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  • प्रधानमंत्री मोदी और लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस की मुलाकात, भारत-यूरोप व्यापारिक सहयोग पर बढ़ा जोर

    प्रधानमंत्री मोदी और लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस की मुलाकात, भारत-यूरोप व्यापारिक सहयोग पर बढ़ा जोर


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के हेरिडिटरी प्रिंस एलोइस और उनकी पत्नी हेरिडिटरी प्रिंसेस सोफी से मुलाकात की। इस दौरान भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई। प्रिंस एलोइस भारत की राजकीय यात्रा पर आए हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के प्रयासों के बीच यह बैठक हुई है। खास तौर पर भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते से मिलने वाले अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

    इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रिंस एलोइस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और लिकटेंस्टाइन के संबंधों के साथ-साथ ईएफटीए के साथ व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत उभरने वाले अवसरों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि इस समझौते से मिलने वाले अवसरों के कारण दोनों देशों की साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रिंस की बैठक से आपसी सहयोग को और गति मिलेगी।

    प्रिंस एलोइस का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। स्वागत समारोह के बाद प्रिंस ने भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा को सम्मान की बात बताया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए आभार जताया।

    प्रिंस एलोइस ने कहा कि भारत जैसे देश की पहली राजकीय यात्रा उनके लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह भारत के साथ अपने संबंधों को लिकटेंस्टाइन की ओर से दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा स्पष्ट हुई।

    प्रिंस की यात्रा के कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठकें भी शामिल हैं। मंगलवार को उनकी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों में आर्थिक संबंधों और सहयोग के संभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

    इसके बाद प्रिंस एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन भी किया गया है। यह कार्यक्रम भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच राजनयिक संपर्कों को आगे बढ़ाने के व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है।

    प्रिंस एलोइस सोमवार को गुजरात के वडोदरा से नई दिल्ली पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद उनकी राजकीय यात्रा से जुड़े औपचारिक कार्यक्रम शुरू हुए।

    भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच संपर्कों को मजबूत करने की यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब ईएफटीए समझौते के माध्यम से व्यापार और आर्थिक साझेदारी के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रिंस की बैठकों से दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

  • स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन भारत पहुंचे, राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में औपचारिक स्वागत

    स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन भारत पहुंचे, राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में औपचारिक स्वागत

    नई दिल्ली ।स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन सोमवार को तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। उनके आगमन के बाद राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। स्विस राष्ट्रपति को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। गाइ पार्मेलिन का यह दौरा भारत और स्विट्जरलैंड के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर जोर रहेगा। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच लंबे समय से राजनयिक और आर्थिक संबंध हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के साथ शिक्षा, विज्ञान और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाता रहा है। ऐसे में गाइ पार्मेलिन का तीन दिवसीय दौरा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर माना जा रहा है।

    गाइ पार्मेलिन 7 अक्टूबर को दूसरे भारत-ईएफटीए समृद्धि शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ यानी ईएफटीए के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते यानी टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में भारत और ईएफटीए के बीच आर्थिक साझेदारी तथा कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। समझौते के लागू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक संबंधों में ईएफटीए की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईएफटीए देशों में स्विट्जरलैंड भारत का सबसे बड़ा व्यापार और निवेश साझेदार है। दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संपर्क और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को भी महत्वपूर्ण माना गया है। आर्थिक मामलों के अलावा शिक्षा, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में भी दोनों देशों के बीच लगातार संपर्क रहा है।

    गाइ पार्मेलिन का भारत दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत और ईएफटीए के बीच आर्थिक साझेदारी से जुड़े सहयोग का नया चरण आगे बढ़ रहा है। टीईपीए के लागू होने की पहली वर्षगांठ के मौके पर होने वाला समृद्धि शिखर सम्मेलन दोनों पक्षों को समझौते की प्रगति और भविष्य के आर्थिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का अवसर देगा। राष्ट्रपति भवन में हुआ औपचारिक स्वागत और इसके बाद होने वाले उच्चस्तरीय कार्यक्रम भारत और स्विट्जरलैंड के बीच राजनीतिक संवाद तथा आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण गतिविधियों के रूप में देखे जा रहे हैं।