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  • जापान के बोनिन द्वीप समूह में सुबह-सुबह आया 6.5 तीव्रता का भूकंप

    जापान के बोनिन द्वीप समूह में सुबह-सुबह आया 6.5 तीव्रता का भूकंप


    टोक्यो।
    जापान (Japan) के बोनिन द्वीप समूह क्षेत्र (Bonin Islands region) में 6.5 तीव्रता (Magnitude 6.3) का भूकंप (Earthquake) आया है. धरती के अंदर 7 प्लेट ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट जिन जगहों पर अधिक टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहते हैं।

    जापान के बोनिन द्वीप समूह क्षेत्र में रविवार सुबह 6.5 तीव्रता के भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) के अनुसार, इस भूकंप के बाद जान-माल के नुकसान या सुनामी की किसी चेतावनी से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी है।

    संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि टोक्यो से लगभग 1000 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में बोनिन द्वीप समूह, जिसे ओगासावारा द्वीप समूह भी कहा जाता है, में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया।

    भूकंप का केंद्र समुद्र में 494 किलोमीटर की गहराई में था। प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई थी, और कोई भी भौतिक क्षति या हताहत होने की सूचना नहीं थी। भूकंप फिलीपीन और प्रशांत टेक्टोनिक प्लेटों के बीच भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्र में आया।

    बता दें, बार-बार टकराने से प्लेट के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट टूटने लगती हैं. इनके टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है. 4.5 या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है।

    भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. 7.0 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप को आमतौर पर खतरनाक माना जाता है, वहीं, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो भूकंप कहा जाता हैं, जिन्हें कई लोग महसूस भी नहीं कर पाते हैं।

    इस बीच, शनिवार को वानुआतू द्वीप में भी भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.1 मापी गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, भूकंप 24 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 1 मिनट पर आया. वानुआतू, दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपसमूह देश है।

  • दिल्ली में फिर सुबह सुबह बवाल…. युवा कांग्रेस के कई नेताओं कों पुलिस ने हिरासत में लिया

    दिल्ली में फिर सुबह सुबह बवाल…. युवा कांग्रेस के कई नेताओं कों पुलिस ने हिरासत में लिया


    नई दिल्ली।
    देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में इन दिनों आंदोलनों का केंद्र बनी हुई है। इस बीच शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक बार फिर बवाल हुआ है। यहां कई युवा कांग्रेस नेताओं (Youth Congress Leaders) को हिरासत में ले लिया गया है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब NSUI के नेता महिला साथियों के साथ हुई कथित मारपीट के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरना दे रहे थे। छात्र नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की है।

    इससे पहले गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि NSUI की महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उनमें से कुछ को एक अंधेरे कमरे में ले जाकर जूते से पीटा गया। जाखड़ ने कहा, “हम यहां केवल एफआईआर दर्ज कराने आए हैं, लेकिन DCP न तो हमसे बात कर रहे हैं और न ही हमारी सुन रहे हैं। क्या हमारी महिला कार्यकर्ताओं के लिए न्याय मांगना अपराध है?” संगठन का कहना है कि बुधवार को एडिशनल DCP सहित वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई FIR दर्ज नहीं की।


    ‘CEC ज्ञानेश कुमार को बचा रही है पुलिस’

    वहीं NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडे ने विनोद जाखड़ और अन्य सदस्यों को हिरासत में लिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय जवाबदेही मांगने वालों को ही हिरासत में ले रही है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश की है।


    आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    NSUI ने कहा है कि नेताओं को हिरासत में लेने से उनका विरोध प्रदर्शन थमने वाला नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा करते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, तो वे देश भर में अपना आंदोलन और तेज करेंगे।


    राहुल गांधी ने बताया बब्बर शेर

    इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते गुरुवार को पार्टी के तीन संगठनों भारतीय युवा कांग्रेस, NSUI और सेवा दल के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की और कथित वोट चोरी के खिलाफ हुए हालिया प्रदर्शनों में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए उनकी सराहना की। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने इन संगठनों के नेताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे ‘बब्बर शेर’ हैं जो डटकर खड़े हुए हैं।

  • Maharashtra: नासिक में सुबह-सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटके… तीव्रता 3.4 रही

    Maharashtra: नासिक में सुबह-सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटके… तीव्रता 3.4 रही


    नासिक।
    महाराष्ट्र (Maharashtra) के नासिक (Nashik) में शुक्रवार सुबह-सुबह भूकंप के झटके (Earthquake tremors) महसूस किए गए। जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 5 बजकर 32 मिनट पर आए इस भूकंप की तीव्रता 3.4 बताई जा रही है.

    इससे पहले महाराष्ट्र के पालघर में भी सोमवार रात करीब एक घंटे के अंदर भूकंप के दो झटके महसूस किए गए. दोनों झटकों की तीव्रता 3.4 रही थी। महाराष्ट्र के पालघर में पहला झटका रात 10:04 बजे महसूस किया गया. करीब 56 मिनट बाद 11 बजे फिर भूकंप आया. दोनों की तीव्रता 3.4 मापी गई।

    बता दें, भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है. 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप को खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले भूकंप माइक्रो भूकंप कहते हैं, जिन्हें अधिकांश लोग महसूस भी नहीं कर पाते. दूसरी ओर, 4.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप इमारतों और घरों को नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है।

    इस बीच, लद्दाख के लेह में भी गुरुवार को सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, सुबह 6:05 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.5 दर्ज की गई।


    कैसे आता है भूकंप?

    धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूम रही हैं. ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहते हैं. बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं. जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं. इन प्लेट्स के टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है. इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

  • J&K के डोडा क्षेत्र में सुबह-सुबह कांपी धरती, आया 4.6 तीव्रता का भूकंप

    J&K के डोडा क्षेत्र में सुबह-सुबह कांपी धरती, आया 4.6 तीव्रता का भूकंप


    जम्मू।
    जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के डोडा (Doda) क्षेत्र में रविवार की सुबह भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Centre for Seismolog) के अनुसार, यह भूकंप सुबह 4 बजकर 32 मिनट पर आया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।


    महाराष्ट्र के हिंगोली में भूकंप के झटके

    इससे पहले शनिवार सुबह महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटके नांदेड और परभणी जिलों के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल सूचना नहीं है। हालांकि, पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक भवनों में दरारें आने की खबर है। हिंगोली के कलेक्टर राहुल गुप्ता ने बताया कि भूकंप सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर हिंगोली जिले के वसमत तालुका के शिरली गांव के पास था।


    क्यों आता है भूकंप?

    पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।


    जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?

    भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।


    कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?

    भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

  • पाकिस्तान में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके से कांपी धरती, 4.6 मापी गई तीव्रता

    पाकिस्तान में सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके से कांपी धरती, 4.6 मापी गई तीव्रता


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) में भूकंप (Earthquake) के तेज झटके लगे हैं. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी National Center for Seismology.- (NCS) के अनुसार, आज सुबह पाकिस्तान में 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इसका केंद्र बलूचिस्तान के बारखान से लगभग 55 किलोमीटर उत्तर में स्थित था.


    सुबह-सुबह कांपी धरती

    एनसीएस के अनुसार, भूकंप 26 मार्च 2026 को सुबह 5:56 बजे (भारतीय समय) आया. भूकंप का केंद्र 30.394° उत्तरी अक्षांश और 69.534° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया गया, जबकि इसकी गहराई 10 किलोमीटर थी. भूकंप के झटके आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए, जिससे कुछ समय के लिए लोगों में दहशत फैल गई।


    जान-माल का नुकसान नहीं

    फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है. प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है. विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तान एक भूकंप संभावित क्षेत्र में स्थित है, क्योंकि यह भारतीय, यूरेशियाई और अरब टेक्टोनिक प्लेटों की सीमा के पास आता है, जिस कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जाती रहती हैं.


    क्यों आता है भूकंप?

    भूकंप पृथ्वी की सतह के अचानक कंपन को कहते हैं, जो जमीन के अंदर टेक्टोनिक प्लेटों के टकराने, घर्षण या ऊर्जा मुक्त होने के कारण आता है. यह ऊर्जा शॉक वेव्स के रूप में फैलती है, जिससे जमीन हिलती है और इमारतें गिर सकती हैं. भूकंप को रिक्टर पैमाने पर मापा जाता है और इसके कारण भूस्खलन, सुनामी या आग जैसी आपदाएं आ सकती हैं.

    केंद्र (Epicenter): जमीन के अंदर वह स्थान जहां से भूकंप शुरू होता है, उसे ‘फोकस’ कहते हैं, और ठीक ऊपर सतह पर स्थित स्थान को ‘एपिसेंटर’ कहते हैं.


    भूकंप के दौरान क्या करें?

    मेज के नीचे छिपें और उसे पकड़ें. अगर संभव हो तो इमारतों से दूर, खुले मैदान में चले जाएं. लिफ्ट का प्रयोग न करें. भूकंप के दौरान हमेशा सीढ़ियों का इस्तेमाल करें.