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  • रेखा गुप्ता ने रवाना कीं नई ई बसें, दिल्ली करनाल रूट पर पांच एसी इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

    रेखा गुप्ता ने रवाना कीं नई ई बसें, दिल्ली करनाल रूट पर पांच एसी इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

    नई दिल्ली ।दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में 200 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल हो गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नई बसों के साथ राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या लगभग 5,000 तक पहुंच गई है। सरकार ने इस अवसर पर महिलाओं और छात्राओं के लिए विशेष बस सेवाओं की भी शुरुआत की है।

    नई व्यवस्था के तहत महिलाओं के लिए 28 अलग अलग रूटों पर 56 डेडिकेटेड लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें दिल्ली परिवहन निगम के अधिक मांग वाले 15 रूटों पर 30 विशेष ट्रिप संचालित होंगी। इन सेवाओं के माध्यम से आवासीय क्षेत्रों को नेहरू प्लेस, एम्स, साउथ एक्सटेंशन, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख इलाकों से जोड़ा जाएगा।

    विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत 13 रूटों पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप संचालित की जाएंगी। इन सेवाओं में दिल्ली के कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इनमें हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स, लेडी श्रीराम कॉलेज, गार्गी कॉलेज, हंसराज कॉलेज और श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स जैसे संस्थान शामिल हैं।

    नई बसों के बेड़े में अलग अलग क्षमता और आकार की इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इनमें 12 मीटर लंबी 88 इलेक्ट्रिक बसें और 9 मीटर लंबी 112 इलेक्ट्रिक बसें हैं। इनके शामिल होने के बाद दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन बेड़े में बसों की कुल संख्या करीब 6,800 तक पहुंचने की बात कही गई है। इसमें लगभग 4,938 इलेक्ट्रिक बसें और करीब 1,750 सीएनजी बसें शामिल हैं।

    सरकार के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है। इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    नई बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और आपात स्थिति में सहायता के लिए पैनिक बटन जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। बसों को लो फ्लोर और वातानुकूलित बनाया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, छात्रों और अन्य यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है।

    दिल्ली और हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए दिल्ली करनाल अंतरराज्यीय ई बस सेवा भी शुरू की जा रही है। इस मार्ग पर पांच नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें संचालित होंगी। करीब 133 किलोमीटर लंबे इस रूट पर दोनों दिशाओं में प्रतिदिन 10 10 फेरे चलाने की योजना है।

    इस पहल के साथ राजघाट डिपो एक में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत भी की गई है। इससे इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण के साथ साथ स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    महिलाओं और छात्राओं के लिए निर्धारित विशेष सेवाओं से दिल्ली के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और व्यस्त इलाकों तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है। वहीं अंतरराज्यीय ई बस सेवा से दिल्ली और करनाल के बीच यात्रियों को एक अतिरिक्त पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा।

  • दिल्ली में महिलाओं के लिए 56 स्पेशल इलेक्ट्रिक बसों की तैयारी, व्यस्त रूटों पर मिलेगी सुरक्षित और सुविधाजनक सफर की सुविधा

    दिल्ली में महिलाओं के लिए 56 स्पेशल इलेक्ट्रिक बसों की तैयारी, व्यस्त रूटों पर मिलेगी सुरक्षित और सुविधाजनक सफर की सुविधा


    नई दिल्ली ।
    राजधानी में महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस योजना के तहत दिल्ली परिवहन निगम महिलाओं के लिए 56 विशेष इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इनमें 30 लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बसें और 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल (यू-एसपीएल) बसें शामिल होंगी। इस पहल का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को दैनिक आवागमन के दौरान सुरक्षित, समयबद्ध और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराना है।

    सरकार के अनुसार इन विशेष बसों का संचालन राजधानी के 28 प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर किया जाएगा। ऐसे रूटों का चयन किया गया है जहां कार्यालय जाने वाली महिलाओं और शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं की संख्या अधिक रहती है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में सामान्य बसों में बढ़ने वाली भीड़ को कम करने के साथ महिलाओं को अधिक भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराना इस योजना की प्रमुख प्राथमिकता है।

    लेडीज स्पेशल इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क राजधानी के प्रमुख कार्यालय क्षेत्रों, व्यावसायिक केंद्रों, संस्थागत परिसरों और महत्वपूर्ण मेट्रो इंटरचेंज को आपस में जोड़ेगा। इन बसों का संचालन विशेष रूप से कार्यालय आने-जाने वाली महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखकर तय समय के अनुसार किया जाएगा। सुबह लगभग 7:52 बजे से 9:00 बजे तक और शाम 4:32 बजे से 6:15 बजे तक इन बसों की सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे पीक आवर्स के दौरान महिला यात्रियों को अधिक सुविधा मिल सके।

    दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बसें दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस तथा अन्य प्रमुख शिक्षण संस्थानों को राजधानी के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों से जोड़ेंगी। इन बसों का लाभ नजफगढ़, रोहिणी, जनकपुरी, मुंडका, मयूर विहार, कालकाजी, पल्ला और धौलाकुआं सहित कई इलाकों में रहने वाली छात्राओं को मिलेगा। इससे कॉलेज और विश्वविद्यालय आने-जाने वाली छात्राओं के लिए यात्रा अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनने की उम्मीद है।

    योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू सुरक्षा से जुड़ा है। सभी 56 बसें पूरी तरह इलेक्ट्रिक होंगी और आधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से लैस रहेंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर से जुड़े पैनिक बटन, लो-फ्लोर रैंप जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आवश्यकता के अनुसार बस मार्शल या महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जा सकेगी। साथ ही इन बसों की अलग पहचान के लिए विशेष ब्रांडिंग की जाएगी, ताकि महिला यात्री इन्हें आसानी से पहचान सकें।

    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन विशेष बसों को पिंक स्मार्ट कार्ड प्रणाली से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पात्र महिला यात्रियों को कैशलेस और निःशुल्क यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे यात्रा प्रक्रिया अधिक सरल और डिजिटल बनेगी तथा महिलाओं को टिकट संबंधी औपचारिकताओं से भी राहत मिलेगी। इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से प्रदूषण में कमी लाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने का लक्ष्य भी इस योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सुविधाजनक यात्रा सुनिश्चित करना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार यह विशेष बस नेटवर्क महिला यात्रियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शुरू की जा रही यह पहल राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल बनाएगी। साथ ही इससे कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के दैनिक सफर को अधिक सहज, भरोसेमंद और आरामदायक बनाने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।