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  • दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं

    दुबलेपन से परेशान? ये सुपरफूड्स बिना सप्लीमेंट वजन बढ़ाने का हेल्दी तरीका हैं


    नई दिल्ली । आज के समय में मोटापा एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुका हैलेकिन वहीं कुछ लोग दुबलेपन से भी परेशान हैं। पतले शरीर वाले लोगों को अक्सर समाज में इतने कमजोर क्यों हो? जैसे अनचाहे सवाल और ताने सुनने पड़ते हैंजो आत्मविश्वास को प्रभावित करते हैं। ऐसे में वजन बढ़ाना उनके लिए सिर्फ शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक जरूरत भी बन जाता है। कई लोग महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैंलेकिन नेचुरल फूड्स की मदद से भी हेल्दी और स्थायी वेट गेन किया जा सकता है।

    अंडे: मसल्स ग्रोथ का आधार

    अंडे वजन बढ़ाने के लिए सबसे बेहतरीन फूड्स में से एक हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती हैजो मांसपेशियों के विकास और शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करता है। दिन में तीन अंडे तक आसानी से खाए जा सकते हैं। अंडे न सिर्फ मसल्स बढ़ाते हैंबल्कि एनर्जी भी प्रदान करते हैं।

    नट्स और बीज: कैलोरी और पोषण का पावरहाउस

    बादामअखरोटपिस्ता और कद्दू के बीज जैसी चीजें हेल्दी फैट्सप्रोटीन और कैलोरी का अच्छा स्रोत हैं। इन्हें स्नैक्स के रूप में या दहीस्मूदी में डालकर खाया जा सकता है। नट्स न सिर्फ वजन बढ़ाने में मदद करते हैं बल्कि दिल और मस्तिष्क के लिए भी फायदेमंद हैं।

    अवोकाडो: हेल्दी फैट से भरपूर

    अवोकाडो में मोनोसैचुरेटेड फैट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैंजो वजन बढ़ाने के लिए जरूरी हैं। इसे सैंडविचसलाद या स्मूदी में मिलाकर खाया जा सकता है। अवोकाडो पेट को लंबे समय तक संतुष्ट रखता है और शरीर में स्वस्थ फैट का स्तर बढ़ाता है।

    ओट्स और होल ग्रेन: कार्ब्स का हेल्दी सोर्स

    ओट्सब्राउन राइसक्विनोआ और होल ग्रेन ब्रेड जैसी चीजें वजन बढ़ाने के लिए जरूरी कार्ब्स देती हैं। ये धीरे-धीरे एनर्जी रिलीज करते हैं और शरीर को जरूरी कैलोरी प्रदान करते हैं। इनका सेवन नाश्ते में दूध या दही के साथ करना सबसे अच्छा है।

    मांस और चिकन: प्रोटीन और फैट का कॉम्बिनेशन
    यदि आप नॉन-वेज खाते हैंतो चिकनमछली और लाल मांस भी हेल्दी वेट गेन के लिए बेहतरीन हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैंजो मसल्स बिल्डिंग और शरीर के आकार को बढ़ाने में मदद करते हैं।

    दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स: कैल्शियम और प्रोटीन का लाभ

    दूधपनीर और दही वजन बढ़ाने के लिए आसान और हेल्दी विकल्प हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और मसल्स ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं।

    संक्षिप्त टिप्स

    दिन में 5-6 छोटे भोजन करें। सप्लीमेंट्स की बजाय प्राकृतिक फूड्स पर ध्यान दें। वर्कआउट के साथ प्रोटीन और फैट युक्त फूड्स का सेवन करें। नियमित रूप से वजन और मसल्स मास पर ध्यान दें।

  • सब्जियां, मांस-मछली, अंडा-दाल और मसाले फिर हुए महंगे … खुदरा महंगाई दर में इजाफा

    सब्जियां, मांस-मछली, अंडा-दाल और मसाले फिर हुए महंगे … खुदरा महंगाई दर में इजाफा


    नई दिल्ली।
    बीते महीने के दौरान खुदरा महंगाई दर (Retail inflation rate) में बढ़ोतरी दर्ज की गई है जो बढ़कर 1.33 फीसदी रही है। इससे पहले नवंबर में सीपीआई 0.71 फीसदी थी। वहीं, खाद्य वस्तुओं (Food Items) की महंगाई दर -2.71 फीसदी दर्ज की गई है, जो नवंबर में -3.91 प्रतित रही थी। आंकड़ों से पता चलता है कि सब्जियों, मांस-मछली, अंडा, दाल, मसाले और व्यक्तिगत देखभाल के सामान की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कुल स्तर पर महंगाई दर में इजाफा हुआ है।

    सोमवार को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि नवंबर के मुकाबले दिसंबर में महंगाई दर 0.62 अंकों को बढ़ोतरी हुई है लेकिन उसके बाद भी महंगाई दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के अनुमान से कम रही है। चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में आरबीआई ने महंगाई दर 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था।


    इन राज्यों में महंगाई सबसे ज्यादा

    राज्यों के लिहाज से देखा जाए तो केरल में सबसे अधिक महंगाई है। जहां पर बीते महीने औसत महंगाई दर 9.49 फीदी रही है। इसके बाद कर्नाटक का नंबर आता है। जहां पर महंगाई दर 2.99 फीसदी दर्ज की हई है। इसके बाद आंध्र प्रदेश (2.71%), तमिलनाडु (2.67%) और जम्मू-कश्मीर (2.26%) रही है।

    बीते महीने ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर बढ़कर 0.76 फीसदी रही, जो नवंबर में 0.10 फीसदी थी। वहीं, शहरी क्षेत्रों में महंगाई बढ़कर 2.03 फीसदी पहुंच गई, जो उससे पहले महीने 1.40 फीसदी थी। इस अवधि में कई क्षेत्रों से जुड़ी महंगाई दर में नरमी भी देखने को मिली है। जैसे मकान (हाउसिंग) की महंगाई 2.86 फीसदी रही है जो एक महीने पहले 2.96 प्रतिशत थी। शिक्षा महंगाई 3.38 से घटकर 3.32 फीसदी रही है। वहीं, स्वास्थ्य महंगाई 3.60 से घटकर 3.43 फीसदी रही है।

    ईंधन और बिजली की महंगाई दर 1.97 फीसदी रही है जो नवंबर में 2.32 प्रतिशत रही थी। जबकि परिवहन और संचार क्षेत्र की महंगाई 0.88 प्रतिशत से घटकर 0.76 फीसदी रही।


    महीने के आधार पर बढ़ी और सालाना आधार पर घटी कीमतें

    अगर महीने के आधार पर देखा जाए तो नवंबर के मुकाबले दिसंबर में सब्जियों, अनाज और मसालों की कीमतें बढ़ी है, लेकिन सालाना आधार पर दिसंबर 2024 के मुकाबले दिसंबर 2025 में कीमतों में गिरावट आई है। सब्जियों के दाम 18.47 प्रतिशत और दालें 15.09 प्रतिशत घट गई। मसालों के दामों में भी 2.15 प्रतिशत और अनाजों में 0.35 प्रतिशत की नरमी रही। हालांकि तेल के दाम 6.75 प्रतिशत, फलों के 6.66 फीसदी और मांस एवं मछलियों के दामों में 5.12 प्रतिशत की वृद्धि हुई।