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  • महिला टी20 एशिया कप का भव्य आगाज आज दुबई में…. Ind vs Pak मैच 5 सितंबर को

    महिला टी20 एशिया कप का भव्य आगाज आज दुबई में…. Ind vs Pak मैच 5 सितंबर को


    दुबई।
    महिला टी20 एशिया कप 2026 (Women’s T20 Asia Cup 2026) का आगाज आज से यूएई (UAE) के दुबई (Dubai) में होने जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट (Tournament) में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा इंडोनेशिया, हांगकांग चीन, थाईलैंड और मेजबान यूएई भी खिताब के लिए मैदान में पूरी ताकत झोंकेंगे। टूर्नामेंट का फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। भारत को प्रतियोगिता का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जबकि मौजूदा चैंपियन श्रीलंका की टीम भी शानदार फॉर्म के साथ टूर्नामेंट में पहुंची है। पाकिस्तान और बांग्लादेश उलटफेर करने की क्षमता रखते हैं।


    28 अगस्त से 13 सितंबर तक चलेगा टूर्नामेंट

    महिला टी20 एशिया कप में कुल 15 मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें 12 लीग मैच, दो सेमीफाइनल और एक फाइनल शामिल है। ग्रुप चरण के मुकाबले 28 अगस्त से आठ सितंबर तक होंगे और इस दौरान हर दिन एक मैच खेला जाएगा। इसके बाद पहला सेमीफाइनल 10 सितंबर और दूसरा सेमीफाइनल 11 सितंबर को होगा। खिताबी मुकाबला 13 सितंबर को खेला जाएगा। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले दुबई में आयोजित किए जाएंगे।


    भारत-पाकिस्तान एक ही ग्रुप में

    आठ टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है।
    ग्रुप ए: भारत, पाकिस्तान, हांगकांग चीन और थाईलैंड
    ग्रुप बी: बांग्लादेश, श्रीलंका, यूएई और इंडोनेशिया

    ग्रुप चरण में प्रत्येक टीम अपने ग्रुप की बाकी तीन टीमों से एक-एक मुकाबला खेलेगी। दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। यह दूसरी बार है जब महिला एशिया कप के टी20 प्रारूप में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। 2022 में टूर्नामेंट में सात टीमें थीं, जबकि 2024 में एक और टीम के जुड़ने के बाद संख्या आठ हुई थी।


    चार एसोसिएट टीमों ने ऐसे बनाई जगह

    इंडोनेशिया, हांगकांग चीन, थाईलैंड और यूएई ने 2026 महिला प्रीमियर कप के जरिए एशिया कप में जगह बनाई है। 18 टीमों वाले प्रीमियर कप में इन चारों टीमों ने अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और फिर क्वार्टर फाइनल जीतकर एशिया कप के लिए क्वालिफाई किया। इंडोनेशिया के लिए यह महिला एशिया कप में पहली उपस्थिति होगी। वहीं हांगकांग की टीम 2012 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में वापसी कर रही है।


    भारत का दबदबा, श्रीलंका मौजूदा चैंपियन

    महिला टी20 एशिया कप में भारत का अब तक दबदबा रहा है। टी20 प्रारूप में खेले गए पांच संस्करणों में भारत ने तीन बार खिताब जीता है। हालांकि, दो मौकों पर उसे फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। 2018 में बांग्लादेश ने भारत को हराकर खिताब जीता था, जबकि 2024 में श्रीलंका ने भारत को मात देकर पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की थी। अब भारत की नजरें खिताब वापस हासिल करने पर होंगी।


    पांच सितंबर को भारत-पाकिस्तान महामुकाबला

    टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत शामिल है। दोनों टीमें पांच सितंबर को आमने-सामने होंगी। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का पाकिस्तान पर दबदबा रहा है। दोनों के बीच खेले गए 17 मुकाबलों में भारत ने 14 में जीत दर्ज की है। हालांकि, टी20 क्रिकेट में एक खराब दिन भी समीकरण बदल सकता है।

    भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी टूर्नामेंट से पहले साफ किया कि उनकी टीम किसी एक प्रतिद्वंद्वी पर विशेष ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य किसी विशेष टीम को लेकर सोचने के बजाय अच्छा क्रिकेट खेलना है। हरमनप्रीत के मुताबिक पिछले दो-तीन वर्षों में एशियाई टीमों के स्तर में काफी सुधार हुआ है और इस वजह से प्रतियोगिता चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।


    श्रीलंका और बांग्लादेश की टक्कर भी अहम

    छह सितंबर को मौजूदा चैंपियन श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच मुकाबला होगा। इस मैच पर भी नजरें रहेंगी। टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में श्रीलंका का बांग्लादेश के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत है। दोनों टीमों के बीच 16 मुकाबलों में श्रीलंका ने 13 मैच जीते हैं। श्रीलंका इस साल शानदार फॉर्म में है। उसने 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 10 जीत हासिल की हैं। टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज 2-1 से जीती, बांग्लादेश को 3-0 से हराया और पाकिस्तान के खिलाफ भी 2-1 से सीरीज अपने नाम की।


    भारत पसंदीदा, लेकिन हालिया फॉर्म चिंता का विषय

    भारत को टूर्नामेंट का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है, हालांकि उसकी हालिया टी20 फॉर्म बहुत प्रभावशाली नहीं रही है। भारत ने इस साल खेले 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में नौ मैच गंवाए हैं। इसके बावजूद टीम की गहराई और बड़े टूर्नामेंटों का अनुभव उसे बाकी टीमों से आगे रखता है। भारतीय टीम की नजरें खास तौर पर हालिया निराशाजनक टी20 विश्व कप अभियान से सबक लेकर बेहतर प्रदर्शन करने पर होंगी। हरमनप्रीत ने कहा कि पिछली प्रतियोगिताओं में मिले अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित होंगे और खिलाड़ी यहां अपना सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खेलने की कोशिश करेंगे।


    बांग्लादेश के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी

    बांग्लादेश ने इस साल टी20 क्रिकेट में मिश्रित प्रदर्शन किया है। टीम ने टी20 विश्व कप क्वालिफायर में अपने सभी सात मुकाबले जीते थे, लेकिन उसके बाद खेले गए 12 मैचों में उसे आठ में हार मिली। ऐसे में बांग्लादेश के लिए ग्रुप बी में श्रीलंका के साथ मुकाबला बड़ी चुनौती होगा। टीम को सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए निरंतर प्रदर्शन करना होगा।


    क्या भारत ट्रॉफी वापस हासिल करेगा?

    महिला टी20 एशिया कप 2026 में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत 2024 में गंवाया खिताब वापस हासिल कर पाएगा। कागज पर भारत सबसे मजबूत टीमों में है, लेकिन इस साल उसकी टी20 फॉर्म चिंता पैदा करती है। दूसरी ओर श्रीलंका मौजूदा चैंपियन होने के साथ इस साल बेहतर फॉर्म में है। पाकिस्तान और बांग्लादेश के पास भी बड़े मुकाबलों में उलटफेर करने की क्षमता है, जबकि चार एसोसिएट टीमों के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। टूर्नामेंट का प्रारूप ऐसा है कि ग्रुप चरण में एक भी चूक भारी पड़ सकती है। इसलिए 28 अगस्त से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में सिर्फ बड़े नाम ही नहीं, बल्कि युवा और उभरती हुई प्रतिभाएं भी खिताब की दौड़ का रुख तय कर सकती हैं।

  • इंदौर सट्टा मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच का दायरा बढ़ाया

    इंदौर सट्टा मामले में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों ने जांच का दायरा बढ़ाया

    मध्य प्रदेश : के इंदौर में सामने आए सट्टा मटका मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी का नाम जांच में सामने आने के बाद पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अपनी पड़ताल का दायरा बढ़ाया है। पुलिस के अनुसार नाना पटवारी के मोबाइल फोन से मिले डेटा और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े सुरागों ने मामले में कई नए कनेक्शन सामने लाए हैं।

    जांच के दौरान पुलिस को नाना पटवारी के मोबाइल फोन से दो ऑनलाइन सट्टा एप से संबंधित जानकारी मिली। आरोप है कि क्रिकेट बेटिंग के लिए उन्हें एक व्यक्ति के माध्यम से आईडी उपलब्ध कराई गई थी। पुलिस का कहना है कि संबंधित आईडी बाद में डिलीट कर दी गई, लेकिन तकनीकी जांच के दौरान उससे जुड़े कुछ डिजिटल सुराग सामने आए। इन्हीं सुरागों के आधार पर जांच एजेंसियां नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।

    पुलिस के मुताबिक इस मामले में सौम्य प्रीत शिंदे समेत तीन नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में राजेंद्र नगर निवासी राहुल निंबोला और रावजी बाजार क्षेत्र का धर्मेंद्र खींची शामिल हैं। जांच में सौम्य प्रीत शिंदे की भूमिका ऑनलाइन सट्टा एप और आईडी उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति के तौर पर सामने आने की बात कही गई है।

    जांच अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल उपकरणों की पड़ताल के जरिए सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मनीष पमनानी, पिंकेश माहेश्वरी और बंटी असरानी जैसे नामों से जुड़े संभावित कनेक्शनों की भी जांच कर रही है। इसके अलावा धर्मेंद्र खींची और राहुल निंबोला के विदेशी सट्टेबाजों से कथित संपर्क तथा जूनी इंदौर क्षेत्र के एक अन्य संदिग्ध से संबंधों की भी पड़ताल जारी है।

    पुलिस जांच में इस सट्टा नेटवर्क के विदेशों से जुड़े होने के संकेत मिलने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार गिरोह से जुड़े कुछ लोग दुबई और अन्य देशों में मौजूद सट्टेबाजों या बुकियों के संपर्क में हो सकते हैं। विदेशी नेटवर्क के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा एप और वेबसाइट के लिंक भारत में सक्रिय लोगों तक पहुंचाए जाने की आशंका की जांच की जा रही है।

    मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए सामान्य जुआ संबंधी प्रावधानों के साथ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। संगठित तरीके से सट्टा संचालन की आशंका को देखते हुए पुलिस डिजिटल लेनदेन, मोबाइल डेटा और आरोपियों के आपसी संपर्कों की भी जांच कर रही है।

    नाना पटवारी की भूमिका को लेकर पुलिस ने अभी अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। अधिकारियों के अनुसार उनका नाम जांच में सामने आने के बाद उनकी भूमिका और कथित संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का जोर इस बात का पता लगाने पर है कि स्थानीय स्तर पर संचालित नेटवर्क का विदेशी सट्टेबाजों से किस तरह संपर्क था और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए इसका संचालन कैसे किया जा रहा था।

    जांच के आगे बढ़ने के साथ पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, मोबाइल और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच तथा संभावित आर्थिक लेनदेन के जरिए पूरे नेटवर्क की संरचना समझने में जुटी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।

  • अमेरिका ईरान तनाव के बीच यूएई में मिसाइल खतरे का अलर्ट, एयर डिफेंस ने कार्रवाई कर स्थिति संभाली

    अमेरिका ईरान तनाव के बीच यूएई में मिसाइल खतरे का अलर्ट, एयर डिफेंस ने कार्रवाई कर स्थिति संभाली


    नई दिल्ली । 
    पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर संयुक्त अरब अमीरात में भी देखने को मिला। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की ओर बढ़ रहे मिसाइल खतरे का पता एयर डिफेंस सिस्टम ने लगाया। इसके बाद दुबई में लोगों के मोबाइल फोन पर पहली बार मिसाइल खतरे को लेकर इमरजेंसी अलर्ट भेजा गया। प्रशासन ने लोगों से घबराने के बजाय आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।

    मिसाइल अलर्ट जारी होने के दौरान दुबई और आसपास के इलाकों में आसमान से तेज आवाजें सुनाई देने की जानकारी सामने आई। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन आवाजों का संबंध एयर डिफेंस सिस्टम की कार्रवाई से था। सुरक्षा प्रणाली ने देश की ओर बढ़ रहे मिसाइल खतरे का मुकाबला करने और मिसाइलों को हवा में रोकने की कोशिश की।

    यूएई सरकार ने कहा कि देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी। कुछ समय बाद एक दूसरा अलर्ट जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि मिसाइल का खतरा समाप्त हो गया है और स्थिति सामान्य हो गई है।

    यूएई के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि ईरान की ओर से दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। मंत्रालय के अनुसार, इनमें से एक मिसाइल यूएई की समुद्री सीमा से बाहर जाकर गिरी, जबकि दूसरी मिसाइल देश की सीमा के अंदर गिरी। अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि स्थिति नियंत्रण में है और सुरक्षा व्यवस्था लगातार सक्रिय है।

    मिसाइल अलर्ट के बाद यूएई में नागरिक सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई। मोबाइल फोन पर जारी आपात संदेश का उद्देश्य लोगों को संभावित खतरे के प्रति तत्काल सावधान करना था। प्रशासन की ओर से नागरिकों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक निर्देशों पर भरोसा करने की अपील की गई।

    इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं दिखाई दे रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने दोनों देशों के बीच तत्काल बातचीत की किसी योजना से भी इनकार किया।

    ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि समुद्री मार्ग जहाजों के लिए खुला है और पानी में बिछाई गई माइंस को हटा दिया गया है। दूसरी ओर, ईरान की ओर से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद करने की बात सामने आने के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।

    अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का प्रभाव पश्चिम एशिया से बाहर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से ऊर्जा बाजारों में चिंता बढ़ी है। तेल की कीमतों में लंबे समय तक मजबूती बनी रहने पर कई देशों में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है और आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

    तनाव बढ़ने का असर शेयर बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ने से कई बाजारों में दबाव देखने को मिला है। इसके साथ ही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में कर्ज की लागत बढ़ने की चिंता भी सामने आई है।

    फिलहाल यूएई में मिसाइल खतरा समाप्त होने की घोषणा के बाद स्थिति सामान्य बताई गई है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। आने वाले समय में दोनों देशों के सैन्य कदम, कूटनीतिक संपर्क और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

  • दुबई की ओर बढ़ा मिसाइल का खतरा, सायरन बजते ही मचा हड़कंप; लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह

    दुबई की ओर बढ़ा मिसाइल का खतरा, सायरन बजते ही मचा हड़कंप; लोगों को सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह

    दुबई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मंगलवार को मिसाइल खतरे को लेकर अचानक इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। राष्ट्रीय आपातकालीन संकट एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NCEMA) की चेतावनी के बाद कई इलाकों में सायरन बजने लगे। लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की सलाह दी गई।

    अलर्ट के बाद दुबई और आसपास के इलाकों में कुछ देर तक तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबर सामने आई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यूएई की एयर डिफेंस प्रणाली ने हवाई क्षेत्र की ओर आ रहे खतरे को इंटरसेप्ट किया। हालांकि, हमले के स्रोत और मिसाइल की सटीक जानकारी को लेकर आधिकारिक स्तर पर अभी पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हुई है।

    लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह

    अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन ने नागरिकों, प्रवासियों और पर्यटकों से खुले स्थानों, सड़कों और समुद्र तटों से दूर रहने को कहा। लोगों को इमारतों के अंदर सुरक्षित स्थानों पर रहने और खिड़कियों तथा शीशे से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। साथ ही किसी भी अफवाह पर भरोसा न करने और केवल आधिकारिक सूचनाओं को मानने की अपील की गई।

    हमले के पीछे कौन, अभी तस्वीर साफ नहीं

    मिसाइल खतरे की जिम्मेदारी फिलहाल किसी देश या संगठन ने आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं की है। हालांकि, क्षेत्र में जारी तनाव के कारण ईरान समर्थित समूहों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। यूएई पहले भी क्षेत्रीय संघर्ष के दौरान मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे का सामना कर चुका है।

    यूएई में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी भी इसे क्षेत्रीय तनाव के लिहाज से संवेदनशील बनाती है। हालांकि, किसी खास संगठन को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराने से पहले आधिकारिक जांच और पुष्टि का इंतजार जरूरी है।

    THAAD और Patriot सिस्टम से सुरक्षा

    यूएई ने अपनी हवाई सुरक्षा के लिए अमेरिकी निर्मित THAAD और Patriot जैसी आधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणालियां तैनात कर रखी हैं। इनका उद्देश्य बैलिस्टिक मिसाइलों और दूसरे हवाई खतरों को पहचानकर उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले रोकना है।

    मिसाइल अलर्ट के दौरान इन प्रणालियों की भूमिका को लेकर चर्चा जरूर हुई है, लेकिन किसी विशेष इंटरसेप्टर सिस्टम ने इस घटना में वास्तव में क्या कार्रवाई की, इसकी आधिकारिक पुष्टि के बिना दावा करना जल्दबाजी होगी।

    बढ़ते तनाव से खाड़ी क्षेत्र पर दबाव

    दुबई में यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने के साथ समुद्री मार्गों, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर भी चिंता बढ़ी है।

    दुबई दुनिया के प्रमुख कारोबारी और पर्यटन केंद्रों में शामिल है। ऐसे में सुरक्षा को लेकर बार-बार जारी होने वाले अलर्ट का असर विमानन, पर्यटन और निवेश के माहौल पर पड़ सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह मिसाइल खतरा कितना गंभीर था और इसके पीछे कौन था। आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

  • 970 किलो मेफेड्रोन केस में बड़ा अपडेट, वीरेंद्र बसोया दुबई से भारत लाया गया; अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच तेज

    970 किलो मेफेड्रोन केस में बड़ा अपडेट, वीरेंद्र बसोया दुबई से भारत लाया गया; अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की जांच तेज


    नई दिल्ली ।
    ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक बड़े मामले में भारतीय जांच एजेंसियों को अहम सफलता मिली है। 970 किलो मेफेड्रोन की बरामदगी से जुड़े मामले में वांछित आरोपी वीरेंद्र सिंह बसोया को दुबई से भारत लाया गया है। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी था और भारत सरकार की पहल के बाद संयुक्त अरब अमीरात से उसे डिपोर्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

    वीरेंद्र बसोया पर पुणे से जुड़े एक बड़े कथित ड्रग्स नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। जांच में सामने आए मामले की अनुमानित कीमत करीब 6,000 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए बड़ी मात्रा में मेफेड्रोन की खेप तैयार कर उसे विदेश भेजने की योजना बनाई गई थी।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बसोया की भारत वापसी को लेकर जानकारी साझा करते हुए कहा कि विदेशों में छिपे ड्रग्स तस्करों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। उन्होंने नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एजेंसियों की कार्रवाई और सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया।

    मामले की जांच के दौरान 21 फरवरी 2024 को दिल्ली में कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई में दिवेश चरंजीत भूतानी और संदीपकुमार राजपाल बैसोया को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। उनके कब्जे से करीब 970 किलो मेफेड्रोन बरामद होने का दावा किया गया था।

    जांच में आरोप लगाया गया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी कथित तौर पर वीरेंद्र सिंह बसोया के निर्देश पर काम कर रहे थे। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा विदेश में मौजूद संदिग्धों की भूमिका की पड़ताल शुरू हुई।

    जांच एजेंसियों के अनुसार मेफेड्रोन की खेप को विदेश भेजने के लिए लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का इस्तेमाल किए जाने की योजना थी। इस सिलसिले में डेल्टा लॉजिस्टिक्स से जुड़े कुछ लोगों पर भी कार्रवाई की गई। संदीप हनुमानसिंह यादव और देवेंद्र रामफुल यादव को मामले में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है।

    मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ वीरेंद्र बसोया के बेटे ऋषभ का नाम भी सामने आया। उसके खिलाफ भी रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी है। वह फिलहाल विदेश में बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसकी अंतरराष्ट्रीय कड़ियों की जानकारी जुटाने में लगी हैं।

    वीरेंद्र बसोया की भारत वापसी को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वह लंबे समय से देश से बाहर था और उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तलाश की प्रक्रिया चल रही थी। उसके भारत आने के बाद जांच एजेंसियों को मामले की कथित साजिश, नेटवर्क के संचालन और विदेशों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने की योजना से जुड़े कई सवालों के जवाब हासिल करने का अवसर मिल सकता है।

    जांच एजेंसियां अब बसोया से मामले में उसकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों से संबंधों को लेकर पूछताछ कर सकती हैं। साथ ही बरामद मेफेड्रोन की खेप, उसके स्रोत, तैयार करने की प्रक्रिया और कथित अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े पहलुओं की भी जांच आगे बढ़ सकती है।

    हालांकि, जांच में लगाए गए आरोपों को अदालत में अंतिम रूप से साबित किया जाना बाकी है। किसी भी आरोपी की कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा। फिलहाल बसोया की भारत वापसी के बाद इस मामले में जांच और कानूनी कार्रवाई के अगले चरण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

  • दुबई की निजी पार्टी में प्रस्तुति का अनुभव साझा कर भावुक हुए कुमार सानू, बोले- उस दौर का माहौल बेहद चुनौतीपूर्ण था

    दुबई की निजी पार्टी में प्रस्तुति का अनुभव साझा कर भावुक हुए कुमार सानू, बोले- उस दौर का माहौल बेहद चुनौतीपूर्ण था


    नई दिल्ली ।
    हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध पार्श्व गायक कुमार सानू ने अपने लंबे संगीत करियर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने एक बार फिर 1990 के दशक के फिल्म उद्योग के माहौल को चर्चा में ला दिया है। उन्होंने बताया कि अपने करियर के दौरान उन्हें दुबई में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बुलाया गया था, जहां कथित तौर पर अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोग मौजूद थे। गायक ने स्वीकार किया कि उस समय इस तरह की परिस्थितियां उनके लिए बेहद असहज और डर पैदा करने वाली थीं।

    हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान कुमार सानू ने उस दौर की कई यादों को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज की तुलना में उस समय फिल्म उद्योग का वातावरण काफी अलग था। उनके अनुसार, कई बार कलाकारों को ऐसे हालात का सामना करना पड़ता था, जहां व्यक्तिगत इच्छा से अधिक परिस्थितियां निर्णय लेने के लिए मजबूर कर देती थीं। उन्होंने बताया कि जिस कार्यक्रम में उन्हें बुलाया गया था, वहां जाने को लेकर उनके मन में स्वाभाविक रूप से भय और असमंजस था।

    गायक ने कहा कि उस समय किसी ऐसे निमंत्रण को ठुकराना आसान नहीं माना जाता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस दौर में कलाकार अपने काम के साथ-साथ सुरक्षा और अन्य व्यावहारिक चुनौतियों को भी ध्यान में रखकर फैसले लेते थे। उनके मुताबिक, कई बार परिस्थितियां ऐसी होती थीं कि किसी टकराव से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प समझा जाता था।

    बातचीत के दौरान कुमार सानू ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने करियर में फिल्म उद्योग के बदलते दौर को बहुत करीब से देखा है। उनके अनुसार, उस समय कई कलाकार अनावश्यक विवादों या जोखिम से दूर रहने की कोशिश करते थे। यही वजह थी कि कई फैसले व्यक्तिगत पसंद के बजाय उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए लिए जाते थे। उन्होंने माना कि उस दौर का माहौल आज की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील था।

    कुमार सानू ने यह भी बताया कि समय बीतने के साथ अंडरवर्ल्ड से जुड़े कुछ लोगों की ओर से उन्हें सुरक्षा देने जैसी बातें भी कही गई थीं। हालांकि उन्होंने हमेशा ऐसे किसी भी प्रस्ताव से दूरी बनाए रखी। उनका कहना था कि उन्होंने स्पष्ट रूप से यह रुख अपनाया कि वे अपनी सुरक्षा और अपने निजी मामलों को स्वयं संभालना पसंद करेंगे तथा किसी भी बाहरी सहयोग पर निर्भर नहीं रहना चाहते।

    गायक की इस बातचीत ने एक बार फिर उस दौर की फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ी पुरानी चर्चाओं को सामने ला दिया है। हालांकि उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए किसी नए आरोप या कानूनी दावे की बजाय केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव और उस समय के माहौल का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समय के साथ फिल्म उद्योग में काफी बदलाव आया है और आज काम करने का वातावरण पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित माना जाता है।

    कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के सबसे लोकप्रिय पार्श्व गायकों में गिने जाते हैं। 1990 के दशक में उनकी आवाज ने कई फिल्मों को यादगार बनाया और उन्होंने अनेक सुपरहिट गीतों को अपनी आवाज दी। दशकों बाद भी उनके गीत संगीत प्रेमियों के बीच उतने ही लोकप्रिय हैं और नई पीढ़ी भी उनके सदाबहार गीतों को पसंद करती है। उनके हालिया खुलासे ने एक बार फिर उनके लंबे करियर और उस दौर के फिल्म उद्योग के अनुभवों को चर्चा का विषय बना दिया है।

  • दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    दुबई से मुंबई जा रही इंडिगो फ्लाइट की राजकोट में इमरजेंसी लैंडिंग, कार्गो होल्ड में धुएं की सूचना से सतर्कता

    नई दिल्ली । दुबई से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की एक यात्री उड़ान को सोमवार को एहतियात के तौर पर गुजरात के राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। उड़ान के दौरान विमान के कार्गो होल्ड में धुआं होने की सूचना मिलने के बाद पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने तत्काल सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया और विमान को राजकोट की ओर डायवर्ट करने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, उड़ान सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर थी, तभी विमान के कार्गो सेक्शन से धुएं का संकेत मिलने की सूचना सामने आई। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। इसी कारण चालक दल ने बिना किसी देरी के निकटतम उपयुक्त हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद विमान को राजकोट इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया।

    राजकोट एयरपोर्ट प्रशासन ने पुष्टि की कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और उतरने के तुरंत बाद सभी आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय रखा गया। एयरपोर्ट पर पहले से अग्निशमन दल, चिकित्सा टीम और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तैयारी के साथ मौजूद थीं ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि लैंडिंग के बाद किसी प्रकार की आपात स्थिति सामने नहीं आई और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

    अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद विमान को तकनीकी निरीक्षण के लिए अलग स्थान पर ले जाया गया। विशेषज्ञों की टीम कार्गो होल्ड की विस्तृत जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धुएं का संकेत किस कारण से मिला। प्रारंभिक स्तर पर किसी तकनीकी खराबी, उपकरण की समस्या या अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

    विमानन क्षेत्र में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है और किसी भी प्रकार के धुएं या आग से संबंधित संकेत मिलने पर तत्काल एहतियाती कदम उठाना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा होता है। ऐसे मामलों में पायलट स्थिति का आकलन करते हुए निकटतम सुरक्षित हवाई अड्डे पर विमान उतारने का निर्णय लेते हैं ताकि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

    घटना के बाद एयरपोर्ट अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की समीक्षा शुरू कर दी है। तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही विमान को आगे की उड़ान के लिए अनुमति दी जाएगी। वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए एयरलाइन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। अधिकारियों ने दोहराया कि इमरजेंसी लैंडिंग पूरी तरह एहतियात के तहत कराई गई और समय पर उठाए गए कदमों की वजह से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाता है। किसी भी संभावित जोखिम की स्थिति में तत्काल निर्णय लेकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एयरलाइन और विमानन अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। फिलहाल सभी की निगाहें तकनीकी जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे धुएं की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

  • दुबई की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ अभिनय में आजमाई किस्मत, ट्रांसजेंडर 'कुकू' बनकर रातोंरात मिली अलग पहचान

    दुबई की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ अभिनय में आजमाई किस्मत, ट्रांसजेंडर 'कुकू' बनकर रातोंरात मिली अलग पहचान

    नई दिल्ली । अभिनय की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री कुब्रा सैत आज अपना जन्मदिन मना रही हैं। फिल्मों, वेब सीरीज और टेलीविजन प्रस्तुति के जरिए दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुईं कुब्रा का सफर संघर्ष, मेहनत और लगातार सीखने की मिसाल माना जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि मनोरंजन जगत में कदम रखने से पहले वह दुबई में एक निजी कंपनी में अकाउंट मैनेजर के तौर पर काम करती थीं। बाद में उन्होंने स्थिर नौकरी छोड़कर अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया।

    कुब्रा सैत ने कम उम्र से ही मंच संचालन और सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेना शुरू कर दिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने वित्त और मार्केटिंग की शिक्षा हासिल की और वर्ष 2005 में दुबई जाकर अकाउंट मैनेजर के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। उन्होंने करीब तीन वर्षों तक कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया, लेकिन अभिनय और प्रस्तुति के प्रति उनका लगाव लगातार बना रहा। इसी जुनून ने उन्हें मनोरंजन उद्योग की ओर कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

    अभिनय की शुरुआत उन्होंने एक अमीराती फीचर फिल्म में छोटे से किरदार से की। इसके बाद भारत लौटकर उन्होंने मॉडलिंग, एंकरिंग और अभिनय के क्षेत्र में लगातार काम किया। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनकी एंट्री वर्ष 2009 में हुई, जब उन्हें फिल्म रेडी में एक सहायक भूमिका निभाने का अवसर मिला। इसके बाद वह जोड़ी ब्रेकर्स, आई लव न्यू ईयर, सुल्तान, गली बॉय, देवा और सन ऑफ सरदार 2 जैसी फिल्मों में अलग-अलग भूमिकाओं में दिखाई दीं।

    हालांकि फिल्मों में लगातार काम करने के बावजूद कुब्रा सैत को वह पहचान नहीं मिल सकी जिसकी उन्हें तलाश थी। उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ OTT प्लेटफॉर्म पर आई वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स साबित हुई। इस सीरीज में उन्होंने ट्रांसजेंडर ‘कुकू’ का किरदार निभाया, जिसने दर्शकों और समीक्षकों दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सीमित स्क्रीन टाइम के बावजूद उनके अभिनय की व्यापक सराहना हुई और यह भूमिका उनके करियर की सबसे यादगार प्रस्तुतियों में शामिल हो गई।

    ‘कुकू’ के किरदार में कुब्रा सैत ने भावनात्मक गहराई, आत्मविश्वास और संवेदनशीलता का ऐसा संतुलन दिखाया, जिसने इस चरित्र को लंबे समय तक यादगार बना दिया। इस भूमिका ने उन्हें केवल लोकप्रियता ही नहीं दिलाई, बल्कि एक सक्षम और बहुमुखी अभिनेत्री के रूप में भी स्थापित किया। इसके बाद उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म और फिल्मों में लगातार नए और चुनौतीपूर्ण किरदार मिलने लगे।

    कुब्रा सैत ने अपने अभिनय करियर के दौरान यह साबित किया कि सफलता केवल बड़े किरदारों से नहीं, बल्कि प्रभावशाली प्रस्तुति से मिलती है। उन्होंने हर भूमिका में अलग पहचान बनाने की कोशिश की और अपनी अभिनय शैली से दर्शकों का भरोसा जीता। मनोरंजन जगत में उनकी पहचान एक ऐसी कलाकार के रूप में बनी, जो पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़कर चुनौतीपूर्ण किरदार निभाने का साहस रखती हैं।

    आज कुब्रा सैत का सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा माना जाता है, जो अपने सुरक्षित करियर को छोड़कर अपने सपनों को पूरा करने का साहस दिखाते हैं। दुबई की कॉर्पोरेट नौकरी से लेकर भारतीय मनोरंजन जगत में मजबूत पहचान बनाने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि प्रतिभा, मेहनत और सही अवसर मिलकर किसी भी कलाकार के जीवन की दिशा बदल सकते हैं।

  • दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जिसका रकबा मुंबई से भी ज्यादा; कई छोटे देशों से है विशाल

    दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जिसका रकबा मुंबई से भी ज्यादा; कई छोटे देशों से है विशाल


    नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की बात आते ही ज्यादातर लोग सबसे व्यस्त या सबसे ज्यादा यात्रियों वाले हवाई अड्डे के बारे में सोचते हैं। लेकिन यदि पैमाना जमीन का क्षेत्रफल हो, तो यह रिकॉर्ड सऊदी अरब के नाम दर्ज है। यहां स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Fahd International Airport) अपने विशाल क्षेत्रफल के कारण दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है।

    776 वर्ग किलोमीटर में फैला है एयरपोर्ट

    सऊदी अरब के दम्माम शहर के पास स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 776 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्रफल कई देशों और बड़े शहरों से भी अधिक है। हालांकि, इस पूरे इलाके का उपयोग वर्तमान में एयरपोर्ट संचालन के लिए नहीं किया जाता। इसका बड़ा हिस्सा भविष्य में विस्तार (एक्सपेंशन) की योजनाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है।

    कई छोटे देशों से भी बड़ा

    इस एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल दुनिया के कई छोटे देशों से अधिक है। उदाहरण के लिए:

    सिंगापुर का क्षेत्रफल लगभग 735 वर्ग किलोमीटर है।
    बहरीन का क्षेत्रफल करीब 786 वर्ग किलोमीटर है, यानी एयरपोर्ट उसके लगभग बराबर है।
    वेटिकन सिटी और मालदीव जैसे देशों की तुलना में भी यह कई गुना बड़ा है।
    भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई का क्षेत्रफल करीब 603 वर्ग किलोमीटर है, जो इस एयरपोर्ट से काफी छोटा है।
    आकार के लिए मशहूर, भीड़ के लिए नहीं

    किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल नहीं है। इसकी पहचान मुख्य रूप से इसके विशाल भूमि क्षेत्र के कारण है। एयरपोर्ट का बड़ा हिस्सा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आरक्षित रखा गया है, जिससे आने वाले वर्षों में इसका विस्तार आसानी से किया जा सके।

    दम्माम क्षेत्र का प्रमुख एविएशन हब

    यह एयरपोर्ट सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित दम्माम और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण हवाई केंद्र है। यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों का संचालन होता है और यह देश के प्रमुख रणनीतिक एयरपोर्ट्स में गिना जाता है।

    दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट का खिताब यात्रियों की संख्या से नहीं, बल्कि उसके विशाल भू-भाग से तय होता है और इस मामले में किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज भी शीर्ष पर कायम है।

  • पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट

    पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए दुबई का बड़ा दांव, रेफरल कार्यक्रम के तहत होटल, भोजन और पर्यटन सुविधाओं पर मिलेगा आकर्षक डिस्काउंट


    नई दिल्ली ।
    संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख शहर दुबई ने पर्यटन गतिविधियों को गति देने और अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक नई प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस पहल के तहत दुबई में रहने वाले लोग यदि अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को शहर घूमने के लिए आमंत्रित करते हैं, तो उन्हें 3,000 दिरहम से अधिक मूल्य के विशेष लाभ और छूट उपलब्ध कराई जाएगी। भारतीय मुद्रा में इन लाभों का मूल्य लगभग 80 हजार रुपये के बराबर माना जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में फिर से तेजी लाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।

    नई योजना के तहत दुबई के निवासी ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से अपने परिचितों को आमंत्रित कर सकेंगे। आमंत्रित मेहमानों को होटल में ठहरने, रेस्तरां में भोजन, प्रमुख पर्यटन स्थलों के प्रवेश टिकट तथा अन्य मनोरंजन सेवाओं पर विशेष लाभ प्रदान किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि स्थानीय निवासियों की भागीदारी से अधिक संख्या में पर्यटक दुबई पहुंचेंगे और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी।

    यह कार्यक्रम 20 जुलाई से शुरू होकर 31 अक्टूबर तक लागू रहेगा। यह अवधि ऐसे समय को ध्यान में रखकर तय की गई है जब दुबई में भीषण गर्मी के कारण सामान्य रूप से पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रहती है। गर्मियों के दौरान तापमान कई बार 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जिससे पर्यटन गतिविधियां प्रभावित होती हैं। ऐसे में यह योजना ऑफ-सीजन के दौरान पर्यटकों की संख्या बढ़ाने का प्रयास मानी जा रही है।

    पिछले कुछ महीनों में पश्चिम एशिया में बढ़े क्षेत्रीय तनाव और संघर्षों का प्रभाव पर्यटन उद्योग पर भी पड़ा है। खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर बनी चिंताओं के कारण कई पर्यटकों ने अपनी यात्राएं स्थगित कर दीं या अन्य गंतव्यों का रुख किया। इसका असर होटल, रेस्तरां, परिवहन और मनोरंजन उद्योग सहित पर्यटन से जुड़े अनेक क्षेत्रों पर देखने को मिला। नई योजना के जरिए प्रशासन इस गिरावट की भरपाई करने का प्रयास कर रहा है।

    दुबई लंबे समय से दुनिया के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में शामिल रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, ऊंची इमारतें, लक्जरी होटल, समुद्री तट, रेगिस्तानी पर्यटन और विश्वस्तरीय मनोरंजन सुविधाएं इसे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच विशेष पहचान दिलाती हैं। हर वर्ष करोड़ों पर्यटक यहां पहुंचते हैं, जिससे पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है। यही कारण है कि पर्यटकों की संख्या बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि रेफरल आधारित यह मॉडल पर्यटन उद्योग के लिए प्रभावी साबित हो सकता है। जब स्थानीय निवासी अपने परिचितों को व्यक्तिगत रूप से किसी स्थान पर आने के लिए प्रेरित करते हैं, तो यात्रियों का विश्वास बढ़ता है और यात्रा का निर्णय लेना आसान हो जाता है। साथ ही आकर्षक लाभ और विशेष छूट इस योजना को और अधिक उपयोगी बनाते हैं।

    दुबई प्रशासन को उम्मीद है कि यह अभियान आने वाले महीनों में होटल अधिभोग, स्थानीय व्यापार, रेस्तरां, मनोरंजन उद्योग और अन्य पर्यटन सेवाओं को सकारात्मक बढ़ावा देगा। यदि योजना को अपेक्षित सफलता मिलती है, तो भविष्य में ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रमों का विस्तार भी किया जा सकता है। फिलहाल यह पहल पर्यटन क्षेत्र में नई ऊर्जा लाने और वैश्विक यात्रियों को फिर से दुबई की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।