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  • राजगढ़ में दर्दनाक हादसा पानी से भरी खदान में समा गया पूरा परिवार भाई बहन और बुआ की मौत से गांव में मातम

    राजगढ़ में दर्दनाक हादसा पानी से भरी खदान में समा गया पूरा परिवार भाई बहन और बुआ की मौत से गांव में मातम


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। ब्यावरा के जगनियापुरा गांव स्थित पानी से भरी क्रेशर खदान में डूबने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में पांच वर्षीय मासूम निखरा पारदी उसकी ग्यारह वर्षीय बहन नम्रता पारदी और दोनों को बचाने के लिए पानी में कूदी उनकी पैंतीस वर्षीय बुआ सायराबाई पारदी की जान चली गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

    जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब चार बजे गांव के कुछ बच्चे क्रेशर की खदान के पास खेल रहे थे। खेलते समय उनकी गेंद गहरे पानी से भरी खदान में गिर गई। गेंद निकालने के प्रयास में निखरा और उसकी बहन नम्रता खदान के किनारे पहुंचे लेकिन अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरे पानी में गिर गए। देखते ही देखते दोनों बच्चे डूबने लगे और मदद के लिए चीखने लगे।

    बच्चों की आवाज सुनते ही उनकी बुआ सायराबाई पारदी दौड़कर मौके पर पहुंचीं। उन्होंने बिना अपनी जान की परवाह किए दोनों बच्चों को बचाने के लिए तुरंत खदान में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक बच्चे को पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश भी की लेकिन दूसरे बच्चे को बचाने के प्रयास में उनका संतुलन बिगड़ गया। खदान का पानी काफी गहरा होने के कारण वह भी खुद को संभाल नहीं सकीं और तीनों कुछ ही पलों में पानी में समा गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस तथा प्रशासन को सूचना दी गई। ब्यावरा सिटी थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद तीनों को पानी से बाहर निकाला गया और तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस ने तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दुर्घटना पानी से भरी गहरी खदान के किनारे खेलते समय हुई।

    यह घटना एक बार फिर परित्यक्त और पानी से भरी खदानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी खदानों के आसपास मजबूत घेराबंदी चेतावनी बोर्ड और निगरानी की व्यवस्था होना बेहद जरूरी है ताकि बच्चे अनजाने में वहां न पहुंच सकें। अभिभावकों को भी बच्चों को खतरनाक और गहरे जलाशयों के पास अकेले खेलने से रोकना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी कई अनमोल जिंदगियों को बचा सकती है।

  • रीवा में 6 दिन बाद मिला सेना के जवान का शव, नहर का पानी रोककर चला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

    रीवा में 6 दिन बाद मिला सेना के जवान का शव, नहर का पानी रोककर चला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के सिलपरा डैम में डूबे 28 वर्षीय सेना के जवान गौरव द्विवेदी का शव आखिरकार मंगलवार सुबह बरामद कर लिया गया। यह खोज अभियान लगातार 6 दिनों तक चला, जिसमें NDRF, SDERF और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी रहीं। जवान की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।

    जानकारी के मुताबिक, बघवार गांव निवासी गौरव द्विवेदी बीते बुधवार को अपने भाई-बहनों के साथ सिलपरा डैम घूमने गए थे। नहाते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

    लगातार कई दिनों तक गोताखोरों और बचाव दल ने डैम में सर्च अभियान चलाया, लेकिन पानी की गहराई और सीमित दृश्यता के कारण सफलता नहीं मिल पाई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए नहर का पानी रोक दिया, जिससे डैम का जलस्तर करीब 40 फीट तक कम हो गया।

    सुबह 6 बजे से NDRF आगरा की स्पेशल टास्क फोर्स और SDERF की टीम ने फिर से संयुक्त अभियान शुरू किया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 9 बजे जवान का शव पानी से बाहर निकाल लिया गया।

    शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    प्रशासन ने रेस्क्यू टीमों के प्रयासों की सराहना की है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार खोज अभियान जारी रखा।

  • आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    आगरा में यमुना हादसा: घाट पर नहाने उतरे छह युवक-युवतियां और किशोर डूबे, चार की मौत से मचा कोहराम

    नई दिल्ली। आगरा के बल्केश्वर घाट पर मंगलवार सुबह यमुना नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसमें छह युवक-युवतियां और एक किशोर डूब गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पांच लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन इलाज के दौरान तीन की मौत हो गई, जबकि दो घंटे की मशक्कत के बाद किशोर का शव भी बरामद हुआ।

    जानकारी के अनुसार, तेज गर्मी के चलते सभी लोग यमुना में नहाने उतरे थे, तभी अचानक गहरे पानी में चले जाने से एक के बाद एक सभी डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।

    रेस्क्यू टीम ने कड़ी मेहनत के बाद पांच लोगों को बाहर निकाला और उन्हें एसएन अस्पताल भेजा गया, जहां कान्हा, महक और रिया की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं 11 वर्षीय विक्की का शव बाद में यमुना से बरामद किया गया।

    घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक दृश्य तब सामने आया जब विक्की का शव बाहर निकाला गया और उसके पिता बिलख पड़े। उन्होंने बताया कि चार बेटियों के बाद बड़ी मन्नत से मिला एक बेटा भी हादसे में खो दिया।

    डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

  • रतनगढ़ मंदिर दर्शन के दौरान नहर में हादसा: 15 घंटे की रेस्क्यू के बाद युवक का शव मिला

    रतनगढ़ मंदिर दर्शन के दौरान नहर में हादसा: 15 घंटे की रेस्क्यू के बाद युवक का शव मिला


    दतिया जिले के सेंथरी नहर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने लोगों को हिला कर रख दिया। झांसी निवासी राहुल यादव अपने दोस्तों के साथ रतनगढ़ माता मंदिर के दर्शन करने आया था, लेकिन नहर में नहाते समय पैर फिसल जाने से वह पानी में डूब गया।

    सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोर घटनास्थल पर पहुंचे और 15 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद राहुल यादव का शव नहर से बाहर निकाला। शव सेंथरी नहर से लगभग 50 मीटर दूर पुलिया के पास मिला।

    थरेट थाना प्रभारी अरविन्द भदौरिया ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय लोग भी राहत और सदमे की स्थिति में थे।

    मित्रों के साथ मंदिर दर्शन आया राहुल यादव नहर में नहाते समय संतुलन खो बैठा और पानी में गिर गया। आसपास के लोग और दोस्त तुरंत उसे बचाने की कोशिश में जुट गए, लेकिन गहरे पानी और तेज धारा के कारण उसे बाहर निकालना संभव नहीं हो सका।

    एसडीआरएफ टीम और गोताखोरों ने रात-दिन की मेहनत के बाद आखिरकार शव को बरामद किया। यह घटना यह याद दिलाती है कि नहर और जलाशयों में सुरक्षा मानकों का पालन न करने से जान का जोखिम कितना बढ़ जाता है।

    स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नहर या किसी भी जलस्रोत के पास सावधानी बरतें, बच्चों और युवाओं को पानी में नहाते समय सतर्क रहें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।

    राहुल यादव के परिजन झांसी से दतिया पहुंचे और उन्होंने अपने प्रियजन की मौत से गहरा शोक व्यक्त किया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय सुरक्षा नियमों का पालन क्यों नहीं किया गया और क्या कोई लापरवाही हुई।

    यह घटना जिले और आसपास के इलाकों के लिए चेतावनी है कि जलाशयों और नहरों में नहाते समय सतर्कता ही जीवन बचाने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है।

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    Datia, Drowning Accident, Rahul Yadav, SDRF Rescue, Temple Visit