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  • 'भारत विरोधी' आफरीदी संग नजर आए मुनव्वर फारूकी, दुबई मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर कॉमेडियन की जमकर ट्रोलिंग

    'भारत विरोधी' आफरीदी संग नजर आए मुनव्वर फारूकी, दुबई मुलाकात का वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर कॉमेडियन की जमकर ट्रोलिंग

    नई दिल्ली। मनोरंजन जगत के मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन और रियलिटी शो विजेता मुनव्वर फारूकी इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इंटरनेट पर उनका एक ताजा वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें वे पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और आक्रामक ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी के साथ नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आते ही भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा फूट पड़ा है और लोग कॉमेडियन को उनके इस कदम के लिए बुरी तरह से आड़े हाथों ले रहे हैं।

    यह पूरी घटना संयुक्त अरब अमीरात के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की बताई जा रही है, जहां दोनों की अचानक मुलाकात हुई थी। वायरल हो रहे वीडियो के दृश्यों में देखा जा सकता है कि पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद आफरीदी अपने मोबाइल फोन पर किसी अन्य व्यक्ति से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर रहे हैं। इसी दौरान उनके ठीक पीछे मुनव्वर फारूकी खड़े हुए दिखाई देते हैं, जो काफी सहज और मुस्कुराते हुए फ्रेम में नजर आ रहे हैं। इस संक्षिप्त मुलाकात के फुटेज जैसे ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड हुए, वैसे ही इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं।

    भारतीय खेल प्रशंसकों और आम नागरिकों के बीच शाहिद आफरीदी की छवि लगातार विवादों से घिरी रही है। आफरीदी अक्सर विभिन्न वैश्विक मंचों और सार्वजनिक बयानों में भारत, भारतीय नीतियों और देश के अंदरूनी मामलों के खिलाफ जहर उगलते हुए नजर आते हैं। उनके कई पुराने और नए बयान भारतीय नागरिकों को आहत करने वाले रहे हैं, जिसके कारण भारत में उन्हें लेकर भारी नाराजगी और विरोध की भावना रहती है। ऐसे में एक लोकप्रिय भारतीय हस्ती का उनके साथ इस तरह दोस्ताना अंदाज में दिखना कई लोगों को रास नहीं आ रहा है।

    सोशल मीडिया पर मुनव्वर फारूकी को ट्रोल करने वाले यूजर्स लगातार उनके इस रवैए पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति लगातार भारत के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करता है, उसके साथ भारतीय कलाकारों का इस तरह का जुड़ाव देश की भावनाओं का अपमान है। एक्स और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर नेटिजंस मुनव्वर को देशभक्ति और अपनी प्राथमिकताओं को लेकर नसीहत दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार करार दिया है, तो कुछ इसे केवल पब्लिसिटी स्टंट मान रहे हैं।

    मुनव्वर फारूकी के करियर और विवादों का पुराना नाता रहा है, लेकिन इस बार का विवाद सीधे तौर पर राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ा होने के कारण अधिक तूल पकड़ता जा रहा है। खेल और मनोरंजन के वैश्विक गढ़ दुबई में हुई इस मुलाकात ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच के संवेदनशील सांस्कृतिक और राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। आलोचकों का मानना है कि भारतीय कलाकारों को अंतरराष्ट्रीय दौरों पर ऐसी हस्तियों के साथ दिखने से बचना चाहिए जिनकी पहचान भारत विरोधी बयानों से जुड़ी हो।

    फिलहाल इस पूरे मामले पर और सोशल मीडिया पर हो रही चौतरफा फजीहत को लेकर मुनव्वर फारूकी या उनकी टीम की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया है। लेकिन इंटरनेट पर इस वीडियो को लेकर शुरू हुआ विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है और नेटिजंस लगातार उनके इस वीडियो को शेयर कर अपनी नाराजगी दर्ज करा रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस भारी विरोध का मुनव्वर के आगामी शोज और उनकी फैन फॉलोइंग पर क्या असर पड़ता है।

  • फ्लाइट के बाथरूम में रची गई सोना तस्करी की हाईटेक साजिश नाकाम, स्पीकर बॉक्स से निकला 2.8 किलो विदेशी सोना

    फ्लाइट के बाथरूम में रची गई सोना तस्करी की हाईटेक साजिश नाकाम, स्पीकर बॉक्स से निकला 2.8 किलो विदेशी सोना

    नई दिल्ली । देश में सोना तस्करी के नए-नए तरीकों के बीच अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। कस्टम विभाग ने दुबई से अहमदाबाद पहुंची एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान के टॉयलेट में छिपाकर रखा गया बड़ी मात्रा में विदेशी सोना बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्करों ने विमान के बाथरूम में लगे साउंड सिस्टम का इस्तेमाल सोने को छिपाने के लिए किया था।

    कस्टम अधिकारियों को विमान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान विमान के केबिन और विभिन्न तकनीकी हिस्सों की बारीकी से पड़ताल की गई। जब टीम विमान के टॉयलेट तक पहुंची तो वहां एक असामान्य स्थिति दिखाई दी। अधिकारियों ने तकनीकी विशेषज्ञों और विमान इंजीनियरों की सहायता से टॉयलेट में लगे जनरल अनाउंसमेंट सिस्टम के स्पीकर बॉक्स की जांच की।

    स्पीकर यूनिट को खोलने पर उसके भीतर दो विशेष पैकेट मिले, जिन्हें काले रंग की इलेक्ट्रिकल टेप से मजबूती से लपेटा गया था। पैकेटों को बाहर निकालकर खोला गया तो उनके अंदर 24 विदेशी सोने के बिस्किट बरामद हुए। बरामद सोने का कुल वजन लगभग 2.8 किलोग्राम बताया गया है, जबकि इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 4.26 करोड़ रुपये आंकी गई है।

    जांच एजेंसियों का मानना है कि तस्करों ने सोने को विमान के टॉयलेट में छिपाकर रखने की सुनियोजित रणनीति अपनाई थी। आशंका है कि विमान के अहमदाबाद पहुंचने के बाद कोई स्थानीय संपर्क, ग्राउंड स्टाफ का सदस्य अथवा कोई अन्य व्यक्ति इसे निकालकर आगे पहुंचाने वाला था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण यह पूरी योजना सफल नहीं हो सकी और सोना बरामद कर लिया गया।

    अधिकारियों के अनुसार तलाशी के दौरान विमान में मौजूद किसी भी यात्री या कर्मचारी ने बरामद सोने पर अपना दावा नहीं किया। इससे यह संकेत मिलता है कि तस्करी में शामिल व्यक्ति ने पकड़े जाने के डर से सोने को वहीं छोड़ दिया होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

    कस्टम विभाग अब उड़ान से जुड़े दस्तावेजों, यात्री विवरण, क्रू रिकॉर्ड और विमान की गतिविधियों की जांच कर रहा है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सोना विमान के भीतर किसने रखा और इसके पीछे कौन-सा तस्करी नेटवर्क सक्रिय था। जांच एजेंसियां संभावित सहयोगियों और संपर्क सूत्रों की भी पहचान करने में जुटी हैं।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय तस्करी गिरोह लगातार नए और तकनीकी रूप से जटिल तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। विमान के टॉयलेट में लगे स्पीकर सिस्टम का उपयोग कर सोना छिपाने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा रही है। फिलहाल बरामद सोने को कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त कर लिया गया है और संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आगे की कार्रवाई जारी है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े नए खुलासे सामने आ सकते हैं।

  • दुबई का पर्यटन गहरे संकट में… ईरान युद्ध के चलते सूने पड़े होटल-रेस्तरां, 80% घटी कमाई

    दुबई का पर्यटन गहरे संकट में… ईरान युद्ध के चलते सूने पड़े होटल-रेस्तरां, 80% घटी कमाई


    दुबई।
    दुनिया के सबसे व्यस्त पर्यटन केंद्रों (Busiest Tourist Centers) में शामिल दुबई (Dubai) पश्चिम एशिया में जारी युद्ध (West Asia War) के चलते गहरे संकट से गुजर रहा है। पिछले साल यानी 2025 में 19.59 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत करने वाला यह शहर अब खाली होटलों, सूने रेस्तरां और ठप पड़े एयर ट्रैफिक की मार झेल रहा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, आय में 50% से 80% तक की गिरावट आई है, जबकि होटल ऑक्यूपेंसी कई जगह 15-20% तक सिमट गई है। बीबीसी, बुकिंग प्लेटफार्म वेगो, डाटा एनालिटिक्स कंपनी एयरडीएनए और ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार दुबई के रेस्तरां, जो आमतौर पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ से गुलजार रहते थे, अब खाली नजर आ रहे हैं।

    टाशस हॉस्पिटैलिटी ग्रुप की संस्थापक नताशा साइडेरिस कहती हैं कि देशभर में 14 आउटलेट्स और 1,000 से अधिक कर्मचारियों वाले उनके ग्रुप में राजस्व 50% से अधिक गिर चुका है, जबकि पर्यटकों पर निर्भर आउटलेट्स में यह गिरावट 70% से 80% तक पहुंच गई है। हालात इतने खराब हैं कि कई प्रतिष्ठानों को अपने आधे से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजना पड़ा है।


    2.26 लाख से अधिक बुकिंग रद्द

    डेटा फर्म एयरडीएनए के अनुसार, युद्ध शुरू होने के पहले महीने (28 फरवरी से 29 मार्च) के दौरान यूएई में 2,26,500 से अधिक शॉर्ट-टर्म बुकिंग रद्द हुई हैं।पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी होटल और शॉर्ट-टर्म अपार्टमेंट सप्लाई अब भारी दबाव में है, क्योंकि मांग अचानक गिर गई है।


    प्रवासी कामगारों पर सबसे ज्यादा मार

    दुबई के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने वाले प्रवासी कामगार इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई कर्मचारियों की नौकरी चली गई है या उन्हें बिना वेतन छुट्टी पर भेज दिया गया है। एक दक्षिण एशियाई वेटर के मुताबिक, यह कोविड-19 जैसा लग रहा है।हमें डर है कि फिर से नौकरी खोकर घर लौटना पड़ सकता है।मानवाधिकार समूहों के अनुसार यूएई में कई प्रवासी पहले से ही कर्ज के बोझ में दबे हैं, जिससे यह संकट उनके लिए और गंभीर हो गया है।


    क्षेत्रीय स्तर पर अरबों डॉलर का नुकसान संभव

    ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की इकाई टूरिज्म इकोनॉमिक्स के अनुसार अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो मध्य पूर्व में 23 से 38 मिलियन कम पर्यटक आ सकते हैं। इससे 34 अरब डॉलर से 56 अरब डॉलर तक के पर्यटन राजस्व का नुकसान हो सकता है। मामून हमीदेन के अनुसार अगर युद्ध जल्दी खत्म होता है तो रिकवरी संभव है, लेकिन लंबा खिंचने पर पूरे समर सीजन पर सवाल खड़े हो सकते हैं।


    हवाई यातायात को झटका किराया बढ़ने के भी संकेत

    युद्ध के कारण वैश्विक विमानन उद्योग की रीढ़ माने जाने वाला गल्फ हब मॉडल को गहरे संकट में डाल दिया है। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे विश्व के सबसे व्यस्त ट्रांजिट केंद्रों पर उड़ानों में भारी बाधा, ईंधन संकट और यात्रियों की सुरक्षा चिंताओं ने न केवल तत्काल संचालन को प्रभावित किया है, बल्कि लंबे समय में हवाई यात्रा के स्वरूप को भी बदलने की आशंका पैदा कर दी है। बीबीसी और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के अनुसार दुबई, अबू धाबी और दोहा से सीमित लेकिन नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं।

    हालांकि शेड्यूल अभी भी बार-बार बदल रहे हैं और कई रूट्स पर प्रतिबंध जारी हैं। ईंधन आपूर्ति भी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई है। जेट फ्यूल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गल्फ कैरियर्स की क्षमता घटती है, तो हवाई किराए बढ़ना तय है। संघर्ष के बाद से सिरियम के विश्लेषकों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से मिडिल ईस्ट के लिए 30,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।

  • Iran-US War: ट्रंप की धमकी के बाद और तेज हुए ईरान के हमले….. दुबई की इमारतें हुईं धुआं-धुआं

    Iran-US War: ट्रंप की धमकी के बाद और तेज हुए ईरान के हमले….. दुबई की इमारतें हुईं धुआं-धुआं


    दुबई।
    ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच छिड़ा युद्ध पूरी दुनिया को संकट में डालने वाला साबित हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने शनिवार को भी धमकी देते हुए कहा कि उनका हमला अब और तेज होगा। वहीं जानकारों का कहना है कि अगर एक सप्ताह युद्ध और चलता रहा तो कई देशों में मंदी जैसे हालात हो जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान पर बहुत तगड़ा हमला होने वाला है। ईरान (Iran) के व्यवहार की वजह से उसे बड़ी तबाही झेलनी होगी।

    इससे पहले ईरानी राष्ट्रपति पजेश्कियां (Iranian President Pajeshkian) ने कहा था ईरान समर्पण करने वाला नहीं है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के बिना शर्त सरेंडर करने की मांग को ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था कि ईरानियों के आत्मसमर्पण करने का विचार डोनाल्ड ट्रंप को कहीं दफना देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा था कि वह तब तक पड़ोसी खाड़ी देशों पर हमला नहीं करेंगे जब तक कि उधर से हमला नहीं होता है।

    बता दें कि ईरान पड़ोसी देशों में अमेरिका बेसों पर लगातार हमले कर रहा था। इसके अलावा ईरान ने यूएई के दुबई में खूब हमले किए। वह 28 फरवरी को हुए हवाई हमले के बाद युद्ध शुरू होने और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरान की देखरेख करने वाली त्रिपक्षीय नेतृत्व परिषद के एक सदस्य हैं। उन्होंने यह संदेश इस संघर्ष के पूरे क्षेत्र में फैलने के ठीक एक सप्ताह बाद दिया। इस संघर्ष से वैश्विक बाजार और हवाई यात्रा प्रभावित हुई तथा ईरान का अपना नेतृत्व सैकड़ों इजराइली और अमेरिकी हवाई हमलों से काफी कमजोर हो गया है।


    रेवोल्यूशनरी गार्ड ने पैदा कर दिया भ्रम

    ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने पेजेशकियान के बयान के बाद यह कहकर और भ्रम पैदा कर दिया कि तेहरान ने उन देशों पर हमला नहीं किया है जिन्होंने ‘अमेरिका को हमारे देश पर आक्रमण करने के लिए जगह नहीं दी।’ अमेरिकी हमले खाड़ी अरब देशों से नहीं हो रहे हैं, जिन पर अब हमला हो रहा है। संभवतः मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल के जवाब में, शनिवार को ईरान के एक प्रमुख धर्मगुरु, अयातुल्ला नासिर मकारम शिराजी ने देश की विशेषज्ञ सभा से नये सर्वोच्च नेता का नाम जल्द से जल्द तय करने का आग्रह किया। युद्ध में 88 धर्मगुरुओं की समिति से जुड़े भवनों पर हवाई हमले हुए हैं, जिससे समूह की किसी भी बैठक में देरी होने की संभावना है।


    और भीषण बमबारी होगी

    अमेरिका का कहना है कि आगे और भी भीषण बमबारी होगी। संघर्ष खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। ट्रंप प्रशासन ने इजराइल को 15.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के नये हथियार बिक्री की मंजूरी दे दी। वहीं ट्रंप ने कहा है कि ईरान के “बिना शर्त आत्मसमर्पण” के बिना वे उससे बातचीत नहीं करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने आगामी बमबारी अभियान की चेतावनी दी।


    संयुक्त राष्ट्र में क्या बोले ईरान के राजदूत

    संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए ‘सभी आवश्यक उपाय’ करेगा। एसोसिएटेड प्रेस के वीडियो में पश्चिमी तेहरान के ऊपर धमाका और धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। इजराइल ने कहा कि उसने व्यापक स्तर पर हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर लगातार हमले किए हैं, जिनमें उसकी सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है।

    देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस लड़ाई में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 200 से अधिक और इजराइल में 11 लोग मारे गए हैं। छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं। शनिवार सुबह, ईरान से मिसाइल दागे जाने के कारण पूरे इजराइल में लोग बचने के लिए आश्रयों की ओर भागे। इस बीच यरुशलम में जोरदार धमाके सुनाई दिए। इजराइल की आपातकालीन सेवाओं ने तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले किए। दुबई में शनिवार सुबह कई धमाकों की आवाज सुनी गई और सरकार ने हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। अलर्ट बजने के बाद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का इंतजार कर रहे यात्रियों को विशाल हवाई अड्डे की सुरंगों में ले जाया गया।

  • लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे

    लारा दत्ता इमोशनल हुईं, बेटी के साथ दुबई में फंसीं: शूटिंग के दौरान धमाके और फाइटर जेट देखे



    नई दिल्ली। एक्ट्रेस लारा दत्ता दुबई में अपनी बेटी सायरा के साथ वर्क ट्रिप पर थीं, जब अचानक वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लारा ने बताया कि 28 फरवरी को दुबई के एक स्टूडियो में शूटिंग के दौरान उन्हें ऊपर से तेज धमाके सुनाई दिए और आसमान में कई फाइटर जेट उड़ते दिखे। उन्होंने कहा कि हालात डराने वाले थे, लेकिन वह खुद को असुरक्षित महसूस नहीं कर रही थीं।

    लारा ने बताया कि धमाकों के समय उनका परिवार सुरक्षित विला में था, लेकिन खिड़कियां और दरवाजे हिल रहे थे। उन्होंने यूएई सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि वहां हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और लोग अपने सामान्य कामों में लगे हुए हैं। लारा ने कहा कि फ्लाइट्स सीमित हैं, लेकिन वे मुंबई लौटने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी बेटी और अन्य लोग इस तनावपूर्ण स्थिति से सुरक्षित रहें।

    एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि किसी भी आम नागरिक को डर के माहौल में जीने का अधिकार नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्थिति जल्द सामान्य होगी और सही फैसले लिए जाएंगे।

    इस बीच दुबई में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के कारण कई उड़ानें रद्द हुईं और हजारों यात्री फंसे। लारा ने वीडियो में अपने अनुभव साझा किए और इमोशनल होते हुए कहा कि हालात पिछले कुछ दिनों में काफी तनावपूर्ण रहे।

  • पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर

    पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत फंसे यात्री यूएई से लौटे, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच राहत की खबर


    नई दिल्ली। यूएई में इजराइल-ईरान युद्ध के बीच फंसे इंदौर के पूर्व MLA संजय शुक्ला समेत कई भारतीय यात्री अब सुरक्षित भारत लौट आए हैं। दुबई और शारजाह में जारी तनाव के कारण सैकड़ों यात्रियों की वापसी रुक गई थी और वे कई दिन होटल में मजबूरी में ठहरे रहे। इस सूची में पूर्व विधायक विशाल पटेल, प्रवीण कक्कड़, उद्योगपति मनीष शाहरा, मनीष अग्रवाल, पिंटू छाबड़ा, गोलू पाटनी, उत्पल गोयल, आदित्य शर्मा सहित अन्य लोग शामिल थे। सभी यात्री अब सुरक्षित अपने घर पहुंचे हैं, जिससे उनके परिवारों में राहत की लहर दौड़ गई।

    यूएई में हालात बिगड़ने के कारण एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर फ्लाइट IX-256 28 फरवरी से लगातार कैंसिल हो रही थी। 3 मार्च को भी यह उड़ान नहीं हुई थी, जिससे इंदौर, भोपाल और मध्य प्रदेश के अन्य जिलों से आए सैकड़ों यात्री वहां फंसे रहे। मिसाइल अलर्ट और युद्ध के खतरे ने उन्हें मानसिक तनाव में डाल दिया। कई यात्रियों ने बताया कि धमाकों और सुरक्षा अलर्ट के दौरान वे काफी डर गए थे।

    2 मार्च की शाम से दुबई एयरपोर्ट पर कुछ उड़ानें फिर से शुरू हुईं। फंसे हुए यात्री पहले मुंबई पहुंचे और वहां से दूसरी फ्लाइट लेकर इंदौर आए। हालांकि शारजाह-इंदौर की सीधी उड़ान अभी भी शुरू नहीं हुई है। सरकार और एयरलाइन कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर रख रही हैं। इस बीच, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से बातचीत कर फंसे लोगों की सुरक्षित वापसी की पहल की। वहीं, कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप की मांग की थी।

    पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्रियों की वापसी से उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। अबू धाबी एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों ने भी बताया कि उनके होटल के पास धमाके हुए और तनावपूर्ण माहौल रहा। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार ने सभी राज्यों में भड़काऊ भाषणों और अशांति के मामलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

    इसी बीच, इंडिगो एयरलाइन ने सऊदी अरब के जेद्दा से हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स संचालित करने का निर्णय लिया है ताकि वहां फंसे भारतीय यात्री जल्द से जल्द स्वदेश लौट सकें। इस दौरान यूएई में फंसे लोगों की मदद के लिए भारत सरकार ने विशेष टीम और काउंसलर सहायता भी उपलब्ध कराई।

    इजराइल-ईरान युद्ध के चलते यह संकट चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव ने पूरे क्षेत्र की हवाई यात्रा को प्रभावित किया। दुबई, शारजाह और अबू धाबी एयरपोर्ट पर कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हुईं, जिससे विदेशी और भारतीय यात्री दोनों ही फंसे। अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और भारत लौटे सभी यात्री सुरक्षित हैं।

    इस बीच, मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए यह राहत की खबर है कि पूर्व MLA संजय शुक्ला और अन्य यात्री सुरक्षित लौट आए हैं। उनकी वापसी ने उन परिवारों के दिलों को शांति दी है, जो दिनों से उनके लिए चिंतित थे।

  • जबलपुर के चार परिवार दुबई में फंसे, युद्ध और रद्द उड़ानों ने बढ़ाई मुश्किलें, केंद्र सरकार से सुरक्षा वापसी की अपील

    जबलपुर के चार परिवार दुबई में फंसे, युद्ध और रद्द उड़ानों ने बढ़ाई मुश्किलें, केंद्र सरकार से सुरक्षा वापसी की अपील



    नई दिल्ली। जबलपुर के चार व्यापारी परिवार दुबई में फंस गए हैं। शैलेश जैन, प्रशांत विश्वकर्मा, संजय सिंघई और प्रवीण जैन अपने परिवारों के साथ 21 फरवरी को दुबई घूमने गए थे और 28 फरवरी को लौटने वाले थे, लेकिन ईरान-इजराइल तनाव और मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण उनकी वापसी अनिश्चित हो गई।

    व्यापारियों ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि फिलहाल वे सुरक्षित हैं, लेकिन एयरपोर्ट का संचालन और उड़ानों का समय तय नहीं होने से तनाव बना हुआ है। होटल्स ने किराया तीन गुना तक बढ़ा दिया, जिससे आर्थिक दबाव और बढ़ गया। बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्रा करने की वजह से मानसिक चिंता भी अधिक है।

    व्यापारियों ने केंद्र सरकार से विशेष विमान या सुरक्षित व्यवस्था के माध्यम से जल्दी स्वदेश लौटने की गुहार लगाई। इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला सहित कई यात्री अब लौटने लगे हैं, लेकिन एयर इंडिया एक्सप्रेस की शारजाह-इंदौर उड़ान IX-256 लगातार कैंसिल हो रही है, जिससे स्थिति और जटिल बनी हुई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों में फंसे नागरिकों के लिए सरकार को त्वरित राहत, आर्थिक मदद और सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए। व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार जल्द ही उनके परिवार सहित सुरक्षित लौटने का इंतजाम करेगी।

  • ईरान ने दुबई में US मिलिट्री ठिकानों पर किया हमला, शाहेद-136 ड्रोन से साधा निशाना

    ईरान ने दुबई में US मिलिट्री ठिकानों पर किया हमला, शाहेद-136 ड्रोन से साधा निशाना


    दुबई।
    ईरान (Iran) ने यूएई (UAE) के दुबई (Dubai) में यूएस मिलिट्री ठिकाने (US Military Bases) पर बड़ा ड्रोन हमला किया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान ने शाहेद-136 ड्रोन (Shahed-136 Drone) से दुबई में उस बिल्डिंग पर हमला किया है, जहां अमेरिकी मिलिट्री के अधिकारी मौजूद थे.

    इससे पहले सऊदी में स्थित अमेरिकी दूतावास पर ईरान ने ड्रोन के जरिए निशाना साधा था, जहां पर हमले के बाद आग लगने की खबर आई थी. हालांकि, रिपोर्ट्स में पता चला है कि एंबेसी हमले के वक्त खाली थी.


    कतर की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन्स

    कतर के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने हमले शुरू होने के बाद से देश पर दागे गए अधिकांश ईरानी प्रोजेक्टाइल को रोक दिया है, जिसमें तीनों क्रूज मिसाइलें, 101 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 98, 39 ड्रोन में से 24 और दोनों SU-24 लड़ाकू जेट शामिल हैं।

    सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी किया है. रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता, मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कहा, “रियाद और अल-खार्ज शहरों के पास 8 ड्रोन को रोका और नष्ट किया गया.”

    सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दिखाया गया है कि मंगलवार सुबह-सुबह ईरानी ड्रोन के हमले के बाद इज़राइल में US एंबेसी में आग लग गई.

  • रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी

    रिमी सेन का खुलासा जॉन अब्राहम के एक्टिंग करियर को लेकर, कहा- बेहद चालाकी से छुपाते थे कमजोरी


    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री रिमी सेन ने हाल ही में जॉन अब्राहम के शुरुआती करियर और उनकी एक्टिंग को लेकर खुलासा किया। रिमी सेनजिन्होंने जॉन अब्राहम के साथ धूम 4 में काम किया हैने बताया कि जॉन को एक्टिंग नहीं आती थी और वह इसे बड़ी समझदारी से छुपाते थे।

    रिमी सेन ने कहा कि जॉन ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और शुरुआती दिनों में लोग कहते थे कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती। हालांकि जॉन ने कभी इस पर कुछ नहीं कहा और हमेशा अपने काम में पूरी मेहनत की। उन्होंने ऐसे रोल्स चुने जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिंग नहीं करनी पड़ती थीजैसे एक्शन फिल्मों में। रिमी के अनुसार जॉन ने अपनी समझदारी का इस्तेमाल कर ऐसी फिल्में चुनीं जिसमें वह अच्छे लगें और लोग उनकी एक्टिंग की कमियों पर सवाल न कर सकें।

    रिमी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे जब जॉन को लोकप्रियता मिली और लोग उन्हें पहचानने लगेतो उन्होंने एक्टिंग सीखना शुरू किया। कैमरे के सामने लगातार काम करने से एक्सपीरियंस आया और इसके बाद जॉन ऐसे रोल्स लेने लगे जिनमें उन्हें एक्टिंग का मौका मिलता। रिमी कहती हैं कि जॉन अपनी लिमिटेशन्स को अच्छी तरह जानते हैं और इसी वजह से उन्होंने अपने करियर को सफल बनाया।

    रिमी ने कहा कि उन्हें जॉन पर्सनली जानती हैं और वह उन्हें एक इंटेलिजेंट एक्टर मानती हैं। जॉन ने अपने करियर में न केवल एक्टिंग बल्कि प्रोडक्शन और बिजनेस में भी हाथ आजमाया और कई हिट फिल्में दी हैं।रिमी ने अपने खुद के करियर के फैसलों के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने क्यों फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दुबई शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि दुबई एक स्वागत करने वाला शहर हैयहां 95 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की है और बाकी अमीराती लोग हैंयही वजह थी कि उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत वहां की।

    जॉन अब्राहम की बात करें तो वह अपनी आखिरी फिल्म तेहरान में नजर आए थे जो पिछले साल रिलीज हुई थी। अब वह रोहित शेट्टी के साथ एक नई फिल्म करने वाले हैं। खबर है कि यह फिल्म पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की जिंदगी पर आधारित होगी।रिमी सेन के खुलासे से यह साफ हो गया है कि जॉन अब्राहम ने अपने करियर की शुरुआत में काफी मेहनत और समझदारी से काम किया। उन्होंने शुरुआती कमजोरियों को छुपायासही रोल्स चुने और धीरे-धीरे एक्टिंग में खुद को साबित किया।