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  • हाथ में नहीं ठेले पर तिरंगा और साथ में सफाई का जज्बा, 70 साल के भोला ने पेश की देशभक्ति की मिसाल

    हाथ में नहीं ठेले पर तिरंगा और साथ में सफाई का जज्बा, 70 साल के भोला ने पेश की देशभक्ति की मिसाल


    इंदौर। इंदौर में गुरुवार को निकली राष्ट्रपथ तिरंगा यात्रा में हजारों लोग देशभक्ति के रंग में नजर आए। हाथों में तिरंगा लेकर लोग देशभक्ति के गीतों पर आगे बढ़ रहे थे। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के तक्षशिला परिसर से शुरू हुई यह यात्रा भंवरकुआं से राजीव गांधी चौराहे की ओर बढ़ रही थी। सड़कों पर जगह जगह तिरंगे दिखाई दे रहे थे और पूरा माहौल देशभक्ति से सराबोर था। लेकिन इस विशाल यात्रा के पीछे चल रहे एक बुजुर्ग ने अपने अलग अंदाज से लोगों का ध्यान खींच लिया।

    यात्रा का आखिरी हिस्सा भंवरकुआं चौराहा पार कर चुका था। इसी दौरान 70 साल से अधिक उम्र के भोला बाबूलाल शिंदे अपना ठेला लेकर धीरे धीरे यात्रा के पीछे चलते दिखाई दिए। उनके ठेले पर तिरंगा लगा हुआ था। एक हाथ ठेले के हत्थे पर था और उनकी नजर लगातार सड़क पर पड़ी खाली प्लास्टिक की बोतलों पर थी। जहां भी उन्हें बोतल दिखाई देती वे ठेला रोकते और झुककर उसे उठाकर ठेले में रख लेते। इसके बाद वे फिर आगे बढ़ जाते।

    तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के लिए रास्ते में जगह जगह पानी और जीरू की छोटी बोतलों की व्यवस्था की गई थी। लोग पानी और जीरू पीकर आगे बढ़ते गए लेकिन कई खाली बोतलें सड़क पर ही छूट गईं। भोला इन बोतलों को एक एक करके उठाते रहे। यात्रा आगे बढ़ती रही और उनके पीछे पीछे ठेला भी चलता रहा। ठेले पर लगा तिरंगा और उसमें जमा होती प्लास्टिक की बोतलें एक साथ आगे बढ़ती रहीं।

    भोला किसी संस्था की ओर से सफाई करने नहीं निकले थे और न ही किसी ने उन्हें ऐसा करने की जिम्मेदारी दी थी। उन्होंने सड़क पर गंदगी देखी तो खुद ही बोतलें उठाना शुरू कर दिया। भंडारी ब्रिज इलाके में रहने वाले भोला बाबूलाल शिंदे भंगार बीनने और उसे बेचने का काम करते हैं। लोगों ने जब उन्हें इस तरह बोतलें बटोरते देखा तो उनसे बातचीत की। उन्होंने बताया कि वे यात्रा के पीछे पीछे राजीव गांधी चौराहे तक जाएंगे और रास्ते में सड़क पर पड़ी बोतलें उठाते रहेंगे।

    जब उनसे पूछा गया कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं तो उन्होंने बेहद सहज अंदाज में कहा कि अपने देश में सफाई अच्छी होना चाहिए इसलिए सफाई कर रहा हूं। उनकी यह बात वहां मौजूद लोगों को भी प्रभावित कर गई। हजारों लोग तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दे रहे थे और यात्रा के सबसे पीछे एक बुजुर्ग अपने काम से स्वच्छता का संदेश दे रहे थे।

    भोला के लिए सड़क से उठाई जा रही ये बोतलें केवल कचरा नहीं थीं। इनमें उनकी रोजी रोटी भी छिपी थी। जब उनसे पूछा गया कि इन बोतलों का क्या करेंगे तो उन्होंने बताया कि इन्हें दुकानदार को बेच देंगे और उससे मिलने वाले पैसे से रोटी का इंतजाम करेंगे। यानी जिस कचरे को लोग सड़क पर छोड़कर आगे बढ़ गए थे वही भोला के लिए मेहनत और कमाई का जरिया भी था।

    इस पूरे दृश्य में देशभक्ति का एक अलग रूप दिखाई दिया। तिरंगा यात्रा में शामिल हजारों लोग राष्ट्रप्रेम का उत्सव मना रहे थे जबकि भोला अपने छोटे से ठेले के साथ उसी भावना को सफाई और मेहनत से जोड़ रहे थे। उनके ठेले पर लगा तिरंगा और सड़क से उठाई जा रही प्लास्टिक की बोतलें यह संदेश देती नजर आईं कि देश के प्रति जिम्मेदारी केवल नारों और आयोजनों तक सीमित नहीं है। अपने आसपास की जगह को साफ रखना और ईमानदारी से मेहनत करना भी देश के प्रति सम्मान का एक तरीका हो सकता है।

  • MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत

    MP: ग्वालियर में लाइटर सुलगाने में बुजुर्ग के शर्ट में लगी आग…. झुलसकर मौत


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के माधौगंज में बीड़ी सुलगाने के दौरान लाइटर जलाना (Lighting lighter) एक बुजुर्ग (Elderly.) की जान ले गया। पान पत्ते गोठ में रहने वाले 70 साल के काशीराम कुशवाह की आग से झुलसने के कारण मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक काशीराम की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    दअरसल माधौगंज थाना क्षेत्र के पान पत्ते की गोठ में रहने वाले गोविंद कुशवाह ने पुलिस को बताया कि उनके पिता काशीराम कुशवाह की उम्र 70 साल थी। वह घर के पास मेवाती बाबा के मंदिर के चबूतरे पर बैठे थे। काशीराम की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। इसी दौरान उन्होंने बीड़ी सुलगाने के लिए लाइटर जलाया।

    लाइटर की लौ से अचानक उनकी शर्ट ने आग पकड़ ली। काशीराम खुद आग बुझाने की कोशिश करते रहे लेकिन बुझा नहीं सके। वह मदद के लिए चिल्लाए। चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। किसी तरह आग बुझाई गई। लेकिन तब तक काशीराम बुरी तरह झुलस चुके थे।

    परिजन उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन मंगलवार की रात को काशीराम ने दम तोड़ दिया। घटना का पता चलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंची। जहां पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम हाउस के लिए भेज दिया। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।फिलहाल पुलिस इस घटना को लेकर जांच कर कार्रवाई में जुट गई है।

  • MP: शाजापुर में बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर ऐंठे 33 लाख रुपये… महिला गिरफ्तार

    MP: शाजापुर में बुजुर्ग को हनीट्रैप में फंसाकर ऐंठे 33 लाख रुपये… महिला गिरफ्तार


    शाजापुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के शाजापुर जिले (Shajapur district) में ब्लैकमेलिंग (Blackmailing.) और अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग को ‘हनीट्रैप’ (‘Honeytrap) के जाल में फंसाकर वीडियो कॉल (Video call .) के जरिए ब्लैकमेलिंग कर उनसे अब तक 33 लाख रुपये ऐंठ लिए गए इसके बाद आरोपी अब 20 लाख रुपये की डिमांड कर रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बघेल ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और पुलिस टीम भेजकर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया अन्य आरोपी फिलहाल फरार है जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

    शाजापुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में बुजुर्ग को वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है,यंहा वीडियो कॉल रिकॉर्ड कर वीडियो को हथियार बनाकर आरोपी पार्वती और उसके साथियों राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी ने बुजुर्ग को डराना शुरू किया ओर उन्होंने धमकी दी कि यदि रुपये नहीं दिए तो वे वीडियो वायरल कर देंगे और उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसा देंगे ओर उनसे 33 लाख रुपये ले लिए,बुजुर्ग रमेशचंद्र ने बदनामी और जेल जाने के डर से शुरुआत में 5 हजार रुपये दिए। लेकिन आरोपियों का लालच बढ़ता गया और उन्होंने किस्तों में 5 लाख, 7 लाख आदि कुल 33 लाख रुपये की वसूली कर ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने बुजुर्ग से कई शपथ पत्रों पर भी जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपियों ने दबाव कम नहीं किया।


    जान से मारने की दी धमकी

    वे अब रमेशचंद्र से 12 अप्रैल 2026 तक 20 लाख रुपए की और मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने और समाज में जलील करने की धमकी दी जा रही थी। आखिरकार परेशान होकर पीड़ित ने कोतवाली थाने में न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है।

    फरियादी रमेशचंद्र ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम साल 2023 में शुरू हुआ था। उनकी मुलाकात शिव मंदिर भरड़ में पार्वती बैरागी नाम की महिला से हुई थी। पार्वती ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई और धीरे-धीरे मोबाइल पर बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी महिला ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और उसकी रिकॉर्डिंग कर ली।

    थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।

  • MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना

    MP: सतना में बुजुर्ग की दिलेरी… सीने में गोली लगने बाद भी हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीना


    सतना।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सतना जिले (Satna district) में गुरुवार की रात एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसकी कहानी किसी फिल्म की पटकथा (Film script) जैसी लगती है। यहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने गोली लगने के बावजूद वो दिलेरी दिखाई, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई है। बिजली विभाग के कर्मचारी (Electricity department employees) को एक दिव्यांग बदमाश ने सीने में गोली मार दी। खून से लथपथ होने के बाद भी बुजुर्ग ने हार नहीं मानी और हमलावर से भिड़ गए। छीना-झपटी में उन्होंने हमलावर का कृत्रिम पैर और कट्टा छीन लिया, जिसके बाद बदमाश लंगड़ाते हुए भाग निकला।


    ड्यूटी से घर लौटते वक्त किया हमला

    बिजली विभाग के घायल कर्मचारी की पहचान रामनरेश बर्मन (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अमदरा थाना क्षेत्र के नौगांव के निवासी हैं और सतना के प्रेम नगर स्थित विद्युत विभाग कार्यालय में चपरासी हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम जब वह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन पकड़ने के लिए पैदल स्टेशन की ओर जा रहे थे, और जैसे ही वह पटरी किनारे चलते हुए प्रेम नगर अंडरब्रिज के पास पहुंचे, तभी अंधेरे में छिपे एक दिव्यांग व्यक्ति ने उन्हें रोका और कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधे उनके बाएं सीने में लगी।


    मौत सामने थी, पर नहीं टूटा हौसला

    गोली लगते ही रामनरेश के शरीर से खून बहने लगा, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और गजब की जीवटता दिखाई। वे गिरने के बजाय हमलावर पर टूट पड़े। इसके बाद दोनों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्था हुई और इस दौरान दिव्यांग हमलावर जमीन पर गिर गया। रामनरेश ने मौका देखते ही उसका नकली पैर खींच लिया और हाथ से कट्टा भी छीन लिया। अपना पैर और हथियार छिनता देख हमलावर घबरा गया और एक पैर से लंगड़ाते हुए मौके से फरार हो गया।


    झोले में नकली पैर और कट्टा लेकर थाने पहुंचे

    इस खौफनाक घटना और सीने में गोली लगी होने के बावजूद रामनरेश बर्मन झोले में हमलावर का नकली पैर और कट्टा भरकर सीधे सिटी कोतवाली पहुंचे। उनके एक हाथ में हमलावर का कृत्रिम पैर था और दूसरे हाथ में कट्टा था। यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए है। पुलिस ने तत्काल उन्हें वाहन से जिला अस्पताल भेज दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान लिए।


    आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

    उधर सतना सीएसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रामनरेश बर्मन जो कि विद्युत विभाग में चपरासी के पद पदस्थ हैं। वह रोज की तरह ड्यूटी खत्म करके ट्रेन से घर जाने के लिए निकले थे तभी रास्ते पर अंधेरे में एक अज्ञात व्यक्ति आया और आकर रामनरेश पर कट्टे से फायर कर दिया। पुलिस ने कहा कि फायर करने वाला व्यक्ति विकलांग था उसका नकली पैर भी वहीं छूट गया है। आगे उन्होंने कहा कि हो सकता है अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश ने लूट के इरादे से गोली मारी होगी। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला पंजीबद्ध कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।