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  • NEET पेपर लीक से हिला सिस्टम: ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या पर बवाल, राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला, परीक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल

    NEET पेपर लीक से हिला सिस्टम: ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या पर बवाल, राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला, परीक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल


    नई दिल्ली। NEET परीक्षा विवाद और पेपर लीक मामले ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है। इसी बीच लखीमपुर खीरी के 21 वर्षीय NEET उम्मीदवार ऋतिक मिश्रा की आत्महत्या ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। परिवार का कहना है कि ऋतिक ने 3 मई को कानपुर में NEET-UG परीक्षा दी थी और परीक्षा रद्द होने के बाद वह मानसिक तनाव में आ गया था। गुरुवार को उसने अपने घर पर आत्महत्या कर ली, जिसके बाद इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।

    इस घटना पर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि “सिस्टम द्वारा हत्या” है। उन्होंने X पर लिखा कि पिछले कई वर्षों में दर्जनों परीक्षा घोटालों ने करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है, लेकिन जिम्मेदारी तय नहीं की गई। राहुल गांधी ने ऋतिक के आखिरी शब्द “अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा” का हवाला देते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की और कहा कि इस लड़ाई को वह छात्रों के साथ मिलकर लड़ेंगे।

    सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि 2015 से 2026 के बीच कई परीक्षा घोटाले सामने आए हैं, जिनमें NEET और अन्य मेडिकल परीक्षाएं भी शामिल हैं। उनका कहना है कि अधिकांश मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय होने के बावजूद दोषियों को सजा नहीं मिल पाई है, जबकि छात्रों का भविष्य प्रभावित होता रहा है।

    वहीं दूसरी ओर, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई को आयोजित परीक्षा रद्द कर दी गई है और अब इसे 21 जून को दोबारा कराया जाएगा। सरकार ने जांच CBI को सौंपी है, जिसने देश के कई राज्यों में छापेमारी करते हुए अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि भविष्य में NEET परीक्षा को और पारदर्शी बनाने के लिए इसे कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में लाने पर विचार किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं ताकि ऐसे विवाद दोबारा न हों।

    फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और छात्रों में असमंजस का माहौल बना हुआ है। परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर देशभर में गंभीर बहस छिड़ गई है।

  • उज्जैन में नीट विवाद पर सियासी गरमाहट, युवक कांग्रेस का प्रदर्शन-टावर चौक पर फूंका पुतला

    उज्जैन में नीट विवाद पर सियासी गरमाहट, युवक कांग्रेस का प्रदर्शन-टावर चौक पर फूंका पुतला


    नई दिल्ली। उज्जैन में NEET-UG 2026 परीक्षा को रद्द किए जाने के फैसले के बाद छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार देर शाम युवक कांग्रेस ने शहर के व्यस्त टावर चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के साथ-साथ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया।
    प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और इसे देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बार-बार होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसे मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।
    युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अर्पित यादव ने कहा कि यह सिर्फ एक परीक्षा रद्द होने का मामला नहीं है, बल्कि यह देश के 22 लाख से अधिक छात्रों के सपनों और मेहनत पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन छात्रों ने वर्षों तक कठिन परिश्रम किया, उन्हें अब अव्यवस्था और भ्रष्ट प्रणाली की कीमत चुकानी पड़ रही है।
    उन्होंने यह भी कहा कि कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए भारी कर्ज लिया, जबकि कुछ ने अपने गहने तक बेच दिए, लेकिन परिणामस्वरूप उन्हें अनिश्चितता और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है। यादव ने इसे शिक्षा व्यवस्था में संगठित भ्रष्टाचार का परिणाम बताया और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
    प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पूरी तरह से सवालों के घेरे में आ चुकी है। उनका आरोप था कि बार-बार पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही के कारण छात्रों का भरोसा टूट रहा है।
    प्रदर्शन के दौरान युवक कांग्रेस ने NTA अधिकारियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो देश की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट में आ सकती है।
    टावर चौक पर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसमें चंद्रभान सिंह चंदेल, अजीत सिंह ठाकुर, रहीम लाल, ललित मीना, पोप सिंह, यश जैन, हिमांशु शुक्ला और योगेश दायमा सहित कई कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
    पुलिस प्रशासन ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखा, जबकि प्रदर्शन कुछ समय बाद शांतिपूर्वक समाप्त हुआ। हालांकि, छात्रों और संगठनों का आक्रोश अब भी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है।