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  • रीवा में तालाब में नहाते समय 22 वर्षीय युवक डूबा, कई घंटे की तलाश के बाद मिला शव, गांव में पसरा मातम

    रीवा में तालाब में नहाते समय 22 वर्षीय युवक डूबा, कई घंटे की तलाश के बाद मिला शव, गांव में पसरा मातम

    मध्य प्रदेश: के रीवा जिले में तालाब में नहाने के दौरान एक युवक की डूबने से मौत हो गई। हादसा पनवार थाना क्षेत्र के देवरी गांव में हुआ, जहां 22 वर्षीय रामेश्वर कोल दोपहर के समय गांव के पास स्थित तालाब में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते पानी में डूब गया।

    घटना के समय तालाब के आसपास मौजूद लोगों ने युवक को पानी में डूबते देखा। उन्होंने तत्काल उसके परिजनों और गांव के अन्य लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास पहुंच गए। इसके बाद युवक की तलाश शुरू की गई।

    ग्रामीणों ने काफी देर तक तालाब में अलग अलग स्थानों पर युवक को खोजने का प्रयास किया। पानी की गहराई अधिक होने के कारण तलाश में परेशानी सामने आई। लगातार कोशिशों के बावजूद शुरुआती दौर में युवक का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद घटना की जानकारी पनवार पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलने पर पनवार थाना प्रभारी कन्हैया सिंह बघेल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने दोबारा तालाब में युवक की तलाश शुरू की। कई घंटे तक चले प्रयास के बाद आखिरकार रामेश्वर कोल का शव तालाब से बरामद कर लिया गया।

    शव मिलने की जानकारी जैसे ही परिवार के लोगों को हुई, वहां चीख पुकार मच गई। युवक की अचानक मौत से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे की खबर गांव में फैलने के बाद पूरे देवरी क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। ग्रामीण भी घटना से दुखी नजर आए।

    बताया गया कि रामेश्वर कोल गांव का रहने वाला था और सामान्य रूप से तालाब में नहाने के लिए गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में पहुंच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं सका और डूब गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल उसकी तलाश शुरू की, लेकिन सफलता कई घंटे बाद मिली।

    पुलिस ने युवक के शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जवा भेज दिया। यहां शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने घटना से संबंधित आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर गांवों में स्थित तालाबों और जलाशयों में नहाने के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में तालाबों और अन्य जलस्रोतों में पानी का स्तर बढ़ने के साथ गहराई और फिसलन का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे स्थानों पर सावधानी नहीं बरतने की स्थिति में हादसे की आशंका बनी रहती है।

    देवरी गांव में हुए इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी शोक है। ग्रामीणों का कहना है कि युवक की मौत से परिवार को बड़ा सदमा लगा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस ने शव बरामद कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

  • शूटिंग के दौरान गई जान: केरल की खदान में डूबे दिल्ली के मॉडल दिव्यांशु जोशी, दोस्तों के सामने हुआ हादसा

    शूटिंग के दौरान गई जान: केरल की खदान में डूबे दिल्ली के मॉडल दिव्यांशु जोशी, दोस्तों के सामने हुआ हादसा

    नई दिल्ली। दिल्ली के युवा मॉडल दिव्यांशु जोशी की केरल में एक दर्दनाक हादसे में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार वह एक विज्ञापन शूट के सिलसिले में केरल गए हुए थे, जहां एक बंद पड़ी खदान में फोटो और वीडियो शूटिंग के दौरान पानी में डूबने से उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद मॉडलिंग और फैशन जगत में शोक की लहर फैल गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के समय दिव्यांशु के साथ उनकी शूटिंग टीम और एक करीबी दोस्त भी मौजूद थे।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार दिव्यांशु जोशी एक कपड़ों के ब्रांड के कमर्शियल शूट के लिए कोच्चि पहुंचे थे। शूटिंग का एक हिस्सा एर्नाकुलम जिले के शांत पेट्टमाला क्षेत्र में स्थित एक पुरानी और बंद पड़ी खदान के आसपास होना था। बताया जा रहा है कि शूटिंग पूरी करने के बाद टीम वहां लोकेशन का निरीक्षण कर रही थी। इसी दौरान दिव्यांशु पानी से भरी खदान के भीतर उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले वह सुरक्षित बाहर आ गए थे, लेकिन कुछ समय बाद दोबारा पानी में उतर गए। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे पानी में चले गए।

    हादसे के वक्त उनका एक दोस्त वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था। जब दिव्यांशु पानी में डूबने लगे तो उसने तुरंत आसपास मौजूद लोगों को मदद के लिए आवाज लगाई। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए प्रशासन और बचाव दल को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही अग्निशमन एवं बचाव विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद बचावकर्मियों ने लगभग 30 फीट की गहराई से दिव्यांशु को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल पेरुम्बावूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस खदान में यह हादसा हुआ, वह करीब दो दशक से अधिक समय से बंद पड़ी हुई है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह इलाका पहले भी कई हादसों के कारण संवेदनशील और खतरनाक माना जाता रहा है। खदान के कुछ हिस्सों में पानी की गहराई लगभग 100 फीट तक बताई जाती है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्षों पहले यहां दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा गेट लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद लोग समय-समय पर वहां पहुंच जाते हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि शूटिंग के लिए संबंधित स्थान पर किसी प्रकार की औपचारिक अनुमति लिए जाने की जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।

    जांच के दौरान सामने आया है कि दिव्यांशु और उनकी टीम विज्ञापन शूट से जुड़े कार्य के सिलसिले में उस स्थान पर पहुंचे थे। प्राथमिकी में दर्ज विवरण के अनुसार टीम ने पहले लोकेशन का निरीक्षण किया और इसके बाद कुछ दृश्य रिकॉर्ड करने की तैयारी की जा रही थी। बताया गया कि टीम के सदस्यों ने यह भी सुनिश्चित किया था कि दिव्यांशु को तैरना आता है। हालांकि पानी की वास्तविक गहराई और वहां मौजूद जोखिम का सही आकलन नहीं हो सका, जिसके कारण यह दुखद घटना घट गई।

    पुलिस ने मृतक के साथ मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर लिए हैं और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा केवल दुर्घटना था या सुरक्षा मानकों की अनदेखी भी इसमें शामिल रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दुखद हादसे ने एक बार फिर खतरनाक और असुरक्षित स्थानों पर होने वाली शूटिंग को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।