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  • टेस्ला के साइबरट्रक समेत 2 लाख से ज्यादा कारों में आयी खराबी, पहियों और कैमरा सिस्टम में गंभीर खामियां

    टेस्ला के साइबरट्रक समेत 2 लाख से ज्यादा कारों में आयी खराबी, पहियों और कैमरा सिस्टम में गंभीर खामियां

    नई दिल्‍ली । इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला को तकनीकी खामियों के चलते दो बड़े रिकॉल जारी करने पड़े हैं। कंपनी ने साइबरट्रक के साथ-साथ लगभग 2 लाख अन्य मॉडल्स को वापस बुलाने का फैसला किया है। इन वाहनों में पहियों की संरचना और सॉफ्टवेयर सिस्टम से जुड़ी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं।

    साइबरट्रक के पहियों में खामी
    रिपोर्ट के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच बने 18-इंच स्टील व्हील वाले 173 साइबरट्रक प्रभावित पाए गए हैं। अमेरिकी एजेंसी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (NHTSA) के मुताबिक, खराब सड़कों या तीखे मोड़ों पर चलने के दौरान इनके रोटर में दरार आने का खतरा है। इससे पहिया हब से अलग हो सकता है, जो गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। टेस्ला ने इन वाहनों के रोटर, हब और लग नट्स को मुफ्त में बदलने का फैसला किया है, ताकि किसी भी संभावित हादसे को रोका जा सके।

    2 लाख से ज्यादा कारों में कैमरा फेल
    साइबरट्रक के अलावा टेस्ला ने अपने मॉडल Y, मॉडल S, मॉडल X और मॉडल 3 की करीब 2 लाख से अधिक गाड़ियों को भी रिकॉल किया है। इन वाहनों में रियरव्यू कैमरा सिस्टम में खराबी पाई गई है। सॉफ्टवेयर गड़बड़ी के कारण बैक गियर में जाने पर कैमरा कुछ समय के लिए काम करना बंद कर देता है, जिससे पीछे का दृश्य नहीं दिख पाता और टक्कर का खतरा बढ़ जाता है। राहत की बात यह है कि इन तकनीकी खामियों के कारण अब तक किसी दुर्घटना या जानमाल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

    ग्राहकों के लिए निर्देश
    टेस्ला ने प्रभावित ग्राहकों से अपील की है कि वे अपनी गाड़ियों की जांच और सुधार के लिए कंपनी की कस्टमर सर्विस 1-877-798-3752 पर संपर्क करें। कंपनी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए विशेष रिकॉल नंबर भी जारी किए हैं।

  • भारत में टेस्ला को नहीं मिला अपेक्षित रिस्पॉन्स, 2025 में सिर्फ 225 कारों की बिक्री..

    भारत में टेस्ला को नहीं मिला अपेक्षित रिस्पॉन्स, 2025 में सिर्फ 225 कारों की बिक्री..


    नई दिल्ली। दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति की अगुआ मानी जाने वाली अमेरिकी कार कंपनी टेस्ला को भारत में अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। इंडस्ट्री डेटा के अनुसार वर्ष 2025 में टेस्ला ने भारतीय बाजार में केवल 225 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की जो कंपनी की वैश्विक पहचान और भारत में तेजी से बढ़ते ईवी बाजार को देखते हुए बेहद कम मानी जा रही है।

    फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन FADA के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2025 में टेस्ला की 64 कारें बिकीं अक्टूबर में यह आंकड़ा 40 यूनिट्स रहा नवंबर में 48 यूनिट्स और दिसंबर में 73 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। साल के अंतिम महीने में थोड़ी बढ़त जरूर देखने को मिली लेकिन कुल मिलाकर आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय ग्राहक टेस्ला से अभी दूरी बनाए हुए हैं।

    टेस्ला ने भारत में अपने सफर की शुरुआत मुंबई में शोरूम खोलकर की थी। इसके बाद कंपनी ने गुरुग्राम मुंबई और दिल्ली में एक्सपीरियंस सेंटर्स भी शुरू किए जहां ग्राहकों को वाहन देखने टेस्ट ड्राइव और चार्जिंग सुविधाओं की जानकारी दी जाती है। कंपनी के पास फिलहाल भारत में करीब 12 सुपरचार्जर और 10 डेस्टिनेशन चार्जर मौजूद हैं लेकिन यह नेटवर्क अभी बड़े पैमाने पर ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा।

    वर्तमान में टेस्ला भारत में केवल एक मॉडल – मॉडल वाई – की बिक्री कर रही है। यह रियरव्हीलड्राइव RWD इलेक्ट्रिक एसयूवी है। इसके स्टैंडर्ड RWD वेरिएंट की एक्सशोरूम कीमत 59.89 लाख रुपये है जबकि लॉन्ग रेंज RWD वेरिएंट की कीमत 67.89 लाख रुपये रखी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह से निर्मित वाहनों CBU पर लगने वाले भारी आयात शुल्क के कारण टेस्ला की कीमतें भारतीय बाजार में काफी ज्यादा हो गई हैं जिससे संभावित ग्राहक पीछे हट रहे हैं।

    हालांकि तकनीकी रूप से टेस्ला मॉडल वाई एक दमदार इलेक्ट्रिक वाहन है। कंपनी के अनुसार इसका स्टैंडर्ड वेरिएंट एक बार चार्ज करने पर करीब 500 किलोमीटर की रेंज देता है जबकि लॉन्ग रेंज वेरिएंट 622 किलोमीटर तक चल सकता है। स्टैंडर्ड मॉडल 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार महज 5.9 सेकंड में पकड़ लेता है जबकि लॉन्ग रेंज वेरिएंट 5.6 सेकंड में यह गति हासिल कर लेता है। दोनों मॉडलों की अधिकतम रफ्तार 201 किमी प्रति घंटे बताई गई है। फास्ट चार्जिंग के जरिए सिर्फ 15 मिनट में 238 से 267 किलोमीटर तक की अतिरिक्त रेंज मिलने का दावा भी किया जाता है।

    दिलचस्प बात यह है कि जहां टेस्ला को भारत में संघर्ष करना पड़ रहा है वहीं देश का इलेक्ट्रिक वाहन बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। वाहन पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार 2025 में कुल वाहन पंजीकरण में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 8 प्रतिशत तक पहुंच गई है और कुल ईवी बिक्री 23 लाख यूनिट्स का आंकड़ा पार कर चुकी है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टेस्ला भारत में स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग या किफायती मॉडल लाती है तो भविष्य में उसकी स्थिति बेहतर हो सकती है।