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  • DUSU चुनाव नतीजों पर निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर निशाना, मंच साझा करने को लेकर कसा तंज

    DUSU चुनाव नतीजों पर निशिकांत दुबे का राहुल गांधी पर निशाना, मंच साझा करने को लेकर कसा तंज

    नई दिल्ली । दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 2026 के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर तंज कसते हुए उनके हालिया कार्यक्रमों और मंच साझा करने को लेकर टिप्पणी की। दुबे ने कहा कि राहुल गांधी को सुनने के लिए लोग तैयार नहीं हैं और उन्हें कलाकारों का सहारा लेना पड़ रहा है।

    दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर जीत हासिल की। यश डबास अध्यक्ष, रिया छावड़ी सचिव और लक्ष्य राज सिंह संयुक्त सचिव चुने गए। वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की। इस चुनाव में कुल मतदान 40.46 प्रतिशत रहा।

    नतीजों के बाद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देशभर में ‘झूठ की गूंज’ चल रही है। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी को सुनने के लिए कोई आने को तैयार नहीं है। दुबे ने राहुल गांधी के चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि वह 100 से ज्यादा चुनाव हार चुके हैं। यह संख्या उनके बयान का हिस्सा है।

    निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के हालिया मंच साझा करने वाले कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गुजरात में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने नेहा राठौर के साथ मंच साझा किया। इसके बाद इंदौर में एक स्टैंडअप कॉमेडियन के साथ भी वह मंच पर नजर आए।

    इसी संदर्भ में निशिकांत दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि अगर स्थिति इसी तरह बनी रही तो वह दिन दूर नहीं जब राहुल गांधी को राखी सावंत के साथ भी मंच साझा करना पड़ेगा। उनका यह बयान DUSU चुनाव परिणाम के बाद राहुल गांधी पर की गई राजनीतिक टिप्पणी के रूप में सामने आया।

    दुबे ने राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक बनाने के लिए कलाकारों का सहारा लेने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों में कलाकारों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने DUSU चुनाव परिणाम को भी युवाओं के राजनीतिक रुझान से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

    DUSU चुनाव के परिणामों में अध्यक्ष पद पर यश डबास ने 24,576 वोट हासिल किए, जबकि विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन को 30,615 वोट मिले। सचिव पद पर रिया छावड़ी ने 21,650 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह 16,615 वोट के साथ विजयी रहे।

    इस तरह केंद्रीय पैनल के चार पदों में से तीन पर ABVP उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि उपाध्यक्ष पद निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गया। चुनाव परिणाम के बाद छात्र राजनीति को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।

    निशिकांत दुबे ने DUSU परिणामों के अलावा झारखंड में SIR की प्रक्रिया को लेकर भी राज्य सरकार पर आरोप लगाए। सारठ में SIR प्रक्रिया के दौरान 34 लोगों से जुड़ी कथित अनियमितताओं के सवाल पर उन्होंने दावा किया कि पूरे राज्य में प्रक्रिया के दौरान जो गड़बड़ियां हो रही हैं, उन्हें सरकार खुद करवा रही है।

    उन्होंने सारठ के पूर्व विधायक रणधीर सिंह की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह बेहतर काम कर रहे हैं। दुबे ने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ता SIR की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए जुटे हुए हैं। इस दौरान उन्होंने झारखंड में MMDR बिल के विरोध सहित कई राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

  • DUSU चुनाव में ABVP ने तीन पद जीते, राजीव शुक्ला बोले- विपक्ष साथ लड़ता तो बदल सकता था नतीजा

    DUSU चुनाव में ABVP ने तीन पद जीते, राजीव शुक्ला बोले- विपक्ष साथ लड़ता तो बदल सकता था नतीजा

    नई दिल्ली । दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव 2026 के नतीजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चार केंद्रीय पदों में से तीन पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद ABVP के खाते में गए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की। परिणाम सामने आने के बाद छात्र राजनीति के साथ-साथ राजनीतिक दलों के बीच भी इस चुनाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने जीत दर्ज की। उन्हें 24,576 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी NSUI के विजय शंकर मीणा को 22,523 वोट मिले। इस तरह डबास ने 2,053 वोटों के अंतर से अध्यक्ष पद अपने नाम किया। सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी विजयी रहीं, जबकि संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने जीत दर्ज की।

    उपाध्यक्ष पद का परिणाम हालांकि बाकी तीन पदों से अलग रहा। इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। ABVP के ईशु मौर्या को 16,910 वोट मिले, जबकि NSUI के वीर छत्रथ को 4,313 वोट प्राप्त हुए। शौकीन पहले NSUI से जुड़े रहे हैं और इस बार उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।

    चुनाव में कुल मतदान प्रतिशत 40.46 रहा। चार केंद्रीय पदों के लिए हुए मुकाबले में ABVP ने तीन सीटों पर जीत हासिल की, जबकि NSUI किसी भी केंद्रीय पद पर जीत दर्ज नहीं कर सकी। वर्ष 2015 के बाद यह पहली बार है जब NSUI चार प्रमुख पदों में से कोई भी पद हासिल नहीं कर पाई है।

    नतीजों के बाद कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने चुनाव को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष से जुड़े छात्र संगठनों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। उनके अनुसार, अगर ये संगठन एक साथ चुनाव मैदान में उतरते तो परिणाम अलग हो सकता था और इंडिया गठबंधन से जुड़े पक्ष को अधिक सफलता मिल सकती थी।

    राजीव शुक्ला की प्रतिक्रिया के बाद DUSU चुनाव के नतीजों को लेकर राजनीतिक चर्चा का एक और पहलू सामने आया। उनके बयान का आधार यह था कि अलग-अलग उम्मीदवारों के मैदान में होने से संबंधित वोटों का बंटवारा हुआ और इसका चुनावी परिणाम पर असर पड़ा।

    दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव को छात्र राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है। विश्वविद्यालय के केंद्रीय पैनल के चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव जैसे पदों के लिए मुकाबला होता है। इन चुनावों में छात्र मुद्दों के साथ विभिन्न छात्र संगठनों की राजनीतिक सक्रियता भी दिखाई देती है।

    इस बार चुनाव के दौरान छात्रों से जुड़े कई मुद्दे चर्चा में रहे। इनमें हॉस्टल, पीजी व्यवस्था और सुरक्षा जैसे विषय प्रमुख रहे। चुनाव परिणामों ने एक ओर ABVP को तीन केंद्रीय पद दिए, वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत ने अलग तस्वीर पेश की।

    इस परिणाम के बाद छात्र संगठनों के बीच रणनीति और चुनावी तालमेल को लेकर चर्चा होना स्वाभाविक है। हालांकि अलग-अलग संगठनों के प्रदर्शन और वोटों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक नेताओं की व्याख्या उनके अपने आकलन पर आधारित है। DUSU के ताजा परिणामों ने दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में अलग-अलग संगठनों की स्थिति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।