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  • दुबई में भारतीय ज्वेलरी कंपनी ने बनाया इतिहास, 16.514 किलो के सोने के झुमकों से दो विश्व रिकॉर्ड कायम

    दुबई में भारतीय ज्वेलरी कंपनी ने बनाया इतिहास, 16.514 किलो के सोने के झुमकों से दो विश्व रिकॉर्ड कायम

    नई दिल्ली ।दुबई में भारतीय ज्वेलरी कंपनी जॉयअलुक्कास ने सोने के विशाल झुमकों की एक जोड़ी तैयार करके दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। 22 कैरेट सोने से बने इन झुमकों का कुल वजन 16.514 किलोग्राम है। इन्हें दुनिया की सबसे भारी और सबसे बड़ी सोने की बालियों की जोड़ी के रूप में मान्यता मिली है। इस विशेष रचना को तैयार करने में दर्जनों कारीगरों ने कई महीनों तक मेहनत की और पारंपरिक आभूषण कला को बड़े आकार में पेश किया।

    इन झुमकों को ‘मयूर सहस्र’ नाम दिया गया है। इस नाम का अर्थ ‘एक हजार मोर’ बताया गया है। इनका डिजाइन मोर से प्रेरित है, जिसे भारतीय संस्कृति में सुंदरता और शालीनता का प्रतीक माना जाता है। आभूषणों की बनावट में दक्षिण एशिया की शादियों में पहने जाने वाले पारंपरिक घंटीनुमा झुमकों की झलक भी दिखाई देती है। इस तरह डिजाइन में सांस्कृतिक परंपरा और आधुनिक आभूषण निर्माण का मेल देखने को मिलता है।

    इन विशाल झुमकों को बनाने में 55 कुशल कारीगरों ने कुल 5,840 घंटे काम किया। इनकी लंबाई 1.215 मीटर और व्यास 0.682 मीटर है। वजन, आकार और निर्माण में लगे समय के कारण यह परियोजना कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गई है। इतने बड़े आभूषण को तैयार करने के लिए डिजाइन से लेकर अंतिम रूप देने तक कारीगरों को लंबे समय तक काम करना पड़ा।

    24 अक्टूबर को इन झुमकों को दुबई के गोल्ड डिस्ट्रिक्ट स्थित ज्वेल ऑफ जॉय शोरूम में प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री भी मौजूद थे। अब इन रिकॉर्डधारी झुमकों को इसी क्षेत्र में स्थित ज्वेल ऑफ जॉय बाय जॉयअलुक्कास शोरूम में स्थायी रूप से प्रदर्शित किया गया है। यहां आने वाले लोग इस विशाल स्वर्ण आभूषण को देख सकते हैं।

    जॉयअलुक्कास ज्वेलरी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन पॉल अलुक्कास के अनुसार, इस रचना के पीछे दुबई के साथ कंपनी का लंबा जुड़ाव और शहर के विकास से जुड़ी प्रेरणा रही है। दुबई को लंबे समय से सोने के कारोबार के प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है। कंपनी का मानना है कि यह रचना शहर की इसी पहचान को दर्शाती है और उसके साथ उसके व्यावसायिक संबंधों का प्रतीक है।

    समूह के चेयरमैन जॉय अलुक्कास ने इस उपलब्धि को दुबई और इसे बनाने वाले कारीगरों के प्रति सम्मान बताया। उनके मुताबिक, कंपनी करीब चार दशकों से दुबई के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस परियोजना को कारीगरों की मेहनत का परिणाम बताते हुए कहा कि एक ही रचना के लिए दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड मिलना कंपनी, कर्मचारियों और उसके ग्राहकों के लिए गर्व का विषय है।

    जॉय अलुक्कास केरल के कारोबारी हैं और जॉयअलुक्कास समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हैं। कंपनी की शुरुआत 1987 में हुई थी। इसका कारोबार भारत सहित ब्रिटेन, अमेरिका, सिंगापुर, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन और ओमान जैसे देशों तक फैला है। परिवार ने केरल के त्रिशूर से आभूषण कारोबार शुरू किया था। बाद में जॉय अलुक्कास ने 2001 में अपने नाम से ज्वेलरी कारोबार को आगे बढ़ाया। दुबई में तैयार किए गए ये विशाल झुमके अब कंपनी की अंतरराष्ट्रीय पहचान और पारंपरिक आभूषण निर्माण कौशल की एक खास मिसाल बन गए हैं।

  • हिमाचल के सिंदूरी अनार दुबई पहुंचे, किसानों के लिए खुलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमाई बढ़ाने का नया रास्ता

    हिमाचल के सिंदूरी अनार दुबई पहुंचे, किसानों के लिए खुलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमाई बढ़ाने का नया रास्ता

    नई दिल्ली । हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी उपज पहुंचाने का एक नया अवसर सामने आया है। राज्य के कुल्लू में पैदा होने वाले सिंदूरी अनारों की 1.3 मीट्रिक टन खेप सफलतापूर्वक दुबई भेजी गई है। इस निर्यात से भारतीय कृषि उत्पादों को विदेशी बाजारों में पहचान दिलाने और स्थानीय किसानों को व्यापक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ी हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को इस उपलब्धि की जानकारी दी।

    इस खेप का निर्यात कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के सहयोग से किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कृषि उपज को वैश्विक खरीदारों तक पहुंचाना है। विदेशों में भारतीय फलों की मांग और बाजार तक सीधी पहुंच बढ़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए नए खरीदार मिल सकते हैं। हालांकि, किसानों की आय पर इसका वास्तविक प्रभाव निर्यात की निरंतरता, बाजार की मांग, कीमतों और आपूर्ति व्यवस्था पर निर्भर करेगा।

    कुल्लू के सिंदूरी अनारों का दुबई पहुंचना हिमाचल प्रदेश की कृषि उपज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। विदेशी बाजार में उत्पाद पहुंचाने के लिए गुणवत्ता, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और समय पर आपूर्ति जैसे पहलुओं पर ध्यान देना जरूरी होता है। यदि ऐसे निर्यात नियमित रूप से आगे बढ़ते हैं, तो स्थानीय उत्पादकों और उनसे जुड़े कारोबारियों को अपने व्यापार का विस्तार करने का अवसर मिल सकता है।

    कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अन्य राज्यों में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इसी महीने की शुरुआत में एपीडा ने हरियाणा के सोनीपत से कनाडा के लिए 24 मीट्रिक टन जमे हुए खाद्य उत्पादों की खेप भेजने में सहायता की थी। इस खेप में हरी मटर, मिश्रित सब्जियां, मटर और गाजर, स्वीट कॉर्न तथा समोसे जैसे उत्पाद शामिल थे। यह निर्यात किसान उत्पादक संगठनों के नेतृत्व में किया गया था। निर्यात करने वाली इकाई को एपीडा की वित्तीय सहायता योजना से भी मदद मिली।

    इन पहलों के जरिए कृषि और खाद्य उत्पादों के कारोबार से जुड़े छोटे उत्पादकों तथा संगठनों को विदेशी बाजारों तक पहुंचने में सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है। किसान उत्पादक संगठन सामूहिक रूप से उपज जुटाने, उसकी गुणवत्ता बनाए रखने और बड़े खरीदारों की जरूरतों के अनुसार आपूर्ति करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वित्तीय सहायता और निर्यात संबंधी मार्गदर्शन से ऐसी इकाइयों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भागीदारी आसान हो सकती है।

    इस बीच, मुक्त व्यापार समझौतों यानी एफटीए के लाभों को कारोबारियों तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं। गांधीनगर में हुई राज्यस्तरीय कार्यशाला में 200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इनमें राज्य सरकार के अधिकारी, निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रतिनिधि और निर्यातक शामिल थे। कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को मुक्त व्यापार समझौतों के तहत उपलब्ध अवसरों की जानकारी देना था।

    पीयूष गोयल ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय कारोबारियों और निर्यातकों की भागीदारी बढ़ाने से एफटीए का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। इससे भारत के कुल निर्यात में गुजरात की हिस्सेदारी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।

    मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में हुए मुक्त व्यापार समझौतों ने भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खोले हैं। सरकार का जोर इन समझौतों का लाभ किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और छोटे कारोबारियों तक पहुंचाने पर है, ताकि देश में बने उत्पादों को वैश्विक बाजारों में अधिक अवसर मिल सकें।

    गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की ओर से स्थानीय कारोबारियों को नए निर्यात बाजार तलाशने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयासों की भी सराहना की गई। केंद्र सरकार के वाणिज्य विभाग की योजना राज्यों के साथ मिलकर ऐसी और पहल आयोजित करने की है। इससे राज्यों को अपनी विशिष्ट निर्यात क्षमता पहचानने, मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने और देश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

  • नर्सिंग नौकरी का झांसा देकर दुबई ले जाई गई झारखंड की मोनिका कच्छप बंधक, परिवार ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

    नर्सिंग नौकरी का झांसा देकर दुबई ले जाई गई झारखंड की मोनिका कच्छप बंधक, परिवार ने सुरक्षित वापसी की लगाई गुहार

    नई दिल्ली ।झारखंड के रांची स्थित छोटा घाघरा इलाके की 37 वर्षीय आदिवासी महिला मोनिका कच्छप को नर्सिंग की नौकरी का झांसा देकर विदेश ले जाने और वहां बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। परिवार का आरोप है कि मोनिका को अच्छी नौकरी, रहने, खाने और आवास की सुविधा का भरोसा देकर शारजाह ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उसका मूल पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया गया। परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए उसकी सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार लगाई है।

    मोनिका ने रांची के बुंडू से साढ़े तीन साल का नर्सिंग कोर्स पूरा किया था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब है और घर का खर्च खेती-किसानी से चलता है। इसी वजह से मोनिका नौकरी करना चाहती थी। इसी दौरान वह ऑनलाइन माध्यम से एक एजेंसी और उसकी एजेंट प्रियंका के संपर्क में आई। परिवार के मुताबिक, प्रियंका ने उसे दुबई में अच्छी नौकरी मिलने और विदेश में रहने, खाने तथा आवास की सुविधा उपलब्ध होने का भरोसा दिया। इस पर विश्वास करते हुए मोनिका ने 22 अप्रैल 2026 को प्रियंका द्वारा बताए गए बैंक खाते में फोनपे के जरिए 5 हजार रुपये भेजे। आगे की यात्रा और विमान टिकट की व्यवस्था एजेंसी ने की और 5 मई को मोनिका दिल्ली एयरपोर्ट से शारजाह के लिए रवाना हुई।

    परिवार की शिकायत के अनुसार, 6 मई को शारजाह पहुंचने के बाद एजेंसी की ओर से भेजी गई गाड़ी के चालक ने मोनिका का मूल पासपोर्ट अपने पास रख लिया। अगले दिन उसे अजमान स्थित एजेंसी के कार्यालय ले जाया गया। वहां रितेश और मोहम्मद मेराज अंसारी नाम के लोगों ने अरबी भाषा में लिखे कुछ दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए। मोनिका अरबी भाषा नहीं जानती थी। आरोप है कि उसका मोबाइल फोन भी ले लिया गया और प्रियंका के साथ हुई व्हाट्सएप बातचीत मिटा दी गई। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उसे बताया गया कि उसने एजेंसी से 2600 दिरहम का कर्ज लिया है और 25 मई तक रकम नहीं चुकाने पर जेल भेजने की धमकी दी गई।

    परिवार का आरोप है कि इसके बाद मोनिका को मोहम्मद मेराज अंसारी के घर ले जाया गया, जहां करीब एक महीने तक उसे बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उससे झाड़ू-पोछा लगाने, बर्तन साफ करने और बाथरूम की सफाई जैसे काम कराए गए। इसके बाद 22 जून को उसे बिना वैध वर्क परमिट के दूसरे घर में घरेलू देखभाल के काम के लिए भेजे जाने की बात सामने आई। वहां की भाषा समझने में परेशानी होने के कारण वह काम नहीं कर सकी और अगले ही दिन उसे वापस कार्यालय छोड़ दिया गया।

    मोनिका के पिता रतना कच्छप की शिकायत के आधार पर 29 सितंबर 2026 को रांची के एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायत में दुबई और अजमान में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, मानव तस्करी, बंधक बनाने, जबरन मजदूरी कराने और रंगदारी मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं। परिवार ने अब राज्य सरकार और विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप कर मोनिका को सुरक्षित घर वापस लाने की मांग की है। परिवार और स्थानीय ग्रामीणों की अपील है कि उसे जल्द सुरक्षित वापस लाया जाए।

  • दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन स्मित मच्छार से की मुलाकात, उनके साहस को किया सलाम

    दुबई के क्राउन प्रिंस ने कैप्टन स्मित मच्छार से की मुलाकात, उनके साहस को किया सलाम


    दुबई।
    फ्लाईदुबई की फ्लाइट (Flydubai flight) को हाईजैक (Hijack) से बचाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार (Indian pilot Smit Machhar) से शनिवार को यूएई (UAE) के क्राउन प्रिंस (Crown Prince) ने मुलाकात की है। सऊदी अरब से आबूधाबी शिफ्ट किए गए मच्छार से मुलाकात करते हुए दुबई के क्राउन प्रिंस और डिप्टी पीएम शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद (Sheikh Hamdan bin Mohammed bin Rashid) ने उनके साहस को सलाम किया। शेख ने इस मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया साइट पर भी पोस्ट की।

    यूएई के क्राउन प्रिंस ने स्मित मच्छार की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा कि स्मित ने साहस, जिम्मेदारी और मानव जीवन के प्रति अपनी चिंता की सर्वोच्च मिसाल को पेश किया है। उन्होंने जोर देकर की यूएई के नेतृत्व की तरफ से स्मित मच्छार को पूरा सम्मान और तारीफ दी जाती है।

    क्राउन प्रिंस ने कहा कि उन्हें इस बात पर गर्व है कि कैप्टन स्मित मच्छार की कहानी उनके देश की कहानी और यूएई के मूल्यों का हिस्सा है। इसके साथ ही उन्होंने यूएई को शांति, करुणा और जीवन की रक्षा करने वाला देश करार दिया। इस पोस्ट के साथ में क्राउन प्रिंस ने स्मित के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं। इसमें वह मच्छार को गले लगाते हुए और उनके सिर को चूमते हुए नजर आ रहे हैं।

    बता दें, दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट को ओमानी को पायलट द्वारा हाईजैक करने की कोशिश हुई थी। उस पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार के ऊपर हमला किया। इसके बाद प्लेन को हाईजैक करने की कोशिश की। लेकिन मच्छार ने सबसे पहले उसे रोकने की कोशिश की। ग्राउंड कंट्रोल को हाईजैक कोड भेजे और घायल होने के बाद भी कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे बाकी यात्रियों को अंदर आने और हाईजैक करने वाले पायलट को कंट्रोल करने में मदद मिली।

    इसके बाद आतंकी को पायलट को सीट से बांध दिया गया। यहां से स्थिति बदल गई। प्लेन को सऊदी अरब ले जाया गया। यहां से सभी यात्रियों को थोड़े इंतजार के बाद उनके गंतव्य तक भेजा गया। कैप्टन अमित मच्छार गंभीर रूप से घायल थे। ऐसे में उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। बाद में मेडीकल इजाजत मिलने के बाद उन्हें आबूधाबी के अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। हाल ही में उन्होंने पीएम मोदी से भी बात की थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि कैसे घटना के दौरान उन्होंने हनुमान चालीसा को याद किया था।

  • दुबई से लंदन के लिए उड़ा विमान… मिला इमरजेंसी अलर्ट, रास्ता बदलकर भेजा फ्रैंकफर्ट

    दुबई से लंदन के लिए उड़ा विमान… मिला इमरजेंसी अलर्ट, रास्ता बदलकर भेजा फ्रैंकफर्ट


    दुबई।
    दुबई (Dubai) से तेल अवीव (Tel Aviv) जाने वाली फ्लाइट में हुई घटना को लेकर दुनिया भर में चर्चा जारी है। इसी बीच दुबई से लंदन (London) के लिए उड़ान भरने वाली एक फ्लाइट ने भी हवा में ही इमरजेंसी अलर्ट (Emergency Alert) जारी किया। इसके बाद उसका रास्ता बदलकर उसे फ्रैंकफर्ट भेज दिया गया है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक एमिरेट्स की फ्लाइल नंबर EK31 (UAE4PY) दुबई से 11.25 सुबह रवाना हुई थी। उसने शुरुआत में इमरजेंसी अलर्ट भेजा। इसके बाद फ्रैंकफर्ट के पास नीचे उतरना शुरू किया। एयरलाइंस की तरफ से बताया गया कि यह इमरजेंसी अलर्ट फ्लाइट में मौजूद एक यात्री की मेडीकल कंडीशन को देखते हुए दिया गया था।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में यह विमान फ्रैंकफर्ट में ही मौजूद है। यहां से यह हीथ्रो एयरपोर्ट के लिए रवाना होगा।


    पायलट ने भेजा था स्क्वॉक कोड 7700

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इमिरेट्स फ्लाइट ने स्क्वॉक कोड 770 का इस्तेमाल किया था। यह एक इंटरनेशनल यूनिवर्सल ट्रांसपोंडर सिग्नल है, जिसका इस्तेमाल पायलट अपनी इमरजेंसी की स्थिति को बताने के लिए करते हैं। इससे एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के रडार पर तुरंत विमान की पहचान हो जाती है। इसके बाद कंट्रोलर्स को बिना किसी रेडियो कॉल के असामान्य स्थिति के बारे में जानकारी मिल जाती है। इसके बाद फ्लाइट को प्राथमिकता वाला रूट, आस-पास के ट्रैफिक से क्लीयरेंस और सबसे पास की सही लैंडिंग साइट तक तेजी से पहुँचने के लिए निर्देश मिलते हैं।

  • दुबई में सीएम मोहन यादव ने वैश्विक उद्योगपतियों से की मुलाकात, मध्य प्रदेश में निवेश के लिए रखे कई प्रस्ताव

    दुबई में सीएम मोहन यादव ने वैश्विक उद्योगपतियों से की मुलाकात, मध्य प्रदेश में निवेश के लिए रखे कई प्रस्ताव

    मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में आयोजित एन्युअल इन्वेस्टमेंट मीटिंग के तीसरे दिन 8 सितंबर को संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख निवेशकों और उद्यमियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में मध्य प्रदेश में ऊर्जा, अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा, तकनीक, ग्रीन एनर्जी और नगरीय विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों को वर्ष 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित भी किया।

    मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने मध्य प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं को रखते हुए कहा कि राज्य देश के मध्य में स्थित होने के कारण सड़क, रेल और हवाई संपर्क के लिहाज से सुविधाजनक स्थिति में है। उन्होंने प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अधोसंरचना, पर्याप्त ऊर्जा और कुशल मानव संसाधन को निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार मध्य प्रदेश से देश के विभिन्न हिस्सों तक उत्पादों की पहुंच सुगम और त्वरित है।

    क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बद्र जाफर के साथ बैठक में वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और प्रमुख उत्पादन क्लस्टर्स से जुड़े अवसरों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने तकनीक आधारित उद्यमशीलता और स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने की बात कही। जाफर ने शहरी अधोसंरचना, सूचना प्रौद्योगिकी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और तकनीक हस्तांतरण में दीर्घकालिक निवेश में रुचि दिखाई। ऊर्जा और तकनीक में नवाचार पर भी चर्चा हुई।

    डीपी वर्ल्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिजवान सूमार के साथ बैठक में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने पोवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की संभावना बताई। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड चेन सुविधाओं के माध्यम से किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों को बेहतर व्यापार तथा निर्यात सहायता देने पर चर्चा हुई।

    राणा होल्डिंग्स के चेयरमैन-मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी में निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    जेम्स एजुकेशन कंपनी के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की के साथ बैठक में शिक्षा क्षेत्र में निवेश पर विचार हुआ। कंपनी ने मध्य प्रदेश के प्रमुख और विकासशील शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के K-12 स्कूल कैंपस स्थापित करने में रुचि दिखाई। इन संस्थानों में विद्यार्थियों के कौशल विकास के साथ स्थानीय जरूरतों और भविष्य की शिक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम लागू करने की योजना पर चर्चा हुई।

    ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन ने इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर, तकनीक और ग्रीन एनर्जी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई।

    शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर के साथ शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन पर चर्चा हुई। इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में रेल-साइडिंग वाले लॉजिस्टिक्स पार्क की स्थापना के प्रस्ताव पर विचार हुआ। इसमें 30 से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश और करीब 300 से 600 रोजगार अवसरों की संभावना बताई गई।

    वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर के साथ वीजा सेवाओं, पर्यटन, रोजगार और युवाओं के कौशल विकास पर चर्चा हुई। भोपाल और इंदौर में वीजा आवेदन सेवाओं का विस्तार करने तथा युवाओं के लिए यात्रा, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विचार किया गया।

    चोइथराम समूह के अध्यक्ष एल.टी. पगरानी के साथ आधुनिक व्यापारिक अधोसंरचना और रिटेल क्षेत्र में निवेश पर चर्चा हुई। समूह मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट और आधुनिक किराना रिटेल केंद्र स्थापित करने का इच्छुक है। साथ ही स्थानीय किसानों और उत्पादकों से कृषि तथा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की खरीद, खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी लेबल विनिर्माण को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

  • दुबई में AIM-2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और रोजगार बढ़ाने का दिया निमंत्रण

    दुबई में AIM-2026 के मंच से सीएम मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने और रोजगार बढ़ाने का दिया निमंत्रण

    मध्यप्रदेश: के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 7 सितंबर को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में आयोजित एआईएम कांग्रेस-2026 में भाग लिया। Annual Investment Meeting के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर निवेशकों से संवाद किया। उन्होंने भोपाल में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने के लिए निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया।

    एआईएम कांग्रेस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और कारोबारी अवसरों के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। कार्यक्रम में 180 से अधिक देशों के करीब 20 हजार प्रतिनिधियों के शामिल होने की जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न देशों की सरकारों के साथ बड़े निवेशक, कंपनियां और सोवरिन वेल्थ फंड्स निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने दुबई प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश के स्थानीय उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजार के सामने रखा। बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उन्होंने उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी के जरिए राज्य की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की संभावनाएं सामने आईं।

    प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कारपेट प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों के जरिए मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ स्थानीय कारीगरों की उत्पादन क्षमता और निर्यात की संभावनाओं को भी सामने रखा गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अरब देशों के निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे से जुड़े अवसरों की जानकारी दी।

    बैठक के दौरान अरब व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने का निमंत्रण भी दिया गया। राज्य सरकार की कोशिश है कि अंतरराष्ट्रीय निवेश को मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, स्थानीय कारोबार और रोजगार सृजन से जोड़ा जाए।

    दुबई यात्रा के दौरान कृषि और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश की संभावनाओं को महत्वपूर्ण बताया गया। संयुक्त अरब अमीरात खाद्य जरूरतों के बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे बाजार में मध्यप्रदेश अपने कृषि उत्पादों और प्रसंस्कृत खाद्य सामग्री के लिए संभावित अवसर तलाश सकता है।

    आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार मध्यप्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है। राज्य अनाज उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और देश के कुल अनाज उत्पादन में इसकी हिस्सेदारी 13.04 प्रतिशत बताई गई है। मक्का उत्पादन में मध्यप्रदेश पहले और गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। गेहूं में राज्य की हिस्सेदारी 20.78 प्रतिशत बताई गई है।

    मध्यप्रदेश सोयाबीन उत्पादन के लिए भी देश में प्रमुख राज्य है और राज्य को ‘सोया प्रदेश’ के रूप में पहचान मिली है। दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कृषि उत्पादों की मांग को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, भंडारण, ग्रेडिंग और लॉजिस्टिक्स में निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

    मुख्यमंत्री की इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्य निवेश आकर्षित करने के साथ मध्यप्रदेश के उत्पादों और कारोबारी क्षमताओं को वैश्विक बाजार से जोड़ना है। सरकार को उम्मीद है कि नए निवेश से उद्योगों का विस्तार होगा, स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे। इसके साथ ही किसानों और कारीगरों को भी बड़े बाजारों से जुड़ने का लाभ मिल सकता है।

  • दुबई प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एआईएम कांग्रेस में निवेश और वैश्विक संवाद से मध्यप्रदेश की संभावनाएं रखेंगे

    दुबई प्रवास के दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एआईएम कांग्रेस में निवेश और वैश्विक संवाद से मध्यप्रदेश की संभावनाएं रखेंगे

    मध्यप्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के चार दिवसीय दुबई प्रवास का दूसरा दिन सोमवार, 7 सितंबर को मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री एआईएम कांग्रेस 2026 में भाग लेंगे और विभिन्न देशों के राजनीतिक एवं शासन स्तर के प्रतिनिधियों, निवेशकों तथा संयुक्त अरब अमीरात के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ संवाद करेंगे। दिनभर होने वाले कार्यक्रमों में मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक साझेदारी के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव एआईएम कांग्रेस 2026 के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इसके साथ ही वे मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन करेंगे। एआईएम कांग्रेस के मंच पर मध्यप्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और प्रदेश में उपलब्ध अनुकूल कारोबारी वातावरण को वैश्विक निवेश समुदाय के सामने रखा जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव संयुक्त अरब अमीरात की संघीय सर्वोच्च परिषद के सदस्य और रास अल खैमाह के शासक महामहिम शेख सऊद बिन सक्र अल कासिमी से शिष्टाचार भेंट करेंगे। यह मुलाकात मध्यप्रदेश और यूएई के बीच निवेश तथा आर्थिक सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगी।

    एआईएम कांग्रेस के लीडर्स सेशन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की मौजूदगी में संबोधित करेंगे। इस वैश्विक मंच पर वे मध्यप्रदेश की विकास यात्रा, राज्य में मौजूद निवेश संभावनाओं और उद्योगों के लिए तैयार किए जा रहे अनुकूल इकोसिस्टम को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष रखेंगे। इसी अवसर पर इन्वेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव तातारस्तान गणराज्य, रूस के गवर्नर के साथ भी बैठक करेंगे। इस बैठक में मध्यप्रदेश और रूस के बीच औद्योगिक तथा निवेश सहयोग की संभावनाओं को लेकर संवाद होगा। इसके बाद दिन के प्रमुख कार्यक्रमों में ‘इन्वेस्ट इन मध्यप्रदेश, इंडिया’ निवेश सत्र आयोजित होगा।

    इस निवेश सत्र में मुख्यमंत्री वैश्विक निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों के सामने मध्यप्रदेश की निवेश क्षमता, प्रमुख क्षेत्रों, औद्योगिक अधोसंरचना और निवेश के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी देंगे। उनका संबोधन प्रदेश को एक विश्वसनीय और उभरते निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर केंद्रित रहेगा।

    इसके बाद यूएई के विदेश व्यापार राज्य मंत्री महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव संबोधित करेंगे। यह संवाद भारत, मध्यप्रदेश और यूएई के बीच व्यापार तथा निवेश संबंधों को व्यापक बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यूएई के अर्थव्यवस्था एवं पर्यटन मंत्री महामहिम अब्दुल्ला बिन तौक अल मरी के साथ भी बैठक होगी। इसमें निवेश, व्यापार, पर्यटन और आर्थिक सहयोग से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री विदेश व्यापार राज्य मंत्री और एआईएम कांग्रेस के अध्यक्ष महामहिम डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी से बैठक करेंगे।

    दुबई प्रवास के दूसरे दिन लूलू ग्रुप इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक यूसुफ अली एम.ए. के साथ मुख्यमंत्री की बैठक भी महत्वपूर्ण रहेगी। इस दौरान मध्यप्रदेश में निवेश और व्यापार विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। दिन के समापन पर दुबई के महावाणिज्य दूत द्वारा आयोजित रात्रिभोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव सहभागिता करेंगे।

  • अपने पति को ढूंढते हुए दुबई से सतना पहुंची महिला…. ससुराल वालों पर छुपाने का आरोप

    अपने पति को ढूंढते हुए दुबई से सतना पहुंची महिला…. ससुराल वालों पर छुपाने का आरोप


    सतना।
    सात समंदर पार दुबई (Dubai) में नौकरी करने वाली एक महिला अपने लापता पति (Missing Husband) की तलाश में सतना (Satna) की गलियों और पुलिस थानों के चक्कर काट रही है। पीड़िता अश्विंदर कौर (Ashwinder Kaur) का आरोप है कि उसका पति सुनील ठाकुर (Sunil Thakur) अचानक दुबई से भारत लौट आया और अब ससुराल पक्ष के लोग उसे सतना में छिपाकर रखे हुए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसे ससुराल वाले उसे मिलने नहीं दे रहे हैं। पीड़िता ने महिला थाने पहुंचकर पुलिस से पति को ढूंढने की गुहार लगाई है।


    लिव-इन से शादी तक का सफर

    अश्विंदर कौर के अनुसार, वह पिछले 23 वर्षों से दुबई में नौकरी कर रही हैं। वे पहले से तलाकशुदा थीं और यह बात सुनील व उसके पूरे परिवार को अच्छे से पता थी। सुनील उनसे उम्र में 12 साल छोटा है। दोनों नवंबर 2020 से दुबई में लिव-इन रिलेशनशिप में साथ रह रहे थे। इसके बाद दोनों ने 23 फरवरी 2025 को जबलपुर आए और गुरुद्वारे में परिजनों व रिश्तेदारों की मौजूदगी में शादी कर ली।


    31 जुलाई को भारत आया था सुनील

    शादी के बाद भी दोनों दुबई में साथ रह रहे थे, लेकिन 31 जुलाई को सुनील अचानक बिना कुछ बताए भारत लौट आया। अश्विंदर ने बताया कि जब उन्होंने जबलपुर से लेकर सतना तक तलाश की, तो पता चला कि सुनील सतना में अपनी बहन के घर पर है और उसकी मां सुनीता रोरा भी वहीं मौजूद है। पीड़िता का सीधा आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग सुनील को जबरन भड़का रहे हैं और कह रहे हैं कि वह अब उसके साथ नहीं रहेगा।


    महिला का कहना है वह विवाहित है

    महिला का कहना है कि वह कानूनी रूप से विवाहित पत्नी है, फिर भी उसे पति से बात तक नहीं करने दी जा रही है। डीएसपी मनोज दीक्षित ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दुबई से आई महिला ने सतना के महिला थाने में आवेदन देकर अपने पति की तलाश की गुहार लगाई है।


    अभी नहीं दर्ज हुई FIR

    पुलिस के अनुसार, यह पति-पत्नी के आपसी विवाद का मामला है। महिला ने अभी कोई आपराधिक एफआईआर दर्ज नहीं कराई है, वह केवल अपने पति से मिलना और बात करना चाहती है। पुलिस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर तथ्यों की तस्दीक कर रही है।

  • दुबई में गूंजी मध्यप्रदेश की शिल्प कला, मोहन यादव ने वैश्विक निवेशकों के सामने रखा MP का मॉडल

    दुबई में गूंजी मध्यप्रदेश की शिल्प कला, मोहन यादव ने वैश्विक निवेशकों के सामने रखा MP का मॉडल


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल संयुक्त अरब अमीरात के दुबई पहुंचा है। चार दिवसीय दौरे के पहले दिन निवेश, व्यापार और औद्योगिक साझेदारी के साथ मध्यप्रदेश की पारंपरिक शिल्प एवं हथकरघा कला को भी अंतरराष्ट्रीय मंच मिला।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुबई के ताज होटल, बिजनेस बे में आयोजित वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और जीआई उत्पाद प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को वैश्विक समुदाय के सामने पेश किया गया।

    छह विरासत उत्पादों ने खींचा ध्यान

    प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश के छह प्रमुख उत्पाद प्रदर्शित किए गए। इनमें बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर कारपेट शामिल हैं।

    इन उत्पादों के जरिए राज्य की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक कारीगरों के हुनर को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य विदेशी खरीदारों तक इन उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और स्थानीय कारीगरों के लिए नए कारोबारी अवसर तैयार करना है।

    प्रवासी भारतीयों ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत

    दुबई पहुंचने पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में यूएई में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की। जितेंद्र वैद्य के नेतृत्व में करीब 50 प्रवासी भारतीय इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीय समुदाय को मध्यप्रदेश के विकास और राज्य की वैश्विक ब्रांडिंग का महत्वपूर्ण साझेदार बताया।

    भारतीय राजनयिकों के साथ निवेश पर चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी के साथ भी बैठक की। इसमें मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने और भारत-यूएई आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

    बैठक में राज्य की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, निवेशक-अनुकूल नीतियों और औद्योगिक अधोसंरचना को प्रमुखता से रखा गया। मुख्यमंत्री ने यूएई के सॉवरेन वेल्थ फंड, बड़े कॉरपोरेट समूहों और संस्थागत निवेशकों के साथ संपर्क बढ़ाने में भारतीय मिशन से सहयोग का आग्रह किया। साथ ही उन्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में भाग लेने का न्योता दिया।

    अरब संसद के अध्यक्ष से भी हुई मुलाकात

    दौरे के दौरान अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित विशेष भोज में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हिस्सा लिया। इस दौरान मध्यप्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन तथा शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर बातचीत हुई।

    मुख्यमंत्री ने अरब निवेशकों को मध्यप्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अधोसंरचना से जुड़े निवेश अवसरों की जानकारी दी।

    खाद्य प्रसंस्करण, कृषि मूल्य श्रृंखला, कोल्ड चेन और कृषि लॉजिस्टिक्स को लेकर भी संभावित साझेदारी पर चर्चा हुई।

    22 देशों के संसदीय नेताओं को GIS-2027 का न्योता

    ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के लिए मध्य पूर्व और अफ्रीका के कई देशों के संसदीय नेताओं को आमंत्रित करने की पहल भी की गई। इनमें अल्जीरिया, बहरीन, कोमोरोस, जिबूती, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, लीबिया, मॉरिटानिया, मोरक्को, ओमान, फिलिस्तीन, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया, सूडान, सीरिया, ट्यूनीशिया, यूएई और यमन शामिल हैं।

    इस पहल का उद्देश्य निवेश, उद्योग, व्यापार, अवसंरचना, नवाचार और आर्थिक सहयोग के लिए मध्यप्रदेश के साथ इन देशों के रिश्तों को और मजबूत करना है।

    वैश्विक मीडिया के सामने रखा निवेश का रोडमैप

    मुख्यमंत्री ने मीडिया संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स क्षमता के साथ पर्यटन एवं अवसंरचना क्षेत्र की संभावनाओं को भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य का लक्ष्य केवल निवेश हासिल करना नहीं, बल्कि निवेशकों के साथ लंबे समय की विकास साझेदारी स्थापित करना है।

    उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, तेज स्वीकृति प्रक्रिया, प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को मध्यप्रदेश की प्रमुख ताकत बताया।

    AIM कांग्रेस के ‘टाइकून्स डिनर’ में वैश्विक निवेशकों से संवाद

    दुबई दौरे के पहले दिन का समापन AIM कांग्रेस 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में मुख्यमंत्री की भागीदारी के साथ हुआ। कार्यक्रम की मेजबानी AIM कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी ने की।

    इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में सॉवरेन वेल्थ फंड, फैमिली ऑफिस, संस्थागत निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, वैश्विक कंपनियों और विभिन्न देशों के नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया।

    मुख्यमंत्री ने इस दौरान वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं के साथ मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, शहरी अधोसंरचना, टेक्नोलॉजी और निर्यात आधारित उद्योगों में निवेश के अवसरों को रेखांकित किया।

    दुबई दौरे के पहले ही दिन मध्यप्रदेश ने एक तरफ अपनी पारंपरिक शिल्प विरासत को वैश्विक बाजार के सामने रखा, वहीं दूसरी ओर निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ आर्थिक साझेदारी का रोडमैप भी पेश किया। अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन बैठकों और संवादों से मध्यप्रदेश में निवेश के कितने नए रास्ते खुलते हैं।