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  • मंदसौर में नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, खेतों के बीच छिपी अवैध ड्रग्स लैब का खुलासा..

    मंदसौर में नशे के नेटवर्क पर बड़ा प्रहार, खेतों के बीच छिपी अवैध ड्रग्स लैब का खुलासा..

    मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता सामने आई है, जहां खेतों के बीच छिपाकर संचालित की जा रही एक अवैध सिंथेटिक ड्रग्स निर्माण इकाई का पर्दाफाश हुआ है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी के बाद एक विशेष टीम ने गुप्त रूप से तैयार की गई इस लैब पर छापा मारा। सामान्य रूप से दिखने वाले एक ग्रामीण इलाके में इस तरह का नेटवर्क संचालित होना जांच एजेंसियों के लिए भी चौंकाने वाला रहा।

    जांच के दौरान यह सामने आया कि यह पूरी गतिविधि बेहद सुनियोजित तरीके से चलाई जा रही थी, जहां एक कमरे और उसके आसपास के हिस्से को प्रयोगशाला में बदलकर मेफेड्रोन जैसे खतरनाक सिंथेटिक नशीले पदार्थों का निर्माण किया जा रहा था। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में यह स्पष्ट हुआ कि यह केवल एक छोटा संचालन नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

    छापेमारी के दौरान टीम ने जब पूरे स्थान की तलाशी ली तो वहां से बड़ी मात्रा में तैयार और निर्माणाधीन मादक पदार्थ बरामद हुए। इसके साथ ही कई प्रकार के रसायन और प्रयोगशाला उपकरण भी मिले, जिनका उपयोग अवैध ड्रग्स बनाने में किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क के पीछे सप्लाई चैन और वितरण व्यवस्था भी सक्रिय हो सकती है, जिसकी जांच अब आगे बढ़ाई जा रही है।

    इस कार्रवाई में मौके से दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिन्हें बाद में संबंधित कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार राज्य के बाहर तक जुड़े होने की संभावना भी हो सकती है। इसी कारण अब पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, केमिकल सप्लाई स्रोत और संभावित सहयोगियों की गहन जांच की जा रही है।

    अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गुप्त लैब का खुलासा नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिंथेटिक ड्रग्स का उत्पादन न केवल अवैध है बल्कि यह समाज के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है, खासकर युवाओं पर इसका प्रभाव अत्यधिक हानिकारक होता है। इसी कारण इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करना प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है।

    इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि अवैध नशा कारोबार अब केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में भी अपनी जड़ें फैलाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में लगातार निगरानी और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी हो जाती है, ताकि इस तरह के नेटवर्क को बढ़ने से पहले ही रोका जा सके।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह सख्ती के साथ जारी रहेगा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त

    मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त


    अनुपपुर । मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल STF ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा से मध्य प्रदेश लाए जा रहे 599 किलोग्राम गांजे को जब्त किया। यह गांजा एक ट्रक में छुपाकर लाया जा रहा थाऔर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित जिला अनूपपुर के घने जंगल मार्ग पर की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में ट्रक सहित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

    गुप्त कम्पार्टमेंट से गांजे की तस्करी

    गांजा तस्करी की यह नई विधि STF के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। तस्करों ने ट्रक में लोहे की चादर से एक गुप्त कम्पार्टमेंट केबिन बनाया थाजो बाहरी नजर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। इस गुप्त कम्पार्टमेंट में गांजे के पैकेट्स छिपाकर तस्करी की जा रही थी। STF को गोपनीय सूचना मिलने के बादइस ट्रक की घेराबंदी की गई और इसे जब्त किया गया।

    STF की टीम ने की सटीक घेराबंदी

    गोपनीय सूचना मिलने पर STF की दो विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर ने किया। टीम ने संबलपुर ओडिशासे मैहर मध्य प्रदेश जा रहे ट्रक संख्या JH 02BL 7103 को जिला अनूपपुर के जेतहरी थाना क्षेत्र के घने जंगल मार्ग पर घेर लिया और उसकी तलाशी ली। इस दौरान ट्रक से कुल 599 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता करार दियाक्योंकि यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत हो रहा था।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ

    पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैजिनके नाम अंकित विश्वकर्मा निवासी जिला सीधी और धनंजय सिंह पटेल निवासी जिला सतना हैं। गिरफ्तारी के बादपुलिस ने आरोपियों से गांजे के स्रोततस्करी नेटवर्क और इसके विक्रेताओं तथा क्रेताओं के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूछताछ आगे के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है।

    नशा से दूरी अभियान के तहत कार्रवाई

    मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन मेंप्रदेश भर में नशा से दूरी अभियान चलाया जा रहा है। STF प्रमुख और विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव की मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करना और समाज को नशे से बचाना है। पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैंताकि नशे की तस्करी और उसके व्यापार को रोका जा सके।

    टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई STF के समर्पित कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक योजना का परिणाम थी। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गोपाल सूर्यवंशीप्रधान आरक्षक निर्मल पटेलसंपूर्णानंदअंजनी पाठकविनय कोरीऔर आरक्षक मनीष तिवारीनिलेश दुबेराहुल रजकरूपेश रायऔर नारायण प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने इस तस्करी को पकड़ा और एक बड़ी तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में मदद की।

    आगे की कार्रवाई

    मध्य प्रदेश STF ने इस बड़े ड्रग तस्करी मामले में अब जांच तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों से गांजे के परिवहन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही हैजिससे और भी तस्करों का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहालट्रक और जब्त गांजे को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के व्यापार पर कड़ी चोट है और यह दर्शाता है कि STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैंऔर उम्मीद की जा रही है कि इसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में नशे की तस्करी में कमी आएगी।