Tag: ED raid

  • बंगाल में बड़ा सर्च ऑपरेशन: ईडी ने रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कसा शिकंजा, कई शहरों में एक साथ कार्रवाई

    बंगाल में बड़ा सर्च ऑपरेशन: ईडी ने रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क पर कसा शिकंजा, कई शहरों में एक साथ कार्रवाई


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। कोलकाता से लेकर मुर्शिदाबाद तक कई ठिकानों पर एक साथ की गई छापेमारी ने कथित रंगदारी और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़े नेटवर्क पर जांच एजेंसियों का शिकंजा और कस दिया है। यह कार्रवाई सुबह करीब छह बजे शुरू हुई, जब अलग-अलग टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी और जांच अभियान को तेज कर दिया।

    सूत्रों के अनुसार, यह पूरा मामला कथित जबरन वसूली और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच लंबे समय से चल रही थी। जांच एजेंसी को शुरुआती इनपुट्स में ऐसे संकेत मिले थे कि इस नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर अवैध धन को इधर-उधर किया गया और उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई। इसी आधार पर कई स्थानों को चिन्हित कर एक साथ कार्रवाई की गई।

    कोलकाता के रॉय स्ट्रीट इलाके में स्थित एक होटल और एक कारोबारी के घर पर जांच टीमों ने छापेमारी की। इसके अलावा शहर के कुछ अन्य हिस्सों में भी तलाशी अभियान चलाया गया, जहां दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। इसी दौरान कोलकाता पुलिस से जुड़े एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी और एक सब-इंस्पेक्टर के आवास पर भी जांच एजेंसी की टीमों के पहुंचने की जानकारी सामने आई, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

    वहीं मुर्शिदाबाद जिले के कांडी इलाके में भी एक महत्वपूर्ण ठिकाने पर छापेमारी की गई, जो कथित तौर पर इस नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति का निवास बताया जा रहा है। जांच एजेंसी इस पूरे मामले में आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि धन का प्रवाह किन माध्यमों से और किन लोगों तक पहुंचा।

    जांच से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पूछताछ और प्रारंभिक विश्लेषण के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि इस नेटवर्क में कई संस्थाओं और व्यक्तियों का उपयोग किया गया, जिसके जरिए काले धन को वैध आर्थिक ढांचे में बदलने की कोशिश की गई। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि इस पूरे रैकेट से किन प्रभावशाली लोगों को लाभ मिला और उनका इसमें क्या रोल रहा।

    फिलहाल जांच एजेंसी की टीमें दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड को खंगालने में जुटी हैं। अभी तक इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन यह साफ है कि जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे संभव हैं।

  • दिल्ली–गोवा में ED का बड़ा एक्शन, AAP नेता दीपक सिंगला और फाइनेंस ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी

    दिल्ली–गोवा में ED का बड़ा एक्शन, AAP नेता दीपक सिंगला और फाइनेंस ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी


    नई दिल्ली ।  दिल्ली और गोवा में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला और बाबाजी फाइनेंस ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों की जांच के तहत की गई है। ईडी की टीम ने दोनों राज्यों में एक साथ कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया, जिससे राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल मच गई है।

    जानकारी के अनुसार, ईडी की जांच का मुख्य फोकस संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग गड़बड़ियों पर है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वित्तीय लेनदेन के दौरान नियमों का किस तरह उल्लंघन किया गया और कथित तौर पर जुटाई गई रकम का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

    दूसरी ओर, बाबाजी फाइनेंस ग्रुप से जुड़े मामलों में भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस ग्रुप पर लोगों से भारी मात्रा में धन एकत्र करने और बाद में उसे विभिन्न जगहों पर ट्रांसफर करने का संदेह है। अनुमान है कि यह राशि करीब 180 करोड़ रुपये तक हो सकती है। ईडी अब इस पूरे नेटवर्क और पैसों के प्रवाह की गहन जांच कर रही है।

    इस कार्रवाई ने राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा तेज कर दी है, क्योंकि इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में कुछ अन्य नेताओं और पूर्व सांसदों पर ईडी की जांच हो चुकी है। इसी क्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल से जुड़े मामलों में भी पहले छापेमारी की गई थी, जिसमें फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के कथित उल्लंघन और फंड मैनेजमेंट में गड़बड़ी की जांच शामिल थी।

    ईडी की इस ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक और आर्थिक जांच एजेंसियों की भूमिका को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

  • राज्यसभा डिप्टी लीडर बने Ashok Mittal पर ED की कार्रवाई

    राज्यसभा डिप्टी लीडर बने Ashok Mittal पर ED की कार्रवाई


    नई दिल्ली।  आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद Ashok Mittal के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई पंजाब के जालंधर स्थित उनके आवास पर की जा रही है, जहां जांच एजेंसी की टीम सुबह से ही मौजूद है।

    दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाले जा रहे
    सूत्रों के मुताबिक, ED की टीम मित्तल के घर पर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच कर रही है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि यह कार्रवाई किस मामले में की जा रही है। Ashok Mittal हाल ही में चर्चा में आए थे, जब AAP ने Raghav Chadha की जगह उन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया था। ऐसे में उनकी नियुक्ति के तुरंत बाद हुई यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।

    व्यवसाय से शिक्षा तक का सफर
    अशोक मित्तल का जन्म जालंधर में हुआ था। उनके परिवार ने ‘लवली स्वीट्स’ नाम से मिठाई का कारोबार शुरू किया था, जिसे उन्होंने आगे बढ़ाया। बाद में उन्होंने 2005 में Lovely Professional University की स्थापना की, जो आज देश की बड़ी निजी यूनिवर्सिटीज में शामिल है। इस छापेमारी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि AAP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन पार्टी पहले भी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाती रही है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और आने वाले समय में इस मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है।

  • आंध्र प्रदेश के शराब घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 441 करोड़ से अधिक की संपत्तियां अटैच की

    आंध्र प्रदेश के शराब घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 441 करोड़ से अधिक की संपत्तियां अटैच की


    हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 441 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। जांच में आरोप है कि पिछली सरकार के दौरान शराब खरीद और सप्लाई सिस्टम में हेरफेर कर हजारों करोड़ रुपए की रिश्वत ली गई थी।ईडी के अनुसार अटैच की गई संपत्तियों में बैंक बैलेंस फिक्स्ड डिपॉजिट जमीन और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं।
    ये संपत्तियां मुख्य आरोपी केसिरेड्डी राजशेखर रेड्डी उनके परिवार और संबंधित कंपनियों से जुड़ी हैं। इसके अलावा अन्य आरोपियों की संपत्तियां जैसे बूनेटी चाणक्य डोनथिरेड्डी वासुदेव रेड्डी और उनके रिश्तेदारों की संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।घोटाला उस समय का है जब राज्य में वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में थी। जांच में आरोप है कि शराब दुकानों पर नियंत्रण कर लाखों करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई थी।

    जांच एजेंसी का आरोप

    ईडी का कहना है कि साल 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद सरकार ने आंध्र प्रदेश स्टेट बेवरेजेज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड के जरिए रिटेल शराब दुकानों पर नियंत्रण स्थापित किया। इसके बाद एक आपराधिक साजिश के तहत ऑटोमेटेड सिस्टम को जानबूझकर बंद कर मैन्युअल सिस्टम लागू किया गया। इस बदलाव से अधिकारियों को सप्लाई ऑर्डर जारी करने की पूरी छूट मिल गई और शराब के कुछ ब्रांड्स को प्राथमिकता दी गई जबकि अन्य को जानबूझकर हटा दिया गया।

    जांच में आरोप है कि इस घोटाले के जरिए के. राजशेखर रेड्डी बूनेटी चाणक्य मुप्पीडी अविनाश रेड्डी तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी पेला दिलीप और सैफ अहमद ने मिलकर करीब 3500 करोड़ रुपए की रिश्वत ली।

    मनी लॉन्ड्रिंग और डिस्टिलरी का दुरुपयोग

    ईडी ने बताया कि आरोपियों ने कई डिस्टिलरी पर नियंत्रण स्थापित कर उन्हें स्पेशल पर्पस व्हीकल के रूप में इस्तेमाल किया। इस दौरान राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए अवैध धन को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया गया।

    डिस्टिलरी को असामान्य रूप से अधिक बिजनेस वॉल्यूम दिया गया और कुछ ब्रांड को विशेष रूप से बाजार में जगह दी गई। इसके अलावा शराब के ट्रांसपोर्टेशन कॉन्ट्रैक्ट में भी हेरफेर कर हर महीने लगभग 100 करोड़ रुपए का अवैध राजस्व कमाया गया। जांच में अब तक करीब 1048.45 करोड़ रुपए के मनी ट्रेल का पता लगाया गया है। ईडी ने कहा कि कई डिस्टिलरी को यह रकम नकद या सोना के रूप में देने के लिए मजबूर किया गया।

  • ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    ED बनाम ममता बनर्जी: I-PAC रेड को लेकर गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    नई दिल्ली। ईडी का दावा है कि कोलकाता में I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास और ऑफिस पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौके पर पहुंचीं और ईडी अधिकारियों से अहम फाइलें, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन छीन लिए गए। एजेंसी का कहना है कि इस कदम से जांच प्रक्रिया गंभीर रूप से बाधित हुई।

    पहले हाई कोर्ट, अब सुप्रीम कोर्ट

    इससे पहले ईडी ने शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को कोलकाता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर बुधवार (14 जनवरी 2026) को सुनवाई प्रस्तावित है। हाई कोर्ट में ईडी ने कहा कि जांच में जानबूझकर रुकावट डाली गई, जिससे एजेंसी का काम प्रभावित हुआ।
    याचिका में ईडी ने मामले की सीबीआई जांच कराने और केस दर्ज करने की अनुमति भी मांगी है।

    ED से टकराव के बीच ममता सरकार का जवाब

    ईडी की कार्रवाई के जवाब में ममता बनर्जी सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट एप्लीकेशन दाखिल कर दी है। राज्य सरकार ने अदालत से आग्रह किया है कि इस मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसका पक्ष जरूर सुना जाए, ताकि कोई एकतरफा फैसला न हो।

    क्या है पूरा विवाद?

    पूरा मामला गुरुवार (8 जनवरी 2026) को शुरू हुआ, जब ईडी ने कोयला घोटाला मामले में राजनीतिक कंसलटेंसी फर्म I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की।
    ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान कुछ अहम फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज निकालकर मुख्यमंत्री की गाड़ी में रखवाए गए, जिसके बाद यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गरमा गया।