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  • क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां

    क्रिकेट के हिटमैन का बड़ा सम्मान: रोहित शर्मा को पद्मश्री, राष्ट्रपति भवन में गूंजीं तालियां


    नई दिल्ली ।भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम अध्यायों में अपना नाम दर्ज करा चुके दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। मंगलवार को द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया। इस सम्मान के साथ रोहित शर्मा उन चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने खेल जगत में अपने उत्कृष्ट योगदान के दम पर देश का सर्वोच्च सम्मान हासिल किया है।

    रोहित शर्मा का नाम जनवरी 2026 में घोषित पद्म पुरस्कार विजेताओं की सूची में शामिल किया गया था। भारतीय क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान, शानदार बल्लेबाजी, रिकॉर्डतोड़ उपलब्धियों और सफल नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चुना गया। वर्षों से क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले रोहित ने अपने खेल से न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है।

    राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस विशेष समारोह में कुल 65 विशिष्ट हस्तियों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। इनमें 2 पद्म विभूषण, 7 पद्म भूषण और 56 पद्मश्री पुरस्कार शामिल रहे। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। रोहित शर्मा के अलावा विजय अमृतराज, अलका याग्निक और ममूटी जैसे कई प्रतिष्ठित कलाकारों को भी सम्मान दिया गया।।

    रोहित शर्मा भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी बल्लेबाजी का कोई सानी नहीं माना जाता। वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक लगाने वाले वह दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें विश्व क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की श्रेणी में पहुंचा दिया है।

    बतौर कप्तान भी रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी नेतृत्व क्षमता के तहत टीम इंडिया ने कई महत्वपूर्ण श्रृंखलाओं और टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया। मैदान पर उनका शांत स्वभाव, रणनीतिक सोच और खिलाड़ियों को प्रेरित करने की क्षमता उन्हें एक सफल कप्तान बनाती है।

    क्रिकेट के मैदान पर हासिल की गई उनकी उपलब्धियां केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं हैं बल्कि उन्होंने करोड़ों युवाओं को प्रेरित करने का काम भी किया है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर विश्व क्रिकेट के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल होना उनकी मेहनत, समर्पण और संघर्ष की कहानी को दर्शाता है।

    पद्मश्री सम्मान मिलने के बाद खेल जगत और क्रिकेट प्रशंसकों ने रोहित शर्मा को बधाइयां दीं। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान को लेकर खुशी की लहर देखने को मिली। यह सम्मान न केवल रोहित शर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि है बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी गर्व का क्षण है।

    रोहित शर्मा की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करती है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय एमपी दौरे पर, इंदौर पहुंचते ही ओंकारेश्वर रवाना; सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय एमपी दौरे पर, इंदौर पहुंचते ही ओंकारेश्वर रवाना; सुरक्षा के कड़े इंतजाम


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इंदौर पहुंचीं। देश की प्रथम नागरिक के स्वागत के लिए देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद रहे। राष्ट्रपति के आगमन के साथ ही प्रदेश में उनके महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो गई है, जो 22 जून तक जारी रहेगी।

    इंदौर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू सीधे ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुईं। यहां वे भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना करेंगी। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर ओंकारेश्वर और इंदौर दोनों स्थानों पर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।

    राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इंदौर में विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। उन्होंने वीर हनुमान मंदिर परिसर स्थित ऐतिहासिक बावड़ी का अवलोकन किया और शहर की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।

    राष्ट्रपति मुर्मू का यह दौरा कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ा हुआ है। 19 जून को वे अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में भाग लेंगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवंशिक बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाना है। इसके अलावा राष्ट्रपति ग्वालियर और श्योपुर में आयोजित विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी।

    राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के अनुसार एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों को अस्थायी रूप से नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। वहीं 17 से 19 जून तक शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है ताकि वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनता को न्यूनतम परेशानी हो।

    ओंकारेश्वर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। दर्शनार्थियों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था, बस सेवाएं और मार्गदर्शन केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित ट्रैफिक प्लान का पालन करें और यात्रा के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें।

    राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर भारी मालवाहक वाहनों के मार्ग भी बदले गए हैं। इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर चलने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जा रहा है। इससे वीआईपी रूट पर यातायात का दबाव कम करने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे प्रदेश में विकास, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

  • 🇮🇳 सैफ विमेंस चैंपियनशिप जीतने पर भारतीय टीम को राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की बधाई

    🇮🇳 सैफ विमेंस चैंपियनशिप जीतने पर भारतीय टीम को राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति की बधाई


    नई दिल्ली। भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने साउथ एशियाई फुटबॉल के मंच पर एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए सैफ विमेंस चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीत लिया है। शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की और सात वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दोबारा चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद देशभर में खुशी की लहर दौड़ गई और शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं ने टीम की उपलब्धि की सराहना की।

    भारत की इस शानदार सफलता पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारतीय महिला फुटबॉल टीम को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, दृढ़ संकल्प और शानदार टीम भावना का प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीम की यह उपलब्धि देश की लाखों युवा लड़कियों को अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी। राष्ट्रपति ने खिलाड़ियों के संघर्ष और समर्पण को भारतीय खेल जगत के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

    उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने भी भारतीय टीम की उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत भारत में महिला फुटबॉल की लगातार बढ़ती ताकत और लोकप्रियता का प्रतीक है। उनके अनुसार, टीम की सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को प्रेरित करेगी और महिला फुटबॉल को नई पहचान दिलाने में मदद करेगी।

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय महिला टीम को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह जीत देश की नई पीढ़ी को फुटबॉल की ओर आकर्षित करेगी और महिला खेलों को और मजबूती प्रदान करेगी। वहीं केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने भारतीय महिला टीम को ‘ब्लू टाइग्रेस’ बताते हुए उनकी उपलब्धि को भारतीय फुटबॉल के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।

    टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शुरुआत से ही प्रभावशाली रहा। खिलाड़ियों ने हर मुकाबले में अनुशासन, आक्रामकता और सामूहिक खेल का शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में भी भारतीय टीम ने दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और बांग्लादेश के खिलाफ शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम ने तीन गोल दागकर मैच पर नियंत्रण बनाए रखा और अंततः 3-1 की जीत के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।

    यह जीत इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि भारत ने सात वर्षों बाद सैफ महिला चैंपियनशिप का ताज दोबारा हासिल किया है। लंबे अंतराल के बाद मिली इस सफलता ने भारतीय महिला फुटबॉल को नई पहचान और आत्मविश्वास प्रदान किया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में महिला फुटबॉल के विकास को गति दे सकती है और अधिक युवा खिलाड़ियों को इस खेल से जोड़ने में मददगार साबित होगी।

    भारतीय महिला टीम की इस सफलता ने यह भी साबित कर दिया है कि देश में महिला खेल लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। सैफ चैंपियनशिप की यह ट्रॉफी केवल एक खिताब नहीं, बल्कि भारतीय महिला फुटबॉल के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी है।

  • सिक्किम पुलिस को ‘राष्ट्रपति का निशान’, मुर्मु ने कहा– जनता के साथ भरोसा बढ़ाना जरूरी

    सिक्किम पुलिस को ‘राष्ट्रपति का निशान’, मुर्मु ने कहा– जनता के साथ भरोसा बढ़ाना जरूरी


    नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को सिक्किम की राजधानी गंगटोक में सिक्किम पुलिस को ‘राष्ट्रपति का निशान’ प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस बल से जुड़े सभी वर्तमान और पूर्व अधिकारियों व कर्मियों को बधाई दी और उनके योगदान की सराहना की।

    राष्ट्रपति ने कहा कि सिक्किम पुलिस ने वर्ष 1897 में अपनी स्थापना के बाद से राज्य में शांति, सुरक्षा और न्याय बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इसे एक अनुशासित और जनसेवा से जुड़ा हुआ पुलिस बल बताया।

    अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मु ने भारत की पुलिस व्यवस्था के ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि औपनिवेशिक काल की व्यवस्था में पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा नहीं बल्कि नियंत्रण और आदेशों का सख्ती से पालन कराना था। उन्होंने कहा कि इसी कारण पुलिस व्यवस्था में एक समय ‘गुलामी की मानसिकता’ विकसित हो गई थी, जिसे अब बदलने की आवश्यकता है।

    राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने के लिए इस सोच से पूरी तरह मुक्त होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण हैं, ताकि नागरिकों का भरोसा मजबूत हो सके।

    उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को अधिक नागरिक-हितैषी बनना चाहिए, जिससे लोग बिना भय के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील व्यवहार को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।

    राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि पुलिस को केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की सहयोगी और मार्गदर्शक की भूमिका निभानी चाहिए। इससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा और समाज में सुरक्षा तथा कानून के प्रति सम्मान मजबूत होगा।

    उन्होंने सिक्किम पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में शांति और भाईचारे को बनाए रखने में इस बल का योगदान उल्लेखनीय रहा है। सिक्किम पुलिस ने अपने व्यवहार और पेशेवर कार्यशैली के जरिए जनता का विश्वास और सम्मान अर्जित किया है।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की 21 किमी गोवर्धन परिक्रमा भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की 21 किमी गोवर्धन परिक्रमा भक्ति और परंपरा का अद्भुत संगम


    नई दिल्ली: द्रौपदी मुर्मू का मथुरा प्रवास गहरी आस्था और भारतीय संस्कृति की झलक के रूप में सामने आया जहां उन्होंने शनिवार को गिरिराज गोवर्धन पर्वत की लगभग 21 किलोमीटर लंबी परिक्रमा पूरी की यह परिक्रमा न केवल धार्मिक महत्व रखती है बल्कि भारतीय परंपरा में श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक भी मानी जाती है राष्ट्रपति ने पूरे मार्ग में भक्तिभाव के साथ यात्रा की और इस दौरान आम श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला

    परिक्रमा के बाद राष्ट्रपति दान घाटी मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने विधिवत पूजा अर्चना की इस दौरान उनके साथ आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे लेकिन इसके बावजूद वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत रहा

    राष्ट्रपति का यह दौरा तीन दिनों का है जिसमें उन्होंने आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण कर भारतीय संस्कृति की गहराई को अनुभव किया शुक्रवार को वे केली कुंज आश्रम पहुंचीं जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका सत्संग सुना इस दौरान राष्ट्रपति ने संत से एकांत में संवाद भी किया जिसमें अध्यात्म सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा हुई इस मुलाकात ने उनके प्रवास को और भी विशेष बना दिया राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत समाज देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

    इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रपति प्रेम मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने राधा कृष्ण के दर्शन कर पूजा अर्चना की मंदिर का भव्य वातावरण और लेजर शो उन्हें बेहद आकर्षक लगा उन्होंने इसकी सराहना भी की मंदिर परिसर में उनकी सुरक्षा को लेकर विशेष प्रबंध किए गए थे राष्ट्रपति ने मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गर्भगृह के सामने पहुंचकर दिव्य युगल विग्रह के दर्शन किए और विधिपूर्वक पूजा संपन्न की

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह मथुरा प्रवास केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा से उनका गहरा जुड़ाव दर्शाता है उनके इस दौरे ने यह संदेश दिया कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत आज भी उतनी ही जीवंत और प्रेरणादायक है जितनी सदियों पहले थी