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  • सतना में नदी बनी मौत का कारण: युवक की डूबने से दर्दनाक मौत

    सतना में नदी बनी मौत का कारण: युवक की डूबने से दर्दनाक मौत


    सतना । सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में रविवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया एक 21 वर्षीय युवक देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया और उसकी जान चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। दोस्तों ने अपनी जान जोखिम में डालकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफलता नहीं मिल सकी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीण गोताखोरों ने युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

    जानकारी के मुताबिक, सरिया टोला माधवगढ़ निवासी अर्चित सिंह रविवार सुबह अपने पांच दोस्तों के साथ माधवगढ़ स्थित नदी के एनीकेट पर नहाने गया था। भीषण गर्मी के बीच सभी दोस्त नदी में मस्ती कर रहे थे। लगभग डेढ़ घंटे तक नहाने के बाद एक-एक कर सभी युवक पानी से बाहर निकलने लगे। इसी दौरान अर्चित का संतुलन बिगड़ गया और उसका पैर फिसल गया। देखते ही देखते वह गहरे पानी में चला गया।

    अर्चित को डूबता देख दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। दोस्तों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और उसे खोजने की कोशिश शुरू की, लेकिन पानी ज्यादा गहरा होने के कारण उसका कोई पता नहीं चल सका। दोस्तों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही स्थानीय गोताखोर भी नदी किनारे पहुंच गए और युवक की तलाश शुरू की गई।

    करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोताखोरों ने अर्चित को पानी से बाहर निकाला। युवक की हालत गंभीर थी। परिजन और दोस्त उसे तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    घटना की सूचना मिलते ही कोलगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में हादसा पैर फिसलने के कारण होना बताया जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में युवक नदी और एनीकेट में नहाने पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने से अक्सर हादसे हो जाते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खतरनाक जलाशयों के आसपास चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • गोरखपुर में सरयू नदी बनी काल, नहाने गए भाई-बहन की डूबकर मौत; मौसी को गोताखोरों ने बचाया

    गोरखपुर में सरयू नदी बनी काल, नहाने गए भाई-बहन की डूबकर मौत; मौसी को गोताखोरों ने बचाया

    नई दिल्ली। गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में रविवार को सरयू नदी में नहाने गए भाई-बहन की डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी मौसी को गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से बचा लिया गया। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।

    जानकारी के मुताबिक सिकरीगंज थाना क्षेत्र के उसरी गांव निवासी ओमकार के बच्चे प्रिंस (11) और शिवानी (13) गर्मी की छुट्टियों में अपनी मां के साथ ननिहाल मेहड़ा गांव आए थे। रविवार सुबह दोनों बच्चे अपनी मौसी माया (16) के साथ गांव के बाहर स्थित हनुमान मंदिर घूमने गए थे। दर्शन करने के बाद तीनों सरयू नदी में नहाने उतर गए।

    नहाने के दौरान अचानक प्रिंस का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। भाई को डूबता देख शिवानी उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी, लेकिन वह भी पानी के तेज बहाव और गहराई में फंस गई। दोनों को बचाने के प्रयास में मौसी माया भी नदी में डूबने लगी। बताया जा रहा है कि तीनों करीब 40 फीट गहरे पानी में चले गए थे।

    घटना के दौरान घाट पर मौजूद एक बच्ची ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर दौड़े। गांव के चंद्रमाल यादव ने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। सबसे पहले उन्होंने माया को बाहर निकाला और फिर दोबारा नदी में कूदकर प्रिंस को बाहर लाए। दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया, जबकि माया का इलाज जारी है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

    उधर शिवानी का काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिला। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक तलाश अभियान चलाया, जिसके बाद उसका शव नदी से बाहर निकाला गया। उसे भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मासूम भाई-बहन की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।