Tag: Education News MP

  • शिक्षक भर्ती पदवृद्धि की मांग को लेकर डीपीआई पहुंचे अभ्यर्थी, घंटों हंगामा

    शिक्षक भर्ती पदवृद्धि की मांग को लेकर डीपीआई पहुंचे अभ्यर्थी, घंटों हंगामा


    नई दिल्ली। राजधानी भोपाल में शनिवार को शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 पास अभ्यर्थियों का प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) पहुंचे और पदवृद्धि, दूसरी काउंसलिंग तथा जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में अभ्यर्थी तेज धूप और भीषण गर्मी के बावजूद सड़क पर डटे रहे। प्रदर्शन के दौरान डीपीआई परिसर के बाहर लंबे समय तक हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।

    गर्मी में महिला अभ्यर्थी की बिगड़ी तबीयत
    धरने के दौरान तेज गर्मी के कारण एक महिला अभ्यर्थी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। साथी अभ्यर्थियों ने मौके पर ही उसे पानी, एनर्जी ड्रिंक और दवाइयां देकर संभाला। सूचना मिलने पर एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची, लेकिन महिला अभ्यर्थी ने अस्पताल जाने से इनकार करते हुए आंदोलन जारी रखा। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी और बढ़ गई। अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकार उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है।

    पुलिस की चेतावनी, फिर भी नहीं हटे प्रदर्शनकारी
    प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने अभ्यर्थियों को परिसर खाली करने की चेतावनी दी। इसे लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण भी हो गया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अधिकारी उनसे मिलने तक को तैयार नहीं हैं।

    “8-9 बार आंदोलन कर चुके, फिर भी सुनवाई नहीं”
    प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नवंबर 2025 से अब तक वे कई बार आंदोलन कर चुके हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम खून से आवेदन लिखा, भूख हड़ताल की, मुंडन कराया और विरोध में मार्कशीट तक जलाई, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, इसके बावजूद भर्ती में बहुत कम पद घोषित किए गए हैं।

    1.15 लाख से ज्यादा पद खाली होने का दावा
    प्रदर्शन कर रहे युवाओं के अनुसार स्कूल शिक्षा विभाग में करीब 2.89 लाख स्वीकृत पदों में से 1.15 लाख से अधिक पद खाली हैं। उनका दावा है कि प्रदेश के हजारों स्कूल एक या दो शिक्षकों के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

    अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें
    वर्ग-2 भर्ती में पद संख्या बढ़ाकर 10 हजार की जाए
    वर्ग-3 भर्ती में कम से कम 25 हजार पद किए जाएं
    दूसरी काउंसलिंग जल्द शुरू की जाए
    विशेष शिक्षकों के 3200 पदों के लिए अलग भर्ती प्रक्रिया चलाई जाए
    “मांगें नहीं मानी तो आंदोलन और तेज होगा”

    अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। उनका कहना है कि यह केवल नौकरी का मुद्दा नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य का सवाल है।

  • मुरैना में 80 सीटों वाला सैनिक स्कूल शुरू, रक्षा मंत्रालय के सहयोग से होगी पढ़ाई

    मुरैना में 80 सीटों वाला सैनिक स्कूल शुरू, रक्षा मंत्रालय के सहयोग से होगी पढ़ाई


    मुरैना  मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में अब सैनिक स्कूल की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होगी। रक्षा मंत्रालय भारत सरकार और टीएसएस स्कूल प्रबंधन के बीच PPP (Public-Private Partnership) मोड पर हुए करार के बाद 80 सीटों वाला नया सैनिक स्कूल शुरू कर दिया गया है।

    रक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू हुआ संचालन

    इस योजना के तहत सैनिक स्कूल का संचालन रक्षा मंत्रालय और टीएसएस स्कूल प्रबंधन मिलकर करेंगे। 2026 सत्र से इसकी औपचारिक शुरुआत की जा रही है। रक्षा मंत्रालय की टीम पहले ही स्कूल परिसर में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुकी है।

    80 सीटों पर प्रवेश, सभी सीटें भरी

    स्कूल प्रबंधन के अनुसार इस सत्र में 80 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिन पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। देशभर से छात्र इस स्कूल में दाखिला लेने के लिए पहुंचे हैं। स्कूल परिसर में नई बिल्डिंग और हॉस्टल की व्यवस्था भी पूरी कर ली गई है।

    सैन्य अनुशासन के साथ चलेगा स्कूल

    सैनिक स्कूल का संचालन पूरी तरह सैन्य अनुशासन और प्रशिक्षण आधारित होगा। केंद्र से आई टीम ने स्कूल का कार्यभार संभाल लिया है। नायक अकबर खान को इस सैनिक स्कूल का इंचार्ज नियुक्त किया गया है। उनके अनुसार जरूरत के अनुसार शिक्षकों और प्रशिक्षण स्टाफ की तैनाती की जाएगी।

    चयन और प्रवेश प्रक्रिया

    स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, छात्रों का चयन पहले ही कर लिया गया है और ऑनलाइन परिणाम के आधार पर विद्यार्थियों ने अपनी पसंद से इस स्कूल को चुना है।

    क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि

    इस सैनिक स्कूल की शुरुआत को मुरैना और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे अब स्थानीय छात्रों को रक्षा सेवाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

  • एमपी सरकार का बड़ा फैसला चिकित्सा छात्रों को समय पर मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ

    एमपी सरकार का बड़ा फैसला चिकित्सा छात्रों को समय पर मिलेगा छात्रवृत्ति लाभ


    भोपाल । मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य योजनाओं के लाभ समय पर उपलब्ध कराने को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र छात्रों को उनकी योजनागत राशि समय पर और बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराई जाए।

    बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की देरी या प्रशासनिक अड़चन का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए तथा यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसका तुरंत समाधान किया जाए।

    समीक्षा के दौरान अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही संबल योजना और मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के अंतर्गत दिए जा रहे लाभों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

    बैठक में वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चिकित्सा शिक्षा के छात्र अपनी पढ़ाई बिना आर्थिक बाधा के जारी रख सकें और उन्हें समय पर सरकारी सहायता मिलती रहे।

  • MP बोर्ड रिजल्ट 2026 झाबुआ बना नंबर वन 12वीं में पहला स्थान 10वीं में भी जलवा

    MP बोर्ड रिजल्ट 2026 झाबुआ बना नंबर वन 12वीं में पहला स्थान 10वीं में भी जलवा

    झाबुआ । मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले ने इस वर्ष कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में शानदार प्रदर्शन करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। परिणामों में जिले ने अपनी मजबूत शैक्षणिक स्थिति का परिचय देते हुए प्रदेशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया है।

    12वीं परीक्षा परिणाम में झाबुआ जिले ने 93.23 प्रतिशत के उत्कृष्ट परिणाम के साथ पूरे मध्यप्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को भी दर्शाती है। वहीं 10वीं परीक्षा परिणाम में भी जिले ने 87.83 प्रतिशत के साथ प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

    इस सफलता के बीच झाबुआ की छात्रा कु. सीमा भायडिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रानापुर की छात्रा सीमा ने प्रावीण्य सूची में प्रदेश स्तर पर पांचवां स्थान प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है।

    इसी क्रम में पड़ोसी जिले अलीराजपुर ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। अलीराजपुर ने 10वीं परीक्षा में 92.14 प्रतिशत परिणाम हासिल कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है जो इस क्षेत्र की शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है।

    शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार आदिवासी बहुल जिलों का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि सरकारी प्रयासों और शिक्षकों की मेहनत से शिक्षा के स्तर में लगातार सुधार हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की बढ़ती भागीदारी और बेहतर परिणाम भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत हैं।इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है और छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों व अभिभावकों को भी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस हो रहा है।

  • प्रतिभा सिंह सोलंकी ने बढ़ाया पन्ना का मान 10वीं में प्रदेश में प्रथम स्थान

    प्रतिभा सिंह सोलंकी ने बढ़ाया पन्ना का मान 10वीं में प्रदेश में प्रथम स्थान

    पन्ना । मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं परीक्षा परिणाम 2026 में पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रच दिया है। सरस्वती ज्ञान मंदिर गुनौर की छात्रा प्रतिभा ने 500 में से 499 अंक हासिल कर पूरे राज्य में टॉप किया है।

    प्रतिभा की इस अभूतपूर्व सफलता ने न केवल उनके परिवार को गर्वित किया है बल्कि पूरे पन्ना जिले में खुशी और उत्साह का माहौल बना दिया है। जैसे ही उनके टॉप करने की खबर सामने आई, स्कूल में शिक्षक और सहपाठियों ने जश्न मनाया और बधाइयों का सिलसिला शुरू हो गया।

    अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रतिभा ने बताया कि उनकी इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता और शिक्षकों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर मेहनत ही उनकी सफलता की कुंजी रही है।

    शिक्षा जगत के जानकारों का कहना है कि प्रतिभा का यह प्रदर्शन अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। 499 अंक जैसे लगभग पूर्णांक हासिल करना यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस उपलब्धि के बाद जिले में खुशी की लहर है और स्थानीय लोग प्रतिभा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दे रहे हैं।

  • भिंड जिले की बड़ी उपलब्धि 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश मेरिट सूची में दर्ज कराया नाम

    भिंड जिले की बड़ी उपलब्धि 8 विद्यार्थियों ने प्रदेश मेरिट सूची में दर्ज कराया नाम


    भिंड । मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में इस बार भिंड जिले के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। परिणामों में जिले के कुल आठ विद्यार्थियों ने प्रदेश की प्रावीण्य सूची में जगह बनाकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

    इस साल भिंड जिले का कुल परीक्षा परिणाम 67.37 प्रतिशत रहा जो औसत से बेहतर माना जा रहा है। हालांकि सबसे खास बात यह रही कि कई विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत स्तर पर उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में स्थान हासिल किया।

    जिले की अंशू गुप्ता जो आरपीएस सेंट्रल हाई स्कूल भिंड की छात्रा हैं उन्होंने 494 अंक प्राप्त कर प्रदेश में छठवां स्थान हासिल किया है। उनका यह प्रदर्शन जिले के लिए गर्व का विषय बन गया है और स्कूल में भी खुशी का माहौल है।

    इसी क्रम में शासकीय हाई स्कूल जाखौली के वेदप्रकाश कौरव ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेरिट सूची में अपनी जगह बनाई है। उनके साथ अन्य विद्यार्थियों ने भी उत्कृष्ट अंक प्राप्त कर जिले की शैक्षणिक स्थिति को मजबूत किया है।

    शिक्षा विभाग के अनुसार इस बार विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है। लगातार बेहतर हो रहे परिणाम यह संकेत देते हैं कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। भिंड जिले के इन विद्यार्थियों की सफलता से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और आने वाले वर्षों में जिले का प्रदर्शन और बेहतर होने की उम्मीद है।

  • 5वीं और 8वीं का वार्षिक रिजल्ट घोषित, पास प्रतिशत में दिखा शानदार प्रदर्शन

    5वीं और 8वीं का वार्षिक रिजल्ट घोषित, पास प्रतिशत में दिखा शानदार प्रदर्शन


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र ने इस साल कक्षा 5वीं और 8वीं का वार्षिक परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह वल्लभ भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बटन दबाकर परिणाम घोषित किए। इस साल कक्षा 5वीं का कुल पास प्रतिशत 95.14 प्रतिशत रहा जबकि कक्षा 8वीं में 93.83 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए। आंकड़ों पर नजर डालें तो दोनों ही कक्षाओं में छात्राओं का प्रदर्शन छात्राओं के मुकाबले बेहतर रहा है। कक्षा 5वीं में छात्राओं का पास प्रतिशत 96.19 प्रतिशत जबकि छात्रों का 94.15 प्रतिशत रहा। वहीं कक्षा 8वीं में छात्राओं ने 94.98 प्रतिशत सफलता दर के साथ बाजी मारी जबकि छात्रों का पास प्रतिशत 92.74 प्रतिशत ही रहा।

    इस बार रिजल्ट देखने की प्रक्रिया को बेहद आसान और आधुनिक बनाया गया है। छात्र और उनके अभिभावक सीधे राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। इसके अलावा, विभाग द्वारा जारी किए गए QR कोड को स्कैन करके भी विद्यार्थी अपना रिजल्ट तत्काल देख सकते हैं। स्कूल के प्राचार्य भी पोर्टल के माध्यम से अपने पूरे स्कूल के विद्यार्थीवार प्रदर्शन की जानकारी ले सकते हैं। इस आधुनिक प्रणाली ने न केवल परिणाम देखने में सुविधा बढ़ाई है बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित की है।

    इस साल की परीक्षा बोर्ड पैटर्न के तहत आयोजित की गई थी। प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों के साथ ही मदरसों के लगभग 23.68 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। फरवरी में आयोजित इन परीक्षाओं का मूल्यांकन व्यापक स्तर पर किया गया। कुल 322 मूल्यांकन केंद्रों पर 1.10 लाख से अधिक शिक्षकों ने कॉपियों की जांच की और अंकों की ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की। इस बड़े पैमाने पर मूल्यांकन ने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक छात्र का परिणाम समय पर और सही तरीके से घोषित हो।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल का पेपर पिछले वर्षों की तुलना में कठिन था। बावजूद इसके छात्रों ने सराहनीय प्रदर्शन किया। कक्षा 5वीं और 8वीं के रिजल्ट में दिखा यह उत्कृष्ट परिणाम न केवल विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों की सहभागिता और तैयारी की भी सफलता को दर्शाता है। बोर्ड पैटर्न के कारण अभिभावकों और शिक्षकों में रिजल्ट को लेकर सुबह से ही उत्सुकता देखी गई।

    इस वर्ष छात्राओं का प्रदर्शन विशेष रूप से ध्यान खींचने वाला रहा। कई जिलों में छात्राओं ने छात्रों के मुकाबले बेहतर अंक प्राप्त किए और उच्च सफलता दर दर्ज की। यह संकेत है कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में लिंग अंतर को कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।

    इस प्रकार, मध्यप्रदेश के वार्षिक परीक्षा परिणाम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कठिन परीक्षा और उच्च संख्या में प्रतिभागियों के बावजूद छात्र और छात्राएं शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। राज्य शिक्षा केंद्र की आधुनिक प्रणाली, शिक्षकों की मेहनत और विद्यार्थियों की लगन ने इस सफलता में अहम भूमिका निभाई है।