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  • बोरवेल चलाते समय किसान की करंट लगने से मौत, सिंचाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

    बोरवेल चलाते समय किसान की करंट लगने से मौत, सिंचाई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के मणिखेड़ा गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। खेत में सिंचाई करने पहुंचे एक किसान की बोरवेल की विद्युत व्यवस्था में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। रोज की तरह खेती का काम करने निकले किसान को यह अंदाजा भी नहीं था कि खेत में लगाया गया बोरवेल उसकी जिंदगी की आखिरी मंजिल बन जाएगा। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया जबकि गांव में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार मणिखेड़ा गांव निवासी 40 वर्षीय माथुर जाटव पुत्र भरोसा जाटव शुक्रवार सुबह अपने खेत में सिंचाई करने के लिए पहुंचे थे। खेत में लगी बोरवेल से पानी निकालकर फसल की सिंचाई की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान अचानक बोरवेल की विद्युत व्यवस्था में करंट दौड़ गया और माथुर जाटव उसकी चपेट में आ गए। तेज करंट लगने से वह मौके पर ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। खेत में मौजूद लोगों को जब घटना का पता चला तो तुरंत परिजनों और आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी गई।

    घटना की खबर मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने मिलकर किसान को तत्काल शिवपुरी मेडिकल कॉलेज पहुंचाया लेकिन वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। किसान की असमय मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।

    माथुर जाटव खेती कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि वह मेहनती और सरल स्वभाव के किसान थे तथा रोज की तरह खेत में सिंचाई करने गए थे लेकिन विद्युत करंट ने उनकी जान ले ली। गांव के लोगों का कहना है कि खेतों में लगे बोरवेल और बिजली कनेक्शनों की नियमित जांच नहीं होने से इस तरह के हादसे लगातार सामने आते रहते हैं। उनका कहना है कि समय रहते विद्युत उपकरणों की जांच और रखरखाव किया जाए तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में किसान की मौत का कारण करंट लगना माना गया है लेकिन पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विद्युत व्यवस्था में करंट किस वजह से आया और कहीं किसी प्रकार की तकनीकी लापरवाही तो इस हादसे का कारण नहीं बनी।

    इस हादसे ने एक बार फिर खेतों में उपयोग होने वाली विद्युत व्यवस्थाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को सिंचाई के दौरान बिजली से जुड़े उपकरणों का उपयोग पूरी सावधानी के साथ करना चाहिए और समय समय पर वायरिंग मोटर तथा बोरवेल कनेक्शन की जांच करानी चाहिए ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों से बचा जा सके।

  • देवास में दर्दनाक हादसा, टूटे बिजली तार की चपेट में आने से युवक की मौत

    देवास में दर्दनाक हादसा, टूटे बिजली तार की चपेट में आने से युवक की मौत


    देवास । देवास जिले के विजयागंज मंडी क्षेत्र स्थित बरखेड़ा गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही एक युवक की जान पर भारी पड़ गई। खेत में चरी काटने गए 22 वर्षीय युवक की टूटे हुए बिजली तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, वहीं परिजनों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

    मृतक की पहचान अरुण मालवीय (22) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार शाम अरुण अपने खेत पर चरी काटने गया था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे आ गिरा और वह उसकी चपेट में आ गया। करंट लगने से अरुण की मौके पर ही मौत हो गई।

    परिजनों का कहना है कि खेत के ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइन के तार लंबे समय से नीचे झूल रहे थे और किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। इस संबंध में कई बार बिजली कंपनी और संबंधित अधिकारियों को शिकायत भी की गई थी, लेकिन डेढ़ से दो वर्षों के दौरान समस्या का समाधान नहीं किया गया। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते तारों की मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था।

    घटना का पता तब चला जब काफी देर तक अरुण का मोबाइल फोन नहीं उठा। चिंतित परिजन और ग्रामीण उसे तलाशते हुए खेत पहुंचे, जहां वह बिजली तार की चपेट में आने के बाद जमीन पर पड़ा मिला। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    युवक की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों में भी बिजली विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर और झूलते बिजली तारों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की शवगृह में रखवाया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जांच के दौरान पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की पड़ताल करेगी।

    यह घटना एक बार फिर बिजली लाइनों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में झूल रहे बिजली तारों को तत्काल दुरुस्त कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।