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  • ई रिक्शा चालकों के लिए नई मुसीबत मोबाइल ऐप से हो रहा सिस्टम लॉक सवारियां बीच रास्ते उतरने को मजबूर

    ई रिक्शा चालकों के लिए नई मुसीबत मोबाइल ऐप से हो रहा सिस्टम लॉक सवारियां बीच रास्ते उतरने को मजबूर


    भोपाल  भोपाल में ई रिक्शा चालकों के सामने एक नई और गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। शहर के कई इलाकों से ऐसी शिकायतें सामने आई हैं कि मोबाइल ऐप के जरिए ई रिक्शों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी बीएमएस से छेड़छाड़ की जा रही है जिसके कारण चलते वाहन अचानक बीच सड़क पर बंद हो रहे हैं। इससे न केवल चालकों की रोजी रोटी पर संकट गहरा गया है बल्कि यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में सवारियों को बीच रास्ते उतरना पड़ा जबकि चालकों को वाहन धक्का देकर ले जाना पड़ा।

    बुधवारा निवासी ई रिक्शा चालक तनवीर मोहम्मद खान ने बताया कि वीआईपी रोड पर बच्चों को लेकर जा रहे थे तभी उनका वाहन अचानक बंद हो गया। काफी कोशिशों के बाद भी रिक्शा चालू नहीं हुआ और आखिरकार उसे धक्का देकर ले जाना पड़ा। बाद में सिस्टम अनलॉक कराने के लिए उनसे 200 रुपए भी लिए गए। तनवीर का कहना है कि एक ही दिन में उनका ई रिक्शा चार बार बंद हुआ जिससे पूरे दिन की कमाई लगभग खत्म हो गई। उनका कहना है कि हर महीने लगभग आठ हजार रुपए की बैंक किस्त भरनी होती है लेकिन जब वाहन ही नहीं चलेगा तो किस्त कैसे चुकाई जाएगी।

    इसी तरह रेतघाट क्षेत्र के चालक फरान मोहम्मद खान ने भी बताया कि सवारी छोड़ने के बाद उनका ई रिक्शा अचानक बंद हो गया। उन्होंने मुख्य एमसीबी बंद कर दोबारा चालू करने की कोशिश की जिससे कुछ समय के लिए वाहन चल पड़ा लेकिन थोड़ी देर बाद फिर बंद हो गया। बाद में तकनीकी सहायता मिलने के बाद ही वाहन दोबारा चालू हो सका। फरान के अनुसार दिन में कई बार और रात के समय भी यह समस्या सामने आ रही है जिससे काम करना बेहद मुश्किल हो गया है।

    चालकों का दावा है कि यह समस्या केवल कुछ वाहनों तक सीमित नहीं है बल्कि शहर में बड़ी संख्या में ई रिक्शा प्रभावित हुए हैं। मैकेनिकों की दुकानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। जिन लोगों को तकनीकी जानकारी है वे किसी तरह सिस्टम को अनलॉक कर लेते हैं जबकि बाकी चालक घंटों तक परेशान होते रहते हैं। इससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ रहा है और कई लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    जानकारी के अनुसार गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध BAT BMS नाम का एक ऐप ब्लूटूथ के माध्यम से आसपास मौजूद कुछ ई रिक्शों के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को खोज सकता है। यदि किसी वाहन का सिस्टम पर्याप्त सुरक्षा या पासवर्ड से सुरक्षित नहीं है तो उससे जुड़े कुछ नियंत्रण विकल्प सामने आ सकते हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि सभी मामलों में इसी ऐप का दुरुपयोग हुआ है या नहीं लेकिन इस संभावना को गंभीरता से जांचा जा रहा है।

    पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ अब पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित ई रिक्शा मॉडलों में सुरक्षा संबंधी कौन सी तकनीकी कमजोरियां मौजूद थीं और उनका किस तरह गलत इस्तेमाल किया गया। यदि यह आशंका सही साबित होती है तो यह केवल भोपाल ही नहीं बल्कि देशभर में ई रिक्शा सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहन निर्माताओं को मजबूत साइबर सुरक्षा और सुरक्षित बीएमएस सिस्टम विकसित करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने होंगे ताकि चालकों की आजीविका और यात्रियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा सके।

  • हरित परिवहन की ओर कदम, 500 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार काफिले में शामिल

    हरित परिवहन की ओर कदम, 500 किमी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कार काफिले में शामिल


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब मुख्यमंत्री अपने आधिकारिक दौरे और आवागमन के लिए इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री के काफिले में पहली बार एक अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया गया है।

    मुख्यमंत्री के लिए खरीदी गई नई इलेक्ट्रिक कार Mahindra XEV 9e बुधवार से आधिकारिक तौर पर उनके काफिले का हिस्सा बन जाएगी। मुख्यमंत्री आज शाम भोपाल से दिल्ली रवाना होते समय मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर तक इसी इलेक्ट्रिक वाहन से यात्रा करेंगे। इस पहल को हरित परिवहन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है।

    इस नई कार को विशेष वीआईपी नंबर MP 02 VB 2047 आवंटित किया गया है। यहां ‘VB’ का अर्थ ‘विकसित भारत’ है, जबकि ‘2047’ भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर संकेत करता है। इस नंबर के माध्यम से सरकार ने विकसित भारत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का प्रयास किया है।

    मुख्यमंत्री इससे पहले भी ईंधन की खपत कम करने के लिए अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या घटा चुके हैं। जहां पहले उनके काफिले में 13 वाहन शामिल रहते थे, वहीं बाद में इसे घटाकर 7 वाहन कर दिया गया। उनकी इस पहल के बाद कई मंत्रियों और अधिकारियों ने भी कम वाहनों के उपयोग और कार पूलिंग को अपनाया।

    नई इलेक्ट्रिक कार आधुनिक तकनीक और उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से लैस है। इसमें 79kWh क्षमता का बैटरी पैक दिया गया है, जो एक बार चार्ज होने पर 500 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम बताया गया है। वाहन में 286 हॉर्सपावर की इलेक्ट्रिक मोटर दी गई है, जो बेहतरीन प्रदर्शन और तेज रफ्तार प्रदान करती है। कंपनी के अनुसार यह कार महज 7.45 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है।

    इंटीरियर की बात करें तो वाहन में 16-स्पीकर प्रीमियम ऑडियो सिस्टम, ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले, पैनोरमिक ग्लास रूफ, वायरलेस चार्जिंग और मल्टीकलर एम्बिएंट लाइटिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा ‘पेट मोड’ और ‘कैंपिंग मोड’ जैसे विशेष फीचर भी दिए गए हैं।

    सुरक्षा के लिहाज से कार में 360 डिग्री कैमरा, सर्विलांस मोड, मल्टीपल एयरबैग्स, एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) और अन्य आधुनिक सुरक्षा तकनीकें मौजूद हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा वाहन की जांच पूरी कर ली गई है और ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।

    मुख्यमंत्री के काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन की एंट्री को सरकारी स्तर पर ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई शुरुआत माना जा रहा है। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश भी जाएगा।

  • सस्ते कार लोन की दौड़: सरकारी बैंक दे रहे 7.50% से भी कम दर पर ऑफर!

    सस्ते कार लोन की दौड़: सरकारी बैंक दे रहे 7.50% से भी कम दर पर ऑफर!


    नई दिल्ली। अगर आप नई कार खरीदने के लिए ₹12 लाख का लोन लेने की सोच रहे हैं और सबसे कम ब्याज दर पर EMI चाहते हैं, तो कुछ सरकारी बैंक (Public Sector Banks) अभी भी सबसे बेहतर विकल्प साबित हो रहे हैं। जनवरी 2026 में कई प्रमुख सरकारी बैंकों ने कार लोन की ब्याज दरें 7.40% से शुरू रखी हैं, खासकर अच्छे CIBIL स्कोर वाले ग्राहकों के लिए। हालांकि वास्तविक ब्याज दर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल, CIBIL स्कोर और बैंक संबंध पर निर्भर करेगी। सबसे सस्ती दर आम तौर पर उन्हीं ग्राहकों को मिलती है जिनका सिबिल स्कोर शानदार होता है।

    इन बैंकों की खास बात यह है कि वे प्री-पेमेंट पेनल्टी भी नहीं वसूल रहे हैं, यानी आप चाहें तो पहले भी लोन चुका सकते हैं बिना अतिरिक्त शुल्क के। कम ब्याज दर का फायदा यह होता है कि न सिर्फ मासिक EMI कम होगी, बल्कि कुल ब्याज भुगतान भी काफी बच जाएगा।

    सबसे पहले इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) का नाम आता है, जो नई कार के लिए 7.60% सालाना ब्याज दर पर लोन दे रहा है। बैंक की सुविधा के अनुसार यह लोन 84 महीने (7 साल) में चुकाया जा सकता है।

    इस लोन में पति/पत्नी, बेटा, बेटी, पिता, माता आदि की इनकम जोड़कर लोन की पात्रता बढ़ाई जा सकती है।

    दूसरा बैंक है केनरा बैंक, जो कार या व्हीकल लोन पर 7.95% सालाना दर पर लोन दे रहा है। यहां लोन की कोई ऊपरी सीमा नहीं है और नई गाड़ी के लिए 90% तक फाइनेंसिंग उपलब्ध है। इसके साथ ही, केनरा बैंक भी प्री-पेमेंट पेनल्टी नहीं वसूलता। इसके अलावा, इस बैंक से आप दूसरी और की गाड़ियों के लिए भी फाइनेंसिंग ले सकते हैं।

    तीसरा विकल्प है यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, जहां कार लोन की शुरुआती दर 7.50% है। यदि आपका सिबिल स्कोर अच्छा है और बाकी पात्रता पूरी होती है, तो आपको इतनी सस्ती दर पर लोन मिल सकता है।

    नई चार पहिया गाड़ी खरीदने पर इस बैंक में ₹1000 + GST प्रोसेसिंग फीस देनी होती है।

    चौथा बैंक है बैंक ऑफ इंडिया (BOI), जो 7.60% की शुरुआती ब्याज दर पर नई कार लोन दे रहा है। इस बैंक में ब्याज Daily Reducing Balance के आधार पर लिया जाता है, यानी हर घटते बैलेंस पर ब्याज कम होता जाता है। प्रोसेसिंग चार्ज लोन अमाउंट का 0.25% तक हो सकता है, जो ₹2,500 से ₹10,000 के बीच तय होता है। अगर आप इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीद रहे हैं, तो प्रोसेसिंग फीस में 50% की छूट भी मिलती है।

    अब अगर आप यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से ₹12 लाख का कार लोन 4 साल (48 महीने) के लिए लेते हैं, तो 7.50% की शुरुआती दर पर EMI की गणना के अनुसार आपकी मंथली EMI ₹29,014.68 बनेगी। इस लोन पर कुल ₹1,92,704.75 ब्याज देना होगा और आप बैंक को कुल ₹13,92,704.75 चुकाएंगे।

    इन सरकारी बैंकों के ऑफर खासकर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद हैं जिनका CIBIL स्कोर अच्छा है और वे कम ब्याज दर पर EMI लेकर कार खरीदना चाहते हैं।