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  • रायसेन के खेत में मिली 6-7 साल की बाघिन की लाश, बिजली के तार की चपेट में आने से मौत की आशंका

    रायसेन के खेत में मिली 6-7 साल की बाघिन की लाश, बिजली के तार की चपेट में आने से मौत की आशंका

    मध्य प्रदेश: के रायसेन जिले से वन्यजीवों से जुड़ी एक दुखद घटना सामने आई है। ओबेदुल्लागंज तहसील के दाहोद फॉरेस्ट रेंज के कागवान इलाके में एक किसान के खेत में 6 से 7 साल की वयस्क बाघिन मृत अवस्था में मिली। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और इलाके को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

    प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि खेत में बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से बाघिन की मौत हुई हो सकती है। हालांकि, वन विभाग ने अभी मौत के कारण की अंतिम पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, बाघिन की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर हेमंत रायकवार ने बताया कि बाघिन का शव सोमवार शाम जिला मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर कागवान इलाके में किसान के खेत से बरामद किया गया। शुरुआती जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे बिजली का झटका लगने की आशंका सामने आई है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

    घटना के बाद वन विभाग ने संबंधित क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है। आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, ताकि घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके और जांच प्रभावित न हो। अधिकारियों की टीम मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाने में लगी रही।

    वन विभाग के अनुसार, बाघिन के शव का पोस्टमार्टम राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी एनटीसीए के निर्धारित मानकों और प्रोटोकॉल के तहत कराया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव का नियमानुसार निस्तारण कर दिया गया। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाघिन की मौत किन परिस्थितियों में हुई और खेत में मौजूद बिजली के तार की इसमें क्या भूमिका रही।

    मध्य प्रदेश को देश का सबसे बड़ा टाइगर स्टेट कहा जाता है। साल 2022 की राष्ट्रीय बाघ जनगणना में राज्य में 785 बाघ दर्ज किए गए थे, जो देश के किसी भी राज्य में सबसे अधिक संख्या थी। प्रदेश में वर्तमान में कुल 9 टाइगर रिजर्व हैं। ऐसे में किसी बाघ या बाघिन की मौत वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है।

    खेतों में फसलों की सुरक्षा के लिए अवैध तरीके से बिजली के तार बिछाए जाने से वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा होने की आशंका बनी रहती है। रायसेन की इस घटना में भी बिजली के तार से करंट लगने की आशंका सामने आने के बाद वन विभाग सतर्क है। हालांकि, बाघिन की मौत का सटीक कारण जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

  • भोपाल के DB मॉल के सामने खंभे में दौड़ रहा था करंट, छूने से BJP युवा मोर्चा नेता की मौत

    भोपाल के DB मॉल के सामने खंभे में दौड़ रहा था करंट, छूने से BJP युवा मोर्चा नेता की मौत


    भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर में रविवार रात दर्दनाक हादसे में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की करंट लगने से मौत हो गई। वे परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने पहुंचे थे। सड़क पार करते समय उन्होंने स्ट्रीट लाइट के खंभे को पकड़ लिया, जिसमें करंट दौड़ रहा था। हादसे में उनकी पत्नी भी करंट की चपेट में आईं, लेकिन उन्होंने खुद को बिजली के संपर्क से अलग कर लिया।

    सड़क पार करते समय खंभे को पकड़ा, लगा जोरदार झटका

    जानकारी के मुताबिक, दिव्यऋषि तिवारी रविवार रात परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने आए थे। परिवार का वाहन सड़क की दूसरी तरफ खड़ा था। खरीदारी के बाद परिवार के सदस्य सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान दिव्यऋषि ने सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे को पकड़ लिया।

    खंभे में पहले से करंट दौड़ रहा था। जैसे ही उन्होंने उसे हाथ लगाया, उन्हें जोरदार बिजली का झटका लगा। बताया जा रहा है कि खंभे से एक तार निकला हुआ था और इसी तार के कारण खंभे में करंट आने की बात सामने आई है।

    हादसे के दौरान उनकी पत्नी भी बिजली की चपेट में आ गईं। हालांकि, उन्होंने किसी तरह खुद को करंट के संपर्क से अलग कर लिया। दिव्यऋषि को ज्यादा करंट लगने से उनकी हालत गंभीर हो गई।

    ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर दिया CPR

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी तुरंत मदद के लिए पहुंचे। ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि तिवारी को मौके पर ही CPR देने की कोशिश की।

    इसके बाद उन्हें तत्काल नर्मदा अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें AIIMS ले जाने की सलाह दी। पुलिसकर्मी उन्हें लेकर AIIMS पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दिव्यऋषि तिवारी को मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। परिवार के साथ शॉपिंग के लिए निकले दिव्यऋषि की अचानक मौत से परिजन सदमे में हैं।

    खंभे से निकला तार अलग कराया गया

    ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी ने बताया कि परिवार ने वाहन सड़क की दूसरी तरफ खड़ा किया था। सड़क पार करते समय खंभे से निकले तार के कारण पति-पत्नी करंट की चपेट में आए। पत्नी खुद को बिजली के संपर्क से अलग करने में कामयाब रहीं, लेकिन दिव्यऋषि को ज्यादा करंट लगा।

    पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में यह खंभा मेट्रो या PWD से जुड़ा बताया जा रहा है। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए खंभे से निकले तार को अलग करवा दिया, ताकि वहां दोबारा किसी व्यक्ति के करंट की चपेट में आने का खतरा न रहे।

    खुले तार और स्ट्रीट लाइट के खंभों की सुरक्षा पर सवाल

    हादसे के बाद सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों और खुले तारों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। परिजनों ने हादसे के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंभों की नियमित जांच और मेंटेनेंस किस तरह किया जा रहा है। खासकर ऐसे स्थानों पर, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना आते-जाते हैं, खुले तार या करंट का रिसाव गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

    जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि खंभे में करंट कैसे पहुंचा और उससे निकले खुले तार की स्थिति के लिए कौन जिम्मेदार था।

    पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों के साथ वहां मौजूद सुरक्षा व्यवस्था की भी पड़ताल कर रही है। खंभा किस विभाग के अधीन है और बिजली का संपर्क वहां तक कैसे पहुंचा, इन बिंदुओं की भी जांच की जा रही है।

    जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि हादसे के पीछे किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

  • गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट

    गोबर फेंकने गई महिला के साथ अचानक हुआ दर्दनाक हादसा, बाड़े में पड़े कटे तार को हटाते ही लगा करंट


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के कार्या गांव में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला अपने घर के बाड़े में गोबर फेंकने गई थी। इसी दौरान वहां घरेलू बिजली सप्लाई की लाइन के कटे हुए तार की चपेट में आ गई। करंट लगते ही महिला बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़ी। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

    मृतका की पहचान कार्या गांव निवासी ईश्वरदेवी जाटव उम्र 53 वर्ष के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक गुरुवार सुबह ईश्वरदेवी भैंसों का गोबर इकट्ठा कर उसे बाड़े में फेंकने के लिए गई थीं। इसी दौरान उनकी नजर बाड़े से होकर निकली बिजली की लाइन पर पड़ी। बताया गया कि बिजली के तार में कट लगा हुआ था और वह खुला हुआ था।

    ईश्वरदेवी ने तार को हटाने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने हाथ से तार को छुआ उन्हें तेज करंट लग गया। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि वह मौके पर ही बेसुध होकर जमीन पर गिर गईं। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो तुरंत उन्हें संभाला गया।

    महिला की हालत गंभीर देखकर परिजन बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने उनकी जांच की लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। आवश्यक कार्रवाई के बाद महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब हादसे से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

    इस घटना के बाद बाड़े में बिजली के तार की स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि जिस तार में कट लगा हुआ था उसे हटाने की कोशिश के दौरान महिला करंट की चपेट में आ गई। ग्रामीण इलाकों में खुले और क्षतिग्रस्त बिजली तारों को लेकर अक्सर सुरक्षा का सवाल सामने आता है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं लोगों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं।

    गुरुवार सुबह हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। ईश्वरदेवी रोजमर्रा के घरेलू काम के लिए बाड़े में गई थीं लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वहां मौजूद बिजली का एक खुला तार उनकी जान ले लेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम

    रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम


    रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दर्दनाक हादसे में मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट लगने से रेस्टोरेंट में काम करने वाले एक हलवाई की मौत हो गई। घटना के बाद रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मोबाइल चार्ज करते समय हुआ हादसा

    घटना लालगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट की है। जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट में पिछले कई वर्षों से भोजन बनाने का काम कर रहे अजय प्रजापति मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली के बोर्ड में चार्जर लगा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें करंट से अलग किया और आनन-फानन में लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    आठ वर्षों से कर रहे थे काम

    मृतक अजय प्रजापति पिछले करीब आठ वर्षों से प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट में हलवाई के रूप में कार्यरत थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

    प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और कहीं बिजली व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत

    धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है जहां खेत में करंट फैलने से दो किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के हरपालपुर गांव की है जहां धान की रोपाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे एक विद्युत पोल से अचानक केबल टूटकर पानी से भरे खेत में गिर गई जिससे पूरे खेत में करंट फैल गया।

    इसी दौरान किसान हीरालाल प्रजापति उम्र 52 वर्ष और रामबोध यादव उम्र 55 वर्ष काम कर रहे थे। करंट लगने से हीरालाल मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए जबकि उन्हें बचाने पहुंचे रामबोध यादव भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों बुरी तरह घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर अमेठी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिजली के तार की मरम्मत या रखरखाव में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।  प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे

    भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे


    भोपाल। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे भोपाल के आईटी पार्क में एक बुजुर्ग माली की करंट लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय मलखान सिंह आईटी पार्क में माली का काम करते थे। पौधों को पानी देने के बाद वे पास के गार्डन के एक कोने में पेशाब करने गए थे, जहां एक खुला हुआ तार पड़ा था। इस तार की चपेट में आते ही वे गंभीर रूप से झुलस गए।

    आसपास मौजूद उनके साथियों ने उन्हें झुलसी हुई हालत में देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बाद गांधी नगर पुलिस ने बताया कि मलखान सिंह को उनके साथी ने सबसे पहले देखा था, जो तार की चपेट में आने के बाद जमीन पर गिर गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और संबंधित विभाग से खुले तारों की स्थिति पर जवाब तलब किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • बाल्टी में हाथ डालते ही इमर्शन रॉड से करंट, 5 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत; परिजन PM से इनकार, थाने के सामने हुआ हंगामा

    बाल्टी में हाथ डालते ही इमर्शन रॉड से करंट, 5 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत; परिजन PM से इनकार, थाने के सामने हुआ हंगामा


    रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज में एक 5 वर्षीय बच्ची की करंट लगने से मौत ने परिवार में मातम और क्षेत्र में चिंता की लहर फैला दी है। घटना हदाईपुर की बताई जा रही है जहां सुरेंद्र जैन की पुत्री स्वस्ति जैन 5 घर में हाथ धोने के लिए बाल्टी में हाथ डाला तभी उसमें रखी इमर्शन रॉड से करंट लग गया। बच्ची की चीख सुनकर परिजन दौड़े और उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर गए लेकिन डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजन मासूम के पीएम पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते थे। उन्होंने अस्पताल में लिखित रूप से डॉक्टर को बताया और शव को घर ले आए। इसके बाद पुलिस को भी परिजनों ने पीएम न कराने की मांग की। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर शमशान पहुंच गए। इस बीच अस्पताल से थाने में सूचना पहुंची कि बच्ची अज्ञात कारण से करंट लगने से मृत हुई है।

    जब पुलिस ने मर्ग मृत्यु का मामला दर्ज किया और नियम अनुसार पीएम कराने के लिए कहा तो परिजन ने विरोध किया। शमशान में शव लेकर आए परिजन थाने के सामने भी एकत्रित हो गए और पीएम कराने से इनकार करते रहे। लोगों का कहना था कि पहले पुलिस ने मूक सहमति दी थी लेकिन बाद में पीएम के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

    हालांकि पुलिस ने मामले की गंभीरता बताते हुए समझाइश दी और नियमों के अनुसार पीएम कराना आवश्यक बताया। अंततः परिजन समझौता करके शव को फिर से सिविल अस्पताल ले गए। पीएम के बाद परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में शव को पलकमति वाले शमशान में दफन कर दिया।

    इस पूरे विवाद ने यह सवाल उठाया है कि क्या परिवार और पुलिस के बीच संवाद सही ढंग से हुआ या नहीं। पुलिस का कहना है कि मर्ग की सूचना मिलने पर पीएम अनिवार्य था इसलिए नियम के अनुसार पीएम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं परिजन का आरोप है कि पुलिस ने पहले मूक सहमति दी और बाद में पीएम के लिए दबाव बनाया।

    इस हादसे ने घरों में इमर्शन रॉड से पानी गर्म करने की प्रथा पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों और पुलिस का मानना है कि इमर्शन रॉड को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे दोबारा न हों। स्वस्ति की मौत से परिवार में शोक का माहौल है और आसपास के लोग भी इस घटना को चेतावनी मानकर बच्चों की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं।