Tag: Election News

  • दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु

    दतिया उपचुनाव में लोकतंत्र का उत्सव मतदान केंद्रों पर उमड़ी भीड़ तकनीकी बाधाओं के बाद भी प्रक्रिया रही सुचारु


    दतिया  दतिया विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को लोकतंत्र का उत्साह पूरे जिले में देखने को मिला। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के साथ ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आईं। दोपहर तक जिले के 291 मतदान केंद्रों पर कुल 32.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण तथा निष्पक्ष मतदान के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और सभी केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    मतदान शुरू होने से पहले तीन मतदान केंद्रों पर ईवीएम से जुड़े उपकरणों में तकनीकी खराबी सामने आई। मतदान केंद्र क्रमांक 186 पर वीवीपैट क्रमांक 108 पर बैलेटिंग यूनिट और क्रमांक 290 पर कंट्रोल यूनिट में समस्या आई थी। हालांकि मॉक पोल के दौरान सभी राजनीतिक दलों के एजेंटों और कैमरों की मौजूदगी में खराब उपकरणों को तुरंत बदल दिया गया। इसके बाद सभी केंद्रों पर तय समय पर मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

    कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने बताया कि तकनीकी खराबियों का समय रहते समाधान कर लिया गया था और कहीं भी मतदान प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से चल रहा है तथा प्रशासन लगातार हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

    इस बीच बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में ग्रामीणों ने मुख्य सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार करते हुए सड़क नहीं तो वोट नहीं के नारे लगाए। सूचना मिलने पर एसडीएम अशोक अवस्थी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। प्रशासन की समझाइश के बाद लगभग 50 ग्रामीणों ने मतदान किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी निभाई।

    कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने मतदान के बाद अपनी जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है और भाजपा के अहंकार का जवाब वोट के जरिए देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बसई क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को प्रवेश नहीं दिया गया जिसकी शिकायत निर्वाचन अधिकारियों से की गई है।

    वहीं भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मतदान से पहले पीतांबरा पीठ पहुंचकर पूजा अर्चना की और दतिया के विकास युवाओं को रोजगार तथा क्षेत्र में शांति और समृद्धि की कामना की। इसके बाद उन्होंने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर कार्यकर्ताओं और पोलिंग एजेंटों से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि जनता का भरपूर समर्थन भाजपा के साथ है और पार्टी को बड़ी जीत मिलेगी।

    दतिया विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख बीस हजार चार सौ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं और मतदाताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी उपचुनाव को और अधिक महत्वपूर्ण बना रही है।

  • बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग शुरू, 142 सीटों पर जनता कर रही फैसला

    बंगाल चुनाव 2026: दूसरे चरण की वोटिंग शुरू, 142 सीटों पर जनता कर रही फैसला


    नई दिल्ली | पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण शुरू होते ही सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। मंगलवार सुबह से पश्चिम बंगाल की 142 सीटों पर मतदान जारी है, जहां करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस चरण में 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला आज जनता के हाथ में है।
    चुनाव आयोग ने इस बड़े मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 41 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
    वोटर लिस्ट पर जारी विवाद
    इस चुनाव में मतदाता सूची को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए 12.90 लाख से ज्यादा आवेदन लंबित थे, लेकिन अब तक बेहद कम आवेदनों को ही मंजूरी मिल सकी है। इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
    पहले चरण में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई थीं, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची में शामिल नहीं हो पाए थे। विपक्षी दलों ने इसे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से जोड़कर सवाल उठाए हैं।
    क्यों अहम है दूसरा चरण?
    दूसरे चरण को चुनाव का सबसे निर्णायक चरण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई शहरी और राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाके शामिल हैं। कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और नदिया जैसे जिलों में मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।
    इन्हीं क्षेत्रों को चुनावी परिणामों का “गेम चेंजर” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां के नतीजे अक्सर सत्ता की दिशा तय करते हैं।
    सियासी दावे और आरोप-प्रत्यारोप
    चुनाव के इस चरण में प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दावा है कि यह उसका मजबूत गढ़ है और यहां से उसे बड़ी जीत मिलेगी। वहीं भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का कहना है कि दक्षिण बंगाल में मजबूत प्रदर्शन के बिना सत्ता तक पहुंचना संभव नहीं है।
    मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी विवाद गहरा गया है। कई जिलों में लाखों नाम हटाए जाने का दावा किया गया है, जिस पर टीएमसी ने आरोप लगाया है कि अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाया गया है। वहीं बीजेपी का कहना है कि यह कार्रवाई फर्जी और अवैध नामों को हटाने के लिए की गई है।
    निर्णायक साबित हो सकता है यह चरण
    कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े पैमाने पर मतदान, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सियासी घमासान के बीच यह चरण चुनाव के अंतिम परिणामों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

  • पश्चिम बंगाल में सीएम योगी की रैलियों से चुनावी माहौल हुआ और अधिक तीव्र और प्रतिस्पर्धात्मक

    पश्चिम बंगाल में सीएम योगी की रैलियों से चुनावी माहौल हुआ और अधिक तीव्र और प्रतिस्पर्धात्मक

    नई दिल्ली:   पश्चिम बंगाल का चुनावी परिदृश्य शनिवार को उस समय और अधिक सक्रिय हो गया जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में एक के बाद एक कई जनसभाओं और रोड शो के जरिए राजनीतिक माहौल को तेज कर दिया। उत्तर बंगाल से लेकर जंगलमहल तक फैले इस दौरे को पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित कर जनसमर्थन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    दौरे की शुरुआत कूच बिहार जिले के माथाभांगा विधानसभा क्षेत्र से हुई, जहां मुख्यमंत्री ने एक जनसभा को संबोधित किया। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यह इलाका राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है और यहां की चुनावी गतिविधियां अक्सर व्यापक प्रभाव डालती हैं। सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और अधिक उत्साहित कर दिया और स्थानीय मुद्दों पर चर्चा को नया आयाम मिला।

    इसके बाद मुख्यमंत्री का अगला कार्यक्रम जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी क्षेत्र में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने एक और जनसभा के माध्यम से मतदाताओं को संबोधित किया। इस क्षेत्र में विकास, बुनियादी सुविधाओं और क्षेत्रीय जरूरतों को केंद्र में रखकर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया गया। यहां भी भारी भीड़ और लोगों की सक्रिय भागीदारी ने चुनावी वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।

    दिन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री ने बांकुरा जिले में रोड शो किया, जो जंगलमहल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र माना जाता है। रोड शो के दौरान सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली और राजनीतिक उत्साह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। स्थानीय स्तर पर इस कार्यक्रम को लेकर पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसके चलते पूरे इलाके में चुनावी माहौल और अधिक सक्रिय हो गया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों और रोड शो में उमड़ती भीड़ को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कई स्थानों पर लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने यह संकेत दिया कि चुनावी मुकाबला और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक होता जा रहा है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भी इस कार्यक्रम ने नया उत्साह पैदा किया है।

    पूरे दौरे के दौरान यह स्पष्ट दिखाई दिया कि राजनीतिक दल मतदाताओं तक सीधी पहुंच बनाने और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जनसभाओं और रोड शो के दौरान बना माहौल आने वाले समय में चुनावी समीकरणों को और अधिक प्रभावित कर सकता है।