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  • खेती छोड़ बना ड्रग तस्कर, मंदसौर से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में करता था सप्लाई, 11 लाख का माल जब्त

    खेती छोड़ बना ड्रग तस्कर, मंदसौर से ब्राउन शुगर लाकर इंदौर में करता था सप्लाई, 11 लाख का माल जब्त


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के अभियान के तहत इंदौर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खजराना थाना पुलिस ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए 110 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11 लाख रुपए आंकी गई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया है कि वह मंदसौर से सस्ते दामों पर ब्राउन शुगर खरीदकर इंदौर में ऊंचे दामों पर बेचता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि बायपास स्थित वाघेला गार्डन के पास एक युवक बड़ी मात्रा में ब्राउन शुगर लेकर ग्राहकों की तलाश में घूम रहा है। सूचना मिलते ही खजराना थाना पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 110 ग्राम ब्राउन शुगर और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय रामकिशन उर्फ रामनिवास गिरी निवासी ग्राम काटिया थाना सुवासरा जिला मंदसौर के रूप में हुई है। वह आठवीं तक पढ़ा है और खेती का काम करता था। पूछताछ में उसने बताया कि वह स्वयं भी नशे का आदी है। इसी लत और जल्दी पैसा कमाने की चाहत ने उसे नशे के कारोबार में धकेल दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह मंदसौर के कोटड़ी क्षेत्र से ब्राउन शुगर खरीदकर इंदौर लाता था और यहां अधिक कीमत पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था।

    थाना प्रभारी मनोज सिंह सेंधव ने बताया कि आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य ब्राउन शुगर की सप्लाई चेन का पता लगाना और उन लोगों की पहचान करना है जो इस अवैध कारोबार से जुड़े हुए हैं। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन की भी जांच कर रही है ताकि उसके संपर्क में रहने वाले सप्लायरों और ग्राहकों तक पहुंचा जा सके।

    इंदौर पुलिस का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास नशे की खरीद-फरोख्त या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जनसहयोग और सख्त कार्रवाई के जरिए ही युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है और समाज को इस गंभीर खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त

    मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त


    अनुपपुर । मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल STF ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा से मध्य प्रदेश लाए जा रहे 599 किलोग्राम गांजे को जब्त किया। यह गांजा एक ट्रक में छुपाकर लाया जा रहा थाऔर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित जिला अनूपपुर के घने जंगल मार्ग पर की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में ट्रक सहित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

    गुप्त कम्पार्टमेंट से गांजे की तस्करी

    गांजा तस्करी की यह नई विधि STF के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। तस्करों ने ट्रक में लोहे की चादर से एक गुप्त कम्पार्टमेंट केबिन बनाया थाजो बाहरी नजर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। इस गुप्त कम्पार्टमेंट में गांजे के पैकेट्स छिपाकर तस्करी की जा रही थी। STF को गोपनीय सूचना मिलने के बादइस ट्रक की घेराबंदी की गई और इसे जब्त किया गया।

    STF की टीम ने की सटीक घेराबंदी

    गोपनीय सूचना मिलने पर STF की दो विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर ने किया। टीम ने संबलपुर ओडिशासे मैहर मध्य प्रदेश जा रहे ट्रक संख्या JH 02BL 7103 को जिला अनूपपुर के जेतहरी थाना क्षेत्र के घने जंगल मार्ग पर घेर लिया और उसकी तलाशी ली। इस दौरान ट्रक से कुल 599 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता करार दियाक्योंकि यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत हो रहा था।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ

    पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैजिनके नाम अंकित विश्वकर्मा निवासी जिला सीधी और धनंजय सिंह पटेल निवासी जिला सतना हैं। गिरफ्तारी के बादपुलिस ने आरोपियों से गांजे के स्रोततस्करी नेटवर्क और इसके विक्रेताओं तथा क्रेताओं के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूछताछ आगे के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है।

    नशा से दूरी अभियान के तहत कार्रवाई

    मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन मेंप्रदेश भर में नशा से दूरी अभियान चलाया जा रहा है। STF प्रमुख और विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव की मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करना और समाज को नशे से बचाना है। पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैंताकि नशे की तस्करी और उसके व्यापार को रोका जा सके।

    टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई STF के समर्पित कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक योजना का परिणाम थी। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गोपाल सूर्यवंशीप्रधान आरक्षक निर्मल पटेलसंपूर्णानंदअंजनी पाठकविनय कोरीऔर आरक्षक मनीष तिवारीनिलेश दुबेराहुल रजकरूपेश रायऔर नारायण प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने इस तस्करी को पकड़ा और एक बड़ी तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में मदद की।

    आगे की कार्रवाई

    मध्य प्रदेश STF ने इस बड़े ड्रग तस्करी मामले में अब जांच तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों से गांजे के परिवहन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही हैजिससे और भी तस्करों का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहालट्रक और जब्त गांजे को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के व्यापार पर कड़ी चोट है और यह दर्शाता है कि STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैंऔर उम्मीद की जा रही है कि इसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में नशे की तस्करी में कमी आएगी।