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  • रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम

    रायबरेली में बड़ा हादसा: चार्जर लगाते वक्त करंट की चपेट में आया हलवाई, अस्पताल में तोड़ा दम


    रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक दर्दनाक हादसे में मोबाइल चार्जर लगाते समय करंट लगने से रेस्टोरेंट में काम करने वाले एक हलवाई की मौत हो गई। घटना के बाद रेस्टोरेंट में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से झुलसे युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मोबाइल चार्ज करते समय हुआ हादसा

    घटना लालगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट की है। जानकारी के अनुसार, रेस्टोरेंट में पिछले कई वर्षों से भोजन बनाने का काम कर रहे अजय प्रजापति मोबाइल चार्ज करने के लिए बिजली के बोर्ड में चार्जर लगा रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

    मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल उन्हें करंट से अलग किया और आनन-फानन में लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    आठ वर्षों से कर रहे थे काम

    मृतक अजय प्रजापति पिछले करीब आठ वर्षों से प्रताप पैलेस रेस्टोरेंट में हलवाई के रूप में कार्यरत थे। उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    पुलिस ने शुरू की जांच

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस रेस्टोरेंट संचालक और कर्मचारियों से पूछताछ कर हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

    प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और कहीं बिजली व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत

    धान रोपाई के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आकर दो किसानों की दर्दनाक मौत


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है जहां खेत में करंट फैलने से दो किसानों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जगदीशपुर कोतवाली क्षेत्र के हरपालपुर गांव की है जहां धान की रोपाई का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि खेत के पास लगे एक विद्युत पोल से अचानक केबल टूटकर पानी से भरे खेत में गिर गई जिससे पूरे खेत में करंट फैल गया।

    इसी दौरान किसान हीरालाल प्रजापति उम्र 52 वर्ष और रामबोध यादव उम्र 55 वर्ष काम कर रहे थे। करंट लगने से हीरालाल मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गए जबकि उन्हें बचाने पहुंचे रामबोध यादव भी करंट की चपेट में आ गए और दोनों बुरी तरह घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर अमेठी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बिजली के तार की मरम्मत या रखरखाव में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।  प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दर्दनाक हादसे ने ग्रामीण क्षेत्र में बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे

    भोपाल आईटी पार्क में माली की करंट से मौत: पेशाब करने गए थे, खुले तार की चपेट में आकर झुलसे


    भोपाल। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे भोपाल के आईटी पार्क में एक बुजुर्ग माली की करंट लगने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, 60 वर्षीय मलखान सिंह आईटी पार्क में माली का काम करते थे। पौधों को पानी देने के बाद वे पास के गार्डन के एक कोने में पेशाब करने गए थे, जहां एक खुला हुआ तार पड़ा था। इस तार की चपेट में आते ही वे गंभीर रूप से झुलस गए।

    आसपास मौजूद उनके साथियों ने उन्हें झुलसी हुई हालत में देखा और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। उन्हें हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना के बाद गांधी नगर पुलिस ने बताया कि मलखान सिंह को उनके साथी ने सबसे पहले देखा था, जो तार की चपेट में आने के बाद जमीन पर गिर गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार की दोपहर करीब तीन बजे पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और संबंधित विभाग से खुले तारों की स्थिति पर जवाब तलब किया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

  • बाल्टी में हाथ डालते ही इमर्शन रॉड से करंट, 5 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत; परिजन PM से इनकार, थाने के सामने हुआ हंगामा

    बाल्टी में हाथ डालते ही इमर्शन रॉड से करंट, 5 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत; परिजन PM से इनकार, थाने के सामने हुआ हंगामा


    रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के बेगमगंज में एक 5 वर्षीय बच्ची की करंट लगने से मौत ने परिवार में मातम और क्षेत्र में चिंता की लहर फैला दी है। घटना हदाईपुर की बताई जा रही है जहां सुरेंद्र जैन की पुत्री स्वस्ति जैन 5 घर में हाथ धोने के लिए बाल्टी में हाथ डाला तभी उसमें रखी इमर्शन रॉड से करंट लग गया। बच्ची की चीख सुनकर परिजन दौड़े और उसे तुरंत सिविल अस्पताल लेकर गए लेकिन डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

    परिजन मासूम के पीएम पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते थे। उन्होंने अस्पताल में लिखित रूप से डॉक्टर को बताया और शव को घर ले आए। इसके बाद पुलिस को भी परिजनों ने पीएम न कराने की मांग की। परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर शमशान पहुंच गए। इस बीच अस्पताल से थाने में सूचना पहुंची कि बच्ची अज्ञात कारण से करंट लगने से मृत हुई है।

    जब पुलिस ने मर्ग मृत्यु का मामला दर्ज किया और नियम अनुसार पीएम कराने के लिए कहा तो परिजन ने विरोध किया। शमशान में शव लेकर आए परिजन थाने के सामने भी एकत्रित हो गए और पीएम कराने से इनकार करते रहे। लोगों का कहना था कि पहले पुलिस ने मूक सहमति दी थी लेकिन बाद में पीएम के लिए दबाव बनाया जा रहा है।

    हालांकि पुलिस ने मामले की गंभीरता बताते हुए समझाइश दी और नियमों के अनुसार पीएम कराना आवश्यक बताया। अंततः परिजन समझौता करके शव को फिर से सिविल अस्पताल ले गए। पीएम के बाद परिजनों ने पुलिस की मौजूदगी में शव को पलकमति वाले शमशान में दफन कर दिया।

    इस पूरे विवाद ने यह सवाल उठाया है कि क्या परिवार और पुलिस के बीच संवाद सही ढंग से हुआ या नहीं। पुलिस का कहना है कि मर्ग की सूचना मिलने पर पीएम अनिवार्य था इसलिए नियम के अनुसार पीएम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। वहीं परिजन का आरोप है कि पुलिस ने पहले मूक सहमति दी और बाद में पीएम के लिए दबाव बनाया।

    इस हादसे ने घरों में इमर्शन रॉड से पानी गर्म करने की प्रथा पर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों और पुलिस का मानना है कि इमर्शन रॉड को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे दोबारा न हों। स्वस्ति की मौत से परिवार में शोक का माहौल है और आसपास के लोग भी इस घटना को चेतावनी मानकर बच्चों की सुरक्षा पर जोर दे रहे हैं।