और मिल स्तर पर आई इस नरमी का असर अगले 3-5 दिनों में खुदरा बाजार में भी दिखाई दे सकता है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।


    रिटेल मार्केट में 8 रुपये तक सस्ती हुई चीनी

    ChiniMandi के ताजा रेट्स के मुताबिक दिल्ली में बुधवार को चीनी 62 रुपये किलो बिकी। इसका हाई 68 रुपये था। वहीं, कानपुर में चीनी की कीमत अब 69 की जगह 62 रुपये पर आ गई है। मुंबई में चीनी का भाव अब 68 रुपये से घटकर 61 रुपये, गुवाहटी में 71 से घटकर 63, हैदराबाद में 70 से घटकर 62 और चेन्नई में 70 रुपये से घटकर 65 रुपये किलो रह गई।


    चीनी के थोक भाव में बड़ी गिरावट

    अगर होलसेल प्राइस की बात करें तो मुंबई में चीनी अपने हाई से 950 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हो चुकी है। मुंबई में चीनी 5800 रुपये पर आ गई है जबकि, 22 अगस्त को 6750 रुपये के ऑल टाइम हाई पर थी। दिल्ली में चीनी 6000 रुपये प्रति क्विंटल पर ही टिकी है। यह 6600 रुपये पर पहुंच गई थी। चार दिन में कानपुर में भी चीनी के दाम में भी 600 रुपये की बड़ी गिरावट है। यहां एक क्विंटल चीनी 6050 रुपये पर आ गई है।


    सरकार ने क्या-क्या उठाए हैं कदम

    स्टॉक लिमिट: कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं और डीलरों के लिए स्टॉक रखने की सीमा तय की। इससे इनके पास जमा अतिरिक्त चीनी बाजार में आने लगी और उपलब्धता बढ़ी। सप्लाई सुधरने के साथ ही कीमतों पर दबाव कम हुआ है।

    जमाखोरी पर छापेमारी: सरकार ने चीनी की जमाखोरी और स्टॉक छिपाने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी तेज कर दी है। देशभर में अब तक 1,000 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी या निरीक्षण किए जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही चीनी मिलों को निर्देश दिया गया है कि अगस्त का निर्धारित कोटा जिन मिलों ने अभी तक बाजार में नहीं उतारा है, उसे जल्द से जल्द बेचें। इससे आने वाले दिनों में बाजार में चीनी की उपलब्धता और बढ़ सकती है।

    ड्यूटी-फ्री आयात: सरकार ने 21 अगस्त को 10 लाख मीट्रिक टन चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी थी। सूत्रों के मुताबिक, निर्यातक देशों से करीब 70-80 हजार टन चीनी वाली 3-4 खेपें पहले ही रवाना हो चुकी हैं। इनके सितंबर के मध्य से अंत तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।

    त्योहारों से पहले सरकार की नजर कीमतों पर
    अगस्त के बचे हुए कोटे की चीनी बाजार में आने, आयातित चीनी की खेपों के पहुंचने और बंदरगाहों पर रिफाइन होने वाली चीनी की उपलब्धता बढ़ने से प्रमुख खपत वाले इलाकों में सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है।

    खासकर त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार की कोशिश बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने की है। अगर ये सभी कदम उम्मीद के मुताबिक काम करते हैं, तो आने वाले हफ्तों में चीनी के भाव में और नरमी देखने को मिल सकती है।

  • J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद

    J&K: अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ड्रोन से गिराई गई हथियारों की खेप, पिस्तौल, कारतूस और ग्रेनेड बरामद


    श्रीनगर।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सांबा जिले (Samba district) में अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) के पास पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों की खेप बरामद की गई है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 16 कारतूस और एक ग्रेनेड सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह (Republic Day celebrations) को बाधित करने के आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (SOG) की एक संयुक्त टीम ने शुक्रवार देर रात घगवाल क्षेत्र के पलोरा गांव में तलाश अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी दल को एक नाले के किनारे पीले रंग की टेप में लिपटा पैकेट मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते की मदद से खोला गया। उन्होंने बताया कि पैकेट से हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अंतिम सूचना मिलने तक तलाश अभियान जारी था।


    ढलान से गिरने से सेना के 2 कुलियों की मौत

    दूसरी ओर, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास ढलान से फिसलकर गिरने से सेना के 2 नागरिक कुलियों की मौत हो गई और उनके शवों को बरामद किया गया। अधिकारियों ने कहा दोनों कुलियों की पहचान लियाकत अहमद दीदार और इशाक अहमद खटाना के रूप में हुई है। दोनों बारामूला के चंदूसा के रहने वाले थे। दोनों कुली गुरुवार दोपहर एक अग्रिम क्षेत्र से फिसलकर एक नाले में गिर गए थे। घटना के तुरंत बाद श्रीनगर स्थित 15 कोर के नियंत्रण में आने वाले गुलमर्ग सेक्टर में बचाव अभियान शुरू किया गया। खोज अभियान को जम्मू क्षेत्र के पुंछ सेक्टर तक बढ़ाया गया क्योंकि यह दुर्घटनास्थल के निकट है। नियंत्रण रेखा का पुंछ क्षेत्र सेना की नगरोटा स्थित व्हाइट नाइट (16) कोर के अधिकार क्षेत्र में आता है।